क्रोमियम और Google Chrome, दोनों में एक जैसी नीतियां काम करती हैं. कृपया ध्यान रखें कि इस दस्तावेज़ में रिलीज़ नहीं की गई नीतियां शामिल हो सकती हैं (यानी उनकी 'इन पर काम करती हैं' प्रविष्टि का मतलब Google Chrome के किसी ऐसे वर्शन से हो सकता है जिसे अभी तक रिलीज़ नहीं किया गया है) जिन्हें बिना सूचना के बदला या हटाया जा सकता है और जिनके लिए किसी भी तरह की कोई गारंटी नहीं दी जाती है, जिसमें उनकी सुरक्षा और निजता प्रॉपर्टी से जुड़ी कोई गारंटी नहीं देना भी शामिल है.
इन नीतियों का इस्तेमाल सिर्फ़ आपके संगठन के अंदर Google Chrome के इंस्टेंस कॉन्फ़िगर करने के लिए किया जा सकता है. अपने संगठन के बाहर इन नीतियों का इस्तेमाल करना (उदाहरण के लिए, सार्वजनिक रूप से वितरित किए गए किसी प्रोग्राम में) मैलवेयर माना जाता है और हो सकता है कि Google और एंटी-वायरस विक्रेता उसे मैलवेयर के रूप में लेबल कर दें.
इन सेटिंग को मैन्युअल रूप से कॉन्फ़िगर करने की ज़रूरत नहीं होती है! Windows, Mac और Linux के लिए इस्तेमाल में आसान सांचे (टेम्प्लेट) https://www.chromium.org/administrators/policy-templates से डाउनलोड किए जा सकते हैं.
Windows पर GPO के ज़रिए नीति कॉन्फ़िगर करने का सुझाव दिया जाता है, हालांकि रजिस्ट्री के ज़रिए नीति का प्रावधान करना अब भी Windows के ऐसे इंस्टेंस पर काम करता है जो किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जुड़े हुए हैं.
| नीति का नाम | वर्णन |
| Android सेटिंग | |
| ArcEnabled | एआरसी चालू करें |
| UnaffiliatedArcAllowed | असंबद्ध उपयोगकर्ताओं को ARC का इस्तेमाल करने दें |
| ArcPolicy | ARC कॉन्फ़िगर करें |
| ArcAppInstallEventLoggingEnabled | Android ऐप्लिकेशन इंस्टॉल के इवेंट लॉग करें |
| ArcBackupRestoreServiceEnabled | Android बैकअप और बहाली सेवा नियंत्रित करती है |
| ArcGoogleLocationServicesEnabled | Android Google स्थान सेवाओं को नियंत्रित करती है |
| ArcCertificatesSyncMode | ARC-ऐप्लिकेशन के लिए प्रमाणपत्र उपलब्धता सेट करें |
| Google Assistant | |
| VoiceInteractionContextEnabled | "Google Assistant को स्क्रीन पर उपलब्ध सामग्री एक्सेस करने की अनुमति दें" |
| VoiceInteractionHotwordEnabled | Google Assistant को बोला गया पासवर्ड सुनकर चालू होने की अनुमति दें. |
| Google Cast | |
| EnableMediaRouter | Google Cast को चालू करें |
| ShowCastIconInToolbar | 'Google Cast टूलबार आइकॉन' दिखाती है |
| Google डिस्क | |
| DriveDisabled | Google Chrome OS फ़ाइल ऐप्लिकेशन में डिस्क को बंद करती है |
| DriveDisabledOverCellular | Google Chrome OS फ़ाइल ऐप्लिकेशन में मोबाइल इंटरनेट कनेक्शन पर Google डिस्क को बंद करती है |
| Legacy Browser Support | |
| AlternativeBrowserPath | कॉन्फ़िगर की गई वेबसाइट लॉन्च करने के लिए वैकल्पिक ब्राउज़र. |
| AlternativeBrowserParameters | वैकल्पिक ब्राउज़र के लिए कमांड-लाइन पैरामीटर. |
| BrowserSwitcherChromePath | वैकल्पिक ब्राउज़र से Chrome में स्विच करने के लिए पाथ. |
| BrowserSwitcherChromeParameters | वैकल्पिक ब्राउज़र से स्विच करने के लिए कमांड-लाइन पैरामीटर. |
| BrowserSwitcherDelay | वैकल्पिक ब्राउज़र लॉन्च करने में होने वाली देरी (मिलीसेकंड में) |
| BrowserSwitcherEnabled | 'पुराने ब्राउज़र के लिए मदद' सुविधा चालू करें. |
| BrowserSwitcherExternalSitelistUrl | उस एक्सएमएल फ़ाइल का यूआरएल, जिसमें किसी वैकल्पिक ब्राउज़र में लोड होने वाले यूआरएल दिए गए हैं. |
| BrowserSwitcherKeepLastChromeTab | Chrome में आखिरी टैब खुला रखें. |
| BrowserSwitcherUrlList | वैकल्पिक ब्राउज़र में खोली जाने वाली वेबसाइटें |
| BrowserSwitcherUrlGreylist | ऐसी वेबसाइट जिन्हें कभी भी ब्राउज़र में बदलाव ट्रिगर नहीं करना चाहिए. |
| BrowserSwitcherUseIeSitelist | पुराने ब्राउज़र के लिए मदद के मकसद से Internet Explorer की SiteList नीति का इस्तेमाल करें. |
| Linux कंटेनर | |
| VirtualMachinesAllowed | डिवाइस को Chrome OS पर वर्चुअल मशीनें चलाने देती है |
| CrostiniAllowed | उपयोगकर्ता Crostini चला सकते हैं |
| DeviceUnaffiliatedCrostiniAllowed | जो उपयोगकर्ता जुड़े नहीं हैं उन्हें Crostini का इस्तेमाल करने दें |
| CrostiniExportImportUIAllowed | उपयोगकर्ता के पास यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) से Crostini कंटेनर को एक्सपोर्ट / इंपोर्ट करने की सुविधा है |
| Microsoft® Active Directory® प्रबंधन सेटिंग | |
| DeviceMachinePasswordChangeRate | मशीन से पासवर्ड बदलने की दर |
| DeviceUserPolicyLoopbackProcessingMode | उपयोगकर्ता नीति लूपबैक प्रोसेसिंग मोड |
| DeviceKerberosEncryptionTypes | Kerberos सुरक्षित करने के तरीकों के मंज़ूर किए गए प्रकार |
| DeviceGpoCacheLifetime | जीपीओ संग्रह जीवनकाल |
| DeviceAuthDataCacheLifetime | प्रमाणीकरण डेटा कैश जीवनकाल |
| PluginVm | |
| PluginVmAllowed | डिवाइस को Google Chrome OS पर PluginVm इस्तेमाल करने दें |
| PluginVmLicenseKey | PluginVm लाइसेंस कुंजी |
| PluginVmImage | PluginVm इमेज |
| अन्य | |
| UsbDetachableWhitelist | अलग किए जाने वाले USB डिवाइस की श्वेतसूची |
| DeviceAllowBluetooth | डिवाइस पर ब्लूटूथ की अनुमति दें |
| TPMFirmwareUpdateSettings | TPM फ़र्मवेयर अपडेट व्यवहार कॉन्फ़िगर करें |
| DevicePolicyRefreshRate | 'डिवाइस नीति' के लिए रीफ्रेश दर |
| DeviceBlockDevmode | डेवलपर मोड ब्लॉक करें |
| DeviceAllowRedeemChromeOsRegistrationOffers | उपयोगकर्ताओं को Chrome OS पंजीकरण के द्वारा ऑफ़र रिडीम करने की अनुमति दें |
| DeviceQuirksDownloadEnabled | हार्डवेयर प्रोफ़ाइल के लिए Quirks Server में क्वेरी चालू करें |
| ExtensionCacheSize | ऐप्लिकेशन और एक्सटेंशन के कैश मेमोरी का आकार (बाइट में) सेट करें |
| DeviceOffHours | तय की गई डिवाइस नीतियां रिलीज़ किए जाने पर बंद रहने के समय के अंतराल |
| उपयोगकर्ता और डिवाइस की रिपोर्ट करना | |
| ReportDeviceVersionInfo | OS और फ़र्मवेयर वर्शन की रिपोर्ट करें |
| ReportDeviceBootMode | डिवाइस के 'बूट मोड' की रिपोर्ट करें |
| ReportDeviceUsers | डिवाइस उपयोगकर्ताओं की रिपोर्ट करें |
| ReportDeviceActivityTimes | डिवाइस गतिविधि समय की रिपोर्ट करें |
| ReportDeviceNetworkInterfaces | डिवाइस नेटवर्क इंटरफ़ेस की रिपोर्ट करें |
| ReportDeviceHardwareStatus | हार्डवेयर स्थिति की रिपोर्ट करना |
| ReportDeviceSessionStatus | सक्रिय कियोस्क सत्रों के बारे में जानकारी की रिपोर्ट करना |
| ReportDeviceBoardStatus | बोर्ड की स्थिति रिपोर्ट करें |
| ReportDevicePowerStatus | पावर स्थिति की रिपोर्ट करें |
| ReportDeviceStorageStatus | स्टोरेज स्थिति की रिपोर्ट करें |
| ReportUploadFrequency | डिवाइस स्थिति रिपोर्ट अपलोड की आवृत्ति |
| ReportArcStatusEnabled | Android की स्थिति के बारे में जानकारी की रिपोर्ट करना |
| HeartbeatEnabled | ऑनलाइन स्थिति को मॉनीटर करने के लिए प्रबंधन सर्वर को नेटवर्क पैकेट भेजें |
| HeartbeatFrequency | नेटवर्क पैकेट मॉनीटर करने की आवृत्ति |
| LogUploadEnabled | प्रबंधन सर्वर को सिस्टम लॉग भेजें |
| DeviceMetricsReportingEnabled | मेट्रिक रिपोर्ट करना चालू करें |
| एक्सटेंशन | |
| ExtensionInstallBlacklist | एक्सटेंशन इंस्टॉलेशन प्रतिबंध कॉन्फ़िगर करें |
| ExtensionInstallWhitelist | एक्सटेंशन इंस्टॉलेशन श्वेतसूची कॉन्फ़िगर करें |
| ExtensionInstallForcelist | बलपूर्वक-इंस्टॉल किए गए ऐप्स और एक्सटेंशन की सूची कॉन्फ़िगर करें |
| ExtensionInstallSources | एक्सटेंशन, ऐप्लिकेशन और उपयोगकर्ता स्क्रिप्ट को इंस्टॉल करने की मंज़ूरी देने वाले स्रोतों को कॉन्फ़िगर करती है |
| ExtensionAllowedTypes | अनुमति वाले ऐप्लिकेशन/एक्सटेंशन प्रकारों को कॉन्फ़िगर करें |
| ExtensionAllowInsecureUpdates | एक्सटेंशन अपडेट और इंस्टॉल के दौरान डेटा में आए किसी तरह के बदलाव की जाँच में असुरक्षित एल्गोरिद्म की अनुमति दें |
| ExtensionSettings | एक्सटेंशन प्रबंधन सेटिंग |
| एचटीटीपी प्रमाणीकरण | |
| AuthSchemes | समर्थित प्रमाणीकरण स्कीम |
| DisableAuthNegotiateCnameLookup | Kerberos की पुष्टि तय करते समय CNAME लुकअप बंद करें |
| EnableAuthNegotiatePort | Kerberos SPN में अमानक पोर्ट शामिल करें |
| AuthServerWhitelist | प्रमाणीकरण सर्वर श्वेतसूची |
| AuthNegotiateDelegateWhitelist | Kerberos प्रतिनिधि मंडल सर्वर श्वेतसूची |
| AuthNegotiateDelegateByKdcPolicy | क्रेडेंशियल सौंपने के लिए केडीसी नीति का इस्तेमाल करें. |
| GSSAPILibraryName | GSSAPI लाइब्रेरी नाम |
| AuthAndroidNegotiateAccountType | HTTP Negotiate प्रमाणीकरण के लिए खाता प्रकार |
| AllowCrossOriginAuthPrompt | क्रॉस-ओरिजिन HTTP मूल प्रमाणीकरण संकेत |
| NtlmV2Enabled | NTLMv2 प्रमाणीकरण चालू करें. |
| कियोस्क सेटिंग | |
| DeviceLocalAccounts | डिवाइस-स्थानीय खाते |
| DeviceLocalAccountAutoLoginId | अपने आप लॉगिन के लिए डिवाइस-स्थानीय खाता |
| DeviceLocalAccountAutoLoginDelay | डिवाइस-स्थानीय खाते का अपने आप लॉगिन करने का टाइमर |
| DeviceLocalAccountAutoLoginBailoutEnabled | अपने आप लॉगिन के लिए बेलआउट कीबोर्ड शॉर्टकट चालू करें |
| DeviceLocalAccountPromptForNetworkWhenOffline | ऑफ़लाइन होने पर नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन संकेत चालू करें |
| AllowKioskAppControlChromeVersion | Google Chrome OS वर्शन को नियंत्रित करने के लिए बिना किसी देरी के अपने आप लॉन्च होने वाली किओस्क ऐप्लिकेशन को अनुमति दें |
| झटपट अनलॉक | |
| QuickUnlockModeWhitelist | स्वीकार किए गए झटपट अनलॉक मोड कॉन्फ़िगर करें |
| QuickUnlockTimeout | सेट करें कि तुरंत से अनलॉक करने की सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए उपयोगकर्ता को कितने समय में पासवर्ड डालना होगा |
| PinUnlockMinimumLength | लॉक स्क्रीन पिन की सबसे कम लंबाई सेट करती है |
| PinUnlockMaximumLength | लॉक स्क्रीन पिन की सबसे ज़्यादा लंबाई सेट करती है |
| PinUnlockWeakPinsAllowed | उपयोगकर्ताओं को लॉक स्क्रीन पिन के लिए कमज़ोर पिन सेट करने देती है |
| डिफ़ॉल्ट खोज की सुविधा देने वाली कंपनी | |
| DefaultSearchProviderEnabled | 'डिफ़ॉल्ट खोज की सुविधा देने वाली कंपनी' चालू करें |
| DefaultSearchProviderName | डिफ़ॉल्ट खोज की सुविधा देने वाले का नाम |
| DefaultSearchProviderKeyword | डिफ़ॉल्ट खोज की सुविधा देने वाले के लिए कीवर्ड |
| DefaultSearchProviderSearchURL | डिफ़ॉल्ट खोज की सुविधा देने वाला खोज यूआरएल |
| DefaultSearchProviderSuggestURL | डिफ़ॉल्ट खोज की सुविधा देने वाला सुझाव URL |
| DefaultSearchProviderIconURL | डिफ़ॉल्ट खोज की सुविधा देने वाले का आइकॉन |
| DefaultSearchProviderEncodings | डिफ़ॉल्ट खोज की सुविधा देने वाले की एन्कोडिंग |
| DefaultSearchProviderAlternateURLs | डिफ़ॉल्ट खोज की सुविधा देने वाले के लिए वैकल्पिक URL की सूची |
| DefaultSearchProviderImageURL | डिफ़ॉल्ट खोज सुविधा के लिए इमेज-से-खोजें सुविधा देने वाला पैरामीटर |
| DefaultSearchProviderNewTabURL | डिफ़ॉल्ट खोज सुविधा देने वाला नया टैब पेज यूआरएल |
| DefaultSearchProviderSearchURLPostParams | POST का इस्तेमाल करने वाले खोज URL के पैरामीटर |
| DefaultSearchProviderSuggestURLPostParams | POST का इस्तेमाल करने वाले URL के पैरामीटर |
| DefaultSearchProviderImageURLPostParams | पोस्ट का इस्तेमाल करने वाली इमेज यूआरएल के लिए पैरामीटर |
| डिवाइस अपडेट करने की सेटिंग | |
| ChromeOsReleaseChannel | चैनल रिलीज़ करें |
| ChromeOsReleaseChannelDelegated | इस्तेमाल करने वाले Chrome OS का रिलीज़ चैनल कॉन्फ़िगर कर सकते हैं |
| DeviceAutoUpdateDisabled | अपने आप होने वाले अपडेट बंद करें |
| DeviceAutoUpdateP2PEnabled | 'p2p को अपने आप अपडेट करें' चालू किया गया |
| DeviceAutoUpdateTimeRestrictions | समय की पाबंदियां अपडेट करें |
| DeviceTargetVersionPrefix | अपने आप अपडेट होने वाले वर्शन को टारगेट करें |
| DeviceUpdateStagingSchedule | नया अपडेट लागू करने के लिए कदम दर कदम शेड्यूल |
| DeviceUpdateScatterFactor | अपने आप अपडेट होने वाला स्कैटर फ़ैक्टर |
| DeviceUpdateAllowedConnectionTypes | अपडेट के लिए अनुमत कनेक्शन प्रकार |
| DeviceUpdateHttpDownloadsEnabled | HTTP के द्वारा अपने आप अपडेट डाउनलोड की अनुमति दें |
| RebootAfterUpdate | अपडेट के बाद अपने आप फिर से चालू करें |
| MinimumRequiredChromeVersion | डिवाइस के लिए कम से कम अनुमत Chrome वर्शन कॉन्फ़िगर करें. |
| DeviceRollbackToTargetVersion | टार्गेट वर्शन में रोलबैक करें |
| DeviceRollbackAllowedMilestones | उपलब्धियों के रोलबैक की मंज़ूर की गई संख्या |
| DeviceQuickFixBuildToken | इस्तेमाल करने वालों को 'क्विक फ़िक्स बिल्ड' मुहैया कराएं. |
| डिसप्ले | |
| DeviceDisplayResolution | डिसप्ले रिज़ॉल्यूशन और स्केल कारक सेट करें |
| DisplayRotationDefault | 'डिफ़ॉल्ट डिसप्ले रोटेशन' सेट करें, जिसे हर बार चालू करने पर फिर से लागू किया जाता है |
| तारीख और समय | |
| SystemTimezone | समयक्षेत्र |
| SystemTimezoneAutomaticDetection | स्वचालित समयक्षेत्र की पहचान विधि को कॉन्फ़िगर करें |
| SystemUse24HourClock | डिफ़ॉल्ट रूप से 24 घंटे वाली घड़ी का उपयोग करें |
| दूर से एक्सेस करना | |
| RemoteAccessHostClientDomain | रिमोट (दूर के) एक्सेस क्लाइंट के लिए ज़रूरी डोमेन नाम को कॉन्फ़िगर करें |
| RemoteAccessHostClientDomainList | रिमोट एक्सेस क्लाइंट के लिए ज़रूरी डोमेन नाम कॉन्फ़िगर करें |
| RemoteAccessHostFirewallTraversal | रिमोट एक्सेस होस्ट से फ़ायरवॉल ट्रेवर्सल चालू करें |
| RemoteAccessHostDomain | दूर से एक्सेस होने वाले होस्ट के लिए ज़रूरी डोमेन नाम को कॉन्फ़िगर करें |
| RemoteAccessHostDomainList | रिमोट एक्सेस होस्ट के लिए ज़रूरी डोमेन नाम कॉन्फ़िगर करती है |
| RemoteAccessHostTalkGadgetPrefix | दूरस्थ पहुंच होस्ट के लिए TalkGadget का प्रारंभिक भाग कॉन्फ़िगर करें |
| RemoteAccessHostRequireCurtain | दूर से एक्सेस होने वाले होस्ट की पहचान छिपाना चालू करें |
| RemoteAccessHostAllowClientPairing | दूर के किसी ऐक्सेस वाले होस्ट के लिए 'बिना पिन के पहचान करने की सुविधा' चालू या बंद करें |
| RemoteAccessHostAllowGnubbyAuth | दूर से एक्सेस होने वाले होस्ट के लिए gnubby को पुष्टि करने की अनुमति दें |
| RemoteAccessHostAllowRelayedConnection | दूर से एक्सेस कर रहे होस्ट के ज़रिए रिले सर्वर का उपयोग करना चालू करें |
| RemoteAccessHostUdpPortRange | दूर से एक्सेस किए गए होस्ट की मदद से उपयोग की गई UDP पोर्ट सीमा पर रोक लगाएं |
| RemoteAccessHostMatchUsername | स्थानीय उपयोगकर्ता और दूर से एक्सेस कर रहे होस्ट मालिक के नाम का मिलान करना ज़रूरी बनाती है |
| RemoteAccessHostTokenUrl | वह यूआरएल जहां से दूर से एक्सेस करने वाले क्लाइंट को अपनी पहचान करवाने वाला टोकन मिलना चाहिए |
| RemoteAccessHostTokenValidationUrl | रिमोट (दूर के किसी) ऐक्सेस क्लाइंट प्रमाणीकरण टोकन मान्य करने का URL |
| RemoteAccessHostTokenValidationCertificateIssuer | RemoteAccessHostTokenValidationUrl से कनेक्ट करने के लिए क्लाइंट प्रमाणपत्र |
| RemoteAccessHostAllowUiAccessForRemoteAssistance | दूरस्थ उपयोगकर्ताओं को दूरस्थ सहायता सत्रों में एलिवेटेड विंडो से सहभागिता करने की अनुमति देती है |
| RemoteAccessHostAllowFileTransfer | रिमोट एक्सेस का इस्तेमाल करने वालों को होस्ट से या होस्ट में फ़ाइलें ट्रांसफ़र करने दें |
| दूरस्थ अनुप्रमाणन | |
| AttestationEnabledForDevice | डिवाइस के लिए दूर से प्रमाणित करने की सुविधा चालू करें |
| AttestationEnabledForUser | उपयोगकर्ता के लिए दूर से प्रमाणित करने की सुविधा चालू करें |
| AttestationExtensionWhitelist | वैसे एक्सटेंशन जिन्हें दूर से प्रमाणित करने वाले API का इस्तेमाल करने की अनुमति है |
| AttestationForContentProtectionEnabled | डिवाइस के लिए सामग्री सुरक्षा के लिए दूर से प्रमाणित करने की सुविधा के उपयोग को चालू करें |
| नेटवर्क फ़ाइल शेयर करने की सुविधा की सेटिंग | |
| NetworkFileSharesAllowed | ChromeOS की उपलब्धता के लिए, नेटवर्क फ़ाइल शेयर करने की सुविधा को नियंत्रित करती है |
| NetBiosShareDiscoveryEnabled | नेटवर्क फ़ाइल शेयर खोज को NetBIOS के ज़रिए नियंत्रित करें |
| NTLMShareAuthenticationEnabled | एनटीएलएम को एसएमबी माउंट के लिए प्रमाणीकरण प्रोटोकॉल के तौर पर चालू करना नियंत्रित करती है |
| NetworkFileSharesPreconfiguredShares | पहले से कॉन्फ़िगर किए गए नेटवर्क फ़ाइल शेयर की सूची. |
| नेटवर्क सेटिंग | |
| DeviceOpenNetworkConfiguration | डिवाइस-स्तरीय नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन |
| DeviceDataRoamingEnabled | डेटा रोमिंग चालू करें |
| NetworkThrottlingEnabled | थ्रॉटलिंग नेटवर्क बैंडविड्थ को चालू करें |
| DeviceHostnameTemplate | डिवाइस नेटवर्क होस्टनाम टेम्प्लेट |
| DeviceWiFiFastTransitionEnabled | 802.11r तेज़ ट्रांज़िशन चालू करें |
| DeviceWiFiAllowed | वाई-फ़ाई चालू करें |
| DeviceDockMacAddressSource | डॉक किए होने पर डिवाइस MAC पते का स्रोत |
| पहुंच-योग्यता विकल्प | |
| ShowAccessibilityOptionsInSystemTrayMenu | सिस्टम ट्रे मेन्यू में सुलभता विकल्प दिखाएं |
| LargeCursorEnabled | बड़ा कर्सर चालू करें |
| SpokenFeedbackEnabled | 'बोलकर जवाब देना' चालू करें |
| HighContrastEnabled | हाई कंट्रास्ट मोड चालू करें |
| VirtualKeyboardEnabled | ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड चालू करें |
| KeyboardDefaultToFunctionKeys | मीडिया कुंजियां डिफ़ॉल्ट रूप से फ़ंक्शन कुंजियों में बदल जाती हैं |
| ScreenMagnifierType | स्क्रीन आवर्धक प्रकार सेट करें |
| DeviceLoginScreenDefaultLargeCursorEnabled | प्रवेश स्क्रीन पर बड़े कर्सर की डिफ़ॉल्ट स्थिति सेट करें |
| DeviceLoginScreenDefaultSpokenFeedbackEnabled | लॉगिन स्क्रीन पर बोले गए फ़ीडबैक की डिफ़ॉल्ट स्थिति सेट करें |
| DeviceLoginScreenDefaultHighContrastEnabled | प्रवेश स्क्रीन पर उच्च कंट्रास्ट मोड की डिफ़ॉल्ट स्थिति सेट करें |
| DeviceLoginScreenDefaultVirtualKeyboardEnabled | लॉगिन स्क्रीन पर ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड की डिफ़ॉल्ट स्थिति सेट करें |
| DeviceLoginScreenDefaultScreenMagnifierType | प्रवेश स्क्रीन पर सक्षम डिफ़ॉल्ट स्क्रीन आवर्धक प्रकार सेट करें |
| पावर और शटडाउन | |
| DeviceLoginScreenPowerManagement | लॉगिन स्क्रीन पर पावर प्रबंधन |
| UptimeLimit | अपने आप रीबूट करके डिवाइस का सक्रिय समय सीमित करें |
| DeviceRebootOnShutdown | डिवाइस के शटडाउन होने पर अपने आप 'रीबूट' करना |
| पावर प्रबंधन | |
| ScreenDimDelayAC | AC पावर पर चलते समय स्क्रीन मंद विलंब |
| ScreenOffDelayAC | AC पावर पर चलते समय स्क्रीन बंद विलंब |
| ScreenLockDelayAC | AC पावर पर चलते समय स्क्रीन लॉक विलंब |
| IdleWarningDelayAC | AC पावर पर चलते समय प्रयोग में नहीं चेतवनी विलंब |
| IdleDelayAC | AC पावर पर चलते समय प्रयोग में नहीं विलंब |
| ScreenDimDelayBattery | बैटरी पावर पर चलते समय स्क्रीन मंद विलंब |
| ScreenOffDelayBattery | बैटरी पावर पर चलते समय स्क्रीन बंद विलंब |
| ScreenLockDelayBattery | बैटरी पावर पर चलते समय स्क्रीन लॉक विलंब |
| IdleWarningDelayBattery | बैटरी पावर पर चलते समय प्रयोग में नहीं चेतावनी विलंब |
| IdleDelayBattery | बैटरी पावर पर चलते समय प्रयोग में नहीं विलंब |
| IdleAction | इस्तेमाल में नहीं रहने की देरी की समय सीमा पूरी हो जाने पर की जाने वाली कार्रवाई |
| IdleActionAC | AC पावर पर चलते समय इस्तेमाल में नहीं रहने की देरी की समय सीमा पूरी हो जाने पर की जाने वाली कार्रवाई |
| IdleActionBattery | बैटरी पावर पर चलते समय इस्तेमाल में नहीं रहने की देरी की समय सीमा पूरी हो जाने पर की जाने वाली कार्रवाई |
| LidCloseAction | उपयोगकर्ता के लिड बंद करने पर की जाने वाली कार्रवाई |
| PowerManagementUsesAudioActivity | निर्दिष्ट करती है कि क्या ऑडियो गतिविधि पावर प्रबंधन को प्रभावित करती है |
| PowerManagementUsesVideoActivity | निर्दिष्ट करें कि वीडियो गतिविधि पावर प्रबंधन को प्रभावित करती है या नहीं |
| PresentationScreenDimDelayScale | प्रस्तुतिकरण मोड में मंद स्क्रीन विलंब मापने का प्रतिशत |
| AllowWakeLocks | स्क्रीन को जगाने वाले लॉक (सक्रियता लॉक) की अनुमति दें |
| AllowScreenWakeLocks | स्क्रीन को जगाने वाले लॉक की मंज़ूरी दें |
| UserActivityScreenDimDelayScale | स्क्रीन की रोशनी कम होने के बाद उपयोगकर्ता कोई गतिविधि करता है तो, स्क्रीन की रोशनी कितनी देर में कम हो, इस समय को स्केल करने (घटाने या बढ़ाने) का प्रतिशत. |
| WaitForInitialUserActivity | 'उपयोगकर्ता की शुरुआती गतिविधि' का इंतज़ार करें |
| PowerManagementIdleSettings | जब उपयोगकर्ता कोई गतिविधि नहीं करता तब पावर प्रबंधन संबंधी सेटिंग |
| ScreenLockDelays | स्क्रीन लॉक विलंब |
| PowerSmartDimEnabled | स्क्रीन की रोशनी कम हो जाने तक, समय बढ़ाने के लिए 'स्मार्ट डिम मॉडल' चालू करें |
| ScreenBrightnessPercent | स्क्रीन चमक प्रतिशत |
| DevicePowerPeakShiftBatteryThreshold | पावर पीक शिफ़्ट मोड के लिए, बैटरी का प्रतिशत तय करें |
| DevicePowerPeakShiftDayConfig | दिन में पावर पीक शिफ़्ट मोड का इस्तेमाल करने के लिए इसे सेट करें. |
| DevicePowerPeakShiftEnabled | पावर पीक शिफ़्ट मोड चालू करें |
| DeviceBootOnAcEnabled | 'एसी (अल्टरनेट करंट) पर बूट करें' सुविधा चालू करें |
| DeviceAdvancedBatteryChargeModeEnabled | बेहतर बैटरी चार्ज मोड चालू करें |
| DeviceAdvancedBatteryChargeModeDayConfig | दिन में बेहतर बैटरी चार्ज मोड का इस्तेमाल करने के लिए इसे सेट करें |
| DeviceBatteryChargeMode | बैटरी चार्ज मोड |
| DeviceBatteryChargeCustomStartCharging | बैटरी चार्ज कस्टम स्टार्ट चार्जिंग को प्रतिशत में सेट करें |
| DeviceBatteryChargeCustomStopCharging | बैटरी चार्ज कस्टम स्टॉप चार्जिंग को प्रतिशत में सेट करें |
| DeviceUsbPowerShareEnabled | 'यूएसबी पावर शेयर' चालू करें |
| पासवर्ड प्रबंधक | |
| PasswordManagerEnabled | पासवर्ड प्रबंधक में पासवर्ड सेव करना चालू करें |
| प्रिंट करना | |
| PrintingEnabled | प्रिंटिंग चालू करें |
| CloudPrintProxyEnabled | Google Cloud Print प्रॉक्सी चालू करें |
| PrintingAllowedColorModes | कलर मोड में प्रिंट करना रोक देती है |
| PrintingAllowedDuplexModes | डुप्लेक्स मोड में प्रिंट करना रोक देती है |
| PrintingColorDefault | डिफ़ॉल्ट प्रिंटिंग रंग मोड |
| PrintingDuplexDefault | डिफ़ॉल्ट प्रिंटिंग डुप्लेक्स मोड |
| CloudPrintSubmitEnabled | Google Cloud Print पर दस्तावेज़ों का सबमिशन चालू करती है |
| DisablePrintPreview | 'प्रिंट झलक' बंद करें |
| PrintHeaderFooter | हैडर और फ़ुटर प्रिंट करती है |
| DefaultPrinterSelection | डिफ़ॉल्ट प्रिंटर चयन के नियम |
| NativePrinters | स्थानीय प्रिंटिंग |
| NativePrintersBulkConfiguration | एंटरप्राइज़ प्रिंटर कॉन्फ़िगरेशन फ़ाइल |
| NativePrintersBulkAccessMode | प्रिंटर कॉन्फ़िगरेशन एक्सेस करने की नीति. |
| NativePrintersBulkBlacklist | एंटरप्राइज़ प्रिंटर बंद हैं |
| NativePrintersBulkWhitelist | एंटरप्राइज़ प्रिंटर चालू हैं |
| DeviceNativePrinters | डिवाइसों के लिए एंटरप्राइज़ प्रिंटर कॉन्फ़िगरेशन फ़ाइल |
| DeviceNativePrintersAccessMode | डिवाइस प्रिंटर कॉन्फ़िगरेशन एक्सेस करने की नीति. |
| DeviceNativePrintersBlacklist | एंटरप्राइज़ डिवाइस प्रिंटर बंद |
| DeviceNativePrintersWhitelist | एंटरप्राइज़ डिवाइस प्रिंटर चालू |
| PrintPreviewUseSystemDefaultPrinter | डिफ़ॉल्ट के रूप में सिस्टम डिफ़ॉल्ट प्रिंटर का उपयोग करें |
| प्रॉक्सी सर्वर | |
| ProxyMode | प्रॉक्सी सर्वर सेटिंग निर्दिष्ट करने का तरीका चुनें |
| ProxyServerMode | प्रॉक्सी सर्वर सेटिंग निर्दिष्ट करने का तरीका चुनें |
| ProxyServer | प्रॉक्सी सर्वर का पता या URL |
| ProxyPacUrl | proxy .pac फ़ाइल से URL |
| ProxyBypassList | प्रॉक्सी बायपास नियम |
| विल्को डीटीसी | |
| DeviceWilcoDtcAllowed | विल्को के गड़बड़ियों की जानकारी देने वाले डेटा और टेलीमेट्री कंट्रोलर को अनुमति देती है |
| DeviceWilcoDtcConfiguration | विल्को डीटीसी कॉन्फ़िगरेशन |
| साइन इन सेटिंग | |
| DeviceGuestModeEnabled | मेहमान मोड चालू करें |
| DeviceUserWhitelist | बिना प्रतिबंध वाले लॉग इन उपयोगकर्ता की सूची |
| DeviceAllowNewUsers | नए उपयोगकर्ता खातों को बनाने की अनुमति दें |
| DeviceLoginScreenDomainAutoComplete | 'उपयोगकर्ता साइन इन के दौरान डोमेन नाम अपने आप पूरा होना' चालू करें |
| DeviceShowUserNamesOnSignin | प्रवेश स्क्रीन पर उपयोगकर्ता नाम दिखाएं |
| DeviceWallpaperImage | डिवाइस वॉलपेपर इमेज |
| DeviceEphemeralUsersEnabled | साइन-आउट करने पर उपयोगकर्ता का डेटा मिटाएं |
| LoginAuthenticationBehavior | लॉगिन प्रमाणीकरण व्यवहार काॅन्फ़िगर करें |
| DeviceTransferSAMLCookies | प्रवेश के दौरान SAML IdP कुकी ट्रांसफर करें |
| LoginVideoCaptureAllowedUrls | ऐसे यूआरएल, जिन्हें SAML लॉगिन पेजों पर वीडियो कैप्चर डिवाइस को एक्सेस करने की अनुमति होगी |
| DeviceLoginScreenExtensions | लॉगिन स्क्रीन पर, इंस्टॉल किए गए ऐप्लिकेशन की सूची कॉन्फ़िगर करें |
| DeviceLoginScreenLocales | डिवाइस साइन इन स्क्रीन स्थानीय भाषा |
| DeviceLoginScreenInputMethods | डिवाइस साइन इन स्क्रीन कीबोर्ड लेआउट |
| DeviceSecondFactorAuthentication | एकीकृत दो तरीकों से पुष्टि मोड |
| DeviceLoginScreenIsolateOrigins | साइट आइसोलेशन को खास-खास मूल के लिए चालू करें |
| DeviceLoginScreenSitePerProcess | साइट आइसोलेशन को हर साइट के लिए चालू करें |
| DeviceLoginScreenAutoSelectCertificateForUrls | साइन इन स्क्रीन पर इन साइटों के लिए क्लाइंट प्रमाणपत्र अपने आप चुनें |
| सामग्री सेटिंग | |
| DefaultCookiesSetting | डिफ़ॉल्ट कुकी सेटिंग |
| DefaultImagesSetting | सामान्य चित्र सेटिंग |
| DefaultJavaScriptSetting | सामान्य JavaScript सेटिंग |
| DefaultPluginsSetting | डिफ़ॉल्ट Flash सेटिंग |
| DefaultPopupsSetting | सामान्य पॉपअप सेटिंग |
| DefaultNotificationsSetting | डिफ़ॉल्ट सूचना सेटिंग |
| DefaultGeolocationSetting | सामान्य भौगोलिक स्थान सेटिंग |
| DefaultMediaStreamSetting | डिफ़ॉल्ट मीडियास्ट्रीम सेटिंग |
| DefaultWebBluetoothGuardSetting | वेब ब्लूटूथ API (एपीआई) का इस्तेमाल नियंत्रित करें |
| DefaultWebUsbGuardSetting | WebUSB API (एपीआई) का इस्तेमाल नियंत्रित करें |
| AutoSelectCertificateForUrls | इन साइटों के लिए स्वचालित रूप से क्लाइंट प्रमाणपत्रों को चुनें |
| CookiesAllowedForUrls | इन साइटों पर कुकी की अनुमति दें |
| CookiesBlockedForUrls | इन साइटों पर कुकी ब्लॉक करें |
| CookiesSessionOnlyForUrls | मिलान करने वाले यूआरएल की कुकी को मौजूदा सत्र तक सीमित करें |
| ImagesAllowedForUrls | इन साइटों पर छवियों की अनुमति दें |
| ImagesBlockedForUrls | इन साइटों पर इमेज को ब्लॉक करें |
| JavaScriptAllowedForUrls | इन साइटों पर JavaScript की अनुमति दें |
| JavaScriptBlockedForUrls | इन साइटों पर JavaScript ब्लॉक करें |
| PluginsAllowedForUrls | इन साइटों पर Flash प्लग इन को अनुमति दें |
| PluginsBlockedForUrls | इन साइटों पर Flash प्लग इन ब्लॉक करें |
| PopupsAllowedForUrls | इन साइटों पर पॉपअप की अनुमति दें |
| RegisteredProtocolHandlers | प्रोटोकॉल प्रबंधकों को रजिस्टर कराएं |
| PopupsBlockedForUrls | इन साइटों पर पॉपअप रोकें |
| NotificationsAllowedForUrls | इन साइटों पर नोटिफ़िकेशन की अनुमति दें |
| NotificationsBlockedForUrls | इन साइटों पर सूचनाएं ब्लॉक करें |
| WebUsbAllowDevicesForUrls | इन साइटों को, बताए गए विक्रेता और उत्पाद आईडी वाले यूएसबी डिवाइसों से अपने आप जुड़ने की मंज़ूरी देें. |
| WebUsbAskForUrls | इन साइटों पर WebUSB की मंज़ूरी दें |
| WebUsbBlockedForUrls | इन साइटों पर WebUSB ब्लॉक करें |
| सुरक्षित ब्राउज़िंग सेटिंग | |
| SafeBrowsingEnabled | सुरक्षित ब्राउज़िंग चालू करें |
| SafeBrowsingExtendedReportingEnabled | सुरक्षित ब्राउज़िंग की एक्सटेंडेड रिपोर्टिंग चालू करें |
| SafeBrowsingExtendedReportingOptInAllowed | उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित ब्राउज़िंग विस्तारित रिपोर्टिंग की अनुमति देना |
| SafeBrowsingWhitelistDomains | उन डोमेन की सूची कॉन्फ़िगर करें जिन पर सुरक्षित ब्राउज़िंग चेतावनियां ट्रिगर नहीं करेगी. |
| PasswordProtectionWarningTrigger | पासवर्ड सुरक्षा की ओर से चेतावनी का ट्रिगर |
| PasswordProtectionLoginURLs | वे एंटरप्राइज़ लॉगिन यूआरएल की सूची कॉन्फ़िगर करें जिनमें पासवर्ड सुरक्षा सेवा को पासवर्ड की फ़िंगरप्रिंट कैप्चर करनी चाहिए. |
| PasswordProtectionChangePasswordURL | पासवर्ड बदलने के URL को कॉन्फ़िगर करें. |
| स्टार्टअप, होम पेज और नया टैब पेज | |
| ShowHomeButton | टूलबार पर होम बटन दिखाएं |
| HomepageLocation | होम पेज यूआरएल को कॉन्फ़िगर करें |
| HomepageIsNewTabPage | मुख्यपेज के रूप में नया टैब पेज का उपयोग करें |
| NewTabPageLocation | नया टैब पेज URL कॉन्फ़िगर करें |
| RestoreOnStartup | स्टार्टअप पर कार्रवाई |
| RestoreOnStartupURLs | स्टार्टअप पर खुलने वाले URL |
| स्थानीय संदेश सेवा | |
| NativeMessagingBlacklist | स्थानीय संदेश सेवा कालीसूची कॉन्फ़िगर करें |
| NativeMessagingWhitelist | स्थानीय संदेश सेवा श्वेतसूची कॉन्फ़िगर करें |
| NativeMessagingUserLevelHosts | उपयोगकर्ता-स्तर के स्थानीय मैसेज सेवा होस्ट (एडमिन अनुमतियों के बिना इंस्टॉल किए गए) |
| AbusiveExperienceInterventionEnforce | धोखादायक अनुभव हस्तक्षेप लागू करें |
| AdsSettingForIntrusiveAdsSites | तंग करने वाले विज्ञापनों वाली साइटों के लिए विज्ञापन सेटिंग |
| AllowDeletingBrowserHistory | ब्राउज़र और डाउनलोड इतिहास मिटाना चालू करें |
| AllowDinosaurEasterEgg | डाइनासोर ईस्टर गेम की अनुमति दें |
| AllowFileSelectionDialogs | फ़ाइल चयन संवादों के अनुरोध की अनुमति दें |
| AllowOutdatedPlugins | पुराने प्लग इन चलाने की अनुमति दें |
| AllowPopupsDuringPageUnload | पेज अपलोड होने के दौरान पॉप-अप दिखाने दें |
| AllowScreenLock | स्क्रीन लॉक करने की अनुमति |
| AllowedDomainsForApps | G Suite एक्सेस करने की अनुमति वाले डोमेन तय करें |
| AllowedInputMethods | किसी उपयोगकर्ता सत्र में इनपुट के लिए मंज़ूर किए गए तरीके कॉन्फ़िगर करें |
| AllowedLanguages | किसी उपयोगकर्ता सत्र में मंज़ूर की गई भाषाएं कॉन्फ़िगर करें |
| AlternateErrorPagesEnabled | दूसरे गड़बड़ी वाले पेज चालू करें |
| AlwaysOpenPdfExternally | PDF फ़ाइलों को हमेशा दूसरे टूल/ऐप्लिकेशन में खोलें |
| ApplicationLocaleValue | ऐप्लिकेशन की स्थान-भाषा |
| AudioCaptureAllowed | ऑडियो कैप्चर की अनुमति देना या अस्वीकार करना |
| AudioCaptureAllowedUrls | ऐसे यूआरएल, जिन्हें संकेत किए बिना ऑडियो कैप्चर डिवाइस का एक्सेस करने की अनुमति होगी |
| AudioOutputAllowed | ऑडियो चलाने दें |
| AutoFillEnabled | अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल) चालू करें |
| AutofillAddressEnabled | पतों के लिए 'अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल)' चालू करें |
| AutofillCreditCardEnabled | क्रेडिट कार्ड के लिए अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल) चालू करें |
| AutoplayAllowed | मीडिया को अपने आप चलने देती है |
| AutoplayWhitelist | यूआरएल पैटर्न की श्वेतसूची पर मौजूद मीडिया को अपने आप चलने देती है |
| BackgroundModeEnabled | जब Google Chrome बंद हो पृष्ठभूमि ऐप्लिकेशन चलाना जारी रखें |
| BlockThirdPartyCookies | तीसरे पक्ष की कुकी ब्लॉक करें |
| BookmarkBarEnabled | बुकमार्क बार चालू करें |
| BrowserAddPersonEnabled | उपयोगकर्ता प्रबंधक में व्यक्ति जोड़ना चालू करें |
| BrowserGuestModeEnabled | ब्राउज़र में मेहमान मोड चालू करें |
| BrowserNetworkTimeQueriesEnabled | Google समय सेवा में क्वेरी की अनुमति दें |
| BrowserSignin | ब्राउज़र की साइन इन सेटिंग |
| BuiltInDnsClientEnabled | अंतर्निहित DNS क्लाइंट का उपयोग करना |
| CaptivePortalAuthenticationIgnoresProxy | कैप्टिव पोर्टल प्रमाणीकरण प्रॉक्सी पर ध्यान नहीं देता है |
| CertificateManagementAllowed | उपयोगकर्ताओं को इंस्टॉल किए गए प्रमाणपत्र प्रबंधित करने दें |
| CertificateTransparencyEnforcementDisabledForCas | subjectPublicKeyInfo हैश की सूची के लिए 'प्रमाणपत्र पारदर्शिता' लागू किया जाना बंद करें |
| CertificateTransparencyEnforcementDisabledForLegacyCas | पहचान की पुष्टि करने वाले पुराने प्रमाणपत्रों की सूची के लिए 'प्रमाणपत्र पारदर्शिता' को लागू करना बंद करती है |
| CertificateTransparencyEnforcementDisabledForUrls | यूआरएल की एक सूची के लिए 'प्रमाणपत्र पारदर्शिता' को लागू करना बंद करें |
| ChromeCleanupEnabled | Windows पर Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने की सुविधा चालू करें |
| ChromeCleanupReportingEnabled | यह नियंत्रित करती है कि Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने की सुविधा Google को डेटा की रिपोर्ट कैसे करती है |
| ChromeOsLockOnIdleSuspend | डिवाइस के इस्तेमाल में न होने या निलंबित होने पर लॉक चालू करें |
| ChromeOsMultiProfileUserBehavior | 'एक से ज़्यादा प्रोफ़ाइल सत्र' में उपयोगकर्ता के व्यवहार को नियंत्रित करें |
| CloudManagementEnrollmentMandatory | ज़रूरी क्लाउड प्रबंधन नामांकन चालू करें |
| CloudManagementEnrollmentToken | डेस्कटॉप पर क्लाउड नीति का नाम दर्ज करने वाला टोकन |
| CloudPolicyOverridesPlatformPolicy | Google Chrome क्लाउड नीति 'प्लैटफ़ॉर्म' नीति को ओवरराइड करती है. |
| ComponentUpdatesEnabled | Google Chrome में घटक के अपडेट चालू करें |
| ContextualSearchEnabled | 'खोजने के लिए टैप करें' को चालू करें |
| ContextualSuggestionsEnabled | मिलते-जुलते वेब पेज के प्रासंगिक सुझावों को चालू करें |
| DataCompressionProxyEnabled | डेटा कंप्रेशन की प्रॉक्सी सुविधा चालू करें |
| DefaultBrowserSettingEnabled | Google Chrome को डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र के रूप में सेट करें |
| DefaultDownloadDirectory | डिफ़ॉल्ट डाउनलोड निर्देशिका सेट करें |
| DeveloperToolsAvailability | यह नियंत्रित करती है कि डेवलपर टूल का इस्तेमाल कहां किया जा सकता है |
| DeveloperToolsDisabled | डेवलपर टूल बंद करें |
| DeviceLocalAccountManagedSessionEnabled | डिवाइस पर प्रबंधित सत्र की अनुमति देती है |
| DeviceRebootOnUserSignout | उपयोगकर्ता के साइन आउट करने पर, डिवाइस को फिर से चालू करना |
| DeviceScheduledUpdateCheck | अपडेट देखने के लिए कस्टम शेड्यूल सेट करें |
| Disable3DAPIs | 3D ग्राफ़िक्स API के लिए समर्थन बंद करें |
| DisableSafeBrowsingProceedAnyway | 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' के चेतावनी पेज को नज़रअंदाज़ करके आगे बढ़ने की सुविधा बंद करें |
| DisableScreenshots | स्क्रीनशॉट लेना बंद करें |
| DisabledPlugins | अक्षम प्लग इन की सूची निर्दिष्ट करें |
| DisabledPluginsExceptions | ऐसे प्लग इन की सूची तय करें जिसे उपयोगकर्ता चालू या बंद कर सकते हैं |
| DisabledSchemes | 'यूआरएल प्रोटोकॉल स्कीम' बंद करें |
| DiskCacheDir | डिस्क कैश मेमोरी निर्देशिका सेट करें |
| DiskCacheSize | डिस्क कैश आकार को बाइट में सेट करें |
| DownloadDirectory | डाउनलोड निर्देशिका सेट करें |
| DownloadRestrictions | डाउनलोड से जुड़े प्रतिबंधों की अनुमति दें |
| EasyUnlockAllowed | इस्तेमाल किए जाने वाले Smart Lock को मंज़ूरी देती है |
| EcryptfsMigrationStrategy | ecryptfs के लिए माइग्रेशन रणनीति |
| EditBookmarksEnabled | बुकमार्क में बदलाव करने की सुविधा को चालू या बंद करती है |
| EnableDeprecatedWebPlatformFeatures | रोके गए वेब प्लैटफ़ॉर्म सुविधाओं को सीमित समय के लिए चालू करें |
| EnableOnlineRevocationChecks | ऑनलाइन OCSP/CRL जाँच चालू करें |
| EnableSymantecLegacyInfrastructure | Symantec Corporation के लेगसी पीकेआई (डिजिटल सर्टिफ़िकेट प्रबंधित करने के तरीके) की बुनियादी संरचना में भरोसा करना चालू करें |
| EnableSyncConsent | साइन-इन के दौरान 'सिंक सहमति' दिखाना चालू करें |
| EnabledPlugins | सक्षम प्लग इन की सूची निर्दिष्ट करें |
| EnterpriseHardwarePlatformAPIEnabled | एंटरप्राइज़ हार्डवेयर प्लैटफ़ॉर्म API (एपीआई) का इस्तेमाल करने के लिए प्रबंधित एक्सटेंशन चालू करती है |
| ExternalStorageDisabled | बाहरी मेमोरी की माउंटिंग बंद करें |
| ExternalStorageReadOnly | बाहरी स्टोरेज डिवाइसों को 'सिर्फ़ पढ़ने के लिए' की तरह मानें |
| ForceBrowserSignin | Google Chrome के लिए हर हाल में साइन इन करने की शर्त चालू करती है |
| ForceEphemeralProfiles | अल्पकालिक प्रोफ़ाइल |
| ForceGoogleSafeSearch | Google सुरक्षित खोज लागू करें |
| ForceMaximizeOnFirstRun | पहली बार चलाने पर पहली ब्राउज़र विंडो को बड़ा करें |
| ForceNetworkInProcess | नेटवर्किंग कोड को हर हाल में ब्राउज़र प्रोसेस में ही चलाएं |
| ForceSafeSearch | बलपूर्वक सुरक्षित खोज |
| ForceYouTubeRestrict | कम से कम YouTube प्रतिबंधित मोड लागू करें |
| ForceYouTubeSafetyMode | बलपूर्वक YouTube सुरक्षित मोड |
| FullscreenAllowed | फ़ुल स्क्रीन मोड की अनुमति दें |
| HardwareAccelerationModeEnabled | उपलब्ध होने पर 'हार्डवेयर से तेज़ी लाएं' सुविधा का उपयोग करें |
| HideWebStoreIcon | वेब स्टोर को नया टैब पेज और ऐप्लिकेशन लॉन्चर से छिपाएं |
| Http09OnNonDefaultPortsEnabled | उन पोर्ट पर एचटीटीपी/0.9 की सुविधा चालू करती है जो डिफ़ॉल्ट नहीं हैं |
| ImportAutofillFormData | पहली बार चलाने पर डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र से ऑटोमैटिक भरने वाला फ़ॉर्म डेटा आयात करना |
| ImportBookmarks | पहली बार चलाने पर सामान्य ब्राउज़र से बुकमार्क आयात करें |
| ImportHistory | पहली बार चलाने पर सामान्य ब्राउज़र से ब्राउज़िंग इतिहास आयात करें |
| ImportHomepage | पहली बार चलाने पर डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र से मुख्यपृष्ठ का आयात |
| ImportSavedPasswords | पहली बार चलाने पर डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र से सहेजे गए पासवर्ड आयात करें |
| ImportSearchEngine | पहली बार चलाने पर डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र से सर्च इंजन आयात करें |
| IncognitoEnabled | गुप्त मोड चालू करें |
| IncognitoModeAvailability | गुप्त मोड उपलब्धता |
| InstantTetheringAllowed | इंस्टैंट टेदरिंग को मंज़ूरी देती है. |
| IsolateOrigins | साइट आइसोलेशन को खास-खास मूल के लिए चालू करें |
| IsolateOriginsAndroid | Android डिवाइसों पर बताए गए मूल के लिए साइट आइसोलेशन चालू करें |
| JavascriptEnabled | JavaScript चालू करें |
| KeyPermissions | प्रमुख अनुमतियां |
| MachineLevelUserCloudPolicyEnrollmentToken | डेस्कटॉप पर क्लाउड नीति का नाम दर्ज करने वाला टोकन |
| ManagedBookmarks | प्रबंधित बुकमार्क |
| MaxConnectionsPerProxy | प्रॉक्सी सर्वर के समवर्ती कनेक्शन की अधिकतम संख्या |
| MaxInvalidationFetchDelay | नीति अमान्यकरण से पहले अधिकतम फ़ेच विलंब |
| MediaCacheSize | मीडिया डिस्क कैश के आकार को बाइट में सेट करें |
| MediaRouterCastAllowAllIPs | Google Cast को सभी आईपी पतों पर कास्ट डिवाइस से कनेक्ट होने देती है. |
| MetricsReportingEnabled | उपयोग और क्रैश से जुड़े डेटा की रिपोर्टिंग चालू करें |
| NTPContentSuggestionsEnabled | नया टैब पेज पर सामग्री के सुझाव दिखाएं |
| NetworkPredictionOptions | नेटवर्क पूर्वानुमान चालू करें |
| NoteTakingAppsLockScreenWhitelist | श्वेतसूची में शामिल नोट लेने वाले ऐप्लिकेशन की Google Chrome OS लॉक स्क्रीन पर अनुमति है |
| OpenNetworkConfiguration | उपयोगकर्ता-स्तरीय नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन |
| OverrideSecurityRestrictionsOnInsecureOrigin | ऐसे मूल या होस्टनाम पैटर्न जिनके लिए असुरक्षित मूल की पाबंदियां लागू नहीं होनी चाहिए |
| ParentAccessCodeConfig | अभिभावक एक्सेस कोड का कॉन्फ़िगरेशन |
| PinnedLauncherApps | लॉन्चर में दिखाए जाने वाले पिन किए गए ऐप्स की सूची |
| PolicyListMultipleSourceMergeList | अलग-अलग स्रोतों की सूची नीतियों को आपस में मिलाने देती है |
| PolicyRefreshRate | 'उपयोगकर्ता नीति' के लिए रीफ्रेश दर |
| PromotionalTabsEnabled | पूरे टैब वाली प्रचार संबंधी सामग्री दिखाना चालू करें |
| PromptForDownloadLocation | डाउनलोड करने से पहले, हर फ़ाइल को सेव करने की जगह के बारें में पूछें |
| ProxySettings | प्रॉक्सी सेटिंग |
| QuicAllowed | QUIC प्रोटोकॉल की मंज़ूरी देती है |
| RelaunchNotification | उपयोगकर्ता को सूचित करें कि ब्राउज़र को फिर से लॉन्च करने का सुझाव दिया गया है या ऐसा करना ज़रूरी है |
| RelaunchNotificationPeriod | अपडेट सूचनाओं की समय सीमा सेट करती है |
| ReportCrostiniUsageEnabled | Linux ऐप्लिकेशन के इस्तेमाल के बारे में जानकारी की रिपोर्ट करें |
| RequireOnlineRevocationChecksForLocalAnchors | स्थानीय भरोसेमंद एंकर के लिए ऑनलाइन ओसीएसपी/सीआरएल जाँच की ज़रूरत होती है |
| RestrictAccountsToPatterns | Google Chrome में दिखाई देने वाले खाते प्रतिबंधित करें |
| RestrictSigninToPattern | प्रतिबंधित करें कि कौनसे Google खाते Google Chrome में, ब्राउज़र प्राथमिक खातों के रूप में सेट किए जा सकते हैं |
| RoamingProfileLocation | रोमिंग प्रोफ़ाइल निर्देशिका सेट करें |
| RoamingProfileSupportEnabled | Google Chrome के प्रोफ़ाइल डेटा के लिए रोमिंग कॉपी बनाना चालू करें |
| RunAllFlashInAllowMode | Flash सामग्री सेटिंग को सभी सामग्री के लिए विस्तृत करें |
| SAMLOfflineSigninTimeLimit | उस समय को सीमित करें, जिसमें SAML के ज़रिए प्रमाणित किया गया उपयोगकर्ता ऑफ़लाइन लॉग इन कर सकता है. |
| SSLErrorOverrideAllowed | SSL चेतावनी पृष्ठ से जारी रखने की अनुमति देना |
| SSLVersionMin | कम से कम SSL वर्शन सक्षम किया गया |
| SafeBrowsingForTrustedSourcesEnabled | भरोसेमंद स्रोतों के लिए सुरक्षित ब्राउज़िंग चालू करें |
| SafeSitesFilterBehavior | 'सुरक्षित साइट' की वयस्क सामग्री फ़िल्टरिंग को नियंत्रित करें. |
| SavingBrowserHistoryDisabled | ब्राउज़र इतिहास को सेव करना बंद करें |
| SchedulerConfiguration | टास्क शेड्यूलर कॉन्फ़िगरेशन चुनें |
| SearchSuggestEnabled | खोज सुझाव चालू करें |
| SecondaryGoogleAccountSigninAllowed | ब्राउज़र के अंदर एक से ज़्यादा साइन इन की अनुमति दें |
| SecurityKeyPermitAttestation | यूआरएल/डोमेन ने अपने आप सीधे सुरक्षा कुंजी प्रमाणन की अनुमति दी है |
| SessionLengthLimit | उपयोगकर्ता सत्र की अवधि सीमित करें |
| SessionLocales | किसी प्रबंधित सत्र के लिए सुझाई गई भाषाएं सेट करें |
| ShelfAutoHideBehavior | अलमारी काअपने-आप-छिपाना नियंत्रित करना |
| ShowAppsShortcutInBookmarkBar | बुकमार्क बार में ऐप्स शॉर्टकट दिखाएं |
| ShowLogoutButtonInTray | सिस्टम ट्रे में एक प्रस्थान करें बटन जोड़ें |
| SignedHTTPExchangeEnabled | साइन की हुई एचटीटीपी एक्सचेंज (एसएक्सजी) सहायता चालू करें |
| SigninAllowed | Google Chrome में साइन इन करने देती है |
| SitePerProcess | साइट आइसोलेशन को हर साइट के लिए चालू करें |
| SitePerProcessAndroid | साइट आइसोलेशन को हर साइट के लिए चालू करें |
| SmartLockSigninAllowed | Smart Lock साइन इन के इस्तेमाल की मंज़ूरी दें. |
| SmsMessagesAllowed | एसएमएस मैसेज को फ़ोन से Chromebook में सिंक करने की अनुमति दें. |
| SpellCheckServiceEnabled | वर्तनी परीक्षण वेब सेवा को चालू या बंद करें |
| SpellcheckEnabled | वर्तनी जांच चालू करें |
| SpellcheckLanguage | भाषाओं की वर्तनी जांच को हर हाल में चालू करें |
| SpellcheckLanguageBlacklist | वर्तनीजाँच की चालू नहीं की जाने वाली भाषाएं बंद करें |
| SuppressUnsupportedOSWarning | असमर्थित OS चेतावनी को छिपाएं |
| SyncDisabled | Google के साथ डेटा का सिंक करना बंद करें |
| TabLifecyclesEnabled | 'टैब लाइफ़ साइकल' सुविधा को चालू या बंद करती है |
| TaskManagerEndProcessEnabled | 'काम का प्रबंधक' में प्रोसेस खत्म होना चालू करती है |
| TermsOfServiceURL | डिवाइस-स्थानीय खाते के लिए सेवा की शर्तों सेट करना |
| ThirdPartyBlockingEnabled | तीसरे पक्ष के सॉफ़्टवेयर इंजेक्शन को ब्लॉक करना चालू करें |
| TouchVirtualKeyboardEnabled | वर्चुअल कीबोर्ड चालू करें |
| TranslateEnabled | अनुवाद चालू करें |
| URLBlacklist | URL की सूची पर एक्सेस ब्लॉक करें |
| URLWhitelist | यूआरएल की सूची एक्सेस करने देती है |
| UnifiedDesktopEnabledByDefault | एकीकृत डेस्कटॉप उपलब्ध कराएं और उसे डिफ़ॉल्ट रूप से चालू करें |
| UnsafelyTreatInsecureOriginAsSecure | ऐसे मूल या होस्टनाम पैटर्न जिनके लिए असुरक्षित मूल की पाबंदियां लागू नहीं होनी चाहिए |
| UrlKeyedAnonymizedDataCollectionEnabled | 'यूआरएल-की' के साथ पहचान ज़ाहिर न करने वाले डेटा संग्रह को चालू करती है |
| UsageTimeLimit | समय सीमा |
| UserAvatarImage | उपयोगकर्ता अवतार इमेज |
| UserDataDir | 'उपयोगकर्ता डेटा निर्देशिका' सेट करें |
| UserDisplayName | डिवाइस-स्थानीय खातों के लिए डिसप्ले नाम सेट करें |
| VideoCaptureAllowed | वीडियो कैप्चर की अनुमति देना या अस्वीकार करना |
| VideoCaptureAllowedUrls | ऐसे यूआरएल, जिन्हें संकेत किए बिना वीडियो कैप्चर डिवाइस एक्सेस करने की अनुमति होगी |
| VpnConfigAllowed | उपयोगकर्ता को वीपीएन कनेक्शन प्रबंधित करने दें |
| WPADQuickCheckEnabled | WPAD ऑप्टिमाइज़ेशन चालू करें |
| WallpaperImage | वॉलपेपर इमेज |
| WebAppInstallForceList | अनइंस्टॉल न किए जा सकने वाले वेब ऐप्लिकेशन की सूची कॉन्फ़िगर करें |
| WebDriverOverridesIncompatiblePolicies | WebDriver को असंगत नीतियों को बदलने दें |
| WebRtcEventLogCollectionAllowed | 'Google सेवाओं' से 'WebRTC इवेंट लॉग' इकट्ठे करने देती है |
| WebRtcUdpPortRange | WebRTC द्वारा उपयोग किए जाने वाले स्थानीय UDP पोर्ट की सीमा प्रतिबंधित करें |
| WelcomePageOnOSUpgradeEnabled | OS अपग्रेड होने के बाद, पहली बार ब्राउज़र लॉन्च होने पर स्वागत पेज दिखाने की सुविधा चालू करें |
जब यह नीति सही पर सेट होती है, तो उपयोगकर्ता के लिए एआरसी को चालू कर दिया जाएगा (नीति संबंधी सेटिंग की और ज़्यादा जाँच का विषय - एआरसी तब भी उपलब्ध नहीं रहेगा अगर मौजूदा उपयोगकर्ता सत्र में अल्पकालिक मोड या एक से ज़्यादा साइन इन को चालू किया गया हो).
अगर यह सेटिंग बंद है या कॉन्फ़िगर नहीं है तो, एंटरप्राइज़ उपयोगकर्ता एआरसी का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे.
अगर नीति 'गलत' पर सेट की जाती है तो, उन उपयोगकर्ताओं को एआरसी का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा जो इससे जुड़े नहीं हैं.
अगर नीति सेट नहीं की जाती है या 'सही' पर सेट की जाती है तो, सभी उपयोगकर्ता एआरसी का इस्तेमाल कर सकते हैं (जब तक कि एआरसी को किसी और तरीके से बंद नहीं कर दिया जाता).
नीति में किए जाने वाले बदलाव तभी लागू किए जाएंगे जब एआरसी न चल रहा हो, उदाहरण के लिए, जब Chrome OS शुरू हो रहा हो.
ऐसी नीतियों के समूह के बारे में बताता है जिन्हें ARC रनटाइम को सौंप दिया जाएगा. मान कोई मान्य JSON होना चाहिए.
इस नीति का इस्तेमाल यह कॉन्फ़िगर करने के लिए किया जा सकता है कि डिवाइस पर कौन से ऐप्लिकेशन अपने आप इंस्टॉल हुए हैं:
{ "type": "object", "properties": { "applications": { "type": "array", "items": { "type": "object", "properties": { "packageName": { "विवरण": "Android app पहचानकर्ता, उदाहरण के लिए, Gmail के लिए "com.google.android.gm"", "type": "string" }, "installType": { "विवरण": "बताता है कि कोई ऐप्लिकेशन कैसे इंस्टॉल किया जाता है. OPTIONAL: ऐप्लिकेशन अपने आप इंस्टॉल नहीं होते हैं, लेकिन उपयोगकर्ता इसे इंस्टॉल कर सकते हैं. अगर यह नीति बताई नहीं गई है, तो ऐसा डिफ़ॉल्ट रूप से होता है. PRELOAD: ऐप्लिकेशन अपने आप इंस्टॉल हो जाता है, लेकिन उपयोगकर्ता उसे अनइंस्टॉल कर सकते हैं. FORCE_INSTALLED: ऐप्लिकेशन अपने आप इंस्टॉल हो जाता है और उपयोगकर्ता उसे अनइंस्टॉल नहीं कर सकते हैं. BLOCKED: ऐप्लिकेशन ब्लॉक हो जाता है और उसे इंस्टॉल नहीं किया जा सकता है. अगर ऐप्लिकेशन को किसी पुरानी नीति के अंदर इंस्टॉल किया गया था, तो उसे अनइंस्टॉल कर दिया जाएगा.", "type": "string", "enum": [ "OPTIONAL", "PRELOAD", "FORCE_INSTALLED", "BLOCKED" ] }, "defaultPermissionPolicy": { "विवरण": "ऐप्लिकेशन को अनुमति देने के अनुरोधों के लिए नीति. PERMISSION_POLICY_UNSPECIFIED: नीति बताई नहीं गई है. अगर किसी अनुमति के लिए किसी भी स्तर पर कोई नीति बताई नहीं गई है, तो डिफ़ॉल्ट रूप से `PROMPT` व्यवहार का इस्तेमाल किया जाता है. PROMPT: अनुमति देने के लिए उपयोगकर्ता को संकेत दें. GRANT: अपने आप कोई अनुमति दें. DENY: अपने आप कोई अनुमति अस्वीकार करें.", "type": "string", "enum": [ "PERMISSION_POLICY_UNSPECIFIED", "PROMPT", "GRANT", "DENY" ] }, "managedConfiguration": { "विवण": "कुंजी-मान जोड़ों के समूह के साथ ऐप्लिकेशन-विशिष्ट JSON कॉन्फ़िगरेशन ऑब्जेक्ट, उदाहरण के लिए. '"managedConfiguration": { "key1": value1, "key2": value2 }'. कुंजियां ऐप मेनिफ़ेस्ट में निर्धारित होती हैं.", "type": "object" } } } } } }
ऐप को लॉन्चर में पिन करने के लिए, PinnedLauncherApps देखें.
Android ऐप्लिकेशन इंस्टॉल करते समय होने वाले खास इवेंट के बारे में Google को रिपोर्ट करती है. सिर्फ़ उन्हीं ऐप्लिकेशन के इवेंट कैप्चर किए जाते हैं जिनके इंस्टॉलेशन को नीति के ज़रिए शुरू हुआ था.
अगर नीति सही पर सेट हो, तो इवेंट लॉग किए जाएंगे. अगर नीति गलत पर सेट हो या सेट नहीं की गई हो, तो इवेंट लॉग नहीं किए जाएंगे.
यह नीति Android बैकअप और बहाली की शुरुआती स्थिति को नियंत्रित करती है.
जब इस नीति को कॉन्फ़िगर नहीं किया जाता है या BackupAndRestoreDisabled पर सेट किया जाता है, तो Android बैकअप और बहाली को शुरुआती तौर पर बंद कर दिया जाता है.
जब इस नीति को BackupAndRestoreEnabled पर सेट किया जाता हैै, तो Android बैकअप और बहाली को शुरुआती तौर पर चालू कर दिया जाता है.
जब इस नीति को BackupAndRestoreUnderUserControl पर सेट किया जाता है, तो इस्तेमाल करने वाले से यह चुनने के लिए कहा जाता है कि Android बैकअप और बहाली का इस्तेमाल करना है या नहीं. अगर इस्तेमाल करने वाला बैकअप और बहाली की सुविधा चालू करता है, तो Android ऐप्लिकेशन डेटा Android बैकअप सर्वर पर अपलोड किया जाता है. साथ ही, संगत ऐप्लिकेशन से दोबारा इंस्टॉलेशन के लिए उन्हें बहाल कर दिया जाता है.
ध्यान रखें कि यह नीति सिर्फ़ शुरुआती सेटअप के दौरान ही Android बैकअप और बहाली को नियंत्रित करती है. इसके बाद इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति, Android सेटिंग खोलकर Android बैकअप और बहाली की सुविधा चालू/बंद कर सकता है.
यह नीति 'Google की जगह की जानकारी वाली सेवा' की शुरुआती स्थिति नियंत्रित करती है.
जब यह नीति कॉन्फ़िगर नहीं की गई हो या GoogleLocationServicesDisabled पर सेट किया गया हो, तो 'Google की जगह की जानकारी वाली सेवाएं' शुरुआती तौर पर बंद रहती हैं.
जब इस नीति को GoogleLocationServicesEnabledपर सेट किया जाता है, तो Google की जगह की जानकारी वाली सेवाएं' शुरुआती तौर पर चालू रहती हैं.
जब इस नीति को GoogleLocationServicesUnderUserControl पर सेट किया जाता हैै, तो इस्तेमाल करने वाले से पूछा जाता है कि 'Google की जगह की जानकारी वाली सेवाओं' का इस्तेमाल करना है या नहीं. इससे Android ऐप्लिकेशन डिवाइस की जगह की क्वेरी करने के लिए सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं. साथ ही, इससे जगह की जानकारी ज़ाहिर न करने वाले डेटा, Google को सबमिट करने की सुविधा भी चालू हो जाती है.
ध्यान रखें कि यह नीति सिर्फ़ शुरुआती सेटअप के दौरान ही 'Google की जगह की जानकारी वाली सेवाएं' नियंत्रित करती है. इसके बाद इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति, Android सेटिंग खोलकर 'Google की जगह की जानकारी वाली सेवाएं' चालू/बंद कर सकता है.
ध्यान रखें कि जब DefaultGeolocationSetting नीति को BlockGeolocation पर सेट किया जाता है, तो इस नीति को अनदेखा किया जाता है. साथ ही, 'Google की जगह की जानकारी वाली सेवाएं' हमेशा बंद रहती हैं.
अगर SyncDisabled पर सेट की गई हो या कॉन्फ़िगर नहीं की गई हो, तो Google Chrome OS प्रमाणपत्र ARC-ऐप्लिकेशन के लिए उपलब्ध नहीं होते.
अगर CopyCaCerts पर सेट की गई हो, तो सभी ONC-इंस्टॉल किए गए Web TrustBit युक्त CA प्रमाणपत्र ARC-ऐप्लिकेशन के लिए उपलब्ध होते हैं.
यह नीति Google Assistant को स्क्रीन की सामग्री एक्सेस करने और सर्वर पर जानकारी भेजने की अनुमति देती है. अगर यह नीति चालू की जाती है, तो Google Assistant को स्क्रीन की सामग्री एक्सेस करने की अनुमति मिल जाएगी. अगर यह नीति बंद कर दी जाती है, तो Google Assistant को स्क्रीन की सामग्री एक्सेस करने की अनुमति नहीं मिल पाएगी. अगर नीति सेट नहीं की जाती है, तो उपयोगकर्ता यह तय कर सकते हैं कि Google Assistant स्क्रीन की सामग्री एक्सेस करने की अनुमति दी जाए या नहीं
यह नीति Google Assistant को चालू किए जाने के लिए, बोले गए पासवर्ड को सुनने की अनुमति देती है.
अगर यह नीति चालू की जाती है, तो Google Assistant को बोला गया पासवर्ड सुनकर चालू होने की अनुमति मिल जाती है. अगर यह नीति बंद की जाती है, तो Google Assistant को बोला गया पासवर्ड सुनकर चालू होने की अनुमति मिल जाती है. अगर नीति सेट नहीं है, तो Google Assistant को बोला गया पासवर्ड सुनकर चालू होने की अनुमति नहीं मिलेगी.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट की जाती है या इसे सेट नहीं किया जाता है तो, Google Cast को चालू कर दिया जाएगा और उपयोगकर्ता इसे ऐप्लिकेशन मेन्यू, पेज संदर्भ मेन्यू, Cast चालू वेबसाइट पर मीडिया नियंत्रणों और (अगर दिखाया जाता है तो) Cast टूलबार आइकॉन से लॉन्च कर पाएंगे.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट की जाती है तो, Google Cast को बंद कर दिया जाएगा.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट है, तो 'Cast टूलबार आइकॉन' हमेशा टूलबार या ओवरफ़्लो मेन्यू पर दिखाया जाएगा और उपयोगकर्ता उसे हटा नहीं पाएंगे.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट है या इसे सेट नहीं किया जाता है, तो उपयोगकर्ता इसके 'संदर्भ मेन्यू' के ज़रिए आइकॉन पिन कर पाएंगे या उसे हटा पाएंगे.
अगर "EnableMediaRouter" नीति 'गलत' पर सेट है, तो इस नीति के मान का कोई असर नहीं होगा और टूलबार आइकॉन नहीं दिखाया जाएगा.
सही पर सेट होने पर Google Chrome OS Files ऐप्लिकेशन में Google डिस्क सिंक को बंद कर देती है. उस स्थिति में, Google डिस्क पर कोई डेटा अपलोड नहीं किया जाता.
अगर सेट नहीं की जाती या गलत पर सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता फ़ाइलों को Google डिस्क पर स्थानान्तरित कर सकेंगे.
यह नीति उपयोगकर्ता को 'Android Google डिस्क ऐप्लिकेशन' का उपयोग करने से नहीं रोकती. अगर आप 'Google डिस्क' का एक्सेस रोकना चाहते हैं, तो आपको 'Android Google डिस्क ऐप्लिकेशन' के इंस्टॉलेशन की अनुमति भी नहीं देनी चाहिए.
सही पर सेट होने पर मोबाइल इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग करते समय Google Chrome OS Files ऐप्लिकेशन में Google डिस्क सिंक को बंद करती है. उस स्थिति में, डेटा को Google डिस्क में तभी सिंक किया जाता है जब WiFi या ईथरनेट से कनेक्ट किया गया हो.
अगर सेट नहीं हो या गलत पर सेट हो, तो उपयोगकर्ता फ़ाइलों को मोबाइल इंटरनेट कनेक्शन से Google डिस्क में स्थानान्तरित कर सकेगा.
इस नीति का Android Google डिस्क ऐप्लिकेशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. यदि आप मोबाइल इंटरनेट कनेक्शन पर Google डिस्क का उपयोग रोकना चाहते हैं, तो आपको Android Google डिस्क ऐप्लिकेशन को इंस्टॉल करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए.
यह नीति किसी वैकल्पिक ब्राउज़र में यूआरएल खोलने के मकसद से इस्तेमाल किए जाने वाले निर्देश को नियंत्रित करती है.
इस नीति को सेट नहीं किए जाने पर प्लैटफ़ॉर्म-आधारित डिफ़ॉल्ट, यानी Windows के लिए Internet Explorer का या Mac OS X के लिए Safari का इस्तेमाल किया जाता है. अगर नीति सेट नहीं की जाती है, तो Linux पर वैकल्पिक ब्राउज़र नहीं खोला जा सकेगा.
जब इस नीति को ${ie}, ${firefox}, ${safari} या ${opera} में से किसी एक पर सेट किया जाता है, तो इंस्टॉल किए होने पर वह ब्राउज़र लॉन्च हो जाएगा. ${ie} सिर्फ़ Windows पर, और ${safari} सिर्फ़ Windows और Mac OS X पर उपलब्ध है.
जब यह नीति किसी फ़ाइल पाथ पर सेट की जाती है, तो एक्ज़ीक्यूटेबल फ़ाइल के तौर पर उस फ़ाइल का इस्तेमाल किया जाता है.
यह नीति वैकल्पिक ब्राउज़र में लॉन्च किए जाने वाले कमांड-लाइन पैरामीटर नियंत्रित करती है.
जब यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो कमांड-लाइन पैरामीटर के तौर सिर्फ़ यूआरएल भेजा जाता है.
जब इस नीति को स्ट्रिंग की सूची पर सेट किया जाता है, तो वैकल्पिक ब्राउज़र को हर स्ट्रिंग अलग-अलग कमांड-लाइन पैरामीटर के तौर पर भेजी जाती है. Windows पर, खाली जगहों के ज़रिए पैरामीटर जोड़ दिए जाते हैं. Mac OS X और Linux पर, किसी पैरामीटर में खाली जगहें हो सकती हैं, लेकिन फिर भी उसे एक पैरामीटर के रूप में माना जाता है.
अगर वेबसाइट किसी हिस्से में ${url} मौजूद है, तो उसे खुलने वाले पेज के यूआरएल से बदल दिया जाता है.
अगर वेबसाइट किसी हिस्से में ${url} मौजूद नहीं है, तो कमांड लाइन के आखिर में यूआरएल जोड़ दिया जाता है.
वातावरण वैरिएबल एक्सपैंड किए जाते हैं. Windows पर, %ABC% को ABC वातावरण वैरिएबल के मान से बदल दिया जाता है. Mac OS X और Linux पर, ${ABC} को ABC वातावरण वैरिएबल के मान से बदल दिया जाता है.
यह नीति Internet Explorer से स्विच करते समय Google Chrome में यूआरएल खोलने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले निर्देश को नियंत्रित करती है.
अगर Internet Explorer पर 'पुराने ब्राउज़र के लिए मदद' ऐड-इन इंस्टॉल नहीं है, तो यह नीति काम नहीं करेगी.
इस नीति को सेट न किए जाने पर, Internet Explorer से Google Chrome लॉन्च होते समय वह Google Chrome के तय किए गए पाथ का अपने आप पता लगा लेगा.
इस नीति को सेट न किए जाने पर, Internet Explorer से Google Chrome की लॉन्चिंग करते समय इसका इस्तेमाल Google Chrome को लॉन्च करने के लिए किया जाएगा.
इस नीति को तय किए जा सकने वाले फ़ाइल के पाथ या ${chrome} पर सेट किया जा सकता है ताकि Chrome पर इंस्टॉल करने की जगह का अपने आप पता लगाया जा सके.
यह नीति Internet Explorer से Chrome के लिए कमांड-लाइन पैरामीटर को नियंत्रित करती है.
अगर Internet Explorer पर 'पुराने ब्राउज़र के लिए मदद' ऐड-इन इंस्टॉल नहीं है, तो यह नीति काम नहीं करेगी.
जब यह नीति सेट नहीं की जाती, तब Internet Explorer, Chrome को सिर्फ़ कमांड-लाइन पैरामीटर के तौर पर यूआरएल पास करता है.
जब यह नीति स्ट्रिंग की सूची पर सेट होती है तब खाली जगहों की मदद से स्ट्रिंग को आपस में जोड़ दिया जाता है. साथ ही, कमांड-लाइन पैरामीटर के तौर पर Chrome को पास कर दिया जाता है.
अगर वेबसाइट के किसी हिस्से में ${url} मौजूद है, तो उसे खुलने वाले पेज के यूआरएल से बदल दिया जाता है.
अगर वेबसाइट के किसी हिस्से में ${url} मौजूद नहीं है, तो कमांड लाइन के आखिर में यूआरएल जोड़ दिया जाता है.
यहां दिए गए वैरिएबल का आकार बढ़ाया जाता है. Windows पर, %ABC% को ABC वैरिएबल के मान से बदल दिया जाता है.
इस नीति से यह तय होता है कि किसी वैकल्पिक ब्राउज़र को लॉन्च करने से पहले कितनी देर (मिलीसेकंड में) इंतज़ार करना चाहिए.
जब कोई नीति सेट नहीं की जाती या शून्य पर सेट की जाती है, तो दिए गए यूआरएल पर नेविगेट करने से वह तुरंत वैकल्पिक ब्राउज़र में खुल जाता है.
जब नीति को किसी संख्या पर सेट किया जाता है, तो Chrome उतने मिलीसेकंड के लिए मैसेज दिखाता है. इसके बाद वैकल्पिक ब्राउज़र खोलता है.
यह नीति तय करती है कि 'पुराने ब्राउज़र के लिए मदद' चालू की जाए या नहीं.
जब यह नीति सेट नहीं की जाती है या गलत पर सेट होती है, तो Chrome दिए गए यूआरएल किसी दूसरे ब्राउज़र में खोलने की कोशिश नहीं करेगा.
जब यह नीति सही पर सेट की हुई होती है, तो Chrome कुछ यूआरएल दूसरे ब्राउज़र (जैसे Internet Explorer) पर खोलने की कोशिश करेगा. यह सुविधा Legacy Browser support समूह की नीतियों का इस्तेमाल करके कॉन्फ़िगर की गई है.
यह सुविधा 'Legacy Browser Support' एक्सटेंशन के बदले में है. एक्सटेंशन का कॉन्फ़िगरेशन इस सुविधा पर लागू होगा, लेकिन इस बात की पुरज़ोर सलाह दी जाती है कि इसके बजाय Chrome नीतियों का इस्तेमाल करें. इससे आने वाले समय में बेहतर तरीके से काम होता है.
यह नीति ऐसा यूआरएल है, जो Internet Explorer की SiteList नीति के फ़ॉर्मैट की तरह ही एक्सएमएल फ़ाइल की ओर संकेत करता है. इससे एक एक्सएमएल फ़ाइल के नियम लोड हो जाते हैं, और उन नियमों को Internet Explorer के साथ शेयर करने की ज़रूरत भी नहीं होती.
जब इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, या किसी मान्य यूआरएल पर सेट नहीं किया जाता है, तो Google Chrome इसका इस्तेमाल ब्राउज़र के बीच आने-जाने के नियमों के स्रोत की तरह नहीं किया जाता.
जब इस नीति को एक मान्य यूआरएल पर सेट किया जाता है, तो Google Chrome उस यूआरएल से साइट की सूची डाउनलोड करता है, और नियमों को इस तरह लागू करता है जैसे कि उन्हें BrowserSwitcherUrlList नीति के ज़रिए कॉन्फ़िगर किया गया हो.
Internet Explorer की SiteList नीति पर ज़्यादा जानकारी के लिए : https://docs.microsoft.com/internet-explorer/ie11-deploy-guide/what-is-enterprise-mode
इस नीति से यह तय होता है कि आखिरी टैब के दूसरे ब्राउज़र पर स्विच होने की स्थिति में Chrome को पूरी तरह बंद किया जाए या नहीं.
जब यह नीति सेट नहीं होती या इसे सही पर सेट किया जाता है, तो किसी दूसरे ब्राउज़र पर स्विच करने के बाद Chrome कम से कम एक टैब खुला रखेगा.
जब यह नीति गलत पर सेट होती है, तब किसी दूसरे ब्राउज़र में स्विच करने के बाद Chrome टैब को बंद कर देगा, चाहे वह आखिरी टैब ही क्यों न हो. इस तरह Chrome पूरी तरह से बंद हो जाएगा.
यह नीति किसी वैकल्पिक ब्राउज़र में खोलने के लिए वेबसाइटों की सूची को नियंत्रित करती है.
ध्यान रखें कि BrowserSwitcherUseIeSitelist और BrowserSwitcherExternalSitelistUrl नीतियों के ज़रिए इस सूची में एलीमेंट भी जोड़े जा सकते हैं.
जब इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो सूची में कोई वेबसाइट नहीं जोड़ी जाती.
जब यह नीति सेट की जाती है, तो हर एक आइटम को ऐसे नियम के रूप में माना जाता है जिससे कोई चीज़ वैकल्पिक ब्राउज़र में खुलेगी. Google Chrome उन नियमों का इस्तेमाल यह चुनने के लिए करता है कि क्या यूआरएल को किसी वैकल्पिक ब्राउज़र में खुलना चाहिए.
जब Internet Explorer का ऐड-इन मौजूद हो और उसे चालू किया गया हो, तो नियमों का मिलान न होने पर Internet Explorer वापस Google Chrome पर आ जाता है.
अगर नियमों का एक-दूसरे से टकराव होता है, तो Google Chrome सबसे खास नियम का इस्तेमाल करता है.
यह नीति उन वेबसाइट की सूची नियंत्रित करती है जिनकी वजह से कभी भी ब्राउज़र नहीं बदलेगा.
ध्यान रखें कि BrowserSwitcherUseIeSitelist और BrowserSwitcherExternalSitelistUrl नीतियों के ज़रिए इस सूची में एलीमेंट भी जोड़े जा सकते हैं.
जब इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो सूची में कोई वेबसाइट नहीं जोड़ी जाती.
जब यह नीति सेट की जाती है, तो हर एक आइटम को एक नियम की तरह माना जाता है, जो BrowserSwitcherUrlList की नीति की तरह होता है. हालांकि, तर्क इसके उलट है : जिन नियमों का मिलान होता है उनसे कोई वैकल्पिक ब्राउज़र नहीं खुलेगा.
BrowserSwitcherUrlList के उलट, नियम दोनों दिशाओं से लागू होते हैं. इसका मतलब है कि, जब Internet Explorer का ऐड-इन मौजूद हो और उसे चालू किया गया हो, तो नीति यह भी नियंत्रित करती है कि Internet Explorer को ये यूआरएल Google Chrome में खोलने चाहिए या नहीं.
यह नीति नियंत्रित करती है कि Internet Explorer की SiteList नीति से नियमों को लोड किया जाना है या नहीं.
जब यह नीति सेट नहीं की जाती है या 'गलत' पर सेट की जाती है, तो Google Chrome ब्राउज़र में बदलाव करने के लिए नियमों के स्रोत के तौर पर Internet Explorer की SiteList नीति का इस्तेमाल नहीं करता है.
जब यह नीति 'सही' पर सेट की जाती है, तो Google Chrome साइट सूची का यूआरएल पाने के लिए Internet Explorer की SiteList को पढ़ता है. फिर Google Chrome उस यूआरएल से साइट सूची डाउनलोड कर लेता है और नियमों को इस तरह लागू करता है जैसे उन्हें BrowserSwitcherUrlList नीति के ज़रिए कॉन्फ़िगर किया गया हो.
Internet Explorer की SiteList नीति के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए यहां देखें: https://docs.microsoft.com/internet-explorer/ie11-deploy-guide/what-is-enterprise-mode
आपको यह नियंत्रित करने देती है कि Chrome OS पर वर्चुअल मशीनें चलाने की अनुमति देनी है या नहीं.
अगर नीति 'सही' पर सेट होती है, तो डिवाइस को वर्चुअल मशीनें चलाने की अनुमति होती है. अगर नीति 'गलत' पर सेट होती है, तो डिवाइस को वर्चुअल मशीनें चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. तीनों नीतियों, VirtualMachinesAllowed, CrostiniAllowed और DeviceUnaffiliatedCrostiniAllowed का उस समय 'सही' होना ज़रूरी है जब उन्हें Crostini को चलाने देने के लिए लागू किया जाता है. जब यह नीति 'गलत' में बदली जाती है, तो यह नई वर्चुअल मशीनें शुरू करने के लिए लागू की जाती है लेकिन यह उन वर्चुअल मशीनों को बंद नहीं करती है जो पहले से चल रही हैं. जब यह नीति किसी प्रबंधित डिवाइस पर सेट नहीं होती है, तो डिवाइस को वर्चुअल मशीनें चलाने की अनुमति नहीं दी जाती है. अप्रबंधित डिवाइस को वर्चुअल मशीनें चलाने की अनुमति होती है.
इस उपयोगकर्ता को Crostini को चलाने दें.
अगर नीति 'गलत' पर सेट होती है, तो Crostini को उपयोगकर्ता के लिए चालू नहीं किया गया है. अगर नीति 'सही' पर सेट होती है या सेट नहीं होती है, तो उपयोगकर्ता के लिए Crostini तब तक चालू रहता है जब तक कि दूसरी सेटिंग भी उसे अनुमति देती हैं. तीनों नीतियों, VirtualMachinesAllowed, CrostiniAllowed और DeviceUnaffiliatedCrostiniAllowed का उस समय 'सही' होना ज़रूरी है जब उन्हें Crostini को चलाने देने के लिए लागू किया जाता है. जब यह नीति 'गलत' में बदली जाती है, तो यह नए Crostini कंटेनर शुरू करने पर लागू हो जाती है लेकिन यह ऐसे कंटेनर को बंद नहीं करती है जो पहले से चल रहे हैं.
अगर नीति 'गलत' पर सेट होती है, तो असंबद्ध उपयोगकर्ताओं को Crostini का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा.
अगर नीति सेट नहीं होती है या 'सही' पर सेट होती है, तो सभी उपयोगकर्ताओं को तब तक Crostini चलाने की अनुमति होती है जब तक कि दूसरी सेटिंग इसकी अनुमति देती हैं. तीनों नीतियों, VirtualMachinesAllowed, CrostiniAllowed और DeviceUnaffiliatedCrostiniAllowed का उस समय 'सही' होना ज़रूरी है जब उन्हें Crostini को चलाने देने के लिए लागू किया जाता है. जब यह नीति 'गलत' में बदली जाती है, तो यह नए When this policy is changed to false, it applies to starting new Crostini कंटेनर शुरू करने पर लागू होती है लेकिन यह ऐसे कंटेनर को बंद नहीं करती है जो पहले से चल रहे हैं.
अगर नीति गलत पर सेट होती है, तो एक्सपोर्ट / इंपोर्ट यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई), उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं होंगे, हालांकि तब भी कंटेनर इमेज को एक्सपोर्ट और इंपोर्ट करने के लिए, सीधे वर्चुअल मशीन में 'lxc' कमांड का इस्तेमाल किया जा सकेगा.
यह नीति वह दर (दिनों में) तय करती है जिस दर से क्लाइंट मशीन से जनरेट किया गया अपना 'खाता पासवर्ड' बदलता है. क्लाइंट जो पासवर्ड जनरेट करता है, वह रैंडम (किसी तय क्रम या तरीके के बिना) होता है और वह उपयोगकर्ता को दिखाई नहीं देता.
'उपयोगकर्ता पासवर्ड' की तरह ही, मशीन से जनरेट पासवर्ड भी नियमित रूप से बदले जाने चाहिए. इस नीति को बंद करने या ज़्यादा दिन के लिए सेट करने से सुरक्षा पर गलत असर पड़ सकता है क्योंकि इससे उन लोगों को मशीन से जनरेट 'खाता पासवर्ड' ढूंढने और उसका इस्तेमाल करने के लिए ज़्यादा समय मिल जाता है जो आपके खाते पर हमला कर सकते हैं.
अगर नीति सेट नहीं है तो, मशीन से जनरेट 'खाता पासवर्ड' हर 30 दिन में बदल जाता है.
अगर नीति को 0 पर सेट किया जाता है तो, मशीन से जनरेट 'खाता पासवर्ड' को बदलने की सुविधा बंद हो जाती है.
ध्यान दें कि अगर क्लाइंट लंबे समय से ऑफ़लाइन है तो, पासवर्ड तय किए गए दिनों की संख्या से ज़्यादा पुराने हो सकते हैं.
यह नीति बताती है कि कंप्यूटर जीपीओ के ज़रिए उपयोगकर्ता नीति को प्रोसेस करना है या नहीं और अगर करना है तो, कैसे करना है.
अगर नीति 'डिफ़ॉल्ट' पर सेट की जाती है या सेट नहीं की जाती है तो, उपयोगकर्ता नीति सिर्फ़ उपयोगकर्ता जीपीओ से पढ़ी जाती है (कंप्यूटर जीपीओ को अनदेखा किया जाता है).
अगर नीति 'साथ मिलाएं' पर सेट की जाती है तो, उपयोगकर्ता जीपीओ में मौजूद उपयोगकर्ता नीति को कंप्यूटर जीपीओ की उपयोगकर्ता नीति के साथ मिला दिया जाता है (कंप्यूटर जीपीओ को प्राथमिकता मिलती है).
अगर नीति 'बदलें' पर सेट की जाती है तो, उपयोगकर्ता जीपीओ में मौजूद उपयोगकर्ता नीति को कंप्यूटर जीपीओ की उपयोगकर्ता नीति से बदल दिया जाता है (उपयोगकर्ता जीपीओ को अनदेखा किया जाता है).
यह वे सुरक्षा प्रकार सेट करती है जिनकी अनुमति किसी Microsoft® Active Directory® सर्वर से केर्बेरोस टिकट का अनुरोध करने पर मिल जाती है.
अगर नीति 'सभी' पर सेट होती है तो, 'aes256-cts-hmac-sha1-96' और 'aes128-cts-hmac-sha1-96' दोनों AES सुरक्षा प्रकार और साथ ही RC4 सुरक्षा प्रकार 'rc4-hmac' की अनुमति होती है. अगर सर्वर पर दोनों प्रकार काम करते हैं तो, AES सुरक्षा प्रकार को प्राथमिकता दी जाती है. ध्यान दें कि RC4 असुरक्षित होता है और अगर सर्वर पर AES सुरक्षा काम कर सकती है तो, सर्वर को इसके लिए फिर से कॉन्फ़िगर करना चाहिए.
अगर नीति 'मज़बूत' पर सेट होती है या वह सेट नहीं होती है तो, सिर्फ़ AES सुरक्षा प्रकारों की अनुमति होती है.
अगर नीति 'विरासती' पर सेट होती है तो, सिर्फ़ RC4 सुरक्षा प्रकार की अनुमति होती है. यह विकल्प असुरक्षित होता है और इसकी सिर्फ़ बहुत ही खास परिस्थितियों में ज़रूरत होनी चाहिए.
https://wiki.samba.org/index.php/Samba_4.6_Features_added/changed#Kerberos_client_encryption_types भी देखें.
समूह नीति ऑब्जेक्ट (जीपीओ) कैश का जीवनकाल (घंटों में) तय करती है. हर एक नीति को लाए जाने पर जीपीओ फिर से डाउनलोड करने के बजाय, सिस्टम तब तक कैश किए गए जीपीओ इस्तेमाल कर सकता है जब तक कि उनके वर्शन में बदलाव नहीं होता. यह नीति उस ज़्यादा से ज़्यादा कुल समय को तय करती है जिसके लिए जीपीओ डाउनलोड करने से पहले कैश किए गए जीपीओ फिर से इस्तेमाल किए जा सकते हैं. फिर चालू करने और लॉग आउट करने से कैश हट जाता है.
अगर नीति सेट नहीं की जाती है, तो कैश किए गए जीपीओ 25 घंटों तक फिर से इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
अगर नीति शून्य पर सेट की जाती है, तो जीपीओ कैश करने की सुविधा बंद हो जाती है. ध्यान रखें कि इससे सर्वर पर लोड बढ़ जाता है क्योंकि हर एक नीति को लाए जाने पर जीपीओ फिर से डाउनलोड किए जाते हैं, भले ही उनमें बदलाव न हुआ हो.
प्रमाणीकरण डेटा कैश का जीवनकाल (घंटों में) तय करती है. कैश का इस्तेमाल साइन-इन की गति बढ़ाने के लिए किया जाता है. इसमें जुड़े हुए क्षेत्रों, यानी मशीन क्षेत्र के भरोसेमंद क्षेत्रों के बारे में सामान्य डेटा (वर्कग्रुप का नाम वगैरह) शामिल होता है. उपयोगकर्ता का खास डेटा और नहीं जुड़े हुए क्षेत्रों का डेटा कैश नहीं किया जाता है. डिवाइस को फिर चालू करने से कैश हट जाता है.
अगर नीति सेट नहीं की जाती है, तो कैश किया गया प्रमाणीकरण डेटा 73 घंटों तक फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है.
अगर नीति को शून्य पर सेट किया जाता है, तो प्रमाणीकरण डेटा कैश करने की सुविधा बंद कर दी जाती है. इससे जुड़े हुए उपयोगकर्ताओं की साइन-इन प्रक्रिया काफ़ी हद तक धीमी हो जाती है क्योंकि खास क्षेत्र का डेटा हर एक साइन-इन पर लाना पड़ता है.
ध्यान रखें कि क्षेत्र का डेटा कम समय के उपयोगकर्ताओं के लिए भी कैश किया जाता है. अगर कम समय के उपयोगकर्ताओं को ट्रेस करने से बचाया जाना हो तो कैश को बंद कर दिया जाना चाहिए.
इस डिवाइस को PluginVm चलाने की मंज़ूरी दें.
अगर नीति को गलत पर सेट किया जाता है या सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो डिवाइस के लिए PluginVm चालू नहीं होता है. अगर सही पर सेट किया जाता है, तो डिवाइस के लिए PluginVm तब तक चालू रहता है जब तक कि दूसरी सेटिंग भी उसे मंज़ूरी नहीं देतीं. PluginVmAllowed का सही होना ज़रूरी है, PluginVmLicenseKey और PluginVmImage को चलाने की मंज़ूरी दिए जाने के लिए PluginVm का सेट होना ज़रूरी है.
यह नीति इस डिवाइस के लिए PluginVm लाइसेंस कुंजी के बारे में बताती है.
यह नीति किसी उपयोगकर्ता के लिए PluginVm इमेज के बारे में बताती है. नीति को वह यूआरएल तय करके सेट किया जाता है जिससे डिवाइस इमेज डाउनलोड कर सकता है. डाउनलोड बिल्कुल ठीक है, इस बात की पुष्टि करने के लिए एक SHA-256 हैश का इस्तेमाल किया जाता है.
नीति को एक ऐसी स्ट्रिंग के तौर पर दिया जाना चाहिए जो यूआरएल और हैश को JSON फ़ॉर्मैट में बताए.
उन यूएसबी डिवाइस की सूची तय करती जिन्हें किसी वेब ऐप्लिकेशन के अंदर chrome.usb API (एपीआई) के ज़रिए उपयोग किए जाने के लिए उनके kernel डिस्क से अलग करने की अनुमति है. किसी खास हार्डवेयर की पहचान करने के लिए एंट्री, यूएसबी विक्रेता पहचानकर्ता और उत्पाद पहचानकर्ता का जोड़ा होती हैं.
अगर यह पॉलिसी कॉन्फ़िगर नहीं की जाती तो, अलग करने लायक यूएसबी डिवाइस की सूची खाली रहती है.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट की जाती है तो, Google Chrome OS ब्लूटूथ को बंद कर देगा और उपयोगकर्ता उसे वापस चालू नहीं कर पाएगा.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट की जाती है या उसे सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो उपयोगकर्ता अपनी मर्ज़ी से ब्लूटूथ को चालू या बंद कर सकेगा.
अगर यह नीति सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता उसे न ही बदल सकता है और न ही रद्द कर सकता है.
ब्लूटूथ चालू करने के बाद, बदलावों को लागू करने के लिए उपयोगकर्ता को पहले लॉग आउट करके फिर से लॉग इन करना होगा (ब्लूटूथ बंद करते समय ऐसा करने की ज़रूरत नहीं है).
TPM फ़र्मवेयर अपडेट होने की क्षमता की मौजूदगी और व्यवहार को कॉन्फ़िगर करती है.
जेएसओएन प्रॉपर्टी में अलग-अलग सेटिंग तय की जा सकती हैं:
allow-user-initiated-powerwash: अगर true पर सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता TPM फ़र्मवेयर अपडेट इंस्टॉल करने के लिए पावरवॉश फ़्लो को शुरू कर सकेंगे.
allow-user-initiated-preserve-device-state: अगर true पर सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता TPM फ़र्मवेयर अपडेट फ़्लो शुरू कर पाएंगे जो सभी डिवाइस की स्थिति (एंटरप्राइज़ में नाम दर्ज कराना सहित) सुरक्षित रखता है, लेकिन उपयोगकर्ता का डेटा खो देता है. यह अपडेट 68 और उसके बाद के वर्शन पर उपलब्ध है.
auto-update-mode: यह जोखिम भरे TPM फ़र्मवेयर के लिए अपने आप काम करने वाले TPM फ़र्मवेयर अपडेट लागू करना नियंत्रित करता है. ये सभी फ़्लो लोकल डिवाइस की स्थिति को सुरक्षित रखते हैं. अगर इसे 1 पर सेट किया जाता है या बिना सेट किए ही छोड़ दिया जाता है, तो TPM फ़र्मवेयर अपडेट नहीं होगा. TPM फ़र्मवेयर को 2 पर सेट करते हैं, तो यह अगली बार फिर से चालू करने के बाद अपडेट हो जाएगा. ऐसा तब होगा जब इस्तेमाल करने वाला अपडेट की मंजूरी देगा. अगर TPM फ़र्मवेयर 3 पर सेट करते हैं, तो यह अगली बार दोबारा चालू करने के बाद अपडेट हो जाएगा. अगर TPM को 4 पर सेट करते हैं, तो उपयोग करने वाले के बाद और साइन इन करने से पहले अपडेट हो जाएगा. यह विकल्प, 74 और उसके बाद के वर्शन पर उपलब्ध है.
अगर नीति सेट नहीं है, तो TPM फ़र्मवेयर अपडेट की काम करने की क्षमता उपलब्ध नहीं होगी.
यह नीति 'डिवाइस नीति की जानकारी' के लिए क्वेरी की गई 'डिवाइस प्रबंधन सेवा' की अवधि को मिलीसेकंड में तय करती है.
यह नीति सेट करने से 3 घंटो का डिफ़ॉल्ट मान ओवरराइड हो जाता है. इस नीति के मान्य मान 1800000 (30 मिनट) से 86400000 (1 दिन) तक हैं. इस रेंज में न आने वाला कोई भी मान उसकी करीबी सीमा पर रख दिया जाएगा.
नीति सेट नहीं की जाती है तो, Google Chrome OS 3 घंटों के डिफ़ॉल्ट मान का उपयोग करेगा.
ध्यान दें कि अगर प्लैटफ़ॉर्म पर 'नीति के उल्लंघन की सूचनाओं' की सुविधा काम करती है तो, 'एक से दूसरे रीफ्रेश के बीच की देरी' को 24 घंटों (सभी डिफ़ॉल्ट और इस नीति के मान को अनदेखा करते हुए) पर सेट कर दिया जाएगा क्योंकि यह माना जाता है कि नीति में बदलाव होने पर 'नीति के उल्लंघन की सूचनाएं' अपने आप एक रीफ्रेश करेंगी. इस वजह से और जल्दी-जल्दी रीफ्रेश करने की ज़रूरत नहीं रह जाएगी.
डेवलपर मोड ब्लॉक करें.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट की जाती है, तो Google Chrome OS डिवाइस को डेवलपर मोड में बूट होने से रोकेगा. डेवलपर स्विच चालू होने पर सिस्टम बूट होने से मना कर देगा और एक गड़बड़ी वाली स्क्रीन दिखाएगा.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती या 'गलत' पर सेट की जाती है, तो डेवलपर मोड डिवाइस के लिए उपलब्ध रहेगा.
यह नीति सिर्फ़ Google Chrome OS के डेवलपर मोड को नियंत्रित करती है. अगर आप Android डेवलपर विकल्प का एक्सेस रोकना चाहते हैं, तो आपको DeveloperToolsDisabled नीति सेट करनी होगी.
एंटरप्राइज़ डिवाइस के आईटी व्यवस्थापक इस फ़्लैग का उपयोग यह नियंत्रित करने के लिए कर सकते हैं कि उपयोगकर्ताओं को Chrome OS पंजीकरण के ज़रिए ऑफ़र रिडीम कराने की अनुमति दी जाए या नहीं.
अगर यह नीति सही पर सेट है या सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो उपयोगकर्ता Chrome OS पंजीकरण के ज़रिए ऑफ़र रिडीम करा सकेंगे.
अगर यह नीति गलत पर सेट है, तो उपयोगकर्ता ऑफ़र रिडीम नहीं करा सकेंगे.
Quirks Server खास तौर पर हार्डवेयर के लिए बनी कॉन्फ़िगरेशन फ़ाइलें उपलब्ध कराता है, जैसे कि मॉनीटर का कैलिब्रेशन बदलने के लिए आईसीसी डिसप्ले प्रोफ़ाइल.
जब इस नीति को गलत पर सेट किया जाता है, तो डिवाइस अब कॉन्फ़िगरेशन फ़ाइलें डाउनलोड करने के लिए Quirks Server से संपर्क करने की कोशिश करेगा.
अगर यह नीति सही है या कॉन्फ़िगर नहीं की गई है, तो Google Chrome OS अपने आप ही Quirks Server से संपर्क करेगा. साथ ही, उपलब्ध होने पर कॉन्फ़िगरेशन फ़ाइलें डाउनलोड करके उन्हें डिवाइस पर सेव कर लेगा. उदाहरण के लिए, ऐसी फ़ाइलों का इस्तेमाल अटैच किए गए मॉनीटर की डिसप्ले क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है.
Google Chrome OS ऐप्लिकेशन और एक्सटेंशन को कैश मेमोरी में सेव करता है ताकि किसी एक डिवाइस पर एक से ज़्यादा उपयोगकर्ताओं को उन ऐप्लिकेशन और एक्सटेंशन को बार-बार डाउनलोड करने की ज़रूरत न पड़े. अगर यह नीति कॉन्फ़िगर नहीं है या मान एक एमबी से कम है तो, Google Chrome OS कैश के डिफ़ॉल्ट आकार का उपयोग करेगा.
कैश मेमोरी का उपयोग Android ऐप्लिकेशन के लिए नहीं किया जाता है. अगर एक से ज़्यादा उपयोगकर्ता समान Android ऐप्लिकेशन इंस्टॉल करते हैं, तो उसे हर एक उपयोगकर्ता के लिए नए सिरे से डाउनलोड किया जाएगा.
अगर "OffHours" नीति सेट की जाती है तो, बताए गए समय अंतरालों के दौरान तय डिवाइस नीतियां (इन नीतियों की डिफ़ॉल्ट सेटिंग का इस्तेमाल करना) अनदेखी कर दी जाती हैं. जब "OffHours" समय सीमा शुरू या खत्म होती है तो, Chrome हर इवेंट पर डिवाइस नीतियां फिर से लागू करता है. "OffHours" समय खत्म होने पर उपयोगकर्ता को बताया जाएगा और उसे अपने आप साइन आउट कर दिया जाएगा और डिवाइस नीति की सेटिंग बदल दी जाएंगी (उदाहरण के लिए, जब उपयोगकर्ता ने किसी ऐसे खाते से लॉग इन किया हो जिसे मंज़ूरी नहीं मिली है).
नामांकित डिवाइस के OS और फ़र्मवेयर वर्शन की रिपोर्ट करें.
अगर यह सेटिंग सेट नहीं की जाती है या सही पर सेट की जाती है, तो नामांकित डिवाइस समय-समय- पर OS और फ़र्मवेयर वर्शन की रिपोर्ट करेंगे. अगर यह सेटिंग गलत पर सेट की जाती है, तो वर्शन जानकारी की रिपोर्ट नहीं की जाएगी.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
चालू करते समय उपकरण के डेवलपर स्विच की स्थिति की रिपोर्ट करें.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, या 'गलत' पर सेट की जाती है, तो डेवलपर स्विच की स्थिति की रिपोर्ट नहीं की जाएगी.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
उन डिवाइस उपयोगकर्ताओं की सूची की रिपोर्ट करें जिन्होंने हाल ही में प्रवेश किया है.
अगर नीति को गलत पर सेट किया जाता है, तो उपयोगकर्ताओं की रिपोर्ट नहीं की जाएगी.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
डिवाइस की गतिविधि से जुड़े समय के बारे में बताएं.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है या सही पर सेट की जाती है तो, वैसे डिवाइस जिनका नाम दर्ज है, वे डिवाइस पर उपयोगकर्ता के सक्रिय होने पर उसकी समय सीमा के बारे में बताएंगे. अगर यह नीति गलत पर सेट की जाती है तो, डिवाइस की गतिविधि से जुड़े समय को न तो रिकॉर्ड किया जाएगा और न ही इसके बारे में बताया जाएगा.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
नेटवर्क इंटरफ़ेस के प्रकारों और हार्डवेयर पतों सहित उनकी सूची सर्वर को रिपोर्ट करें.
अगर नीति गलत पर सेट की गई हो, तो इंटरफ़ेस की रिपोर्ट नहीं की जाएगी.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
CPU/RAM उपयोग जैसे हार्डवेयर के आंकड़ों की रिपोर्ट करें.
अगर नीति को असत्य पर सेट किया जाता है, तो आंकड़ों की रिपोर्ट नहीं की जाएगी. अगर सत्य पर सेट किया जाता है या सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो आंकड़ों की रिपोर्ट की जाएगी.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
ऐप्लिकेशन आईडी और वर्शन जैसे सक्रिय किओस्क सत्र के बारे में जानकारी की रिपोर्ट करें.
अगर नीति गलत पर सेट है, तो किओस्क सत्र की जानकारी की रिपोर्ट नहीं की जाएगी. अगर सही पर सेट है या सेट किए बिना छोड़ दी गई है, तो किओस्क सत्र की जानकारी की रिपोर्ट की जाएगी.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
SoC घटकों के लिए हार्डवेयर आंकड़ों और पहचानकर्ताओं की रिपोर्ट करें.
अगर नीति गलत पर सेट है, तो आंकड़ों की रिपोर्ट नहीं की जाएगी. अगर नीति को सही पर सेट किया जाता है या सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो आंकड़ों की रिपोर्ट की जाएगी.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
पावर से जुड़े हार्डवेयर आंकड़ों और पहचानकर्ताओं की रिपोर्ट करें.
अगर नीति गलत पर सेट है, तो आंकड़ों की रिपोर्ट नहीं की जाएगी. अगर नीति को सही पर सेट किया जाता है या सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो आंकड़ों की रिपोर्ट की जाएगी.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
मेमोरी डिवाइस से जुड़े हार्डवेयर आंकड़ों और पहचानकर्ताओं की रिपोर्ट करें.
अगर नीति गलत पर सेट है, तो आंकड़ों की रिपोर्ट नहीं की जाएगी. अगर नीति को सही पर सेट किया जाता है या सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो आंकड़ों की रिपोर्ट की जाएगी.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
डिवाइस स्थिति अपलोड भेजना कितने मिलीसेकंड में दोहराया जाता है.
अगर पॉलिसी सेट नहीं की गई हो, तो डिफ़ॉल्ट आवृत्ति 3 घंटे की होती है. कम से कम 60 सेकंड की आवृत्ति की अनुमति है.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
Android की स्थिति की जानकारी सर्वर को वापस भेज दी जाती है.
अगर नीति गलत पर सेट की जाती है या उसे सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो स्थिति की जानकारी की कोई रिपोर्ट नहीं की जाती. अगर सही पर सेट की जाती है, तो स्थिति की जानकारी की रिपोर्ट की जाती है.
यह नीति तभी लागू होती है अगर Android ऐप्लिकेशन सक्षम किए गए हों.
ऑनलाइन स्थिति को मॉनीटर करने के लिए प्रबंधन सर्वर को नेटवर्क पैकेट भेजें, ताकि सर्वर यह पता लगा सके कि डिवाइस ऑफ़लाइन है या नहीं.
अगर यह पॉलिसी सत्य पर सेट की जाती है, तो मॉनीटर किए जा रहे नेटवर्क पैकेट (तथाकथित heartbeats) भेजे जाएंगे. अगर पॉलिसी असत्य पर सेट है या सेट नहीं की गई है, तो कोई पैकेट नहीं भेजा जाएगा.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
निगरानी करने वाले नेटवर्क पैकेट कितने मिलीसेकंड में भेजे जाते हैं.
अगर यह नीति सेट नहीं की गई है, तो डिफ़ॉल्ट अंतराल 3 मिनट का होता है. कम से कम अंतराल 30 सेकंड का है और ज़्यादा से ज़्यादा अंतराल 24 घंटों का है - इस सीमा से बाहर के मानों को इस सीमा में जोड़ दिया जाएगा.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
व्यवस्थापकों को सिस्टम लॉग की निगरानी करने देने के लिए, प्रबंधन सर्वर को सिस्टम लॉग भेजें.
अगर इस पॉलिसी को सत्य पर सेट किया जाता है, तो सिस्टम लॉग भेजे जाएंगे. अगर असत्य सेट किया जाता है या सेट नहीं किया जाता है, तो फिर कोई भी सिस्टम लॉग नहीं भेजा जाएगा.
इस नीति का Android द्वारा किए गए प्रवेश पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
यह नियंत्रित करती है कि इस्तेमाल के मेट्रिक और निदान का डेटा, जिसमें खराबी रिपोर्ट शामिल हैं, वापस Google को रिपोर्ट किए जाते हैं या नहीं.
अगर सही पर सेट होती है, तो Google Chrome OS इस्तेमाल के मेट्रिक और निदान के डेटा की रिपोर्ट करेगा.
अगर गलत पर सेट होती है, तो मेट्रिक और निदान के डेटा की रिपोर्ट करने की सुविधा बंद होगी.
अगर कॉन्फ़िगर नहीं की गई है, तो प्रबंधित नहीं किए गए डिवाइस पर मेट्रिक और निदान डेटा रिपोर्ट करने की सुविधा बंद होगी और प्रबंधित डिवाइस पर चालू होगी.
यह नीति Android उपयोग और गड़बड़ी संबंधी डेटा को इकट्ठा करना भी नियंत्रित करती है.
आपको यह तय करने की सुविधा देती है कि उपयोगकर्ता कौन से एक्सटेंशन इंस्टॉल नहीं कर सकते हैं. अगर एक्सटेंशन प्रतिबंधित सूची में डाले गए हैं तो पहले से इंस्टॉल किए हुए एक्सटेंशन बंद कर दिए जाएंगे, साथ ही उपयोगकर्ताओं के पास उन्हें चालू करने का कोई तरीका नहीं होगा. प्रतिबंधित सूची में डाले गए किसी एक्सटेंशन को सूची से निकाल दिए जाने पर, वह अपने आप फिर से चालू हो जाएगा.
प्रतिबंधित सूची में '*' मान का मतलब है कि सभी एक्सटेंशन तब तक प्रतिबंधित रहेंगे जब तक कि उन्हें खास तौर पर श्वेतसूची से हटा नहीं दिया जाता.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है तो, उपयोगकर्ता Google Chrome में कोई भी एक्सटेंशन इंस्टॉल कर सकता है.
आपको यह तय करने की सुविधा देता है कि कौन से एक्सटेंशन प्रतिबंधित नहीं करने चाहिए.
* के प्रतिबंधित मान का अर्थ यह है कि सभी एक्सटेंशन प्रतिबंधित हैं और उपयोगकर्ता केवल मान्य सूची में दिए गए एक्सटेंशन ही इंस्टॉल कर सकते हैं.
सामान्य तौर पर, सभी एक्सटेंशन मान्य सूची में होते हैं, लेकिन अगर नीति के तहत सभी एक्सटेंशन को प्रतिबंधित किया जाता है, तो नीति को ओवरराइड करने के लिए मान्य सूची का उपयोग किया जा सकता है.
यह नीति ऐसे ऐप्लिकेशन और एक्सटेंशन की सूची तय करती है जिन्हें उपयोगकर्ता के इंटरैक्शन के बिना इंस्टॉल किया गया है. साथ ही, जिन्हें उपयोगकर्ता न तो अनइंस्टॉल कर सकता है और न ही बंद कर सकता है. ऐप्लिकेशन/एक्सटेंशन की ओर से मांगी गई सभी अनुमतियां ज़्यादा सोचे-समझे बिना और उपयोगकर्ता के इंटरैक्शन के बिना दे दी जाती हैं. इनमें ऐप्लिकेशन/एक्सटेंशन के आगे आने वाले वर्शन की सभी अनुमतियां भी शामिल होती हैं. यही नहीं, अनुमतियां enterprise.deviceAttributes और enterprise.platformKeys enterprise.deviceAttributes और enterprise.platformKeys एक्सटेंशन एपीआई को दी जाती हैं. (ये दो एपीआई उन ऐप्लिकेशन/एक्सटेंशन के लिए उपलब्ध नहीं होते जिन्हें जान-बूझकर इस्टॉल नहीं किया गया है.)
इस नीति को संभावित तौर पर विरोधी ExtensionInstallBlacklist नीति के बदले प्राथमिकता मिलती है. अगर इस सूची में से किसी ऐसे ऐप्लिकेशन या एक्सटेंशन को हटाया जाता है जिसे पहले जान-बूझकर इंस्टॉल किया गया था, तो उसे Google Chrome अपने आप अनइंस्टॉल कर देता है.
Windows के ऐसे इंस्टेंस के लिए जो किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन में शामिल नहीं हैं, जान-बूझकर इंस्टॉल करने की यह सुविधा 'Chrome वेब स्टोर' की सूची में शामिल ऐप्लिकेशन और एक्सटेंशन तक सीमित है.
ध्यान रखें कि किसी भी एक्सटेंशन का सोर्स कोड 'डेवलपर टूल' के ज़रिए बदला जा सकता है (एक्सटेंशन को इस तरह से रेंडर करना जो उसे बेकार बना सकता है). अगर ऐसा हो, तो DeveloperToolsDisabled नीति सेट की जानी चाहिए.
सूची में शामिल नीति का हर आइटम एक ऐसी स्ट्रिंग है जिसमें सेमीकोलन (;) से अलग किया गया एक एक्सटेंशन आईडी और एक "अपडेट" यूआरएल होता है. एक्सटेंशन आईडी 32 अक्षरों वाली स्ट्रिंग होती है जो उदाहरण के लिए, डेवलपर मोड में होने पर chrome://extensions पर मिलती है. अगर "अपडेट" यूआरएल बताया गया हो, तो https://developer.chrome.com/extensions/autoupdate में बताए अनुसार एक अपडेट मेनिफ़ेस्ट XML दस्तावेज़ पर खुलना चाहिए. डिफ़ॉल्ट रूप से, 'Chrome वेब स्टोर' के अपडेट यूआरएल (जो फ़िलहाल "https://clients2.google.com/service/update2/crx" है) का इस्तेमाल किया जाता है. ध्यान रखें कि इस नीति में सेट किए गए "अपडेट" यूआरएल का इस्तेमाल सिर्फ़ शुरुआती इंस्टॉलेशन के लिए किया जाता है; एक्सटेंशन के बाद के अपडेट, एक्सटेंशन के मेनिफ़ेस्ट में बताए गए अपडेट यूआरएल को लागू करते हैं. यह भी ध्यान रखें कि 67 सहित Google Chrome तक के वर्शन में "अपडेट" यूआरएल को साफ़ तौर पर बताना ज़रूरी था.
उदाहरण के लिए, aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa;https://clients2.google.com/service/update2/crx सामान्य 'Chrome वेब स्टोर' "अपडेट" यूआरएल से aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa ऐप्लिकेशन इंस्टॉल करता है. एक्सटेंशन होस्ट करने के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, यहां देखें: https://developer.chrome.com/extensions/hosting
अगर यह नीति सेट नहीं होती है, तो कोई भी ऐप्लिकेशन या एक्सटेंशन अपने आप इंस्टॉल नहीं होता. साथ ही, उपयोगकर्ता Google Chrome में किसी भी ऐप्लिकेशन या एक्सटेंशन को अनइंस्टॉल कर सकता है.
ध्यान रखें कि यह नीति 'गुप्त मोड' पर लागू नहीं होती है.
Google Play का उपयोग करके, Google Admin console की सहमति से Android ऐप्लिकेशन बलपूर्वक इंस्टॉल किए जा सकते हैं. वे इस नीति का उपयोग नहीं करते हैं.
आपको यह बताने देती है कि किन यूआरएल को एक्सटेंशन, ऐप्लिकेशन, और थीम इंस्टॉल करने की अनुमति है.
Google Chrome 21 से, 'Chrome वेब स्टोर' से बाहर के एक्सटेंशन, ऐप्लिकेशन, और उपयोगकर्ता स्क्रिप्ट इंस्टॉल करना ज़्यादा मुश्किल हो गया है इससे पहले, इस्तेमाल करने वाले लोग एक *.crx फ़ाइल के लिंक पर क्लिक कर सकते थे और Google Chrome कुछ चेतावनियों के बाद फ़ाइल इंस्टॉल करने की सुविधा देता था. Google Chrome 21 के बाद, ऐसी फ़ाइलें डाउनलोड की जानी चाहिए और उन्हें खींचकरGoogle Chrome सेटिंग पेज पर छोड़ा जाना चाहिए. यह सेटिंग किन्हीं खास यूआरएल को, पुराने और आसान इंस्टॉलेशन प्रवाह रखने की अनुमति देती है.
इस सूची का हर आइटम एक्सटेंशन शैली वाला मिलान पैटर्न है (https://developer.chrome.com/extensions/match_patterns देखें). उपयोगकर्ता किसी भी यूआरएल से आइटम इंस्टॉल कर पाएंगे, बशर्ते वह इस सूची में दिए गए किसी आइटम से मेल खाता हो. *.crx फ़ाइल और उस पेज की जगह जहां से डाउनलोड शुरू हुआ था (यानी रेफ़रल देने वाला), दोनों को ही इन पैटर्न में अनुमति दी जानी चाहिए.
ExtensionInstallBlacklist को इस नीति पर प्राथमिकता मिलती है. यानी, नामंज़ूरी वाली सूची में शामिल किसी एक्सटेंशन को इंस्टॉल नहीं किया जाएगा, भले ही वह इस सूची में शामिल किसी साइट से ही क्यों न हो.
यह नीति नियंत्रित करती है कि ऐप्लिकेशन/एक्सटेंशन के प्रकारों को इंस्टॉल करने की अनुमति दी जाए. साथ ही, यह रनटाइम एक्सेस को भी सीमित करती है.
यह सेटिंग मंज़ूरी दिए गए एक्सटेंशन/ऐप्लिकेशन के प्रकारों की सूची बनाती है जिन्हें Google Chrome में इंस्टॉल किया जा सकता है. साथ ही, यह कि वे किन होस्ट से इंटरैक्ट कर सकते हैं. मान, स्ट्रिंग की ऐसी सूची है जो इनमें से कोई एक होनी चाहिए: "extension", "theme", "user_script", "hosted_app", "legacy_packaged_app", "platform_app". इन प्रकारों की ज़्यादा जानकारी के लिए Google Chrome एक्सटेंशन दस्तावेज़ देखें.
ध्यान रखें कि इस नीति का असर उन एक्सटेंशन और ऐप्लिकेशन पर भी होता है जिन्हें ExtensionInstallForcelist के ज़रिए इंस्टॉल करने के बाद अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकेगा.
अगर यह सेटिंग कॉन्फ़िगर की जाती है, तो जिन एक्सटेंशन/ऐप्लिकेशन का प्रकार सूची में शामिल नहीं होगा उन्हें इंस्टॉल नहीं किया जाएगा.
अगर यह सेटिंग कॉन्फ़िगर किए बिना छोड़ दी जाती है, तो स्वीकार करने लायक एक्सटेंशन/ऐप्लिकेशन प्रकारों पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जाएगी.
वर्शन 75 से पहले, कॉमा से अलग किए गए एक से ज़्यादा एक्सटेंशन आईडी की सुविधा नहीं है और इन्हें छोड़ दिया जाएगा. इस नीति का बाकी हिस्सा लागू रहेगा.
Google Chrome सुरक्षित अपडेट और एक्सटेंशन का इंस्टॉलेशन उपलब्ध कराता है. हालांकि, Chrome वेब स्टोर से बाहर होस्ट किए गए कुछ एक्सटेंशन की सामग्री सिर्फ़ असुरक्षित हस्ताक्षर या SHA1 जैसे एल्गोरिद्म को हैश करके सुरक्षित की जा सकती है. जब यह नीति बंद होती है, तब ऐसे एक्सटेंशन के नए इंस्टॉलेशन और अपडेट की अनुमति Chrome नहीं देगा (जब तक कि एक्सटेंशन डेवलपर ज़्यादा मज़बूत एल्गोरिद्म के साथ फिर से एक्सटेंशन न बना लें). जब यह नीति चालू होती है, तब ऐसे एक्सटेंशन के इंस्टॉलेशन और अपडेट की अनुमति रहेगी.
सेट न होने पर पर यह डिफ़ॉल्ट तौर पर चालू रहेगा. Google Chrome 75 में शुरू करने पर, सेट न होने पर पर यह डिफ़ॉल्ट तौर पर बंद रहेगा.
Google Chrome 77 में शुरू करने पर, यह नीति अनदेखी कर दी जाएगी और उसे बंद माना जाएगा.
Google Chrome के लिए एक्सटेंशन प्रबंधन सेटिंग कॉन्फ़िगर करता है.
यह नीति कई सेटिंग को नियंत्रित करती है. इसमें वे सेटिंग भी शामिल हैं, जाे किसी भी मौजूदा एक्सटेंशन से जुड़ी नीतियों से नियंत्रित की जाती हैं. अगर दोनों सेटिंग चालू हैं, तो यह नीति पुरानी नीतियों को बदल देगी.
यह नीति एक्सटेंशन आईडी या अपडेट यूआरएल को इसके कॉन्फ़िगरेशन में मैप करती है. एक्सटेंशन आईडी के ज़रिए, कॉन्फ़िगरेशन सिर्फ़ खास एक्सटेंशन पर ही लागू होगा. एक डिफ़ॉल्ट कॉन्फ़िगरेशन खास आईडी "*" के लिए सेट किया जा सकता है, जो उन सभी एक्सटेंशन पर लागू होगा जिनके लिए इस नीति में कस्टम कॉन्फ़िगरेशन सेट नहीं है. अपडेट यूआरएल के ज़रिए, इस एक्सटेंशन के मेनिफ़ेस्ट में बताए गए समान अपडेट यूआरएल के साथ सभी एक्सटेंशन पर कॉन्फ़िगरेशन लागू किया जाएगा. ऐसा https://developer.chrome.com/extensions/autoupdate में बताया गया है.
उन Windows इंस्टेंस के लिए जो किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन में शामिल नहीं हैं, 'Chrome वेब स्टोर' में शामिल ऐप्लिकेशन और एक्सटेंशन के लिए ही अनइंस्टॉल न किए जा सकने की सुविधा लागू हाेती है.
इस नीति की संभावित सेटिंग और बनावट की पूरी जानकारी के लिए, कृपया https://www.chromium.org/administrators/policy-list-3/extension-settings-full पर जाएं
यह तय करती है कि कौन सी HTTP पुष्टिकरण योजना को Google Chrome के ज़रिए सहायता मिली हुई है.
संभावित मान 'basic', 'digest', 'ntlm' और 'negotiate' हैं. एकाधिक मानों को कॉमा की मदद से अलग करें.
यदि इस पॉलिसी को सेट नहीं किया जाता है, तो चारों योजनाओं का इस्तेमाल किया जाएगा.
यह तय करती है कि जनरेट किया गया Kerberos एसपीएन, प्रामाणिक डीएनएस नाम पर आधारित है या दर्ज किए गए मूल नाम पर.
अगर आप इस सेटिंग को चालू करते हैं तो, CNAME लुकअप को छोड़ दिया जाएगा और दर्ज किए गए सर्वर नाम का उपयोग किया जाएगा.
अगर आप इस सेटिंग को बंद करते हैं या सेट नहीं करते हैं तो, CNAME लुकअप के ज़रिए सर्वर का प्रामाणिक नाम तय किया जाएगा.
यह तय करती है कि जनरेट किए गए Kerberos SPN में बिना मानक वाला पोर्ट शामिल होना चाहिए या नहीं.
अगर आपने यह सेटिंग चालू की है और बिना मानक वाला कोई पोर्ट (इसका मतलब है, 80 या 443 के अलावा कोई पोर्ट) दर्ज किया गया है, तो इसे जनरेट किए गए Kerberos SPN में शामिल किया जाएगा.
अगर आप इस सेटिंग को बंद करते हैं या सेट किए बिना छोड़ देते हैं, तो जनरेट किया गया Kerberos SPN किसी भी स्थिति में पोर्ट को शामिल नहीं करेगा.
एकीकृत प्रमाणीकरण के लिए श्वेत-सूचीबद्ध किए जाने वाले सर्वर निर्दिष्ट करती है. एकीकृत प्रमाणीकरण केवल तभी सक्षम किया जाता है जब Google Chrome को किसी प्रॉक्सी से या अनुमत सूची में शामिल किसी सर्वर से प्रमाणीकरण की चुनौती प्राप्त होती है.
एकाधिक सर्वर नामों को अल्पविराम द्वारा अलग करें. वाइल्डकार्ड (*) की अनुमति है.
अगर आप इस नीति को सेट किए बिना छोड़ देते हैं तो Google Chrome यह पता लगाने का प्रयास करेगा कि क्या सर्वर इंट्रानेट पर है और केवल तभी वह IWA अनुरोधों को प्रतिसाद देगा. अगर कोई सर्वर इंटरनेट के रूप में पता लगाया जाता है तो उसके IWA अनुरोधों को Google Chrome द्वारा अनदेखा कर दिया जाएगा.
वे सर्वर जिन्हें Google Chrome सौंप सकता है.
एक से ज़्यादा सर्वर के नामों को कॉमा लगाकर अलग करें. वाइल्डकार्ड (*) की अनुमति है.
अगर आप इस नीति को सेट किए बिना छोड़ देते हैं तो Google Chrome उपयोगकर्ता क्रेडेंशियल नहीं सौंपेगा भले ही सर्वर की पहचान इंट्रानेट के रूप में की गई हो.
यह नियंत्रित करती है कि Kerberos के टिकट सौंपने का फ़ैसला लेते समय केडीसी नीति की मंज़ूरी को ध्यान में रखा जाता है या नहीं.
अगर यह नीति सही है, तो एचटीटीपी प्रमाणीकरण केडीसी नीति की मंज़ूरी को ध्यान में रखता है; यानी जब केडीसी किसी सेवा टिकट पर OK-AS-DELEGATE को सेट करता है तभी Chrome क्रेडेंशियल सौंपता है. कृपया ज़्यादा जानकारी के लिए https://tools.ietf.org/html/rfc5896.html देखें. सेवा 'AuthNegotiateDelegateWhitelist' नीति के तहत होनी चाहिए.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती या गलत पर सेट की जाती है, तो इस्तेमाल किए जा सकने वाले प्लैटफ़ॉर्म पर केडीसी नीति को अनदेखा कर दिया जाता है. इसके बजाय, सिर्फ़ 'AuthNegotiateDelegateWhitelist' नीति को ध्यान में रखा जाता है.
Windows पर केडीसी नीति को हमेशा ध्यान में रखा जाता है.
यह तय करती है कि HTTP पुष्टिकरण के लिए कौन सी GSSAPI लाइब्रेरी का उपयोग करना है. आप या तो केवल लाइब्रेरी का नाम या पूरा पाथ सेट कर सकते हैं.
अगर कोई सेटिंग प्रदान नहीं की जाती है, तो Google Chrome किसी डिफ़ॉल्ट लाइब्रेरी नाम का ही उपयोग करेगा.
यह नीति 'पहचान करने वाले Android ऐप्लिकेशन' के ऐसे खातों का खाता प्रकार तय करती है जिन पर HTTP Negotiate की पहचान करने की सुविधा (जैसे कि Kerberos की पहचान करने की सुविधा) काम करती है. यह जानकारी 'पहचान करने वाले ऐप्लिकेशन' के सप्लायर की तरफ़ से उपलब्ध कराई जानी चाहिए. ज़्यादा जानकारी के लिए https://goo.gl/hajyfN देखें.
अगर कोई भी सेटिंग नहीं की जाती है तो, HTTP Negotiate Android पर पहचान करने की सुविधा को बंद कर दिया जाता है.
यह नियंत्रित करता है कि किसी पेज पर तृतीय-पक्ष उप-सामग्री को कोई HTTP मूल प्रमाणीकरण डॉयलॉग बॉक्स पॉप-अप करने की अनुमति है या नहीं. सामान्यत: यह फ़िशिंग से सुरक्षा के रूप में अक्षम होता है. अगर इस नीति को सेट नहीं किया जाता है, तो, यह अक्षम होती है और तृतीय-पक्ष उप-सामग्री को, HTTP मूल प्रमाणीकरण डॉयलॉग बॉक्स पॉप अप करने की अनुमति नहीं होगी.
यह नियंत्रित करती है कि NTLMv2 चालू है या नहीं.
Samba और Windows सर्वर के हाल के सभी वर्शन NTLMv2 पर काम करते हैं. इसे सिर्फ़ पहले के वर्शन से संगतता के लिए बंद किया जाना चाहिए और इससे प्रमाणीकरण की सुरक्षा कम हो जाती है.
अगर यह नीति सेट नहीं की गई है, तो डिफ़ॉल्ट सही होता है और NTLMv2 चालू होता है.
प्रवेश स्क्रीन पर दिखाए जाने वाले डिवाइस-स्थानीय खातों की सूची निर्दिष्ट करता है.
प्रत्येक सूची प्रविष्टि किसी पहचानकर्ता को निर्दिष्ट करती है, जिसका उपयोग आंतरिक रूप से भिन्न डिवाइस-स्थानीय खातों को अलग-अलग बताने के लिए किया जाता है.
देरी के बाद अपने आप लॉगिन करने के लिए एक डिवाइस-स्थानीय खाता.
अगर यह नीति सेट होती है, तो बिना उपयोगकर्ता इंटरैक्शन वाली लॉगिन स्क्रीन पर बीत चुकी समयावधि के बाद बताया गया सत्र अपने आप लॉग इन हो जाएगा. डिवाइस-स्थानीय खाता पहले से ही कॉन्फ़िगर होना चाहिए (|DeviceLocalAccounts| देखें).
अगर यह नीति सेट नहीं होती है, तो कोई भी लॉगिन अपने आप नहीं होगा.
डिवाइस-स्थानीय खाते के अपने आप लॉगिन में देरी.
अगर |DeviceLocalAccountAutoLoginId| नीति सेट नहीं होती है, तो इस नीति का कोई असर नहीं पड़ेगा. नहीं तो:
अगर यह नीति सेट होती है, तो यह उपयोगकर्ता गतिविधि के बिना उस समयावधि को तय करेगी जिसे |DeviceLocalAccountAutoLoginId| नीति के बताए हुए डिवाइस-स्थानीय खाते में लॉग इन करने से पहले अपने आप बीत जाना चाहिए.
अगर यह नीति सेट नहीं होती है, तो टाइम आउट के तौर पर 0 मिलीसेकंड का इस्तेमाल किया जाएगा.
नीति को मिलीसेकंड में बताया जाता है.
अपने आप लॉगिन के लिए बेलआउट कीबोर्ड शॉर्टकट चालू करें.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती या 'सही' पर सेट की जाती है और किसी डिवाइस के स्थानीय खाते को, बिना किसी देरी के अपने आप लॉगिन के लिए कॉन्फ़िगर किया जाता है, तो Google Chrome OS अपने आप लॉगिन को बायपास करने तथा लॉगिन स्क्रीन को दिखाने के लिए Ctrl+Alt+S शॉर्टकट से काम करेगा.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट की जाती है, तो बिना किसी देरी के अपने आप लॉगिन (कॉन्फ़िगर होने पर) बायपास नहीं किया जा सकता.
ऑफ़लाइन होने पर नेटवर्क कॉन्फ़िगर करने का संकेत चालू करें.
अगर यह नीति सेट नहीं है या 'सही' पर सेट की गई है और बिना किसी देरी के अपने आप लॉगिन के लिए डिवाइस के स्थानीय खाता को कॉन्फ़िगर किया गया है और डिवाइस में इंटरनेट की एक्सेस नहीं है, तो Google Chrome OS नेटवर्क कॉन्फ़िगर करने का संकेत दिखाएगा.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट है, तो नेटवर्क कॉन्फ़िगर करने के संकेत के बजाय एक गड़बड़ी का मैसेज दिखाई देगा.
Google Chrome OS वर्शन को नियंत्रित करने के लिए शून्य विलंब किओस्क के साथ अपने आप लॉन्च होने वाली ऐप्लिकेशन को अनुमति दें या नहीं.
यह नीति अपने मेनिफ़ेस्ट में required_platform_version की घोषणा करके और उसका उपयोग अपने आप अपडेट होने वाले लक्ष्य वर्शन प्रीफ़िक्स के रूप में करके नियंत्रित करती है कि Google Chrome OS वर्शन को नियंत्रित करने के लिए शून्य विलंब किओस्क के साथ अपने आप लॉन्च होने वाली ऐप्लिकेशन को अनुमति दी जाए या नहीं.
अगर नीति को सही पर सेट किया जाता है, तो शून्य विलंब किओस्क के साथ अपने आप लॉन्च होने वाली ऐप्लिकेशन की required_platform_version मेनिफेस्ट कुंजी के मान का उपयोग अपने आप अपडेट होने वाले लक्ष्य वर्शन प्रीफ़िक्स के रूप में किया जाता है.
अगर नीति को कॉन्फ़िगर नहीं किया जाता या गलत पर सेट किया जाता है, तो required_platform_version मेनिफेस्ट कुंजी को अनदेखा कर दिया जाता है और ऑटो अपडेट सामान्य रूप से आगे बढ़ता है.
चेतावनी: यह सुझाव नहीं दिया जाता है कि Google Chrome OS वर्शन का नियंत्रण किसी किओस्क ऐप्लिकेशन को सौंपा जाए, क्योंकि इससे डिवाइस को सॉफ़्टवेयर अपडेट और ज़रूरी सुरक्षा समाधान नहीं मिल पाते हैं. Google Chrome OS वर्शन का नियंत्रण सौंपने से उपयोगकर्ता जोखिम में पड़ सकते हैं.
अगर किओस्क ऐप्लिकेशन एक Android ऐप्लिकेशन है, तो उसका Google Chrome OS वर्शन पर कोई नियंत्रण नहीं होगा, भले ही यह नीति True पर सेट हो.
श्वेतसूची नियंत्रक जिसमें झटपट अनलॉक मोड को कॉन्फ़िगर करके उपयोगकर्ता, लॉक स्क्रीन अनलॉक करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.
यह मान कई स्ट्रिंग की एक सूची है; मान्य सूची एंट्रियां हैं: "सभी", "पिन", "फ़िंगरप्रिंट". सूची में "सभी" जोड़ने का मतलब है कि हर एक झटपट अनलॉक मोड उपयोगकर्ता के लिए उपलब्ध है, इसमें आने वाले समय में इस्तेमाल करने वाले भी शामिल हैं. नहीं तो, सूची में मौजूद झटपट अनलॉक मोड ही उपलब्ध होंगे.
उदाहरण के लिए, हर एक झटपट अनलॉक मोड को अनुमति देने के लिए, ["सभी"] का इस्तेमाल करें. सिर्फ़ पिन अनलॉक करने की अनुमति देने के लिए, ["पिन"] का इस्तेमाल करें. पिन और फ़िंगरप्रिंट की अनुमति देने के लिए, ["पिन", "फ़िंगरप्रिंट"] का इस्तेमाल करें. सभी झटपट अनलॉक मोड बंद करने के लिए, [] का इस्तेमाल करें.
डिफ़ॉल्ट रूप से, प्रबंधित डिवाइस के लिए कोई झटपट अनलॉक मोड उपलब्ध नहीं हैं.
यह सेटिंग नियंत्रित करती है कि 'तुरंत अनलॉक करें' सुविधा का इस्तेमाल जारी रखने के लिए, लॉक स्क्रीन कितने समय में पासवर्ड डालने का अनुरोध करेगी. हर बार लॉक स्क्रीन दिखने पर, अगर पिछली बार डाले गए पासवर्ड का समय इस सेटिंग से ज़्यादा था तो, लॉक स्क्रीन पर 'तुरंत अनलॉक करें' सुविधा मौजूद नहीं होगी. अगर यह समय बीत जाने के बाद उपयोगकर्ता लॉक स्क्रीन पर बना रहता है, तो अगली बार गलत कोड डाले जाने पर या लॉक स्क्रीन पर फिर से जाने पर (जो भी पहले हो), पासवर्ड का अनुरोध किया जाएगा.
अगर यह सेटिंग कॉन्फ़िगर की जाती है, तो 'तुरंत अनलॉक करें' सुविधा का इस्तेमाल करने वाले उपयोगकर्ताओं से, इस सेटिंग के आधार पर लॉक स्क्रीन पर अपना पासवर्ड डालने का अनुरोध किया जाएगा.
अगर यह सेटिंग कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है, तो 'तुरंत अनलॉक करें' का इस्तेमाल करने वाले उपयोगकर्ताओं से हर दिन लॉक स्क्रीन पर अपना पासवर्ड डालने का अनुरोध किया जाएगा.
अगर नीति सेट की गई हो, तो कॉन्फ़िगर किए गए कम से कम लंबाई वाले पिन को लागू किया जाता है. (पिन की कम से कम पूरी लंबाई एक होती है, एक से कम के मानों को एक ही माना जाता है.)
अगर नीति सेट नहीं हो, तो कम से कम लंबाई वाला छह अंको का पिन लागू किया जाता है. यह सुझाई गई कम से कम ज़रूरत है.
अगर नीति सेट की जाती है, तो कॉन्फ़िगर की गई पिन की ज़्यादा से ज़्यादा लंबाई लागू की जाती है. शून्य या इससे कम मान का मतलब है कोई ज़्यादा से ज़्यादा लंबाई नहीं होना; ऐसे में इस्तेमाल करने वाला जितना चाहे उतना लंबा पिन सेट कर सकता है. अगर सेटिंग PinUnlockMinimumLength से कम लेकिन शून्य से ज़्यादा हो, तो ज़्यादा से ज़्यादा लंबाई, कम से कम लंबाई के बराबर होती है.
अगर नीति सेट नहीं हो, तो ज़्यादा से ज़्यादा लंबाई लागू की जाती है.
अगर यह गलत होता है, तो उपयोगकर्ता ऐसे पिन सेट नहीं कर पाएंगे, जो कमज़ोर होते हैं और जिनका आसानी से अनुमान लगाया जा सकता है.
कमज़ोर पिन के कुछ उदाहरण: ऐसे पिन जिनमें केवल एक अंक होता है (1111), ऐसे पिन जो 1 से बढ़ते क्रम में होते हैं (1234), ऐसे पिन जो 1 तक घटते क्रम में होते हैं (4321) और ऐसे पिन जिनका सामान्य रूप से उपयोग किया जाता है.
अगर पिन कमज़ोर माना जाता है, तो डिफ़ॉल्ट रूप से उपयोगकर्ताओं को चेतावनी दिखाई देगी, न कि गड़बड़ी.
किसी डिफ़ॉल्ट खोज सेवा देने वाले का इस्तेमाल करती है.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो डिफ़ॉल्ट खोज तब की जाती है जब उपयोगकर्ता ऑम्निबॉक्स में टेक्स्ट टाइप करता है जो कि एक यूआरएल नहीं है.
आप डिफ़ॉल्ट खोज की बाकी नीतियां सेट करके, इस्तेमाल किए जाने वाले डिफ़ॉल्ट खोज सेवा देने वाले को तय कर सकते हैं. अगर इन्हें खाली छोड़ दिया जाता है, तो उपयोगकर्ता डिफ़ॉल्ट सेवा देने वाले को चुन सकता है.
अगर आप यह सेटिंग बंद करते हैं, तो जब उपयोगकर्ता ऑम्निबॉक्स में गैर-यूआरएल टेक्स्ट डालता है, तब कोई खोज नहीं की जाती.
अगर आप यह सेटिंग चालू या बंद करते हैं, तो उपयोगकर्ता इसे Google Chrome में बदल नहीं सकता, न ही इसे ओवरराइड कर सकता है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो डिफ़ॉल्ट खोज सेवा देने वाले को चालू कर दिया जाता है, और उपयोगकर्ता खोज सेवा देने वाली सूची सेट कर सकता है.
यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है, या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है.
डिफ़ॉल्ट खोज की सुविधा देने वाली कंपनी का नाम बताती है. अगर इसे खाली या सेट किए बिना छोड़ दिया जाए तो, उस होस्ट के नाम का इस्तेमाल किया जाएगा जो खोज यूआरएल में बताया गया है.
इस नीति पर सिर्फ़ तभी विचार किया जाता है, जब'DefaultSearchProviderEnabled' नीति लागू हो.
कीवर्ड तय करती है, जो इस सुविधा देने वाली कंपनी के लिए खोज शुरू करने के लिए ऑम्निबॉक्स में उपयोग किया गया शॉर्टकट है. यह नीति वैकल्पिक है. अगर यह सेट नहीं है, तो कोई भी कीवर्ड खोज की सुविधा देने वाली कंपनी को चालू नहीं कर सकेगा. इस नीति पर सिर्फ़ तभी विचार किया जाता है जब 'DefaultSearchProviderEnabled' नीति चालू हो.
यह नीति, डिफ़ॉल्ट खोज करते समय उपयोग किए जाने वाले खोज इंजन का यूआरएल तय करती है. यूआरएल में '{searchTerms}' स्ट्रिंग शामिल होनी चाहिए, जिसे क्वेरी के समय उपयोगकर्ता के खोजे जा रहे शब्द से बदल दिया जाएगा.
Google के 'खोज यूआरएल' को इस रूप में तय किया जा सकता है: '{google:baseURL}search?q={searchTerms}&{google:RLZ}{google:originalQueryForSuggestion}{google:assistedQueryStats}{google:searchFieldtrialParameter}{google:searchClient}{google:sourceId}ie={inputEncoding}'.
जब 'DefaultSearchProviderEnabled' नीति चालू हो तो यह विकल्प सेट होना चाहिए. ऐसा होने पर ही यह विकल्प काम करेगा.
खोज सुझाव देने के लिए इस्तेमाल होने वाले सर्च इंजन का यूआरएल बताती है. यूआरएल में '{searchTerms}', स्ट्रिंग शामिल होनी चाहिए, जो क्वेरी के समय उस लेख से बदल दी जाएगी जो उपयोगकर्ता ने अब तक डाला है.
यह नीति वैकल्पिक है. अगर सेट नहीं की गई हो, तो कोई सुझाया गया यूआरएल इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.
Google के खोज यूआरएल को इस रूप में बताया जा सकता है: '{google:baseURL}complete/search?output=chrome&q={searchTerms}'.
इस नीति का सिर्फ़ तभी पालन किया जाता है जब 'DefaultSearchProviderEnabled' नीति चालू हो.
यह नीति 'डिफ़ॉल्ट खोज सेवा' का पसंदीदा आइकॉन यूआरएल तय करती है.
यह नीति वैकल्पिक है. अगर यह सेट नहीं है तो, खोज सेवा के लिए कोई आइकॉन दिखाई नहीं होगा.
'DefaultSearchProviderEnabled' नीति चालू होने पर ही यह नीति लागू होगी.
खोज की सुविधा देने वाले की सहायता के साथ वर्ण एन्कोडिंग निर्दिष्ट करती है. एन्कोडिंग UTF-8, GB2312, और ISO-8859-1 जैसे कोड पेज नाम होते हैं. वे दिए गए क्रम में आज़माए जाते हैं.
यह नीति वैकल्पिक है. अगर सेट न हो, तो डिफ़ॉल्ट का उपयोग किया जाएगा जो कि UTF-8 है.
इस नीति पर तभी विचार किया जाता है जब 'DefaultSearchProviderEnabled' नीति चालू हो.
वैकल्पिक URL की उस सूची को निर्दिष्ट करती है जिसका इस्तेमाल खोज इंजन से खोज शब्दों को निकालने के लिए किया जा सकता है. URL में स्ट्रिंग '{searchTerms}' होनी चाहिए, जिसका इस्तेमाल खोज शब्दों को निकालने के लिए किया जाएगा.
यह नीति वैकल्पिक है. अगर सेट नहीं है, तो खोज शब्दों को निकालने के लिए वैकल्पिक url का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.
इस नीति का सिर्फ़ तभी पालन किया जाता है जब 'DefaultSearchProviderEnabled' नीति चालू हो.
इमेज खोजने के लिए इस्तेमाल होने वाले सर्च इंजन का URL तय करती है. इमेज खोजने के अनुरोध GET प्रणाली के ज़रिए भेजे जाएंगे. अगर DefaultSearchProviderImageURLPostParams नीति जोड़ी गई है, तो इमेज खोजने के अनुरोध के लिए इसके बजाय 'पोस्ट विधि' का इस्तेमाल किया जाएगा.
यह नीति वैकल्पिक है. अगर इसे जोड़ा नहीं गया है, तो इमेज खोज की सुविधा का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.
'DefaultSearchProviderEnabled' नीति चालू होने पर ही इस नीति का पालन किया जाएगा.
वह URL तय करती है जिसका इस्तेमाल कर सर्च इंजन नया टैब पेज देता है.
यह नीति वैकल्पिक है. अगर इसे जोड़ा नहीं गया है तो, कोई भी नया टैब पेज दिखाई नहीं होगा.
'DefaultSearchProviderEnabled' नीति चालू होने पर ही इस नीति का पालन किया जाएगा.
POST के साथ कोई URL खोजते समय इस्तेमाल किए जाने वाले पैरामीटर तय करती है. इसमें कॉमा के ज़रिए अलग किए गए नाम/मान के जोड़े शामिल होते हैं. अगर कोई मान टेम्पलेट पैरामीटर, जैसे ऊपर दिए गए उदाहरण में {searchTerms} है, तो उसे वास्तविक खोज शब्द डेटा से बदल दिया जाएगा.
यह नीति वैकल्पिक है. अगर इसे जोड़ा नहीं गया है तो, खोज के अनुरोध को GET विधि के ज़रिए भेजा जाएगा.
'DefaultSearchProviderEnabled' नीति चालू होने पर ही इस नीति का पालन किया जाएगा.
POST के साथ कोई सुझाव सर्च करते समय इस्तेमाल किए जाने वाले पैरामीटर तय करती है. इसमें कॉमा के ज़रिए अलग किए गए नाम/मान जोड़े शामिल होते हैं. अगर कोई मान टेम्पलेट पैरामीटर, जैसे ऊपर दिए गए उदाहरण में {searchTerms} है, तो उसे वास्तविक खोज शब्द डेटा से बदल दिया जाएगा.
यह नीति वैकल्पिक है. अगर इसे जोड़ा नहीं गया है, तो सुझाव सर्च के अनुरोध को गेट (GET) विधि के ज़रिए भेजा जाएगा.
'DefaultSearchProviderEnabled' नीति चालू होने पर ही इस नीति का पालन किया जाएगा.
POST के साथ कोई इमेज सर्च करते समय इस्तेमाल किए जाने वाले पैरामीटर तय करती है. इसमें कॉमा के ज़रिए अलग किए गए नाम/मान के जोड़े शामिल होते हैं. अगर कोई मान टेम्पलेट पैरामीटर, जैसे ऊपर दिए गए उदाहरण में {imageThumbnail} है, तो उसे वास्तविक खोज शब्द डेटा से बदल दिया जाएगा.
यह नीति वैकल्पिक है. अगर इसे जोड़ा नहीं गया है, तो इमेज सर्च के अनुरोध को गेट (GET) विधि के ज़रिए भेजा जाएगा.
'DefaultSearchProviderEnabled' नीति चालू होने पर ही इस नीति का पालन किया जाएगा.
उस रिलीज़ चैनल को निर्दिष्ट करती है, जिससे यह डिवाइस लॉक किया जाना चाहिए.
अगर यह नीति सही पर सेट है और ChromeOsReleaseChannel नीति की जानकारी नहीं दी गई है, तो फिर नामांकन डोमेन के उपयोगकर्ताओं को डिवाइस के रिलीज़ चैनल को बदलने की अनुमति मिल जाएगी. अगर यह नीति गलत पर सेट है, तो डिवाइस जिस भी चैनल में अंतिम बार सेट होगा उसमें लॉक हो जाएगा.
उपयोगकर्ता के चुने गए चैनल को ChromeOsReleaseChannel नीति से ओवरराइड कर दिया जाएगा, लेकिन अगर नीति चैनल, डिवाइस पर इंस्टॉल किए हुए से ज़्यादा स्थिर होता है, फिर वह चैनल, डिवाइस पर इंस्टॉल किए हुए की अपेक्षा ज़्यादा स्थिर चैनल के किसी उच्च वर्शन संख्या पर पहुंच जाने के बाद ही स्विच करेगा.
सही पर सेट होने पर अपने आप अपडेट चालू करती है.
इस सेटिंग के कॉन्फ़िगर नहीं होने या गलत पर सेट होने पर Google Chrome OS डिवाइस अपने आप अपडेट की जांच करते हैं.
चेतावनी: अपने आप अपडेट चालू रखने का सुझाव दिया जाता है, ताकि उपयोगकर्ताओं को सॉफ़्टवेयर अपडेट और ज़रूरी सुरक्षा समाधान मिलते रहें. अपने आप अपडेट बंद करने से उपयोगकर्ता जोखिम में पड़ सकते हैं.
बताता है कि p2p को OS अपडेट पेलोड के लिए इस्तेमाल करना है या नहीं. अगर सही पर सेट है, तो डिवाइस संभावित रूप से इंटरनेट बैंड्विड्थ इस्तेमाल और कंजेशन को कम करते हुए शेयर करेंगे और LAN पर मौजूद अपडेट पेलोड का इस्तेमाल करने की कोशिश करेंगे. अगर अपडेट पेलोड LAN पर उपलब्ध नहीं है, तो डिवाइस अपडेट सर्वर से डाउनलोड करना शुरू कर देगा. अगर गलत पर सेट है या कॉन्फ़िगर नहीं है, तो p2p का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.
यह नीति वह समय तय करती है, जिस दौरान Google Chrome OS डिवाइस अपने आप अपडेट की जाँच नहीं कर सकता. जब यह नीति समय के अंतरालों की गैर-खाली सूची पर सेट होती है: तय समय अंतरालों पर, डिवाइस अपने आप अपडेट की जाँच नहीं कर सकेंगे. जिन डिवाइसों को रोलबैक की ज़रूरत है या जिन पर कम से कम Google Chrome OS वर्शन चल रहा है, उन पर संभावित सुरक्षा वजहों से इस नीति का असर नहीं होगा. इसके साथ ही, उपयोगकर्ताओं या एडमिन के अनुरोध किए हुए अपडेट की जाँचों को यह नीति ब्लॉक नहीं करेगी. जब यह नीति सेट न हो या इसमें कोई समय अंतराल न हो: यह नीति अपने आप होने वाली किसी भी अपडेट जाँच को ब्लॉक नहीं करेगी, लेकिन उन जाँचों को दूसरी नीतियां ब्लॉक कर सकती हैं. यह सुविधा सिर्फ़ उन Chrome डिवाइस पर चालू है जो अपने आप लॉन्च होने वाले किओस्क के तौर पर सेट हैं. दूसरे डिवाइसों पर इस नीति के प्रतिबंध लागू नहीं होंगे.
यह नीति अपने आप अपडेट होने के लिए टारगेट वर्शन सेट करती है.
यह एक टारगेट वर्शन का वह शुरुआती हिस्सा तय करती है जिसमें Google Chrome OS को अपडेट करना चाहिए. अगर डिवाइस ऐसे वर्शन का इस्तेमाल कर रहा है जो बताए हुए शुरुआती हिस्से से पुराना है तो, वह दिए गए शुरुआती हिस्से के साथ सबसे नए वर्शन में अपडेट हो जाएगा. अगर डिवाइस पहले से सबसे नए वर्शन का इस्तेमाल कर रहा है तो, असर DeviceRollbackToTargetVersion के मान के मुताबिक होते हैं. इस शुरुआती हिस्से का फ़ॉर्मैट, वर्शन के अलग-अलग हिस्से के मुताबिक काम करता है, जैसा कि नीचे दिए गए उदाहरण में दिखाया गया है:
""(या कॉन्फ़िगर नहीं किया गया): उपलब्ध सबसे नए वर्शन में अपडेट करें. "1412.": 1412 के किसी भी छोटे वर्शन में अपडेट करें (जैसे कि 1412.24.34 या 1412.60.2) "1412.2.": 1412.2 के किसी भी छोटे वर्शन में अपडेट करें (जैसे कि 1412.2.34 या 1412.2.2) "1412.24.34": सिर्फ़ इस खास वर्शन में अपडेट करें
चेतावनी: वर्शन प्रतिबंधों को कॉन्फ़िगर करने का सुझाव नहीं दिया जाता है क्योंकि वे उपयोगकर्ताओं को सॉफ़्टवेयर अपडेट और महत्वपूर्ण सुरक्षा सुधार पाने से रोक सकते हैं. अपडेट को किसी खास वर्शन के शुरुआती हिस्से तक सीमित करने से उपयोगकर्ता खतरे में पड़ सकता है.
यह नीति ऐसे प्रतिशतों की सूची तय करती है जिनसे OU में अपडेट मिलने के पहले दिन से, हर दिन अपडेट होने वाले Google Chrome OS डिवाइसों का हिस्सा तय होगा. अपडेट मिलने का समय, अपडेट प्रकाशित होने के समय के बाद का होगा क्योंकि डिवाइस पर अपडेट के लिए देखे जाने से पहले, अपडेट को प्रकाशित हुए कुछ समय बीत चुका होगा.
हर (दिन, प्रतिशत) की जोड़ी में समूह का वह प्रतिशत शामिल होगा जिसे अपडेट मिलने के बाद बताए गए दिनों में अपडेट किया जाना है. उदाहरण के लिए, अगर हमारे पास [(4, 40), (10, 70), (15, 100)] की जोड़ियां हैं, तो फिर समूह के 40% डिवाइस अपडेट दिखाई देने के 4 दिनों के बाद अपडेट किए जाने चाहिए. 70% डिवाइस 10 दिनों के बाद अपडेट किए जाने चाहिए और उसके बाद यह इसी तरीके से आगे बढ़ता जाएगा.
अगर इस नीति के लिए कोई मान तय किया गया हो, तो अपडेट DeviceUpdateScatterFactor नीति को अनदेखा करेंगे और उसके बजाय इस नीति के मुताबिक होंगे.
अगर यह सूची खाली हो, तो स्टेजिंग की कोई प्रक्रिया नहीं होगी और अपडेट दूसरी डिवाइस नीतियों के मुताबिक लागू किए जाएंगे.
यह नीति चैनल स्विच के लिए लागू नहीं होती.
किसी अपडेट के पहली बार सर्वर पर भेजे जाने से लेकर, किसी डिवाइस के ज़रिए उसके डाउनलोड में बार-बार किए जाने वाले विलंब की अवधि दिखाता है. यह डिवाइस, दीवार-घड़ी के समय के बारे में और बाकी के भाग की अपडेट जाँच की संख्या के बारे में कुछ समय तक इंतज़ार कर सकता है. किसी भी स्थिति में, स्कैटर समय के साथ ऊपर से जुड़ा होता है ताकि डिवाइस हमेशा के लिए जब चाहे तब, किसी अपडेट के डाउनलोड होने के इंतज़ार में अटक न जाए.
OS अपडेट के लिए अनुमति प्राप्त कनेक्शन के प्रकार. OS अपडेट अपने आकार के कारण संभावित रूप से कनेक्शन पर अत्यधिक भार डालते हैं और इसके कारण अतिरिक्त शुल्क लग सकते हैं. इसीलिए, उन्हें महंगे माने जाने वाले कनेक्शन प्रकारों जैसे WiMax, Bluetooth और कभी-कभी सेल्युलर के लिए डिफ़ॉल्ट रूप से सक्षम नहीं किया जाता है.
मान्यता प्राप्त कनेक्शन प्रकार पहचानकर्ता हैं "इथरनेट", "wifi", "wimax", "bluetooth" और "सेल्युलर".
Google Chrome OS पर अपने आप अपडेट पेलोड HTTPS के बजाय HTTP के ज़रिए डाउनलोड किए जा सकते हैं. इससे HTTP डाउनलोड का 'पारदर्शी HTTPS कैश' हो पाता है.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट है, तो Google Chrome OS HTTP के द्वाराअपने-आपअपडेट डाउनलोड करने का प्रयास करेगा. अगर नीति को 'गलत' पर सेट है या सेट नहीं है, तो अपने आप अपडेट पेलोड को डाउनलोड करने के लिए HTTPS का इस्तेमाल किया जाएगा.
किसी Google Chrome OS अपडेट के लागू होने के बाद 'अपने आप फिर से चालू होना' शेड्यूल करें.
जब इस नीति को सही पर सेट किया जाता है, तो किसी Google Chrome OS अपडेट के लागू होने पर और अपडेट प्रोसेस पूरा होने के लिए 'फिर से चालू होना' ज़रूरी होने पर 'फिर से चालू होना' शेड्यूल किया जाता है. 'फिर से चालू होना' तुरंत शेड्यूल किया जाता है लेकिन अगर उपयोगकर्ता उस समय डिवाइस का इस्तेमाल कर रहा हो तो शेड्यूल को 24 घंटे तक के लिए टाला जा सकता है.
जब इस नीति को गलत पर सेट किया जाता है तो Google Chrome OS अपडेट लागू करने के बाद 'अपने आप फिर से चालू होना' शेड्यूल नहीं किया जाता है. उपयोगकर्ता जब अगली बार डिवाइस को 'फिर से चालू' करता है तो अपडेट प्रक्रिया पूरी हो जाती है.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकते या ओवरराइड नहीं कर सकते.
ध्यान दें: फिलहाल, लॉगिन स्क्रीन दिखाई देने पर या कियोस्क ऐप्लिकेशन सत्र जारी होने पर ही 'अपने आप फिर से चालू होना' चालू किया जाता है. आने वाले समय में यह बदल जाएगा और किसी विशेष प्रकार के सत्र के जारी होने या न होने के बावजूद नीति हमेशा लागू रहेगी.
Google Chrome के सबसे कम अनुमति वाले वर्शन संबंधी ज़रूरतों को कॉन्फ़िगर करती है. नीचे दिए गए वर्शन पुराने माने जाते हैं और डिवाइस तब तक उपयोगकर्ता को साइन इन की अनुमति नहीं देता, जब तक कि ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट नहीं कर लिया जाता. अगर उपयोगकर्ता सत्र के दौरान मौजूदा सत्र पुराना हो जाता है तो, उपयोगकर्ता को जबरन साइन आउट कर दिया जाएगा.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो किसी तरह की पाबंदी नहीं होती और उपयोगकर्ता आसानी से साइन इन कर सकता है चाहे Google Chrome का वर्शन कुछ भी हो.
यहां, "वर्शन" '61.0.3163.120' जैसा कोई सटीक वर्शन या '61.0' जैसा कोई वर्शन प्रीफ़िक्स हो सकता है
यह बताती है कि क्या डिवाइस को DeviceTargetVersionPrefix के ज़रिए सेट किए गए वर्शन में रोल बैक करना चाहिए जबकि डिवाइस पहले से ही उसके बाद के वर्शन का इस्तेमाल कर रहा है.
RollbackDisabled डिफ़ॉल्ट है.
यह Google Chrome OS उपलब्धियों की ऐसी कम से कम संख्या तय करती है जिसके लिए किसी भी समय स्थिर वर्शन से रोलबैक शुरू करने की मंज़ूरी दी जानी चाहिए.
डिफ़ॉल्ट, उपभोक्ता के लिए 0 है, एंटरप्राइज़ के नाम दर्ज किए हुए डिवाइस के लिए 4 (करीब एक साल में आधे) है.
इस नीति को सेट करने से रोलबैक सुरक्षा कम से कम इतनी उपलब्धियों के लिए लागू होने से रोक दी जाती है.
इस नीति को किसी निचले मान पर सेट करने का प्रभाव हमेशा के लिए होता है: हो सकता है कि नीति को किसी बड़े मान पर रीसेट करन देने के बाद भी डिवाइस पहले वाले वर्शन पर रोल बैक न कर पाए.
वास्तविक रोलबैक की संभावनाएं बोर्ड और जटिल जोखिम पैच पर भी निर्भर हो सकती हैं.
यह नीति नियंत्रित करती है कि डिवाइस को 'क्विक फ़िक्स बिल्ड' में अपडेट किया जाना चाहिए या नहीं.
अगर नीति का मान किसी ऐसे टोकन पर सेट किया जाता है जो 'क्विक फ़िक्स बिल्ड' से मैप करता है, तो डिवाइस को ऐसी स्थिति में संबंधित 'क्विक फ़िक्स बिल्ड' में अपडेट कर दिया जाएगा, अगर अपडेट को किसी दूसरी नीति ने ब्लॉक नहीं किया हो.
अगर यह नीति सेट नहीं होती या इसका मान किसी 'क्विक फ़िक्स बिल्ड' से मैप नहीं करता है, तो डिवाइस को 'क्विक फ़िक्स बिल्ड' में अपडेट नहीं किया जाएगा. अगर डिवाइस पर पहले से ही 'क्विक फ़िक्स बिल्ड' चल रहा हो और अब नीति सेट नहीं है या इसका मान 'क्विक फ़िक्स बिल्ड' से भी मैप नहीं करता है, तो डिवाइस को उस स्थिति में किसी नियमित बिल्ड में अपडेट कर दिया जाएगा, अगर अपडेट को किसी दूसरी नीति ने ब्लॉक नहीं किया हो.
जब यह नीति सेट की जाती है, तो हर डिसप्ले के रिज़ॉल्यूशन और स्केल कारक तय किए गए मान पर सेट किए जाते हैं. सभी कनेक्ट किए गए बाहरी डिसप्ले पर बाहरी डिसप्ले सेटिंग लागू की जाती है.
"external_width" और "external_height" के मान पिक्सेल में तय किए जाने चाहिए. "external_scale_percentage" और "internal_scale_percentage" के मान प्रतिशत में तय किए जाने चाहिए.
अगर "external_use_native" सही पर सेट किया गया है, तो नीति "external_height" और "external_width" के मान अनदेखा कर देगी और बाहरी डिसप्ले के रिज़ॉल्यूशन को उनके स्थानीय रिज़ॉल्यूशन पर सेट कर देगी.
अगर "external_use_native" गलत है या नहीं दिया गया है और या तो "external_height" या "external_width" नहीं दी गई हैं, तो नीति बाहरी डिसप्ले सेटिंग पर असर नहीं डालती. अगर तय किए गए रिज़ॉल्यूशन या स्केल कारक कुछ डिसप्ले के साथ काम नहीं करते, तो नीति उस डिसप्ले पर लागू नहीं की जाती.
अगर "सुझाया गया" फ़्लैग सही पर सेट है, तो उपयोगकर्ता लॉग इन करने के बाद सेटिंग पेज के ज़रिए किसी भी डिसप्ले का रिज़ॉल्यूशन और स्केल कारक बदल सकते हैं, लेकिन उनकी सेटिंग अगली बार फिर चालू करने पर नीति मान से बदल जाएंगी अगर "सुझाए गए" फ़्लैग को गलत पर सेट किया गया है या नहीं सेट किया गया है. उपयोगकर्ता डिसप्ले सेटिंग नहीं बदल सकते.
अगर यह नीति सेट की जाती है तो हर बार फिर से चालू करने और नीति मान बदलने के बाद उसके पहली बार कनेक्ट होने पर, हर डिसप्ले को स्क्रीन की तय की गई दिशा में घुमाया जाता है. उपयोगकर्ता, लॉग इन करने के बाद सेटिंग पेज के ज़रिए डिसप्ले को घुमा सकते हैं लेकिन अगली बार फिर से चालू करने पर नीति मान उनकी सेटिंग ओवरराइड कर देगा.
यह पॉलिसी, प्राथमिक और बाकी सभी तरह के डिसप्ले पर लागू होती है.
अगर नीति सेट नहीं की जाती है तो, डिफ़ॉल्ट मान 0 डिग्री होता है और उपयोगकर्ता चाहे तो उसे बदल सकता है. ऐसा होता है तो, दोबारा शुरू करने पर डिफ़ॉल्ट मान को फिर से लागू नहीं किया जाता.
डिवाइस के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले लागू किए गए समय क्षेत्र को बताती है. जब यह नीति सेट की जाती है, तो डिवाइस के उपयोगकर्ता बताए गए समय क्षेत्र को बदल नहीं सकते. अगर कोई गलत मान दिया जाता है, तो नीति इसके बजाय "GMT" का इस्तेमाल करके अब भी चालू रहती है. अगर कोई खाली स्ट्रिंग दी जाती है, तो नीति को अनदेखा कर दिया जाता है.
अगर इस नीति का इस्तेमाल नहीं किया जाता, तो हाल में चालू समय क्षेत्र इस्तेमाल में बना रहेगा, हालांकि उपयोगकर्ता समय क्षेत्र को बदल सकते हैं.
नए डिवाइस "यूएस/प्रशांत" में सेट समय क्षेत्र के साथ शुरू होते हैं.
मान का फ़ॉर्मैट "आईएएनए समय क्षेत्र डेटाबेस" ("https://en.wikipedia.org/wiki/Tz_database" देखें) में दिए गए समय क्षेत्रों के नामों का पालन करता है. खास तौर पर, ज़्यादातर समय क्षेत्र "continent/large_city" या "ocean/large_city" से जुड़े हो सकते हैं.
इस नीति को सेट करने से, डिवाइस के 'जगह की जानकारी' के ज़रिए अपने आप समय क्षेत्र को ठीक करने की प्रक्रिया पूरी तरह बंद हो जाती है. यह SystemTimezoneAutomaticDetection नीति को भी रद्द कर सकती है.
इस नीति को सेट किए जाने पर, अपने आप होने वाली 'समय-क्षेत्र पहचान प्रक्रिया' इनमें से एक तरीके से होगी और यह तरीका सेटिंग के मान पर आधारित होगा:
अगर TimezoneAutomaticDetectionUsersDecide पर सेट किया जाता है, तो उपयोगकर्ता chrome://settings में दिए गए सामान्य नियंत्रणों का उपयोग करके अपने आप होने वाली 'समय-क्षेत्र पहचान प्रक्रिया' को नियंत्रित कर सकेंगे.
अगर TimezoneAutomaticDetectionDisabled पर सेट किया जाता है तो, chrome://settings में दिए गए अपने आप होने वाले समय-क्षेत्र नियंत्रणों को बंद कर दिया जाएगा. अपने आप होने वाली 'समय-क्षेत्र पहचान प्रक्रिया' हमेशा बंद रहेगी.
अगर TimezoneAutomaticDetectionIPOnly पर सेट किया जाता है तो, chrome://settings में दिए गए समय-क्षेत्र नियंत्रणों को बंद कर दिया जाएगा. अपने आप होने वाली 'समय-क्षेत्र पहचान प्रक्रिया' हमेशा चालू रहेगी. जगह की सही जानकारी के लिए, 'समय-क्षेत्र पहचान प्रक्रिया' 'सिर्फ़-IP' तरीके का उपयोग करेगी.
अगर imezoneAutomaticDetectionSendWiFiAccessPoints पर सेट किया जाता है, तो chrome://settings में दिए गए समय-क्षेत्र नियंत्रणों को बंद कर दिया जाएगा. अपने आप होने वाली 'समय-क्षेत्र पहचान प्रक्रिया' हमेशा चालू रहेगी. दिखाई देने वाले वाई-फ़ाई एक्सेस-पॉइंट की सूची बिल्कुल सही समय-क्षेत्र की पहचान करने के लिए 'जियोलोकेशन API (एपीआई)' सर्वर को हमेशा भेजी जाएगी.
अगर TimezoneAutomaticDetectionSendAllLocationInfo पर सेट किया जाता है, तो chrome://settings में दिए गए समय-क्षेत्र नियंत्रणों को बंद कर दिया जाएगा. अपने आप होने वाली 'समय-क्षेत्र पहचान प्रक्रिया' हमेशा चालू रहेगी. जगह की जानकारी (जैसे कि वाई-फ़ाई एक्सेस-प्वाइंट, कनेक्ट हो सकने वाले मोबाइल टॉवर, GPS) समय-क्षेत्र की बिल्कुल सही पहचान के लिए किसी सर्वर पर भेजे जाएंगे.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो माना जाएगा कि TimezoneAutomaticDetectionUsersDecide सेट है.
अगर SystemTimezone नीति सेट की जाती है, तो वह इस नीति को ओवरराइड कर लेती है. ऐसे में अपने आप होने वाली 'समय-क्षेत्र पहचान प्रक्रिया' पूरी तरह से बंद कर दी जाती है.
डिवाइस के लिए उपयोग किया जाने वाला घड़ी का फ़ॉर्मैट तय करती है.
यह नीति लॉगिन स्क्रीन पर और 'उपयोगकर्ता सत्रों' के लिए डिफ़ॉल्ट के रूप में उपयोग किए जाने वाले घड़ी के फ़ॉर्मैट को कॉन्फ़िगर करती है. उपयोगकर्ता अब भी अपने खाते के लिए घड़ी के फ़ॉर्मैट को ओवरराइड कर सकते हैं.
अगर नीति को 'सही' पर सेट किया जाता है, तो डिवाइस 24 घंटे वाली घड़ी के फ़ॉर्मैट का उपयोग करेगा. अगर नीति को 'गलत' पर सेट किया जाता है, तो डिवाइस 12 घंटे वाली घड़ी के फ़ॉर्मैट का उपयोग करेगा.
अगर इस नीति को सेट नहीं किया जाता है, तो डिवाइस 24 घंटे वाली घड़ी के फ़ॉर्मैट का उपयोग करेगा.
इस नीति का समर्थन रोक दिया गया है. इसके बजाय कृपया RemoteAccessHostClientDomainList का इस्तेमाल करें.
यह नीति उन ज़रूरी क्लाइंट डोमेन नामों को कॉन्फ़िगर करती है जिन्हें रिमोट एक्सेस क्लाइंट पर लागू किया जाएगा. साथ ही, यह इस्तेमाल करने वालों को इसे बदलने से भी रोकती है.
अगर यह सेटिंग चालू हो, तो सिर्फ़ बताए गए किसी एक डोमेन के क्लाइंट ही होस्ट से कनेक्ट कर सकते हैं.
अगर यह सेटिंग बंद हो या सेट नहीं की गई हो, तो फिर कनेक्शन प्रकार के लिए डिफ़ॉल्ट नीति लागू की जाती है. रिमोट सहायता के लिए, यह नीति किसी भी डोमेन के क्लाइंट को होस्ट से कनेक्ट होने देती है; किसी भी समय रिमोट एक्सेस के लिए, सिर्फ़़ होस्ट का मालिक कनेक्ट कर सकता है.
मौजूद होने पर, यह सेटिंग RemoteAccessHostClientDomain को ओवरराइड करेगी.
RemoteAccessHostDomainList भी देखें.
जब रिमोट क्लाइंट इस मशीन से कनेक्शन बनाने की कोशिश कर रहे हों तब STUN सर्वरों का उपयोग चालू करती है.
अगर यह सेटिंग चालू हो, तो फिर रिमोट क्लाइंट इस मशीन को खोज सकते हैं और इससे कनेक्ट हो सकते हैं भले ही उन्हें किसी फ़ायरवॉल के ज़रिए अलग किया गया हो.
अगर यह सेटिंग बंद हो और फ़ायरवॉल के ज़रिए आउटगोइंग UDP कनेक्शन फ़िल्टर किए गए हों, तो यह मशीन सिर्फ़ स्थानीय नेटवर्क के अंदर वाली क्लाइंट मशीनों के कनेक्शन की ही अनुमति देगी.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है तो सेटिंग चालू हो जाएगी.
इस नीति का समर्थन रोक दिया गया है. इसके बजाय, कृपया RemoteAccessHostDomainList का इस्तेमाल करें.
रिमोट एक्सेस होस्ट पर लागू किए जाने वाले ज़रूरी होस्ट डोमेन नामों को कॉन्फ़िगर करती है और इस्तेमाल करने वालों को इसे बदलने से रोकती है.
अगर यह सेटिंग चालू होती है, तो फिर होस्ट, खास डोमेन नामों में से एक पर रजिस्टर किए गए खातों के इस्तेमाल से ही शेयर किए जा सकते हैं.
अगर यह सेटिंग बंद होती है या सेट नहीं की जाती है, तो फिर होस्ट किसी भी खाते के इस्तेमाल से शेयर किए जा सकते हैं.
मौजूद होने पर, यह सेटिंग RemoteAccessHostDomain को ओवरराइड करेगी.
RemoteAccessHostClientDomainList भी देखें.
उस TalkGadget के शुरूआती भाग को कॉन्फ़िगर करती है, जिसे रिमोट (दूर के) एक्सेस होस्ट के ज़रिए इस्तेमाल किया जाएगा और उपयोगकर्ताओं को इसे बदलने से रोक जाएगा.
अगर जानकारी दी गई है, तो इसे शुरूआती भाग के आधार TalkGadget नाम में TalkGadget के लिए एक पूरा डोमेन नाम बनाने के लिए जोड़ा गया है. आधार TalkGadget डोमेन नाम '.talkgadget.google.com' है.
यदि यह सेटिंग चालू है, तो फिर TalkGadget पर पहुंचने के दौरान होस्ट डिफ़ॉल्ट डोमेन नाम के बजाय कस्टम डोमेन नाम का इस्तेमाल किया जाएगा.
यदि यह सेटिंग बंद है या सेट नहीं है, तो फिर सभी उपयोगकर्ताओं के लिए डिफ़ॉल्ट TalkGadget डोमेन नाम ('chromoting-host.talkgadget.google.com') का इस्तेमाल किया जाएगा.
रिमोट (दूर के) एक्सेस क्लाइंट इस नीति सेटिंग के ज़रिए प्रभावित नहीं हैं. TalkGadget पर पहुंचने के लिए वे हमेशा 'chromoting-client.talkgadget.google.com' का इस्तेमाल करेंगे.
कनेक्शन के चलते रहने पर रिमोट (दूर के किसी) एक्सेस वाले होस्ट की करटेनिंग चालू करता है.
यदि यह सेटिंग चालू हो, तो फिर होस्ट के इनपुट और आउटपुट उपकरण बंद कर दिए जाते हैं, जबकि एक रिमोट (दूर का कोई) कनेक्शन चल रहा होता है.
यदि यह सेटिंग बंद या सेट नहीं हो, तो फिर स्थानीय और रिमोट (दूर का कोई) दोनों उपयोगकर्ता होस्ट को शेयर करते समय उससे बातचीत कर सकते हैं.
अगर यह सेटिंग सक्षम की गई है या कॉन्फ़िगर नहीं की गई है, तो उपयोगकर्ता प्रत्येक बार PIN डालने की आवश्यकता को खत्म करते हुए, कनेक्शन के समय क्लाइंट और होस्ट को युग्मित करना चुन सकते हैं.
अगर यह सेटिंग अक्षम की गई हो, तो यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी.
अगर यह सेटिंग सक्षम है, तब gnubby प्रमाणन अनुरोध पूरे दूरस्थ होस्ट कनेक्शन पर प्रॉक्सी किया जाएगा.
अगर यह सेटिंग अक्षम है या कॉन्फ़िगर नहीं है, तो gnubby प्रमाणन अनुरोध प्रॉक्सी नहीं किए जाएंगे.
जब रिमोट क्लाइंट इस मशीन से कनेक्शन जोड़ने की कोशिश कर रहे होते हैं, तब यह नीति रिले सर्वरों के इस्तेमाल की सुविधा चालू करती है.
अगर यह सेटिंग चालू हो, तो फिर रिमोट क्लाइंट इस मशीन से कनेक्ट करने के लिए उस समय रिले सर्वरों का इस्तेमाल कर सकते हैं जब एक सीधा कनेक्शन उपलब्ध न हो (उदाहरण के लिए फ़ायरवॉल पाबंदियों की वजह से).
ध्यान रखें कि अगर RemoteAccessHostFirewallTraversal नीति बंद हो, तो इस नीति को नज़रअंदाज़ किया जाएगा.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है तो सेटिंग चालू कर दी जाएगी.
इस मशीन में रिमोट होस्ट के इस्तेमाल किए जाने वाले यूडीपी पोर्ट रेंज पर पाबंदी लगाती है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है या अगर इसे किसी खाली स्ट्रिंग पर सेट किया जाता है, तो रिमोट एक्सेस होस्ट को किसी भी उपलब्ध पोर्ट का इस्तेमाल करने की मंज़ूरी दी जाएगी, जब तक कि RemoteAccessHostFirewallTraversal नीति को बंद नहीं किया जाता. इस स्थिति में, रिमोट एक्सेस होस्ट 12400-12409 की रेंज में यूडीपी पोर्ट का इस्तेमाल करेगा.
अगर यह सेटिंग चालू होती है, तो फिर रिमोट एक्सेस होस्ट स्थानीय इस्तेमाल करने वाले (जिसके साथ होस्ट जुड़ा है) और होस्ट मालिक के रूप में रजिस्टर Google खाते के नाम (जैसे r"johndoe", अगर होस्ट का स्वामित्व "johndoe@example.com" Google खाते के पास हो) की तुलना करता है. अगर होस्ट मालिक का नाम उस स्थानीय इस्तेमाल करने वाले के नाम से अलग है जिससे होस्ट जुड़ा है, तो रिमोट एक्सेस होस्ट शुरू नहीं होगा. पुष्टि करने के लिए होस्ट मालिक का खाता एक निश्चित डोमेन (जैसे "example.com") से जुड़ा है RemoteAccessHostMatchUsername नीति का RemoteAccessHostDomain के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
अगर यह सेटिंग बंद होती है या सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो रिमोट एक्सेस होस्ट को किसी भी स्थानीय इस्तेमाल करने वाले के साथ जोड़ा जा सकता है.
अगर यह नीति सेट होती है, तो रिमोट एक्सेस होस्ट को कनेक्ट होने के लिए इस यूआरएल से प्रमाणीकरण टोकन पाने के लिए क्लाइंट का प्रमाणीकरण करने की ज़रूरत होगी. RemoteAccessHostTokenValidationUrl के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
यह सुविधा फ़िलहाल सर्वर से बंद की गई है.
अगर यह नीति सेट हो, तो रिमोट एक्सेस होस्ट कनेक्शन स्वीकार करने के लिए रिमोट एक्सेस क्लाइंट से मिलने वाले प्रमाणीकरण टोकन की पुष्टि करने के लिए इस यूआरएल का इस्तेमाल करेगा. इसका इस्तेमाल RemoteAccessHostTokenUrl को शामिल कर किया जाना चाहिए.
यह सुविधा फ़िलहाल सर्वर से बंद की गई है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो होस्ट, दिए गए जारीकर्ता सीएन वाले एक क्लाइंट प्रमाणपत्र का इस्तेमाल करेगा, ताकि RemoteAccessHostTokenValidationUrl को मंज़ूरी दी जा सके. किसी भी उपलब्ध क्लाइंट प्रमाणपत्र का इस्तेमाल करने के लिए, इसे "*" पर सेट करें.
यह सुविधा फ़िलहाल सर्वर से बंद की गई है.
अगर यह सेटिंग चालू की जाती है तो, 'रिमोट सहायता होस्ट' uiAccess अनुमतियों वाली प्रक्रिया में चलेगा. इससे रिमोट उपयोगकर्ताओं को स्थानीय उपयोगकर्ता के डेस्कटॉप पर एलिवेटेड (ऊपर दिख रही) विंडो से इंटरैक्ट करने की अनुमति मिल जाएगी.
अगर यह सेटिंग बंद की जाती है या कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है तो, 'रिमोट सहायता होस्ट' उपयोगकर्ता के संदर्भ में चलेगा और रिमोट उपयोगकर्ता डेस्कटॉप पर एलिवेटेड विंडो में इंटरैक्ट नहीं कर सकेंगे.
यह नियंत्रित करती है कि ऐसे उपयोगकर्ता जो रिमोट एक्सेस होस्ट से जुड़े हैं, क्लाइंट और होस्ट के बीच फ़ाइलें ट्रांसफ़र कर सकते हैं या नहीं. यह नीति उन रिमोट सहायता कनेक्शन पर लागू नहीं होती जिनमें फ़ाइल ट्रांसफ़र करने की सुविधा नहीं है.
अगर यह सेटिंग बंद है, तो फ़ाइल ट्रांसफ़र करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. अगर यह सेटिंग चालू है या सेट नहीं की गई है, तो फ़ाइल ट्रांसफ़र करने की अनुमति दी जाएगी.
अगर सही हो तो, डिवाइस के लिए दूर से ही प्रमाणित करने की सुविधा की मंज़ूरी होती है और एक प्रमाणपत्र अपने आप जनरेट हो जाएगा और उसे 'डिवाइस प्रबंधन सर्वर' पर अपलोड कर दिया जाएगा.
अगर यह गलत पर सेट है या अगर सेट नहीं है तो, कोई प्रमाणपत्र जनरेट नहीं किया जाएगा और enterprise.platformKeys एक्सटेंशन API (एपीआई) पर कॉल नहीं किया जा सकेगा.
अगर यह नीति सही पर सेट हो तो, उपयोगकर्ता chrome.enterprise.platformKeys.challengeUserKey() का उपयोग करके Enterprise Platform Keys API के ज़रिए निजता CA में अपनी पहचान दूर से ही प्रमाणित करने के लिए Chrome डिवाइस पर हार्डवेयर का उपयोग कर सकता है.
अगर यह गलत पर सेट हो या सेट नहीं की गई हो तो, एपीआई को कॉल नहीं किए जा सकेंगे और एक गड़बड़ी कोड मिलेगा.
यह नीति उन एक्सटेंशन के बारे में बताती है जिन्हें दूर से ही प्रमाणित करने के लिए Enterprise Platform Keys API के फ़ंक्शन chrome.enterprise.platformKeys.challengeUserKey() का उपयोग करने की मंज़ूरी मिली हुई है. API (एपीआई) का उपयोग करने के लिए एक्सटेंशन इस सूची में ज़रूर जोड़े जाने चाहिए.
अगर कोई एक्सटेंशन सूची में नहीं होता है या सूची सेट नहीं की जाती है तो, API (एपीआई) को कॉल नहीं किया जा सकेगा और एक गड़बड़ी कोड मिलेगा.
Chrome OS डिवाइस, Chrome OS CA द्वारा जारी किया गया प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए दूर से होने वाले पुष्टिकरण (सत्यापित एक्सेस) का उपयोग कर सकते हैं, जो इस बात पर ज़ोर देता है कि डिवाइस संरक्षित सामग्री चलाने के लायक है. इस प्रोसेस में Chrome OS CA को हार्डवेयर की पुष्ट जानकारी भेजना शामिल है, जो डिवाइस की खास रूप से पहचान करती है.
यदि यह सेटिंग गलत है, तो डिवाइस सामग्री संरक्षण के लिए दूर से किए जाने वाले पुष्टिकरण का उपयोग नहीं करेगा और डिवाइस संरक्षित सामग्री नहीं चला सकता.
यदि यह सेटिंग सही है, या यह सेट नहीं है, तो दूर से किए जाने वाले सत्यापन का सामग्री संरक्षण के लिए उपयोग किया जा सकता है.
यह नीति नियंत्रित करती है कि किसी उपयोगकर्ता के लिए Google Chrome OS की नेटवर्क फ़ाइल शेयर करने की सुविधा की अनुमति है या नहीं.
जब यह नीति कॉन्फ़िगर नहीं होती या सही पर सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता नेटवर्क फ़ाइल शेयर करने की सुविधा का इस्तेमाल कर पाएंगे.
जब यह नीति गलत पर सेट होती है, तो उपयोगकर्ता नेटवर्क फ़ाइल शेयर करने की सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.
यह नीति नियंत्रित करती है कि Google Chrome OS के लिए नेटवर्क फ़ाइल शेयर सुविधा NetBIOS Name Query Request protocol को नेटवर्क पर होने वाले शेयरों को खोजने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं. जब यह नीति सही पर सेट की जाती है, तो शेयर खोज NetBIOS Name Query Request protocol प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करके नेटवर्क पर शेयरों को खोजेगी. जब यह नीति गलत पर सेट की जाती है, तो शेयर खोज NetBIOS Name Query Request protocol प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करके नेटवर्क पर शेयरों को नहीं खोजेगी. अगर नीति को सेट नहीं किया जाता है, तो एंटरप्राइज़-प्रबंधित उपयोगकर्ताओं के लिए डिफ़ॉल्ट बंद हो जाता है और गैर-प्रबंधित उपयोगकर्ताओं के लिए चालू रहता है.
यह नीति नियंत्रित करती है कि किसी एनटीएलएम प्रमाणीकरण के लिए Google Chrome OS की नेटवर्क फ़ाइल शेयर करने की सुविधा की अनुमति है या नहीं.
जब यह नीति 'सही' पर सेट की जाती है, तो ज़रूरत पड़ने पर एसएमबी शेयर के लिए एनटीएलएम प्रमाणीकरण का इस्तेमाल किया जाएगा. जब यह नीति 'गलत' पर सेट की जाती है, तो एसएमबी शेयर के लिए एनटीएलएम प्रमाणीकरण बंद कर दिया जाएगा.
अगर नीति को सेट नहीं किया जाता है, तो एंटरप्राइज़-प्रबंधित उपयोगकर्ताओं के लिए डिफ़ॉल्ट बंद हो जाता है और गैर-प्रबंधित उपयोगकर्ताओं के लिए चालू रहता है.
पहले से कॉन्फ़िगर किए गए नेटवर्क फ़ाइल शेयर की सूची दिखाती है.
नीति में मौजूद हर एक सूची आइटम के साथ दो सदस्य हैं: "share_url" और "मोड". "share_url" को शेयर का यूआरएल होना चाहिए और "मोड" को या तो "drop_down" या "pre_mount" होना चाहिए. "drop_down" मोड यह बताता है कि "share_url" को शेयर डिस्कवरी ड्रॉप डाउन में जोड़ा जाएगा. "pre_mount" मोड बताता है कि "share_url" माउंट किया जाएगा.
किसी Google Chrome OS डिवाइस के सभी उपयोगकर्ताओं पर लागू होने के लिए नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन को पुश करने की अनुमति देती है. नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन, https://sites.google.com/a/chromium.org/dev/chromium-os/chromiumos-design-docs/open-network-configuration में वर्णित ओपन नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन प्रारूप द्वारा परिभाषित JSON-प्रारूपण स्ट्रिंग होता है
Android ऐप्लिकेशन इस नीति के ज़रिए सेट किए गए नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन और CA प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन उनके पास कुछ कॉन्फ़िगरेशन विकल्पों का एक्सेस नहीं होता.
निर्धारित करता है कि क्या डिवाइस के लिए डेटा रोमिंग सक्षम किया जाना चाहिए. अगर सही पर सेट हो, तो डेटा रोमिंग की अनुमति है. बिना कॉन्फ़गर किए या गलत पर सेट हो तो, डेटा रोमिंग उपलब्ध नहीं होगी.
नेटवर्क को धीमा या तेज़ करने की प्रक्रिया (नेटवर्क थ्रॉटलिंग) को चालू या बंद करने की अनुमति देती है. यह सभी उपयोगकर्ताओं और डिवाइस पर सभी इंटरफ़ेस पर लागू होता है. एक बार सेट कर दिए जाने पर, थ्रॉटलिंग की प्रक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक कि इसे बंद करने के लिए नीति में बदलाव नहीं किया जाता.
अगर इसे गलत पर सेट किया जाता है तो, थ्रॉटलिंग नहीं होती. अगर सही पर सेट किया जाता है तो, सिस्टम को दी जाने वाली अपलोड और डाउनलोड दरें (kbits/s में) पाने के लिए थ्रॉटलिंग होती है.
डीएचसीपी अनुरोधों में इस्तेमाल किए जाने वाले डिवाइस का होस्टनाम तय करती है.
अगर यह नीति किसी ऐसी स्ट्रिंग पर सेट की जाती है जो खाली नहीं है तो, डीएचसीपी अनुरोध के दौरान उस स्ट्रिंग का इस्तेमाल डिवाइस होस्टनाम की तरह किया जाएगा.
इस स्ट्रिंग में ऐसे वैरिएबल ${ASSET_ID}, ${SERIAL_NUM}, ${MAC_ADDR}, ${MACHINE_NAME} हैं, जिन्हें होस्टनाम के तौर पर इस्तेमाल किए जाने से पहले डिवाइस पर मौजूद मानों से बदल दिया जाएगा. इसके नतीजे के ज़रिए होने वाला बदलाव एक मान्य होस्टनाम होना चाहिए (जैसा कि RFC 1035, सेक्शन 3.1 में बताया गया है).
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती या बदलाव के बाद मिला मान एक मान्य होस्टनाम नहीं है तो, डीएचसीपी अनुरोध में कोई भी होस्टनाम सेट नहीं किया जाएगा.
'तेज़ ट्रांज़िशन' को चालू या बंद करती है. यह सभी उपयोगकर्ताओं पर और डिवाइस पर मौजूद सभी इंटरफ़ेस पर लागू होता है. 'तेज़ ट्रांज़िशन' का इस्तेमाल किए जाने के लिए, यह सेटिंग और नेटवर्क से पहले की ONC प्रॉपर्टी, दोनों का चालू रहना ज़रूरी है. सेट हो जाने पर, 'तेज़ ट्रांज़िशन' तब तक बना रहता है जब तक कि उसे बंद करने के लिए नीति में बदलाव नहीं किया जाता.
अगर यह नीति नहीं सेट की गई है या गलत पर सेट की गई है, तो 'तेज़ ट्रांज़िशन' का इस्तेमाल नहीं किया जाता. अगर सही पर सेट की जाती है, तो 'तेज़ ट्रांज़़िशन' का इस्तेमाल तब किया जाता है जब वायरलेस एक्सेस पॉइंट इसकी सुविधा देता हो.
अगर यह नीति गलत पर सेट है, तो Google Chrome OS वाई-फ़ाई को बंद कर देगा और उपयोगकर्ता इसे फिर चालू नहीं कर पाएंगे. अगर नीति सही पर सेट है या बिना सेट किए ही छोड़ दी गई है, तो उपयोगकर्ता मनमुताबिक तरीके से वाई-फ़ाई को चालू या बंद कर पाएंगे.
यह नीति कॉन्फ़िगर करती है कि डिवाइस से कोई डॉक कनेक्ट किए जाने पर किस MAC (मीडिया एक्सेस कंट्रोल) पते का इस्तेमाल किया जाएगा.
जब कुछ डिवाइस से डॉक कनेक्ट करते हैं, तो ईथरनेट पर डिफ़ॉल्ट रूप से डिवाइस की पहचान के लिए, डिवाइस के खास तौर पर बनाए गए डॉक MAC पते का इस्तेमाल किया जाता है. यह नीति एडमिन को, डॉक होने के दौरान MAC पते का स्रोत बदलने देती है.
अगर 'DeviceDockMacAddress' चुना गया हो या नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया गया हो, तो डिवाइस के खास तौर पर बनाए गए डॉक MAC पते का इस्तेमाल किया जाएगा.
अगर 'DeviceNicMacAddress' को चुना गया हो, तो डिवाइस के NIC (नेटवर्क इंटरफ़ेस कंट्रोलर) MAC पते का इस्तेमाल किया जाएगा.
अगर 'DockNicMacAddress' को चुना गया हो, डॉक के NIC MAC पते का इस्तेमाल किया जाएगा.
इस्तेमाल करने वाला इस सेटिंग को नहीं बदल सकता.
अगर यह नीति सही पर सेट होती है, तो सिस्टम ट्रे मेनू में हमेशा ही सुलभता विकल्प दिखाई देंगे.
अगर यह नीति गलत पर सेट होती है, तो सिस्टम ट्रे मेनू में कभी भी सुलभता विकल्प दिखाई नहीं देंगे.
अगर आप यह नीति सेट करते हैं, तो इस्तेमाल करने वाले लोग न तो इसे बदल सकते हैं, न ही ओवरराइड कर सकते हैं.
अगर यह नीति सेट नहीं करते हैं, तो सिस्टम ट्रे मेनू में सुलभता विकल्प दिखाई नहीं देंगे, लेकिन इस्तेमाल करने वाले सेटिंग पेज के ज़रिए सुलभता विकल्पों को दिखा सकते हैं.
'बड़े कर्सर की सुलभता सुविधा' चालू करें.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट है, तो बड़ा कर्सर हमेशा चालू रहेगा.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट है, तो बड़ा कर्सर हमेशा बंद रहेगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकते या ओवरराइड नहीं कर सकते.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो बड़ा कर्सर शुरू में बंद रहेगा लेकिन उपयोगकर्ता इसे कभी भी चालू कर सकता है.
'कंप्यूटर के बोलकर दिए जाने वाले जवाब' की सुलभता सुविधा चालू करें
अगर यह नीति 'सही' पर सेट है तो, 'कंप्यूटर के बोलकर दिए जाने वाले जवाब की सुविधा' हमेशा चालू रहेगी.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट है तो, 'कंप्यूटर के बोलकर दिए जाने वाले जवाब की सुविधा' हमेशा बंद रहेगी.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं तो, उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकते या ओवरराइड नहीं कर सकते.
अगर इस नीति को सेट नहीं किया जाता है तो, 'कंप्यूटर के बोलकर दिए जाने वाले जवाब की सुविधा' शुरू में बंद होती है लेकिन उपयोगकर्ता इसे किसी भी समय चालू कर सकता है.
'हाई कॉन्ट्रास्ट मोड' वाली सुलभता सुविधा चालू करें.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट है, तो 'हाई कॉन्ट्रास्ट मोड' हमेशा चालू रहेगा.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट है, तो 'हाई कॉन्ट्रास्ट मोड' हमेशा बंद रहेगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकते या ओवरराइड नहीं कर सकते.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो 'हाई कॉन्ट्रास्ट मोड' शुरू में बंद होता है लेकिन उपयोगकर्ता इसे किसी भी समय चालू कर सकता है.
'ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड सुलभता सुविधा' चालू करें.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट होती है, तो ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड हमेशा चालू रहेगा.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट होती है, तो ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड हमेशा बंद रहेगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता ना तो इसे बदल सकते हैं और ना ही रद्द कर सकते हैं.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो शुरुआत में ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड बंद रहेगा लेकिन उपयोगकर्ता उसे किसी भी समय चालू कर सकता है.
शीर्ष पंक्ति की कुंजियों के डिफ़ॉल्ट व्यवहार को फ़ंक्शन कुंजियों में बदलती है.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट है, तो कीबोर्ड की कुंजियों की शीर्ष पंक्ति डिफ़ॉल्ट रूप से फ़ंक्शन कुंजी आदेश बनाएगी. खोज कुंजियों के व्यवहार को वापस मीडिया कुंजियों में बदलने के लिए उसे दबाना होगा.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट है या सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो कीबोर्ड डिफ़ॉल्ट रूप से मीडिया कुंजी आदेश बनाएगा और खोज कुंजी के रोके जाने पर फ़ंक्शन कुंजी आदेश बनाएगा.
अगर यह नीति सेट हो, तो यह स्क्रीन पर सामग्री को बड़ा दिखाने वाली चालू की गई सुविधा का प्रकार नियंत्रित करती है. इस नीति को "कुछ नहीं" पर सेट करने से स्क्रीन पर सामग्री को बड़ा दिखाने वाली सुविधा बंद हो जाती है.
अगर आप यह नीति सेट करते हैं, तो इस्तेमाल करने वाले लोग न तो इसे बदल सकते हैं, न ही ओवरराइड कर सकते हैं.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ी जाती है, तो स्क्रीन पर सामग्री को बड़ा दिखाने वाली सुविधा शुरुआत में बंद की जाती है लेकिन इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति इसे बाद में कभी भी चालू कर सकता है.
लॉग इन स्क्रीन पर बड़े कर्सर की उपलब्धता सुविधा की डिफ़ॉल्ट स्थिति तय करें.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट है, तो लॉग इन स्क्रीन के दिखाई देने पर बड़ा कर्सर चालू हो जाएगा.
अगर नीति 'गलत' पर सेट है, तो लॉग इन स्क्रीन के दिखाई देने पर बड़ा कर्सर बंद हो जाएगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता बड़े कर्सर को चालू या बंद करके इसे अस्थायी रूप से रद्द कर सकते हैं. हालांकि, उपयोगकर्ता की पसंद स्थायी नहीं होती है और लॉग इन स्क्रीन के फिर से दिखाई देने या उपयोगकर्ता जब लॉग इन स्क्रीन पर एक मिनट तक कोई गतिविधि नहीं करता, तो डिफ़ॉल्ट स्थिति लागू हो जाती है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो लॉग इन स्क्रीन के पहली बार दिखाई देने पर बड़ा कर्सर बंद हो जाता है. उपयोगकर्ता जब चाहें बड़े कर्सर को चालू या बंद कर सकते हैं और उपयोगकर्ताओं के बीच लॉग इन स्क्रीन पर इसकी स्थिति स्थायी हो जाती है.
लॉग इन स्क्रीन पर 'कंप्यूटर के बोलकर दिए जाने वाले जवाब' की सुलभता सुविधा को डिफ़ॉल्ट पर सेट करें.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट है, तो लॉग इन स्क्रीन के दिखाई देने पर 'कंप्यूटर के बोलकर दिए जाने वाले जवाब की सुविधा' को चालू कर दिया जाएगा.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट है, तो लॉग इन स्क्रीन के दिखाई देने पर 'कंप्यूटर के बोलकर दिए जाने वाले जवाब की सुविधा' को बंद कर दिया जाएगा.
अगर आप यह नीति सेट करते है, तो उपयोगकर्ता 'कंप्यूटर के बोलकर दिए जाने वाले जवाब की सुविधा' को चालू या बंद करके इसे कुछ समय के लिए रद्द कर सकते हैं. हालांकि, उपयोगकर्ता की पसंद हमेशा एक जैसी नहीं होती और हर बार नई लॉग इन स्क्रीन दिखाई देने पर या उपयोगकर्ता के लॉग इन स्क्रीन पर एक मिनट तक कोई गतिविधि न करने पर डिफ़ॉल्ट स्थिति बहाल हो जाती है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, पहली बार लॉग इन स्क्रीन दिखाई देने पर 'कंप्यूटर के बोलकर दिए जाने वाले जवाब की सुविधा' बंद होती है. उपयोगकर्ता इस सुविधा को किसी भी समय चालू या बंद कर सकते हैं और लॉग इन स्क्रीन पर उपयोगकर्ताओं के लिए यह स्थिति एक जैसी होती है.
लॉग इन स्क्रीन पर ज़्यादा कॉन्ट्रास्ट वाले मोड की उपलब्धता सुविधा की डिफ़ॉल्ट स्थिति तय करें.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट है, तो लॉग इन स्क्रीन के दिखाई देने पर ज़्यादा कॉन्ट्रास्ट वाला मोड चालू हो जाएगा.
अगर नीति 'गलत' पर सेट है, तो लॉग इन स्क्रीन के दिखाई देने पर ज़्यादा कॉन्ट्रास्ट वाला मोड बंद हो जाएगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता ज़्यादा कॉन्ट्रास्ट वाले मोड को चालू या बंद करके इसे अस्थायी रूप से रद्द कर सकते हैं. हालांकि, उपयोगकर्ता की पसंद स्थायी नहीं होती है और लॉग इन स्क्रीन के फिर से दिखाई देने या उपयोगकर्ता जब लॉग इन स्क्रीन पर एक मिनट तक कोई गतिविधि नहीं करता, तो डिफ़ॉल्ट स्थिति लागू हो जाती है.
अगर यह नीति जोड़े बिना छोड़ दी जाती है, तो लॉग इन स्क्रीन के पहली बार दिखाई देने पर ज़्यादा कॉन्ट्रास्ट वाला मोड बंद हो जाता है. उपयोगकर्ता जब चाहें ज़्यादा कॉन्ट्रास्ट वाला मोड चालू या बंद कर सकते हैं और उपयोगकर्ताओं के बीच लॉग इन स्क्रीन पर इसकी स्थिति स्थायी हो जाती है.
लॉग इन स्क्रीन पर 'ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड' की सुलभता सुविधा को डिफ़ॉल्ट पर सेट करें.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट की जाती है, तो लॉग इन स्क्रीन दिखाए जाने पर 'ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड' चालू हो जाएगा.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट की जाती है, तो लॉग इन स्क्रीन दिखाए जाने पर 'ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड' बंद हो जाएगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता 'ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड' को चालू या बंद करके इसे कुछ समय के लिए रद्द कर सकते हैं. हालांकि, उपयोगकर्ता की पसंद हमेशा एक जैसी नहीं होती और हर बार नई लॉग इन स्क्रीन दिखाई देने पर या उपयोगकर्ता के लॉग इन स्क्रीन पर एक मिनट तक कोई गतिविधि न करने पर डिफ़ॉल्ट स्थिति बहाल हो जाती है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, पहली बार लॉग इन स्क्रीन दिखाए जाने पर 'ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड' की सुविधा बंद होती है. उपयोगकर्ता इस सुविधा को किसी भी समय चालू या बंद कर सकते हैं और लॉग इन स्क्रीन पर उपयोगकर्ताओं के लिए यह स्थिति एक जैसी होती है.
स्क्रीन पर सामग्री को बड़ा दिखाने वाला वह डिफ़ॉल्ट प्रकार सेट करें जिसे लॉग इन स्क्रीन पर चालू किया गया है.
अगर यह नीति सेट है, तो यह स्क्रीन पर सामग्री को बड़ा दिखाने वाले उस प्रकार को नियंत्रित करेगी जो लॉग इन स्क्रीन के दिखाई देने पर चालू होते हैं. अगर इस नीति के लिए "कुछ नहीं" चुना गया है, तो यह स्क्रीन पर सामग्री को बड़ा दिखाना बंद करती है.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता स्क्रीन पर सामग्री को बड़ा दिखाना चालू या बंद करके इसे अस्थायी रूप से रद्द कर सकते हैं. हालांकि, उपयोगकर्ता की पसंद स्थायी नहीं होती है और लॉग इन स्क्रीन के फिर से दिखाई देने या उपयोगकर्ता जब लॉग इन स्क्रीन पर एक मिनट तक कोई काम नहीं करता तो डिफ़ॉल्ट स्थिति लागू हो जाती है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो लॉग इन स्क्रीन के पहली बार दिखाई देने पर स्क्रीन पर सामग्री को बड़ा दिखाना बंद हो जाता है. उपयोगकर्ता जब चाहें स्क्रीन पर सामग्री को बड़ा दिखाना चालू या बंद कर सकते हैं और उपयोगकर्ताओं के बीच लॉग इन स्क्रीन पर इसकी स्थिति स्थायी हो जाती है.
Google Chrome OS में प्रवेश स्क्रीन पर पावर प्रबंधन कॉन्फ़िगर करें.
यह नीति लॉगिन स्क्रीन के दिखाई देने पर कुछ समय के लिए कोई भी उपयोगकर्ता गतिविधि नहीं होने पर आपको Google Chrome OS के व्यवहार करने के तरीके को कॉन्फ़िगर करने देती है. नीति एक से ज़्यादा सेटिंग नियंत्रित करती है. उनके व्यक्तिगत सीमेंटिक और मान श्रेणियों के लिए, सत्र में पावर प्रबंधन को नियंत्रित करने वाली संबंधित नीतियां देखें. इन नीतियों के साथ भिन्नताएं निम्न हैं: * निष्क्रिय या लिड बंद होने पर की जाने वाली कार्रवाई सत्र को खत्म करने के लिए नहीं हो सकतीं. * AC पावर पर चलते समय निष्क्रिय होने पर की जाने वाली डिफ़ॉल्ट कार्रवाई शट डाउन करना है.
अगर कोई सेटिंग अनिर्दिष्ट छोड़ दी जाती है, तो डिफ़ॉल्ट मान का उपयोग किया जाता है.
अगर यह नीति सेट नहीं है, तो सभी सेटिंग के लिए डिफ़ॉल्ट का उपयोग किया जाता है.
अपने आप होने वाला रीबूट शेड्यूल करके डिवाइस के काम करने की अवधि सीमित करें.
जब यह नीति सेट होती है, तो यह डिवाइस के काम करने की अवधि तय करती है, जिसके बाद अपने आप होने वाला रीबूट शेड्यूल किया जाता है.
जब यह नीति सेट नहीं होती, तो डिवाइस के काम करने की अवधि सीमित नहीं होती.
अगर आप इस नीति को सेट करते, तो उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकते या ओवरराइड नहीं कर सकते.
अपने आप होने वाला रीबूट चुने गए समय पर शेड्यूल किया जाता है लेकिन अगर उपयोगकर्ता फ़िलहाल डिवाइस का उपयोग कर रहा है तो डिवाइस पर रीबूट में 24 घंटे तक की देरी हो सकती है.
ध्यान दें: फ़िलहाल, अपने आप होने वाले रीबूट सिर्फ़ तब चालू होते हैं जब लॉग इन स्क्रीन दिख रही हो या किओस्क ऐप्लिकेशन के सेशन चल रहा हो. आने वाले दिनों में यह बदल दिया जाएगा और नीति हमेशा लागू होगी, भले ही कोई खास प्रकार का सत्र चल रहा हो या न चल रहा हो.
नीति का मान सेकंड में तय किया जाना चाहिए. मान कम से कम 3600 (एक घंटे) में क्लैंप होने चाहिए.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट है या कॉन्फ़िगर नहीं है तो, Google Chrome OS उपयोगकर्ता को डिवाइस बंद करने देगा. अगर यह नीति 'सही' पर सेट है तो, Google Chrome OS उपयोगकर्ता के डिवाइस को बंद करने पर उसे फिर से चालू (रीबूट) कर देगा. Google Chrome OS यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) में हर बार 'शटडाउन बटन' को 'रीबूट बटन' से बदल देता है. अगर उपयोगकर्ता 'पावर बटन' से डिवाइस को बंद कर देता है तो, वह अपने आप चालू नहीं होगा, भले ही नीति चालू हो.
एसी पावर पर चलते समय उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता अगर कोई भी इनपुट नहीं देता है तो, उसके बाद स्क्रीन की रोशनी कम हो जाती है.
जब इस नीति को शून्य से ज़्यादा मान पर सेट किया जाता है तो, यह Google Chrome OS की ओर से स्क्रीन की रोशनी कम किए जाने से पहले की उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता कोई गतिविधि नहीं करता.
जब इस नीति को शून्य पर सेट किया जाता है तो, उपयोगकर्ता की ओर से कोई गतिविधि नहीं करने के बावजूद Google Chrome OS स्क्रीन की रोशनी कम नहीं करता.
जब यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, एक डिफ़ॉल्ट समय सीमा का उपयोग किया जाता है.
नीति का मान मिलीसेकंड में तय किया जाना चाहिए. मानों को, स्क्रीन बंद होने में देरी (अगर सेट हो) और कोई गतिविधि नहीं में देरी से कम या उसके बराबर पर रखा जाता है.
एसी पावर पर चलते समय उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता अगर कोई भी इनपुट नहीं देता है तो, उसके बाद स्क्रीन बंद हो जाती है.
जब इस नीति को शून्य से ज़्यादा मान पर सेट किया जाता है तो, यह Google Chrome OS की ओर से स्क्रीन बंद किए जाने से पहले की उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता कोई गतिविधि नहीं करता.
जब इस नीति को शून्य पर सेट किया जाता है तो, उपयोगकर्ता की ओर से कोई गतिविधि नहीं करने के बावजूद Google Chrome OS स्क्रीन को बंद नहीं करता.
जब यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, एक डिफ़ॉल्ट समय सीमा का उपयोग किया जाता है.
नीति का मान मिलीसेकंड में तय किया जाना चाहिए. मानों को, कोई गतिविधि नहीं में देरी से कम या उसके बराबर पर रखा जाता है.
एसी पावर पर चलते समय उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता अगर कोई भी इनपुट नहीं देता है तो, उसके बाद स्क्रीन बंद हो जाती है.
जब इस नीति को शून्य से ज़्यादा मान पर सेट किया जाता है तो, यह Google Chrome OS की ओर से स्क्रीन बंद किए जाने से पहले की उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता कोई गतिविधि नहीं करता.
जब इस नीति को शून्य पर सेट किया जाता है तो, उपयोगकर्ता की ओर से कोई गतिविधि नहीं करने के बावजूद Google Chrome OS स्क्रीन को बंद नहीं करता.
जब यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, एक डिफ़ॉल्ट समय सीमा का उपयोग किया जाता है.
गतिविधि नहीं करने पर स्क्रीन को बंद करने का सुझाया गया तरीका यह है कि निलंबन पर स्क्रीन को बंद किया जाए और गतिविधि नहीं करने में देरी के बाद Google Chrome OS को निलंबित करने दिया जाए. इस नीति का उपयोग सिर्फ़ तभी किया जाना चाहिए जब स्क्रीन को बंद करना, निलंबन से काफ़ी समय पहले सामने आए या गतिविधि नहीं करने पर निलंबित किया जाना बिल्कुल भी ज़रूरी न हो.
नीति का मान मिलीसेकंड में तय किया जाना चाहिए. मानों को, कोई गतिविधि नहीं में देरी से कम या उसके बराबर पर रखा जाता है.
यह नीति उस समय सीमा के बारे में बताती है जिसमें इस्तेमाल करने वाले ने कोई गतिविधि नहीं की है. इसके बाद एसी पावर पर चलते समय एक चेतावनी संवाद दिखाया जाता है.
जब यह नीति सेट होती है, तो यह Google Chrome OS की ओर से कोई चेतावनी संवाद दिखाए जाने से पहले की उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक इस्तेमाल करने वाला कोई गतिविधि नहीं करता.
जब यह नीति सेट नहीं होती, तो कोई चेतावनी संवाद नहीं दिखाया जाता है.
इस नीति का मान मिलीसेकंड में बताया जाना चाहिए. मानों को इस्तेमाल में नहीं होने की देरी से कम या उसके बराबर रखा जाता है.
चेतावनी संदेश तभी दिखाया जाता है जब कुछ देर तक इस्तेमाल न होने की वजह से या तो वेबसाइट बंद होने वाली हो या फिर आप अपने खाते से लॉग आउट होने वाले हों.
AC पावर पर चलते समय, उस समय सीमा के बारे में बताती है जितनी देर तक उपयोगकर्ता कोई भी इनपुट न दे, उसके बाद इस्तेमाल में नहीं कार्रवाई की जाती है.
जब इस नीति को सेट किया जाता है, तो वह Google Chrome OS के इस्तेमाल में नहीं कार्रवाई करने से पहले की उस समय सीमा के बारे में बताती है जिसमें उपयोगकर्ता को निष्क्रिय रहना होगा, जिसे अलग से कॉन्फ़िगर किया जा सकता है.
जब नीति सेट नहीं की जाती, तो एक डिफ़ॉल्ट समय सीमा का इस्तेमाल किया जाता है.
नीति का मान मिलीसेकंड में बताया जाना चाहिए.
बैटरी पावर पर चलते समय उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता अगर कोई भी इनपुट नहीं देता है तो, उसके बाद स्क्रीन की रोशनी कम हो जाती है.
जब इस नीति को शून्य से ज़्यादा मान पर सेट किया जाता है तो, यह Google Chrome OS की ओर से स्क्रीन की रोशनी कम किए जाने से पहले की उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता कोई गतिविधि नहीं करता.
जब इस नीति को शून्य पर सेट किया जाता है तो, उपयोगकर्ता की ओर से कोई गतिविधि नहीं करने के बावजूद Google Chrome OS स्क्रीन की रोशनी कम नहीं करता.
जब यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, एक डिफ़ॉल्ट समय सीमा का उपयोग किया जाता है.
नीति का मान मिलीसेकंड में तय किया जाना चाहिए. मानों को, स्क्रीन बंद होने में देरी (अगर सेट हो) और कोई गतिविधि नहीं में देरी से कम या उसके बराबर पर रखा जाता है.
बैटरी पावर पर चलते समय उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता अगर कोई भी इनपुट नहीं देता है तो, उसके बाद स्क्रीन बंद हो जाती है.
जब इस नीति को शून्य से ज़्यादा मान पर सेट किया जाता है तो, यह Google Chrome OS की ओर से स्क्रीन बंद किए जाने से पहले की उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता कोई गतिविधि नहीं करता.
जब इस नीति को शून्य पर सेट किया जाता है तो, उपयोगकर्ता की ओर से कोई गतिविधि नहीं करने के बावजूद Google Chrome OS स्क्रीन को बंद नहीं करता.
जब यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, एक डिफ़ॉल्ट समय सीमा का उपयोग किया जाता है.
नीति का मान मिलीसेकंड में तय किया जाना चाहिए. मानों को, कोई गतिविधि नहीं में देरी से कम या उसके बराबर पर रखा जाता है.
बैटरी पावर पर चलते समय उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता अगर कोई भी इनपुट नहीं देता है तो, उसके बाद स्क्रीन बंद हो जाती है.
जब इस नीति को शून्य से ज़्यादा मान पर सेट किया जाता है तो, यह Google Chrome OS की ओर से स्क्रीन बंद किए जाने से पहले की उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता कोई गतिविधि नहीं करता.
जब इस नीति को शून्य पर सेट किया जाता है तो, उपयोगकर्ता की ओर से कोई गतिविधि नहीं करने के बावजूद Google Chrome OS स्क्रीन को बंद नहीं करता.
जब यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, एक डिफ़ॉल्ट समय सीमा का उपयोग किया जाता है.
गतिविधि नहीं करने पर स्क्रीन को बंद करने का सुझाया गया तरीका यह है कि निलंबन पर स्क्रीन को बंद किया जाए और गतिविधि नहीं करने में देरी के बाद Google Chrome OS को निलंबित करने दिया जाए. इस नीति का उपयोग सिर्फ़ तभी किया जाना चाहिए जब स्क्रीन को बंद करना, निलंबन से काफ़ी समय पहले सामने आए या गतिविधि नहीं करने पर निलंबित किया जाना बिल्कुल भी ज़रूरी न हो.
नीति का मान मिलीसेकंड में तय किया जाना चाहिए. मानों को, कोई गतिविधि नहीं में देरी से कम या उसके बराबर पर रखा जाता है.
यह नीति उस समय सीमा के बारे में बताती है जिसमें इस्तेमाल करने वाले ने कोई गतिविधि नहीं की है. इसके बाद बैटरी पावर पर चलते समय एक चेतावनी संवाद दिखाया जाता है.
जब यह नीति सेट होती है, तो यह Google Chrome OS की ओर से कोई चेतावनी संवाद दिखाए जाने से पहले की उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक इस्तेमाल करने वाला कोई गतिविधि नहीं करता.
जब यह नीति सेट नहीं होती, तो कोई चेतावनी संवाद नहीं दिखाया जाता है.
इस नीति का मान मिलीसेकंड में बताया जाना चाहिए. मानों को इस्तेमाल में नहीं होने की देरी से कम या उसके बराबर रखा जाता है.
चेतावनी संदेश तभी दिखाया जाता है जब कुछ देर तक इस्तेमाल न होने की वजह से या तो वेबसाइट बंद होने वाली हो या फिर आप अपने खाते से लॉग आउट होने वाले हों.
बैटरी पावर पर चलते समय, यह नीति उस अवधि को तय करती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता के कोई भी इनपुट न देने के बाद 'उपयोग में नहीं' की कार्रवाई की जाती है.
जब नीति सेट की जाती है तो, वह उस अवधि को तय करती है, जिसके बाद Google Chrome OS 'उपयोग में नहीं' की कार्रवाई करता है. इसके लिए ज़रूरी है कि कम से कम इतनी अवधि तक उपयोगकर्ता कुछ भी न करे. इस कार्रवाई को अलग से कॉन्फ़िगर किया जा सकता है.
जब नीति सेट नहीं की जाती तो, एक डिफ़ॉल्ट अवधि का उपयोग किया जाता है.
नीति का मान मिलीसेकंड में तय किया जाना चाहिए.
ध्यान दें कि इस नीति को रोक दिया गया और अब इसे हटा दिया जाएगा.
यह नीति और खास IdleActionAC और IdleActionBattery नीतियों को फॉलबैक मान देती है. अगर यह नीति सेट होती है, तो संबंधित ज़्यादा खास नीति के सेट नहीं होने पर इसके मान का ही इस्तेमाल होता है.
जब यह नीति सेट नहीं की गई हो, तो संबंधित ज़्यादा ख़ास नीतियों के बर्ताव पर असर नहीं पड़ता है.
जब यह नीति सेट होती है, तो यह उस कार्रवाई के बारे में बताती है जिसे Google Chrome OS तब करता है जब इस्तेमाल करने वाला उतने समय तक कोई गतिविधि नहीं करता है जितना कोई गतिविधि नहीं से बताया गया है, जिसे अलग से कॉन्फ़िगर किया जा सकता है.
जब यह नीति सेट नहीं होती, तो डिफ़ॉल्ट कार्रवाई की जाती है, जो कि है 'निलंबित करना'.
अगर कार्रवाई 'निलंबित करना' है, तो Google Chrome OS को अलग से कॉन्फ़िगर किया जा सकता है ताकि निलंबन से पहले स्क्रीन को लॉक या लॉक नहीं किया जा सके.
जब यह नीति सेट होती है, तो यह उस कार्रवाई के बारे में बताती है जिसे Google Chrome OS तब करता है जब इस्तेमाल करने वाला उतने समय तक कोई गतिविधि नहीं करता है जितना कोई गतिविधि नहीं से बताया गया है, जिसे अलग से कॉन्फ़िगर किया जा सकता है.
जब यह नीति सेट नहीं होती, तो डिफ़ॉल्ट कार्रवाई की जाती है, जो कि है 'निलंबित करना'.
अगर कार्रवाई 'निलंबित करना' है, तो Google Chrome OS को अलग से कॉन्फ़िगर किया जा सकता है ताकि निलंबन से पहले स्क्रीन को लॉक या लॉक नहीं किया जा सके.
जब यह नीति सेट हो, तो यह उस कार्रवाई के बारे में बताती है जिसे Google Chrome OS तब करता है जब इस्तेमाल करने वाला, डिवाइस का लिड (ढक्कन) बंद करता है.
जब यह नीति सेट नहीं होती, तो डिफ़ॉल्ट कार्रवाई की जाती है, जो कि है 'निलंबित करना'.
अगर कार्रवाई 'निलंबित करना' है, तो Google Chrome OS को अलग से कॉन्फ़िगर किया जा सकता है ताकि निलंबन से पहले स्क्रीन को लॉक या लॉक नहीं किया जा सके.
अगर नीति को सही पर सेट करते हैं या सेट नहीं करते हैं, तो जब ऑडियो चलता है तब उपयोगकर्ता को खाली बैठा हुआ नहीं माना जाता है. यह निष्क्रिय टाइमआउट होने से और निष्क्रिय कार्रवाई को होने से रोकता है. हालांकि, कॉन्फ़िगर किए गए टाइमआउट के बाद स्क्रीन की रोशनी कम होना, स्क्रीन बंद होना और स्क्रीन लॉक होना तो होगा, भले ही ऑडियो गतिविधि चल रही हो.
अगर नीति को गलत पर सेट करते हैं, तो ऑडियो गतिविधि इस्तेमाल करने वाले को खाली बैठा हुआ माने जाने से नहीं रोक पाती है.
अगर यह नीति सही पर सेट की जाती है या सेट नहीं की जाती, तो वीडियो चलने के दौरान इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को खाली बैठा हुआ नहीं माना जाता है. इससे 'इस्तेमाल में नहीं' विलंब, स्क्रीन बंद रहने का विलंब और स्क्रीन लॉक का विलंब और संगत कार्रवाइयां होने से रुक जाती हैं.
अगर यह नीति गलत पर सेट की जाती है, तो वीडियो गतिविधि इस्तेमाल करने वाले को खाली माने जाने से नहीं रोकती.
Android ऐप्लिकेशन में वीडियो चलाने पर ध्यान नहीं दिया जाता है, भले ही यह नीति True पर सेट हो.
डिवाइस के प्रस्तुतीकरण मोड में होने पर, यह नीति स्क्रीन की रोशनी कितनी देर में कम हो, इस समय को स्केल करने (घटाने या बढ़ाने) का प्रतिशत तय करती है.
अगर यह नीति सेट हो, तो डिवाइस के प्रस्तुतीकरण मोड में होने पर, यह नीति स्क्रीन की रोशनी कितनी देर में कम हो, इस समय को स्केल करने (घटाने या बढ़ाने) का प्रतिशत तय करती है. जब इस समय को कम या ज़्यादा किया जाता है, तो बंद स्क्रीन, स्क्रीन लॉक और 'इस्तेमाल में नहीं' की स्थिति में पहुंचने में लगने वाला समय एडजस्ट हो जाता है. यह इस तरह एडजस्ट होता है कि इस समय और स्क्रीन की रोशनी कम होने में लगने वाले समय के बीच वही समान दूरी बनी रहे जो मूल रूप से कॉन्फ़िगर की गई है.
अगर नीति सेट नहीं हो, तो स्केल करने का डिफ़ॉल्ट तरीका इस्तेमाल किया जाता है.
यह नीति तब लागू होती है, जब PowerSmartDimEnabled को बंद कर दिया जाता है. नहीं तो, इस नीति को अनदेखा कर दिया जाता है क्योंकि स्क्रीन की रोशनी कितनी देर में कम हो, यह मशीन लर्निंग के मॉडल से तय होता है.
स्केल फ़ैक्टर 100% या उससे ज़्यादा होना चाहिए. ऐसे मानों की अनुमति नहीं है जिनसे प्रस्तुतीकरण मोड में स्क्रीन की रोशनी कम होने में सामान्य से कम समय लगे.
साफ़ तौर पर बताया जाता है कि स्क्रीन को जगाने वाले लॉक (सक्रियता लॉक) की अनुमति है या नहीं. स्क्रीन को जगाने वाले लॉक का अनुरोध एक्सटेंशन से किया जा सकता है जो पावर प्रबंधन एक्सटेंशन API (एपीआई) और एआरसी के ज़रिए होता है.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट की जाती है या सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो स्क्रीन को जगाने वाले लॉक पावर प्रबंधन में काम करेंगे.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट की जाती है तो स्क्रीन को जगाने वाले लॉक के अनुरोधों को अनदेखा कर दिया जाएगा.
साफ़ तौर पर बताया जाता है कि स्क्रीन को जगाने वाले लॉक (सक्रियता लॉक) की अनुमति है या नहीं. स्क्रीन को जगाने वाले लॉक का अनुरोध एक्सटेंशन से किया जा सकता है जो पावर प्रबंधन एक्सटेंशन API (एपीआई) और एआरसी के ज़रिए होता है.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट की जाती है या सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो स्क्रीन को जगाने वाले लॉक पावर प्रबंधन में काम करेंगे, जब तक कि आप 'स्क्रीन को जगाने वाले लॉक को मंज़ूरी दें', को गलत पर सेट नहीं करते .
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट की जाती है, तो स्क्रीन को जगाने वाले लॉक अनुरोधों को सिस्टम को जगाने वाले लॉक अनुरोधों में तब्दील कर दिया जाएगा.
स्क्रीन की रोशनी कम होने या स्क्रीन बंद हो जाने के तुरंत बाद उपयोगकर्ता की किसी गतिविधि का पता चलने पर, यह नीति, स्क्रीन की रोशनी कितनी देर में कम हो, इस समय को स्केल करने (घटाने या बढ़ाने) का प्रतिशत तय करती है.
अगर यह नीति सेट हो, तो स्क्रीन की रोशनी कम होने या स्क्रीन बंद हो जाने के तुरंत बाद उपयोगकर्ता की किसी गतिविधि का पता चलने पर, स्क्रीन की रोशनी कितनी देर में कम हो, इस समय को घटाने या बढ़ाने का प्रतिशत तय करती है. जब इस समय को कम या ज़्यादा किया जाता है, तो बंद स्क्रीन, स्क्रीन लॉक और 'उपयोग में नहीं' की स्थिति में पहुंचने में लगने वाले समय को एडजस्ट किया जाता है. इसे ऐसे एडजस्ट किया जाता है कि इस समय और स्क्रीन की रोशनी कम होने में लगने वाले समय के बीच वही समान दूरी बनी रहे जो मूल रूप से कॉन्फ़िगर की गई है.
अगर नीति सेट नहीं हो, तो स्केल करने का डिफ़ॉल्ट तरीका इस्तेमाल किया जाता है.
यह नीति सिर्फ़ तब लागू की जा सकती है जब PowerSmartDimEnabled नीति बंद हो. नहीं तो, इस नीति को अनदेखा कर दिया जाता है क्योंकि स्क्रीन की रोशनी कितनी देर में कम हो, यह मशीन लर्निंग के मॉडल से तय होता है.
स्केल फ़ैक्टर 100% या उससे ज़्यादा होना चाहिए.
यह तय करती है कि क्या पावर प्रबंधन में देरी और सत्र की समय सीमा, सिर्फ़ किसी सत्र में पहले उपयोगकर्ता की गतिविधि का पता लगाने के बाद ही शुरू हो या नहीं.
अगर यह नीति सही पर सेट की जाती है तो, पावर प्रबंधन में देरी और सत्र की समय सीमा तब तक शुरू नहीं होती जब तक कि किसी सत्र में पहले उपयोगकर्ता की गतिविधि का पता नहीं चल जाता.
अगर यह नीति गलत पर सेट हो या बिना सेट किए हुए छोड़ दी जाए तो, पावर प्रबंधन में देरी और सत्र की समय सीमा, सत्र के शुरू होते ही काम करना चालू कर देती हैं.
यह नीति, इस्तेमाल करने वाले की ओर से कोई गतिविधि न होने पर, पावर प्रबंधन रणनीति के लिए एक से ज़्यादा सेटिंग नियंत्रित करती है.
इसमें चार तरह की कार्रवाइयां होती हैं: * अगर इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति |ScreenDim| के बताए हुए समय तक कोई गतिविधि नहीं करता है, तो स्क्रीन की रोशनी कम हो जाएगी. * अगर इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति |ScreenOff| के बताए हुए समय तक कोई गतिविधि नहीं करता है, तो स्क्रीन बंद हो जाएगी. * अगर इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति |IdleWarning| के बताए हुए समय तक कोई गतिविधि नहीं करता है, तो एक चेतावनी संवाद दिखाया जाएगा, जिससे उसे पता चलेगा कि गतिविधि न करने की कार्रवाई की जाने वाली है. चेतावनी संदेश तभी दिखाया जाता है जब कुछ देर तक इस्तेमाल न होने की वजह से या तो वेबसाइट बंद होने वाली हो या फिर आप अपने खाते से लॉग आउट होने वाले हों. * अगर इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति |Idle| के बताए हुए समय तक कोई गतिविधि नहीं करता, तो |IdleAction| की बताई हुई कार्रवाई की जाएगी.
ऊपर दी गई हर एक कार्रवाई के लिए, देरी को मिलीसेकंड में बताया जाना चाहिए और संबंधित कार्रवाई ट्रिगर करने के लिए इसे शून्य से बड़े मान पर सेट किया जाना चाहिए. अगर देरी को शून्य पर सेट किया जाता है, तो Google Chrome OS संबंधित कार्रवाई नहीं करेगा.
ऊपर दी गई हर एक देरी के लिए, समय अवधि सेट नहीं होने पर एक डिफ़ॉल्ट मान का इस्तेमाल किया जाएगा.
ध्यान रखें कि |ScreenDim| के मानों को कम करके |ScreenOff|, |ScreenOff| से कम या इसके बराबर कर दिया जाएगा और |IdleWarning| को कम करके |Idle| से कम या इसके बराबर कर दिया जाएगा.
|IdleAction| आगे दी गई चार संभावित कार्रवाइयों में से एक हो सकती है: * |Suspend| * |Logout| * |Shutdown| * |DoNothing|
जब |IdleAction| को सेट नहीं किया जाता है, तो डिफ़ॉल्ट कार्रवाई की जाती है, जो है 'निलंबित करना'.
एसी पावर और बैटरी के लिए अलग-अलग सेटिंग भी होती हैं.
एसी पावर या बैटरी पर चलते समय उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता अगर कोई भी इनपुट नहीं देता है तो, उसके बाद स्क्रीन बंद हो जाती है.
जब इस नीति को शून्य से ज़्यादा मान पर सेट किया जाता है तो, यह Google Chrome OS की ओर से स्क्रीन बंद किए जाने से पहले की उस समय सीमा के बारे में बताती है, जितनी देर तक उपयोगकर्ता कोई गतिविधि नहीं करता.
जब इस नीति को शून्य पर सेट किया जाता है तो, उपयोगकर्ता की ओर से कोई गतिविधि नहीं करने के बावजूद Google Chrome OS स्क्रीन को बंद नहीं करता.
जब यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, एक डिफ़ॉल्ट समय सीमा का उपयोग किया जाता है.
गतिविधि नहीं करने पर स्क्रीन को बंद करने का सुझाया गया तरीका यह है कि निलंबन पर स्क्रीन को बंद किया जाए और गतिविधि नहीं करने में देरी के बाद Google Chrome OS को निलंबित करने दिया जाए. इस नीति का उपयोग सिर्फ़ तभी किया जाना चाहिए जब स्क्रीन को बंद करना, निलंबन से काफ़ी समय पहले सामने आए या गतिविधि नहीं करने पर निलंबित किया जाना बिल्कुल भी ज़रूरी न हो.
नीति का मान मिलीसेकंड में तय किया जाना चाहिए. मानों को, कोई गतिविधि नहीं में देरी से कम या उसके बराबर पर रखा जाता है.
यह बताती है कि 'स्मार्ट डिम मॉडल' को रोशनी कम हो जाने तक समय बढ़ाने की मंज़ूरी है या नहीं.
जब स्क्रीन की रोशनी कम होने ही वाली होती है, तब 'स्मार्ट डिम मॉडल' इस बात का पता लगाता है कि क्या स्क्रीन की रोशनी कम करने को टाला जाना चाहिए. अगर 'स्मार्ट डिम मॉडल' स्क्रीन की रोशनी कम करने को टाल देता है, तो वह स्क्रीन की रोशनी कम होने तक के समय में बढ़ोतरी कर देता है. इस मामले में, स्क्रीन बंद होने, स्क्रीन लॉक होने और स्क्रीन का इस्तेमाल न होने के विलंब एडजस्ट हो जाते हैं, जिससे स्क्रीन की रोशनी कम होने के विलंब का वही अंतर बनाए रखा जा सके जैसा मूल रूप से कॉन्फ़िगर किया गया है. अगर यह नीति सही पर सेट की जाती है या सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो 'स्मार्ट डिम मॉडल' चालू कर दिया जाएगा और उसे स्क्रीन की रोशनी कम होने तक के समय में बढ़ोतरी करने की मंज़ूरी होगी. अगर यह नीति गलत पर सेट की जाती है, तो 'स्मार्ट डिम मॉडल' का स्क्रीन की रोशनी कम होने पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
स्क्रीन चमक प्रतिशत तय करता है. जब यह नीति सेट की जाती है, तो शुरुआत में, स्क्रीन चमक को नीति मान के हिसाब से सिंक किया जाता है, लेकिन इस्तेमाल करने वाला इसे बाद में बदल सकता है. ऑटो-चमक सुविधाएं चालू नहीं हैं. जब यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो उपयोगकर्ता स्क्रीन नियंत्रण और ऑटो-चमक सुविधाओं पर इसका कोई असर नहीं होता. नीति मानों को 0-100 की बीच में ही सेट किया जाना चाहिए.
पावर पीक शिफ़्ट बैटरी थ्रेसहोल्ड का प्रतिशत तय करें.
यह नीति तब लागू होगी जब DevicePowerPeakShiftEnabled सही पर सेट हो.
अगर नीति को कॉन्फ़िगर नहीं किया जाता है या उसे बिना सेट किए ही छोड़ दिया जाता है, तो पावर पीक शिफ़्ट काम नहीं करेगा.
दिन में पावर पीक शिफ़्ट मोड का इस्तेमाल करने के लिए इसे सेट करें.
यह नीति तब लागू होगी जब DevicePowerPeakShiftEnabled सही पर सेट हो.
अगर नीति को कॉन्फ़िगर नहीं किया जाता है या उसे बिना सेट किए ही छोड़ दिया जाता है, तो पावर पीक शिफ़्ट काम नहीं करेगा.
ध्यान देंः start_time, end_time और charge_start_time में minute फ़ील्ड में डाले जाने वाले मान, 0, 15, 30, 45 हो सकते हैं.
यह नीति पावर पीक शिफ़्ट की पावर प्रबंधन नीति चालू करती है.
पीक शिफ़्ट पावर बचाने की नीति है. यह दिन के उस समय के दौरान ऑल्टरनेटिंग करंट की खपत को कम करती है, जिस समय पावर की सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है. हर हफ़्ते के कामकाजी दिनों में पावर पीक शिफ़्ट मोड में चालू होने और बंद होने का टाइम सेट किया जा सकता है. इस दौरान सिस्टम बैटरी से चलेगा, भले ही उसे ऑल्टरनेटिंग करंट से बिजली क्यों न मिल रही हो. ऐसा तब तक होगा जब तक कि बैटरी एक तय निशान से नीचे नहीं पहुंच जाती है. तय समय खत्म होने के बाद सिस्टम अपने आप ऑल्टरनेटिंग करंट से मिलने वाली बिजली से चलने लगेगा. इसके लिए, सिस्टम का बिजली से जुड़ा होना ज़रूरी है. हालांकि, इस दौरान बैटरी चार्ज नहीं होगी. सिस्टम ऑल्टरनेटिंग करंट से मिलने वाली बिजली का दोबारा इस्तेमाल करके, सामान्य तरीके से काम करने लगेगा. चार्ज शुरू होने के बाद, सिस्टम बैटरी चार्ज करने लगेगा.
अगर यह नीति सही पर सेट है साथ ही DevicePowerPeakShiftBatteryThreshold, DevicePowerPeakShiftDayConfig सेट हैं, तो पावर पीक शिफ़्ट हमेशा चालू रहेगा. हालांकि, इसके लिए उस डिवाइस का पावर पीक शिफ़्ट काम करना चाहिए.
अगर यह नीति गलत पर सेट है, तो पावर पीक शिफ़्ट हमेशा बंद रहेगा.
अगर आपने यह नीति सेट कर दी है, तो उपयोगकर्ता इसमें बदलाव नहीं कर सकते है.
इस नीति को सेट किए बिना ही छोड़ देने पर, पावर पीक शिफ़्ट शुरुआत में ही बंद हो जाता है और उपयोगकर्ता इसे चालू नहीं कर सकता है.
'एसी (अल्टरनेट करंट) पर बूट करें' सुविधा की पावर प्रबंधन नीति चालू करें.
'एसी (अल्टरनेट करंट) पर बूट करें' सुविधा चालू करने के बाद, जब सिस्टम को लाइन पावर से कनेक्ट किया जाता है, ताे सिस्टम बंद/हाइबरनेट स्थिति से अपने आप बूट हाेना शुरू हाे जाता है.
इस नीति के सही पर सेट हाेने पर, अगर डिवाइस पर 'एसी (अल्टरनेट करंट) पर बूट करें' सुविधा इस्तेमाल की जा सकती हाेगी, ताे 'एसी (अल्टरनेट करंट) पर बूट करें' सुविधा हमेशा चालू रहेगी.
अगर यह नीति गलत पर सेट है, तो डिवाइस पर 'एसी (अल्टरनेट करंट) पर बूट करें' की सुविधा हमेशा बंद रहेगी.
अगर आप यह नीति सेट करते हैं, तो इस्तेमाल करने वाले लोग न इसे बदल सकते हैं, न ही ओवरराइड कर सकते हैं.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ी जाती है, तो 'एसी (अल्टरनेट करंट) पर बूट करें' सुविधा हमेशा बंद रहेगी और उपयाेगकर्ता इसे चालू नहीं कर पाएंगे.
बेहतर बैटरी चार्ज मोड पावर प्रबंधन नीति चालू करें.
बेहतर बैटरी चार्जिंग मोड की मदद से, उपयोगकर्ता अपनी बैटरी को ज़्यादा दिनों तक चला सकते हैं. बेहतर चार्जिंग मोड में, बैटरी को ज़्यादा दिनों तक चलाने के लिए काम नहीं करने वाले समय के दौरान, सिस्टम मानक चार्जिंग एल्गोरिद्म और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल करेगा. काम के समय के दौरान, एक्सप्रेस चार्ज का इस्तेमाल किया जाता है. इस एक्सप्रेस चार्ज की मदद से बैटरी तेज़ी से चार्ज होती है; इसलिए, बैटरी जल्द ही पूरी तरह चार्ज हो जाती है. जिस दिन सिस्टम का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाएगा, तो शुरु होने के समय और अवधि के ज़रिए बताया जाता है.
अगर यह नीति सही पर सेट की जाती है और DeviceAdvancedBatteryChargeModeDayConfig सेट होता है, तो डिवाइस में सुविधा होने पर बेहतर बैटरी चार्ज मोड हमेशा चालू रहेगा.
अगर यह नीति गलत पर सेट की जाती है, तो बेहतर बैटरी चार्ज मोड हमेशा बंद रहेगा.
अगर आपने यह नीति सेट कर दी है, तो उपयोगकर्ता इसमें बदलाव नहीं कर सकते है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो बेहतर बैटरी चार्ज मोड बंद कर दिया जाता है. साथ ही, इस्तेमाल करने वाला इसे चालू नहीं कर सकता.
दिन में बेहतर बैटरी चार्ज मोड कॉन्फ़िगरेशन सेट करें.
इस नीति का इस्तेमाल तभी किया जाता है अगर DeviceAdvancedBatteryChargeModeEnabled को सही पर सेट किया गया हो.
अगर इस नीति को कॉन्फ़िगर नहीं किया जाता है या सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो बेहतर चार्ज मोड हमेशा ही बंद रहेगा.
ध्यान दें: charge_start_time, charge_end_time से कम होना चाहिए.
नोट: charge_start_time और charge_end_time में minute फ़ील्ड के लिए मंज़ूरी दिए गए मान 0, 15, 30 और 45 हैं.
बैटरी चार्ज मोड पावर प्रबंधन की नीति के बारे में बताती है.
बैटरी चार्जिंग को डायनैमिक तरीके से नियंत्रित करें ताकि बैटरी पर ज़ोर पड़ने की वजह से उसका जल्दी खत्म होना कम से कम किया जा सके. साथ ही, बैटरी को बेहतर बनाया जा सके.
अगर कस्टम बैटरी चार्ज मोड चुना जाता है, तो DeviceBatteryChargeCustomStartCharging और DeviceBatteryChargeCustomStopCharging के बारे में बताया जाना चाहिए.
अगर यह नीति सेट की जाती है, तो बैटरी चार्ज मोड तब लागू किया जाएगा जब डिवाइस पर इसकी सुविधा हो.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है और डिवाइस पर नीति की सुविधा नहीं है, तो मानक बैटरी चार्ज मोड लागू किया जाएगा. साथ ही, इस्तेमाल करने वाला उसे बदल नहीं सकता.
ध्यान दें: अगर पहली नीति के बारे में बताया गया हो, तो DeviceAdvancedBatteryChargeModeEnabled इस नीति को ओवरराइड कर देता है.
बैटरी चार्ज कस्टम स्टार्ट चार्जिंग को प्रतिशत में सेट करें.
बैटरी चार्ज कस्टम स्टार्ट चार्जिंग मान खत्म होने पर, बैटरी चार्ज होने लगती है.
DeviceBatteryChargeCustomStartCharging, DeviceBatteryChargeCustomStopCharging से कम होना चाहिए.
इस नीति का इस्तेमाल तभी किया जाता है जब DeviceBatteryChargeMode को कस्टम पर सेट किया गया हो.
अगर यह नीति कॉन्फ़िगर नहीं की जाती या सेट किए बिना ही छोड़ दी जाती है, तो मानक बैटरी चार्ज मोड लागू होगा.
बैटरी चार्ज कस्टम स्टॉप चार्जिंग को प्रतिशत में सेट करें.
जब बैटरी, बैटरी चार्ज कस्टम स्टॉप चार्जिंग के मान तक पहुंच जाती है, तो वह चार्ज होना बंद हो जाती है.
DeviceBatteryChargeCustomStartCharging, DeviceBatteryChargeCustomStopCharging से कम होना चाहिए.
इस नीति का इस्तेमाल तभी किया जाता है जब DeviceBatteryChargeMode को कस्टम पर सेट किया गया हो.
अगर यह नीति कॉन्फ़िगर नहीं की जाती या सेट किए बिना ही छोड़ दी जाती है, तो मानक बैटरी चार्ज मोड लागू होगा.
यूएसबी पावर शेयर पावर प्रबंधन नीति चालू करें.
कुछ डिवाइस में चमकते हुए बोल्ट या बैटरी आइकॉन के निशान वाला खास यूएसबी पोर्ट होता है. इसे सिस्टम की बैटरी का इस्तेमाल करके मोबाइल फ़ोन जैसे कि डिवाइस को चार्ज करने के लिए किया जा सकता है. यह नीति सिस्टम के इस्तेमाल में न होने और शट डाउन मोड में होने के दौरान, इस पोर्ट के चार्जिंग के बर्ताव पर असर डालती है. यह नीति सिस्टम के काम करने के दौरान, दूसरे यूएसबी पोर्ट और चार्जिंग के बर्ताव पर असर नहीं डालती है.
चालू होने पर, यूएसबी पोर्ट से हमेशा पावर मिलेगी.
काम नहीं करने के दौरान, अगर इस नीति को सही पर सेट किया गया हो, तो यूएसबी पोर्ट को पावर तब दी जाएगी जब डिवाइस को वॉल चार्जर में लगाया गया हो या अगर बैटरी का लेवल 50% से ज़्यादा हो. अगर नहीं, तो कोई पावर नहीं दी जाती.
शट डाउन होने पर, अगर यह नीति सही पर सेट की जाती है, तो यूएसबी पोर्ट को पावर तब दी जाएगी जब डिवाइस को वॉल चार्जर में प्लग किया गया हो. अगर नहीं, तो कोई पावर नहीं दी जाती.
अगर इस नीति को सेट किए बिना ही छोड़ दिया जाता है, तो नीति चालू हो जाती है. साथ ही, इस्तेमाल करने वाला इसे बंद नहीं कर सकता है.
अगर यह सेटिंग चालू होती है, तो उपयोगकर्ता Google Chrome में पासवर्ड याद रख सकते हैं और अगली बार किसी साइट में लॉग इन करते समय उन्हें अपने आप इस्तेमाल में ला सकते हैं.
अगर यह सेटिंग बंद होती है, तो इस्तेमाल करने वाले लोग नए पासवर्ड सेव नहीं कर सकते हैं लेकिन वे अब भी पहले से सेव किए गए पासवर्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं.
अगर यह नीति चालू या बंद होती है, तो इस्तेमाल करने वाले लोग इसे Google Chrome में बदल सकते हैं या ओवरराइड कर सकते हैं. अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो पासवर्ड सेव करने की अनुमति होती है (लेकिन इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति इसे बंद कर सकता है).
इस नीति का Android ऐप्लिकेशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
Google Chrome में प्रिंटिंग सक्षम करता है और उपयोगकर्ताओं को यह सेटिंग बदलने से रोकता है.
अगर यह सेटिंग चालू है या कॉन्फ़िगर नहीं की गई है, तो उपयोगकर्ता प्रिंट कर सकते हैं.
अगर यह सेटिंग बंद है, तो उपयोगकर्ता Google Chrome से प्रिंट कर सकते हैं. पाना मेन्यू, एक्सटेंशन, JavaScript ऐप्लिकेशन, वगैरह में प्रिंटिंग बंद है. प्रिंट करते समय Google Chrome को बायपास करने वाले प्लग इन से प्रिंट करना अब भी संभव है. उदाहरण के लिए, कुछ Flash ऐप्लिकेशन के संदर्भ मेन्यू में प्रिंट विकल्प होता है, जिसे यह नीति कवर नहीं करती है.
इस नीति का Android ऐप्लिकेशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
Google Chrome को, मशीन से कनेक्ट किए गए Google Cloud Print और लीगेसी प्रिंटर के बीच प्रॉक्सी की तरह काम करने लायक बनाती है.
अगर यह सेटिंग चालू है या कॉन्फ़िगर नहीं है, तो उपयोगकर्ता अपने Google खाते की पुष्टि के साथ क्लाउड प्रिंट प्रॉक्सी चालू कर सकते हैं.
अगर यह सेटिंग बंद है, तो उपयोगकर्ता प्रॉक्सी को चालू नहीं कर सकते, और मशीन को Google Cloud Print के साथ प्रिंटर साझा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
प्रिंटिंग को सिर्फ़ कलर, सिर्फ़ मोनोक्रोम पर या कोई कलर मोड प्रतिबंध नहीं पर सेट करती है. कोई नीति सेट न की गई हो, तो माना जाता है कि कोई प्रतिबंध नहीं है.
डुप्लेक्स मोड में प्रिंट करना रोक देती है. सेट न की गई और खाली छोड़ दी गई नीति पर कोई रोक नहीं होती है.
डिफ़ॉल्ट रूप से कलर मोड में प्रिंट करना ओवरराइड कर देती है. अगर मोड उपलब्ध नहीं है तो नीति को अनदेखा कर दिया जाता है.
डिफ़ॉल्ट रूप से डुप्लेक्स मोड में प्रिंट करना ओवरराइड कर देती है. अगर मोड उपलब्ध नहीं है तो नीति को अनदेखा कर दिया जाता है.
प्रिंट के लिए Google Cloud Print में दस्तावेज़ सबमिट करने के लिए Google Chrome को सक्षम करता है. ध्यान दें: यह केवल Google Chrome में Google Cloud Print समर्थन को प्रभावित करता है. यह उपयोगकर्ताओं को वेबसाइटों पर प्रिंट जॉ सबमिट करने से नहीं रोकता है.
अगर सेटिंग सक्षम है या कॉन्फ़िगर नहीं की गई है, तो उपयोगकर्ता Google Chrome प्रिंट डॉयलॉग से Google Cloud Print में प्रिंट कर सकता है.
अगर सेटिंग अक्षम है, तो उपयोगकर्ता Google Chrome प्रिंट डॉयलॉग से Google Cloud Print में प्रिंट नहीं कर सकता
प्रिंट की झलक के बजाय सिस्टम प्रिंट संवाद दिखाती है.
जब यह सेटिंग चालू होती है और कोई उपयोगकर्ता पेज को प्रिंट किए जाने का अनुरोध करता है तो, Google Chrome पहले से मौजूद प्रिंट की झलक के बजाय सिस्टम प्रिंट संवाद खोलेगा.
अगर यह नीति सेट नहीं की गई हो या गलत पर सेट की गई हो तो, प्रिंट के लिए दिया गया निर्देश प्रिंट की झलक स्क्रीन को शुरू कर देता है.
प्रिंटिंग संवाद में 'हैडर और फ़ुटर' को जबर्दस्ती चालू या बंद करें.
अगर नीति सेट न की गई हो, तो उपयोगकर्ता यह तय कर सकता है कि हैडर और फ़ुटर प्रिंट करने हैं या नहीं.
अगर नीति 'गलत' पर सेट है, तो प्रिंट की झलक वाले संवाद में 'हैडर और फ़ुटर' नहीं चुना गया होता है और उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकता है.
अगर नीति 'सही' पर सेट है, तो प्रिंट की झलक वाले संवाद में 'हैडर और फ़ुटर' चुना गया होता है और उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकता है.
Google Chrome डिफ़ॉल्ट प्रिंटर चुनने के नियमों को ओवरराइड करती है.
यह नीति Google Chrome में डिफ़ॉल्ट प्रिंटर चुनने के नियम तय करती है. चुनने की यह प्रक्रिया 'प्रिंट फ़ंक्शन' को पहली बार किसी प्रोफ़ाइल के साथ इस्तेमाल करने पर सामने आती है.
इस नीति को सेट किए जाने पर Google Chrome सभी तय की गई विशेषताओं से मिलान करने वाला प्रिंटर ढूंढने की कोशिश करेगा और उसे डिफ़ॉल्ट प्रिंटर के रूप में चुनेगा. नीति से मिलान करने वाला जो पहला प्रिंटर मिलता है, उसे चुना जाता है. अगर पूरी तरह से मिलान करने वाला कोई प्रिंटर ना मिले, तो खोज के दौरान पहले सामने आने वाले क्रम में प्रिंटर चुने जाते हैं.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है या समय खत्म होने से पहले मिलान करने वाला प्रिंटर नहीं मिलता है, तो पहले से मौजूद पीडीएफ़ प्रिंटर को डिफ़ॉल्ट प्रिंटर के रूप में चुन लिया जाता है. अगर पीडीएफ़ प्रिंटर उपलब्ध नहीं होता है, तो कोई प्रिंटर नहीं चुना जाता है.
नीचे दिए गए स्कीमा की पुष्टि करते हुए, मान को JSON ऑब्जेक्ट के रूप में पार्स किया जाता है: { "type": "object", "properties": { "kind": { "description": "मिलान करने वाले प्रिंटर की खोज को प्रिंटर के खास सेट तक सीमित करना है या नहीं.", "type": "string", "enum": [ "local", "cloud" ] }, "idPattern": { "description": "प्रिंटर आईडी से मिलान करने के लिए रेगुलर एक्सप्रेशन.", "type": "string" }, "namePattern": { "description": "प्रिंटर के दिखाई देने वाले नाम से मिलान करने के लिए रेगुलर एक्सप्रेशन.", "type": "string" } } }
Google Cloud Print से कनेक्ट किए गए प्रिंटर "cloud" माने जाते हैं, बाकी प्रिंटर "local" की श्रेणी में रखे जाते हैं. किसी फ़ील्ड को हटाने का मतलब है सभी मानों का मिलान करना, उदाहरण के लिए, कनेक्टिविटी तय नहीं करने से 'प्रिंट की झलक' सभी तरह के प्रिंटर, स्थानीय और क्लाउड प्रिंटर की खोज शुरू कर देगी. रेगुलर एक्सप्रेशन पैटर्न को JavaScript RegExp सिंटैक्स फ़ॉलो करना होगा और मिलान केस संवेदी होते हैं.
इस नीति का Android ऐप्लिकेशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
प्रिंटर की सूची कॉन्फ़िगर करती है.
यह नीति एडमिन को अपने उपयोगकर्ताओं के लिए प्रिंटर कॉन्फ़िगरेशन उपलब्ध कराने देती है.
display_name और description स्वतंत्र फ़ॉर्म स्ट्रिंग हैं जिन्हें प्रिंटर चुनने में आसानी के लिए पसंद के मुताबिक बनाया जा सकता है. manufacturer और model अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए प्रिंटर की पहचान करना आसान बनाने का काम करते हैं. वे प्रिंटर के निर्माता और मॉडल को दर्शाते हैं. uri एक ऐसा पता होना चाहिए जिस पर क्लाइंट कंप्यूटर से पहुंचा जा सके जिसमें scheme, port और queue शामिल हैं. uuid वैकल्पिक है. अगर उपलब्ध कराया गया हो, तो इसका इस्तेमाल zeroconf प्रिंटर की कॉपी हटाने के लिए किया जाता है.
effective_model का मिलान किसी एक स्ट्रिंग से होना चाहिए जो Google Chrome OS पर काम करने वाले प्रिंटर को दर्शाती है. स्ट्रिंग का इस्तेमाल प्रिंटर के लिए सही PPD की पहचान करके उसे इंस्टॉल करने के लिए किया जाएगा. ज़्यादा जानकारी https://support.google.com/chrome?p=noncloudprint पर मिल सकती है.
किसी प्रिंटर का पहली बार इस्तेमाल करते ही प्रिंटर का सेटअप पूरा हो जाता है. PPD तब तक डाउनलोड नहीं किए जाते हैं जब तक कि प्रिंटर का इस्तेमाल नहीं किया जाता. उस समय के बाद, अक्सर इस्तेमाल होने वाले PPD कैश मेमोरी में रख दिए जाते हैं.
इस नीति का इस पर कोई असर नहीं होता कि उपयोगकर्ता अलग-अलग डिवाइस पर प्रिंटर कॉन्फ़िगर कर सकते हैं या नहीं. इसे अलग-अलग उपयोगकर्ताओं के प्रिंटर के कॉन्फ़िगरेशन का पूरक होने के लिए बनाया गया है.
सक्रिय निर्देशिका से प्रबंधित होने वाले डिवाइसों के लिए यह नीति ${MACHINE_NAME[,pos[,count]]} का सक्रिय निर्देशिका के मशीन नाम या उसकी सबस्ट्रिंग में विस्तार करने का समर्थन करती है. उदाहरण के लिए, अगर मशीन नाम CHROMEBOOK है, तो फिर ${MACHINE_NAME,6,4} को 6ठी जगह के बाद शुरू होने वाले 4 वर्णों, यानी BOOK से बदल दिया जाएगा. ध्यान रखें कि यह स्थिति शून्य-आधारित होती है.
एंटरप्राइज़ प्रिंटर के लिए कॉन्फ़िगरेशन उपलब्ध कराती है.
यह नीति आपको Google Chrome OS डिवाइसों के लिए प्रिंटर कॉन्फ़िगरेशन उपलब्ध कराने की मंज़ूरी देती है. इसका फ़ॉर्मैट NativePrinters शब्दकोश की तरह ही होता है. इसमें अलग से एक "id" या "guid" फ़ील्ड दिया जाता है, जिसे भरना प्रिंटर को मंज़ूरी दिलवाने वाली सूची या रोक लगाने वाली सूची के लिए ज़रूरी होता है.
फ़ाइल पाँच एमबी से ज़्यादा बड़ी नहीं होनी चाहिए और उसे जेएसओएन (JSON) कोड में बदला जाना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि करीब 21,000 प्रिंटर वाली फ़ाइल पाँच एमबी वाली फ़ाइल के रूप में कोड की जाएगी. क्रिप्टोग्राफ़िक हैश का इस्तेमाल करके यह पक्का किया जाता है कि डाउनलोड पूरा हो गया है और सही तरह से हो गया है.
फ़ाइल को डाउनलोड करके कैश मेमोरी में रखा जाता है. अगर यूआरएल या हैश में कोई बदलाव होगा तो उसे फिर से डाउनलोड किया जाएगा.
अगर यह नीति सेट की जाती है, तो Google Chrome OS प्रिंटर कॉन्फ़िगरेशन के लिए फ़ाइल डाउनलोड करेगा और NativePrintersBulkAccessMode, NativePrintersBulkWhitelist, और NativePrintersBulkBlacklist के मुताबिक प्रिंटर उपलब्ध कराएगा.
अगर आप यह नीति सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकते या इसे ओवरराइड नहीं कर सकते.
इस नीति का इस पर कोई असर नहीं होता कि उपयोगकर्ता अलग-अलग डिवाइस पर प्रिंटर कॉन्फ़िगर कर पाते हैं या नहीं. यह नीति अलग-अलग उपयोगकर्ताओं के प्रिंटर को कॉन्फ़िगर करने के तरीके की पूरक है.
यह नियंत्रित करती है कि NativePrintersBulkConfiguration से कौन-कौन से प्रिंटर उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध हैं.
बल्क प्रिंटर कॉन्फ़िगरेशन के लिए उपयोग की जाने वाली एक्सेस नीति के बारे में बताती है. अगर AllowAll को चुना जाता है, तो सभी प्रिंटर दिखाए जाते हैं. अगर BlacklistRestriction को चुना जाता है, तो तय किए गए प्रिंटर के एक्सेस सीमित करने के लिए NativePrintersBulkBlacklist का उपयोग किया जाता है. अगर WhitelistPrintersOnly को चुना जाता है, तो NativePrintersBulkWhitelist सिर्फ़ चुने जा सकने वाले प्रिंटर के बारे में बताती है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो AllowAll की स्थिति मानी जाती है.
उन प्रिंटर के बारे में बताती है जिनका इस्तेमाल उपयोगकर्ता नहीं कर सकता है.
इस नीति का इस्तेमाल तभी किया जाता है अगर NativePrintersBulkAccessMode के लिए BlacklistRestriction को चुना गया हो.
अगर इस नीति का इस्तेमाल किया जाता है, तो उपयोगकर्ता को इस नीति की सूची में शामिल आईडी को छोड़कर सभी प्रिंटर उपलब्ध कराए जाते हैं. आईडी, NativePrintersBulkConfiguration में बताई गई फ़ाइल के "id" या "guid" फ़ील्ड के मुताबिक होने चाहिए.
उन प्रिंटर के बारे में बताती है जिनका इस्तेमाल कोई उपयोगकर्ता कर सकता है. इस नीति का इस्तेमाल तभी किया जाता है जब NativePrintersBulkAccessMode के लिए WhitelistPrintersOnly को चुना गया हो.
अगर इस नीति का इस्तेमाल किया जाता है तो, सिर्फ़ ऐसे प्रिंटर उपयोगकर्ता को उपलब्ध कराए जाते हैं जिनके आईडी इस नीति में दिए गए मान से मेल खाते हैं. आईडी NativePrintersBulkConfiguration में बताई गई फ़ाइल के "id" या "guid" फ़ील्ड के मुताबिक होने चाहिए.
डिवाइस से जुड़े एंटरप्राइज़ प्रिंटर के लिए कॉन्फ़िगरेशन उपलब्ध कराती है.
यह नीति आपको Google Chrome OS डिवाइसों के लिए प्रिंटर कॉन्फ़िगरेशन उपलब्ध कराने देती है. इसका फ़ॉर्मैट NativePrinters शब्दकोश की तरह ही होता है, जिसमें श्वेतसूची में डालने या काली सूची में डालने के लिए हर प्रिंटर के लिए "id" या "guid" फ़ील्ड की अलग से ज़रूरत होती है. फ़ाइल 5 एमबी से ज़्यादा बड़ी नहीं होनी चाहिए और उसे JSON कोड में बदला जाना चाहिए. ऐसा अनुमान है कि करीब 21,000 प्रिंटर वाली फ़ाइल 5MB वाली फ़ाइल के रूप में कोड में बदल जाएगी. डाउनलोड सही और पूरी तरह से हुआ है या नहीं इसकी पुष्टि करने के लिए क्रिप्टोग्राफ़िक हैश का इस्तेमाल किया जाता है.
फ़ाइल को डाउनलोड करके कैश मेमोरी में रखा जाता है. यूआरएल या हैश में बदलाव होने पर उसे फिर से डाउनलोड किया जाएगा.
अगर यह नीति सेट की जाती है, तो Google Chrome OS प्रिंटर कॉन्फ़िगरेशन के लिए फ़ाइल डाउनलोड करेगा और DeviceNativePrintersAccessMode, DeviceNativePrintersWhitelist और DeviceNativePrintersBlacklist के मुताबिक प्रिंटर उपलब्ध कराएगा.
यह नीति इस पर कोई असर नहीं डालती कि उपयोगकर्ता अलग-अलग डिवाइस पर प्रिंटर कॉन्फ़िगर कर सकते हैं या नहीं. इसे अलग-अलग उपयोगकर्ताओं के प्रिंटर के कॉन्फ़िगरेशन का पूरक होने के लिए बनाया गया है.
यह नीति NativePrintersBulkConfiguration के आगे का भाग है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो कोई डिवाइस प्रिंटर उपलब्ध नहीं होगा और दूसरी DeviceNativePrinter* नीतियां नज़रअंदाज़ कर दी जाएंगी.
यह नियंत्रित करती है कि DeviceNativePrinters से कौन-कौन से प्रिंटर उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध हैं.
बल्क प्रिंटर कॉन्फ़िगरेशन के लिए उपयोग की जाने वाली एक्सेस नीति के बारे में बताती है. अगर AllowAll को चुना जाता है, तो सभी प्रिंटर दिखाए जाते हैं. अगर BlacklistRestriction को चुना जाता है, तो तय किए गए प्रिंटर के एक्सेस सीमित करने के लिए DeviceNativePrintersBlacklist का उपयोग किया जाता है. अगर WhitelistPrintersOnly को चुना जाता है, तो DeviceNativePrintersWhitelist सिर्फ़ चुने जा सकने वाले प्रिंटर के बारे में बताती है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो AllowAll की स्थिति मानी जाती है.
यह नीति उन प्रिंटर के बारे में बताती है जिनका इस्तेमाल उपयोगकर्ता नहीं कर सकता है.
इस नीति का इस्तेमाल तभी किया जा सकता है जब DeviceNativePrintersAccessMode के लिए BlacklistRestriction को चुना गया हो.
अगर इस नीति का इस्तेमाल किया जाता है तो, उपयोगकर्ता को इस नीति की सूची में शामिल आईडी को छोड़कर बाकी सभी प्रिंटर उपलब्ध कराए जाते हैं. आईडी, DeviceNativePrinters में बताई गई फ़ाइल के "id" या "guid" फ़ील्ड के मुताबिक होने चाहिए.
उन प्रिंटर के बारे में बताती है जिनका इस्तेमाल कोई उपयोगकर्ता कर सकता है.
इस नीति का इस्तेमाल तभी किया जाता है जब DeviceNativePrintersAccessMode के लिए WhitelistPrintersOnly को चुना गया हो
अगर इस नीति का इस्तेमाल किया जाता है तो, सिर्फ़ ऐसे प्रिंटर उपयोगकर्ता को उपलब्ध कराए जाते हैं जिनके आईडी इस नीति में दिए गए मान से मेल खाते हैं. आईडी DeviceNativePrinters में बताई गई फ़ाइल के "id" या "guid" फ़ील्ड के मुताबिक होने चाहिए.
इसके कारण Google Chrome, 'प्रिंट की झलक' में डिफ़ॉल्ट पसंद के तौर पर, सबसे हाल में उपयोग किए गए प्रिंटर के बजाय सिस्टम डिफ़ॉल्ट प्रिंटर का इस्तेमाल करता है.
अगर आप इस सेटिंग को बंद कर देते हैं या कोई मान तय नहीं करते हैं तो, 'प्रिंट की झलक' डिफ़ॉल्ट पसंद के तौर पर सबसे हाल में उपयोग किए गए प्रिंटर का इस्तेमाल करेगा.
अगर आप इस सेटिंग को चालू करते हैं तो, 'प्रिंट की झलक' डिफ़ॉल्ट पसंद के तौर पर OS सिस्टम डिफ़ॉल्ट प्रिंटर का उपयोग करेगा.
यह नीति आपको Google Chrome का इस्तेमाल किया जाने वाला प्रॉक्सी सर्वर बताने देती है और इस्तेमाल करने वालों को प्रॉक्सी सेटिंग बदलने से रोकती है.
इस नीति का असर तभी होता है अगर ProxySettings नीति के बारे में नहीं बताया गया हो.
अगर आप कभी भी प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल नहीं करना और हमेशा सीधे कनेक्ट करना चुनते हैं, तो बाकी सभी विकल्पों को नज़रअंदाज़ किया जाता है.
अगर आप सिस्टम प्रॉक्सी सेटिंग का इस्तेमाल करना चुनते हैं, तो बाकी सभी विकल्पों को नज़रअंदाज़ किया जाता है.
अगर आप प्रॉक्सी सर्वर की अपने आप पहचान करना चुनते हैं, तो बाकी सभी विकल्पों को नज़रअंदाज़ किया जाता है.
अगर आप तय सर्वर प्रॉक्सी मोड चुनते हैं, तो आप 'प्रॉक्सी सर्वर का पता या यूआरएल' और 'कॉमा से अलग किए गए प्रॉक्सी बायपास नियमों की सूची' में और विकल्प बता सकते हैं. एआरसी-ऐप्लिकेशन के लिए सिर्फ़ सबसे ज़्यादा प्राथमिकता वाला एचटीटीपी प्रॉक्सी सर्वर उपलब्ध होता है.
अगर आप एक .pac प्रॉक्सी स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करना चुनते हैं, तो आपको 'प्रॉक्सी .pac फ़ाइल का यूआरएल' में स्क्रिप्ट का यूआरएल बताना होगा.
ज़्यादा जानकारी वाले उदाहरणों के लिए, यहां जाएं: https://www.chromium.org/developers/design-documents/network-settings#TOC-Command-line-options-for-proxy-sett.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो Google Chrome और एआरसी-ऐप्लिकेशन कमांड लाइन से बताए गए प्रॉक्सी से जुड़े सभी विकल्पों को अनदेखा कर देते हैं.
इस नीति को सेट किए बिना छोड़ देने से, इस्तेमाल करने वालों को खुद प्रॉक्सी सेटिंग चुनने की मंज़ूरी मिल जाती है.
आप Android ऐप्लिकेशन को किसी प्रॉक्सी का उपयोग करने के लिए बाध्य नहीं कर सकते हैं. Android ऐप्लिकेशन को प्रॉक्सी सेटिंग का एक सबसेट दिया जाता है, जिसका वे अपनी मर्ज़ी से इस्तेमाल करना चुन सकते हैं:
अगर आप प्रॉक्सी सर्वर का कभी भी उपयोग ना करना चुनते हैं तो, Android ऐप्लिकेशन को इस बात की जानकारी दी जाती है कि कोई प्रॉक्सी कॉन्फ़िगर नहीं किया गया है.
अगर आप सिस्टम प्रॉक्सी सेटिंग का उपयोग करना या निश्चित सर्वर प्रॉक्सी चुनते हैं तो, Android ऐप्लिकेशन को http प्रॉक्सी सर्वर का पता और पोर्ट उपलब्ध कराया जाता है.
अगर आप प्रॉक्सी सर्वर का अपने आप पता लगाना चुनते हैं तो, Android ऐप्लिकेशन को स्क्रिप्ट URL "http://wpad/wpad.dat" उपलब्ध कराया जाता है. प्रॉक्सी को अपने आप पहचानने वाले प्रोटोकॉल के अन्य किसी भी हिस्से का उपयोग नहीं किया जाता है.
अगर आप .pac प्रॉक्सी स्क्रिप्ट का उपयोग करना चुनते हैं तो, Android ऐप्लिकेशन को स्क्रिप्ट URL उपलब्ध कराया जाता है.
यह नीति हटा दी गई है, इसके बजाय ProxyMode का इस्तेमाल करें.
यह नीति Google Chrome जिस प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल करती है, उसे आपको तय करने देती है और इस्तेमाल करने वालों को प्रॉक्सी सेटिंग बदलने से रोकती है.
अगर ProxySettings नीति तय नहीं है सिर्फ़ तभी यह नीति काम करती है.
अगर आप प्रॉक्सी सेटिंग का 'कभी भी इस्तेमाल नहीं करना' और हमेशा सीधे कनेक्ट करना चुनते हैं, तो सभी दूसरे विकल्पों को अनदेखा किया जाता है.
अगर आप सिस्टम प्रॉक्सी सेटिंग का इस्तेमाल करना या 'प्रॉक्सी सर्वर का अपने आप पता लगना' चुनते हैं, तो सभी दूसरे विकल्पों को अनदेखा किया जाता है.
अगर आप मैन्युअल प्रॉक्सी सेटिंग चुनते हैं, तो आप 'प्रॉक्सी सर्वर का पता या यूआरएल', 'किसी प्रॉक्सी .pac फ़ाइल का यूआरएल' और 'प्रॉक्सी को अनदेखा करने के नियमों की कॉमा-सेपरेटेड लिस्ट' में आगे के विकल्प तय कर सकते हैं. ARC-ऐप्लिकेशन के लिए सिर्फ़ सबसे ज़्यादा प्राथमिकता वाला एचटीटीपी प्रॉक्सी सर्वर उपलब्ध है.
ज़्यादा जानकारी वाले उदाहरणों के लिए यहां जाएं: https://www.chromium.org/developers/design-documents/network-settings#TOC-Command-line-options-for-proxy-sett.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो Google Chrome, कमांड लाइन से तय किए गए प्रॉक्सी से जुड़े सभी विकल्पों को अनदेखा करता है.
इन नीतियों को सेट किए बिना छोड़ देने से इस्तेमाल करने वालों को खुद प्रॉक्सी सेटिंग चुनने की मंज़ूरी मिल जाती है.
आप Android ऐप्लिकेशन को प्रॉक्सी का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. Android ऐप्लिकेशन को प्रॉक्सी सेटिंग का सबसेट उपलब्ध कराया जाता है, जिसे वे अपनी पसंद से इस्तेमाल करना चुन सकते हैं. ज़्यादा जानकारी के लिए ProxyMode नीति देखें.
आप प्रॉक्सी सर्वर यूआरएल के बारे में यहां बता सकते हैं.
यह नीति तभी लागू होती है अगर आपने 'प्रॉक्सी सर्वर सेटिंग बताने का तरीका चुनें' में मैन्युअल प्रॉक्सी सेटिंग चुनी हो और अगर ProxySettings नीति के बारे में नहीं बताया गया हो.
अगर आपने प्रॉक्सी नीतियां सेट करने का कोई दूसरा तरीका चुना हुआ है, तो आपको इस नीति को सेट किए बिना छोड़ देना चाहिए.
ज़्यादा विकल्पों और विस्तार से बताए गए उदाहरणों के लिए, यहां आएं: https://www.chromium.org/developers/design-documents/network-settings#TOC-Command-line-options-for-proxy-sett.
आप Android ऐप्लिकेशन को प्रॉक्सी का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. Android ऐप्लिकेशन को प्रॉक्सी सेटिंग का सबसेट उपलब्ध कराया जाता है, जिसे वे अपनी पसंद से इस्तेमाल करना चुन सकते हैं. ज़्यादा जानकारी के लिए ProxyMode नीति देखें.
यहां आप किसी प्रॉक्सी .pac फ़ाइल का यूआरएल बता सकते हैं.
यह नीति तभी लागू होती है अगर आपने 'प्रॉक्सी सर्वर सेटिंग बताने का तरीका चुनें' में मैन्युअल प्रॉक्सी सेटिंग चुनी हो और अगर ProxySettings नीति के बारे में नहीं बताया गया हो.
अगर आपने प्रॉक्सी नीतियां सेट करने का कोई दूसरा तरीका चुना हुआ है, तो आपको इस नीति को सेट किए बिना छोड़ देना चाहिए.
ज़्यादा जानकारी वाले उदाहरणों के लिए, यहां जाएं: https://www.chromium.org/developers/design-documents/network-settings#TOC-Command-line-options-for-proxy-sett.
आप Android ऐप्लिकेशन को प्रॉक्सी का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. Android ऐप्लिकेशन को प्रॉक्सी सेटिंग का सबसेट उपलब्ध कराया जाता है, जिसे वे अपनी पसंद से इस्तेमाल करना चुन सकते हैं. ज़्यादा जानकारी के लिए ProxyMode नीति देखें.
Google Chrome यहां दिए गए होस्ट की सूची के लिए किसी भी प्रॉक्सी को नज़रअंदाज़ कर देगा.
यह नीति तभी लागू होती है अगर आपने 'प्रॉक्सी सर्वर सेटिंग बताने का तरीका चुनें' में मैन्युअल प्रॉक्सी सेटिंग चुनी हो और अगर ProxySettings नीति के बारे में नहीं बताया गया हो.
अगर आपने प्रॉक्सी नीतियां सेट करने का कोई दूसरा तरीका चुना हुआ है, तो आपको इस नीति को सेट किए बिना छोड़ देना चाहिए.
ज़्यादा जानकारी वाले उदाहरणों के लिए, यहां जाएं: https://www.chromium.org/developers/design-documents/network-settings#TOC-Command-line-options-for-proxy-sett.
आप Android ऐप्लिकेशन को प्रॉक्सी का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. Android ऐप्लिकेशन को प्रॉक्सी सेटिंग का सबसेट उपलब्ध कराया जाता है, जिसे वे अपनी पसंद से इस्तेमाल करना चुन सकते हैं. ज़्यादा जानकारी के लिए ProxyMode नीति देखें.
एडमिन को यह नियंत्रित करने देती है कि विल्को डायग्नोस्टिक्स और टेलीमेट्री कंट्रोलर (डीटीसी) को टेलीमेट्री और गड़बड़ी की जानकारी वाला डेटा इकट्ठा करना, प्रोसेस करना और रिपोर्ट करना चाहिए.
अगर नीति को गलत पर सेट कर दिया जाए या कुछ भी सेट न किया जाए, तो डीटीसी बंद हो जाता है. साथ ही, इससे डिवाइस का टेलीमेट्री और गड़बड़ी की जानकारी देने वाला डेटा प्रोसेस नहीं हो सकता और उसकी रिपोर्ट नहीं की जा सकती. अगर विल्को डीटीसी दिए गए डिवाइस पर उपलब्ध है और नीति सही पर सेट होती है, तो टेलीमेट्री और गड़बड़ियों की जानकारी देने वाले डेटा को इकट्ठा करने, प्रोसेस करने और उसकी रिपोर्ट करने की सुविधा चालू होती है.
विल्को डीटीसी (डायग्नोस्टिक एंड टेलीमेट्री कंट्रोलर) कॉन्फ़िगरेशन देती है.
यह नीति विल्को डीटीसी (डायग्नोस्टिक एंड टेलीमेट्री कंट्रोलर) कॉन्फ़िगरेशन देने की अनुमति देती है, जिसे दिए गए डिवाइस में विल्को डीटीसी उपलब्ध होने पर और नीति से अनुमति होने पर लागू किया जा सकता है. कॉन्फ़िगरेशन का आकार 1 एमबी (1000000 बाइट) से ज्यादा नहीं होना चाहिए और यह JSON में एन्कोड होना चाहिए. इसका प्रबंधन करना विल्को डीटीसी की ज़िम्मेदारी है. क्रिप्टोग्राफ़िक हैश का इस्तेमाल डाउनलोड की प्रमाणिकता की पुष्टि करने के लिए किया जाता है.
कॉन्फ़िगरेशन डाउनलोड और कैश किया जाता है. जब भी यूआरएल या हैश बदलेगा इसे फिर से डाउनलोड किया जाएगा.
अगर आप यह नीति सेट करते हैं, तो इस्तेमाल करने वाले लोग न तो इसे बदल सकते हैं, न ही ओवरराइड कर सकते हैं.
अगर यह नीति सही पर सेट है या कॉन्फ़िगर नहीं है तो, Google Chrome OS मेहमान लॉग इन मोड को चालू करेगा. मेहमान लॉग इन मोड बिना नाम वाले उपयोगकर्ता सत्र हैं और इनके लिए पासवर्ड की ज़रूरत नहीं होती है.
अगर यह नीति गलत पर सेट है तो, Google Chrome OS मेहमान लॉग इन सत्रों को शुरू नहीं होने देगा.
उन उपयोगकर्ताओं की सूची तय करती है जिन्हें डिवाइस में लॉगिन करने की मंज़ूरी है. एंट्री user@domain फ़ॉर्म की होती हैं, जैसे कि madmax@managedchrome.com. किसी डोमेन पर मनचाहे इस्तेमाल करने वालों को मंज़ूरी देने के लिए, *@domain फ़ॉर्म की एंट्री इस्तेमाल करें.
अगर यह नीति कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है, तो इस बात पर कोई पाबंदी नहीं होती कि इस्तेमाल करने वाले किन लोगों को साइन इन करने की मंज़ूरी दी गई है. ध्यान रखें कि नए उपयोगकर्ता बनाने के लिए यह अब भी ज़रूरी है कि DeviceAllowNewUsers नीति को सही तरीके से कॉन्फ़िगर किया जाए.
यह नीति नियंत्रित करती है कि Google Chrome OS सत्र कौन शुरू कर सकता है. यह इस्तेमाल करने वालों को Android में मौजूद दूसरे Google खातों में साइन इन करने से नहीं रोकती. अगर आप इससे बचना चाहते हैं, तो खास तौर पर Android के लिए बनी accountTypesWithManagementDisabled नीति को ArcPolicy की तरह कॉन्फ़िगर करें.
नियंत्रित करता है कि क्या Google Chrome OS नए इस्तेमाल करने वालों के खाते बनाने की अनुमति देता है. अगर यह नीति गलत पर सेट होती है, तो जिन इस्तेमाल करने वालों के पहले से खाते नहीं है वो लॉगिन नहीं कर पाएंगे.
अगर यह नीति सही पर सेट होती है या कॉन्फ़िगर नहीं होती है, तो नए इस्तेमाल करने वालों के खाते बनाने की अनुमति होगी, बशर्ते DeviceUserWhitelist इस्तेमाल करने वालों को लॉगिन करने से न रोकें.
यह नीति नियंत्रित करती है कि Google Chrome OS में नए उपयोगकर्ता जोड़े जा सकते हैं या नहीं. यह इस्तेमाल करने वालों को Android के ज़रिए दूसरे Google खातों में साइन इन करने से नहीं रोकती. अगर आप इससे बचना चाहते हैं, तो खास तौर पर Android के लिए बनी accountTypesWithManagementDisabled नीति को ArcPolicy की तरह कॉन्फ़िगर करें.
अगर इस नीति को किसी खाली स्ट्रिंग पर सेट किया जाता है या कॉन्फ़िगर नहीं किया जाता है, तो उपयोगकर्ता के साइन इन के दौरान Google Chrome OS अपने आप पूरा होने वाला कोई विकल्प नहीं दिखाएगा. अगर इस नीति को डोमेन नाम के बारे में बताने वाले किसी स्ट्रिंग पर सेट किया जाता है, तो उपयोगकर्ता के साइन इन करने पर Google Chrome OS अपने आप पूरा होने वाला विकल्प दिखाएगा. इसकी मदद से उपयोगकर्ता डोमेन नाम एक्सटेंशन के बिना सिर्फ़ अपना नाम लिख सकेंगे. उपयोगकर्ता इस डोमेन नाम के एक्सटेंशन को बदल सकेंगे. अगर नीति का मान एक मान्य डोमेन नहीं है, तो नीति लागू नहीं होगी.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट होती है या कॉन्फ़िगर नहीं होती है, तो Google Chrome OS लॉगिन स्क्रीन पर मौजूदा उपयोगकर्ता दिखाएगा और उनमें से एक को चुनने देगा.
अगर यह नीति गलत पर सेट होती है, तो Google Chrome OS लॉगिन स्क्रीन पर मौजूदा उपयोगकर्ता नहीं दिखाएगा. प्रबंधित सत्र के कॉन्फ़िगर नहीं हो जाने तक सामान्य साइन-इन स्क्रीन (जो उपयोगकर्ता के ईमेल और पासवर्ड या फ़ोन के लिए संकेत करती है) या बीच-बीच में विज्ञापन दिखाने वाली SAML स्क्रीन (अगर इसे LoginAuthenticationBehavior नीति के ज़रिए चालू किया गया हो) दिखाई जाएगी. जब 'प्रबंधित सत्र' कॉन्फ़िगर होता है, तो सिर्फ़ 'प्रबंधित सत्र' खाते ही दिखाए जाएंगे, जो इनमें से एक को चुनने देगा.
ध्यान रखें कि इस नीति का इस बात पर कोई असर नहीं पड़ता कि डिवाइस स्थानीय डेटा को बनाए रखता है या उसे खारिज कर देता है.
अगर किसी भी उपयोगकर्ता ने अभी तक डिवाइस में साइन इन नहीं किया है तो, लॉगिन स्क्रीन पर दिखाई गई डिवाइस-लेवल वॉलपेपर इमेज को कॉन्फ़िगर करें. नीति को वह यूआरएल तय करके सेट किया जाता है, जिससे 'Chrome OS डिवाइस' वॉलपेपर इमेज डाउनलोड कर सकता है. डाउनलोड पूरा और सही तरह से हुआ है, इसकी पुष्टि करने के लिए क्रिप्टोग्राफ़िक हैश का इस्तेमाल किया जाता है. इमेज जेपीईजी फ़ॉर्मैट में होनी चाहिए, उसकी फ़ाइल का आकार 16MB से ज़्यादा नहीं होना चाहिए. 'पहचान करने की किसी प्रक्रिया' के बिना यूआरएल का एक्सेस होना चाहिए. वॉलपेपर इमेज को डाउनलोड करके कैश के तौर पर सेव किया जाता है. कभी भी यूआरएल या हैश के बदले जाने पर, इसे फिर से डाउलनोड किया जा सकेगा.
नीति को एक ऐसी स्ट्रिंग के रूप में तय करना चाहिए, जो यूआरएल और हैश को जेएसओएन (जेसन) फ़ॉर्मैट, उदाहरण के लिए, { "url": "https://example.com/device_wallpaper.jpg", "hash": "examplewallpaperhash" } में दिखाती हो.
अगर डिवाइस वॉलपेपर नीति सेट हो और डिवाइस में किसी भी उपयोगकर्ता ने साइन इन न किया हो तो, 'Chrome OS डिवाइस' वॉलपेपर इमेज को डाउनलोड करके लॉग इन स्क्रीन पर उसका उपयोग करेगा. उपयोगकर्ता के साइन इन करने के बाद, उपयोगकर्ता की वॉलपेपर नीति लागू हो जाती है.
अगर डिवाइस वॉलपेपर नीति सेट न हो और उपयोगकर्ता की वॉलपेपर नीति सेट हो तो, क्या दिखाया जाए, यह उपयोगकर्ता की वॉलपेपर नीति से तय किया जाता है.
यह तय करती है कि Google Chrome OS लॉग आउट के बाद स्थानीय खाता डेटा रखे या नहीं. अगर यह सही पर सेट होती है तो, Google Chrome OS कोई निरंतर खाता नहीं रखता और लॉग आउट के बाद उपयोगकर्ता सत्र से सभी डेटा हटा दिए जाएंगे. अगर यह नीति गलत पर सेट हो या कॉन्फ़िगर नहीं की गई हो तो, डिवाइस (सुरक्षित किया गया) स्थानीय उपयोगकर्ता डेटा रख सकता है.
जब यह नीति सेट की जाती है तो, सेटिंग के मान के आधार पर 'लॉगिन की पहचान से जुड़ी प्रक्रिया' इनमें से एक होगी:
अगर इसे GAIA में सेट किया जाता है तो, लॉगिन 'सामान्य GAIA पहचान प्रक्रिया' से होगा.
अगर इसे SAML_INTERSTITIAL मेंं सेट किया जाता है तो, लॉगिन एक ऐसी स्क्रीन दिखाएगा जिसमें या तो उपयोगकर्ता को डिवाइस के 'नाम दर्ज करने वाले डोमेन' के SAML IdP के ज़रिए पहचान साबित करके आगे बढ़ने का ऑफ़र दिया जाएगा या फिर 'सामान्य GAIA लॉगिन प्रक्रिया' में वापस जाने का ऑफ़र दिया जाएगा.
यह बताती है कि SAML IdP के ज़रिए लॉग इन के दौरान सेट की गई पहचान की पुष्टि करने वाली कुकी, उपयोगकर्ता की प्रोफ़ाइल में भेजी जानी चाहिए या नहीं.
जब कोई उपयोगकर्ता लॉग इन के दौरान किसी SAML IdP के ज़रिए पहचान साबित करता है तो, IdP के ज़रिए सेट की गई कुकी पहले किसी अस्थायी प्रोफ़ाइल में लिखी जाती हैं. पहचान की पुष्टि संंबंधी स्थिति को आगे बढ़ाने के लिए इन कुकी को उपयोगकर्ता की प्रोफ़ाइल में भेजा जा सकता है.
जब इस नीति को सही पर सेट किया जाता है तो, IdP के ज़रिए सेट की गई कुकी तब-तब उपयोगकर्ता की प्रोफ़ाइल में भेजी जाती हैं, जब-जब वे लॉग इन के दौरान SAML IdP से अलग पहचान साबित करते हैं.
जब इस नीति को गलत पर सेट किया जाता है या सेट नहीं किया जाता है तो, IdP के ज़रिए सेट की गई कुकी सिर्फ़ उस समय उपयोगकर्ता की प्रोफ़ाइल में भेजी जाती हैं, जब वे किसी डिवाइस पर पहली बार लॉग इन करते हैं.
यह नीति सिर्फ़ ऐसे उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करती है जिनका डोमेन, डिवाइस के नाम दर्ज़ करने वाले डोमेन से मिलता-जुलता है. बाकी सभी उपयोगकर्ताओं के लिए, IdP के ज़रिए सेट की गई कुकी सिर्फ़ उस समय उनकी प्रोफ़ाइल में भेजी जाती हैं, जब वे किसी डिवाइस पर पहली बार लॉग इन करते हैं.
उपयोगकर्ता की प्रोफ़ाइल में ट्रांसफ़र की गईं कुकी, Android ऐप्लिकेशन से एक्सेस नहीं की जा सकतीं.
इस सूची के पैटर्न का मिलान अनुरोध करने वाले यूआरएल के सुरक्षा मूल से किया जाएगा. यदि मिलान हो जाता है, तो SAML लॉगिन पेजों पर वीडियो कैप्चर डिवाइस का एक्सेस दे दिया जाएगा. अगर कोई मिलान नहीं होता है, तो एक्सेस अपने आप मना कर दिया जाएगा. वाइल्डकार्ड पैटर्न की मंज़ूरी नहीं हैं.
यह नीति ऐसे ऐप्लिकेशन की सूची के बारे में बताती है जिन्हें गुपचुप तरीके से, इस्तेमाल करने वालों के इंटरैक्शन के बिना लॉगिन स्क्रीन पर इंस्टॉल किया गया है और जिन्हें अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता है. ऐप्लिकेशन की मांगी गई सभी अनुमतियां बिना ज़्यादा सोचे-समझे इस्तेमाल करने वाले के इंटरैक्शन के बिना दे दी जाती हैं, जिनमें ऐप्लिकेशन के आगे आने वाले वर्शन की मांगी गईं सभी अनुमतियां शामिल होती हैं.
ध्यान रखें कि सुरक्षा और निजता की वजहों से, इस नीति के इस्तेमाल से एक्सटेंशन इंस्टॉल करने की अनुमति नहीं दी जाती है. इतना ही नहीं, 'स्थिर चैनल' पर मौजूद डिवाइस सिर्फ़ वही ऐप्लिकेशन इंस्टॉल करेंगे जो Google Chrome में बंडल कर मंज़ूरी दी गई सूची से जुड़ी हैं. इन शर्तों का पालन नहीं करने वाले सभी आइटम नज़रअंदाज़ कर दिए जाएंगे.
अगर अनइंस्टॉल न किए जा सकने वाले किसी ऐप्लिकेशन को इस सूची से हटाया जाता है, तो Google Chrome इसे अपने आप अनइंस्टॉल कर देता है.
सूची में शामिल नीति का हर आइटम ऐसी स्ट्रिंग है जिसमें एक एक्सटेंशन आईडी और एक "अपडेट" यूआरएल होता है जिन्हें सेमीकोलन (;) से अलग किया जाता है. एक्सटेंशन आईडी डेवलपर मोड में होने पर chrome://extensions पर मिलने वाली 32-अक्षर वाली स्ट्रिंग की तरह होता है. "अपडेट" यूआरएल से कोई 'अपडेट मेनिफ़ेस्ट एक्सएमएल' दस्तावेज़ खुलना चाहिए जैसा कि https://developer.chrome.com/extensions/autoupdate में बताया गया है. ध्यान रखें कि इस नीति में सेट किए गए "अपडेट" यूआरएल का इस्तेमाल सिर्फ़ शुरुआती इंस्टॉलेशन के लिए किया जाता है; बाद में होने वाले एक्सटेंशन के अपडेट, एक्सटेंशन के मेनिफ़ेस्ट में बताए गए अपडेट यूआरएल को लागू करते हैं.
उदाहरण के लिए, gbchcmhmhahfdphkhkmpfmihenigjmpp;https://clients2.google.com/service/update2/crx मानक 'Chrome वेब स्टोर' के "अपडेट" यूआरएल से Chrome Remote Desktop ऐप्लिकेशन इंस्टॉल करता है. होस्ट करने वाले एक्सटेंशन के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, यहां देखें: https://developer.chrome.com/extensions/hosting.
वह स्थानीय भाषा कॉन्फ़िगर करती है, जिसे Google Chrome OS साइन इन स्क्रीन पर ज़बरदस्ती लागू किया जाता है.
अगर यह नीति सेट की गई है, तो साइन इन स्क्रीन हमेशा उस स्थानीय भाषा में दिखाई देगी, जो इस नीति के पहले मान ने दी है (नीति को आगे बढ़ाने की संगतता की सूची के रूप में बताई जाती है). अगर यह नीति सेट नहीं की गई है या किसी खाली सूची पर सेट की गई है, तो साइन इन स्क्रीन पिछले उपयोगकर्ता सत्र की भाषा में दिखाई जाएगी. अगर यह नीति ऐसे मान पर सेट की गई है जो कि मान्य स्थानीय भाषा नहीं है, तो साइन इन स्क्रीन किसी फ़ॉलबैक स्थानीय भाषा (इस समय, en-US है) में दिखाई जाएगी.
यह कॉन्फ़िगर करती है कि Google Chrome OS की साइन इन स्क्रीन पर किस कीबोर्ड लेआउट की अनुमति है.
अगर यह नीति इनपुट के तरीकों की पहचान संबंधी किसी सूची पर सेट की जाती है, तो साइन इन स्क्रीन पर दिया गया इनपुट का तरीका मौजूद रहेगा. इनपुट के लिए वह तरीका पहले से चुना गया होगा, जो सबसे पहले दिया गया होगा. उपयोगकर्ता पॉड जहां साइन इन स्क्रीन पर फ़ोकस करता है, वहीं इस नीति की ओर से दिए गए इनपुट के तरीकों के अलावा इनपुट का वह तरीका भी मौजूद रहेगा, जिसका इस्तेमाल उसने आखिरी बार किया था. अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो इनपुट का तरीका उस स्थानीय भाषा से लिया जाएगा जिसमें साइन इन स्क्रीन दिखाई जाती है. ऐसे मान जो इनपुट के मान्य तरीके नहीं हैं, उन्हें अनदेखा कर दिया जाएगा.
यह नीति बताती है कि अगर मौजूदा 'सुरक्षा एलिमेंट हार्डवेयर', दो तरीके से पहचान की पुष्टि की सुविधा के साथ काम कर सकता है, तो किस तरह उसका इस्तेमाल करके इस सुविधा का फ़ायदा उठाया जा सकता है. उपयोगकर्ता की मौजूदगी का पता लगाने के लिए मशीन के पावर बटन का इस्तेमाल किया जाता है.
अगर 'बंद' को चुना जाता है, तो कोई दूसरा तरीका उपलब्ध नहीं कराया जाता.
अगर 'U2F' को चुना जाता है, तो इससे जुड़ा दूसरा तरीका FIDO U2F निर्देश के अनुसार व्यवहार करेगा.
अगर 'U2F_EXTENDED' को चुना जाता है, तो इससे जुड़ा दूसरा तरीका U2F फ़ंक्शन के साथ-साथ व्यक्तिगत तौर पर पहचान की पुष्टि के लिए कुछ एक्सटेंशन उपलब्ध कराएगा.
यह नीति साइन-इन स्क्रीन पर लागू होती है. कृपया IsolateOrigins नीति भी देखें जो उपयोगकर्ता सत्र पर लागू होती है. दोनों नीतियों को समान मान पर सेट करने का सुझाव दिया जाता है. अगर दोनों मान का मिलान नहीं होता है, तो उपयोगकर्ता नीति में बताया गया मान लागू किए जाने के दौरान उपयोगकर्ता सत्र शुरू करते समय देरी हो सकती है. अगर नीति चालू होती है, तो 'कॉमा-सेपरेटेड लिस्ट' में बताया गया हर मूल उसकी अपनी प्रक्रिया में चलेगा. इससे सबडोमेन के बताए गए मूल भी आइसोलेट होंगे; जैसे कि https://example.com/ को तय करने से https://foo.example.com/ भी https://example.com/ साइट के हिस्से के रूप में आइसोलेट हो जाएगा. अगर नीति बंद हो, तो IsolateOrigins और SitePerProcess दोनों सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी. उपयोगकर्ता अब भी कमांड लाइन फ़्लैग के ज़रिए IsolateOrigins को मैन्युअल रूप से चालू कर सकेंगे. अगर नीति कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है, तो साइन-इन स्क्रीन के लिए प्लैटफ़ॉर्म की डिफ़ॉल्ट साइट आइसोलेशन सेटिंग का इस्तेमाल किया जाएगा.
यह नीति साइन-इन स्क्रीन पर लागू होती है. कृपया SitePerProcess नीति भी देखें जो उपयोगकर्ता सत्र पर लागू होती है. दोनों नीतियों को समान मान पर सेट करने का सुझाव दिया जाता है. अगर दोनों मान का मिलान नहीं होता है, तो उपयोगकर्ता नीति में बताया गया मान लागू किए जाने के दौरान उपयोगकर्ता सत्र शुरू करते समय देरी हो सकती है. शायद आप IsolateOrigins नीति की सेटिंग पर नज़र डालना चाहें, ताकि जिन साइटों को आप आइसोलेट करना चाहते हैं, उनकी सूची वाली IsolateOrigins का इस्तेमाल करके आप आइसोलेशन और उपयोगकर्ताओं के लिए सीमित असर, इन दोनों उपायों का सबसे अच्छा इस्तेमाल कर सकें. यह SitePerProcess सेटिंग सभी साइटों को आइसोलेट करती है. अगर नीति चालू होती है, तो हर साइट उसकी अपनी प्रक्रिया में चलेगी. अगर नीति बंद होती है, तो IsolateOrigins और SitePerProcess दोनों सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी. उपयोगकर्ता अब भी कमांड लाइन फ़्लैग के ज़रिए SitePerProcess को मैन्युअल रूप से चालू कर सकेंगे. अगर नीति कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है, तो उपयोगकर्ता इस सेटिंग को बदल सकेगा.
अगर साइट कोई प्रमाणपत्र मांगती है, तो यह आपको ऐसे यूआरएल पैटर्न की सूची तय करने देती है जिसमें ऐसी साइटें होती हैं जिनके लिए SAML फ़्लो होस्ट करने वाली फ़्रेम में साइन इन स्क्रीन पर क्लाइंट प्रमाणपत्र अपने आप चुना जाता है. SAML IdP को पेश किया जाने वाला डिवाइस-व्यापी प्रमाणपत्र कॉन्फ़िगर करना इसके इस्तेमाल का एक उदाहरण है.
मान JSON शब्दकोशों वाली स्ट्रिंग की सारिणी होना चाहिए. हर शब्दकोश का फ़ॉर्मैट { "pattern": "$URL_PATTERN", "filter" : $FILTER } होना चाहिए, जहां $URL_PATTERN एक सामग्री सेटिंग पैटर्न है. $FILTER यह प्रतिबंधित करता है कि ब्राउज़र किन क्लाइंट प्रमाणपत्रों से अपने आप चुनेगा. भले ही फ़िल्टर कोई भी हो, सिर्फ़ ऐसे प्रमाणपत्र चुने जाएंगे जिनका मिलान सर्वर के प्रमाणपत्र अनुरोध से होता है. अगर $FILTER का फ़ॉर्मैट { "ISSUER": { "CN": "$ISSUER_CN" } } है, तो अतिरिक्त रूप से सिर्फ़ ऐसे क्लाइंट प्रमाणपत्र चुने जाते हैं जिन्हें CommonName $ISSUER_CN वाले प्रमाणपत्र के ज़रिए जारी किया जाता है. अगर $FILTER खाली शब्दकोश {} है, तो क्लाइंट प्रमाणपत्रों का चुनाव अतिरिक्त रूप से प्रतिबंधित नहीं किया जाता है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो किसी भी साइट के लिए अपने आप नहीं चुना जाएगा.
आपको यह सेट करने की अनुमति देती है कि वेबसाइट को स्थानीय डेटा सेट करने की अनुमति है या नहीं. स्थानीय डेटा सेट करने की अनुमति या तो सभी वेबसाइटों को दी जा सकती है या किसी भी वेबसाइट को नहीं दी जा सकती है.
अगर इस नीति को 'सत्र की समय सीमा तक कुकी रखें' पर सेट किया जाता है तो, सत्र के बंद होने पर कुकी मिटा दी जाएंगी. ध्यान दें कि अगर Google Chrome 'बैकग्राउंड मोड' में चल रहा हो तो, हो सकता है कि अंतिम विंडो बंद होने के बाद सत्र बंद ना हो. इस व्यवहार को कॉन्फ़िगर करने के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए कृपया 'BackgroundModeEnabled' नीति देखें.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है तो, 'AllowCookies' का उपयोग किया जाएगा और उपयोगकर्ता उसे बदल सकेगा.
आपको यह सेट करने देती है कि क्या वेबसाइटें इमेज दिखा सकती हैं. इमेज दिखाने की मंज़ूरी या तो सभी वेबसाइटों को मिलती है या सभी वेबसाइटों के लिए नामंज़ूर की जाती है.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो 'AllowImages' का इस्तेमाल किया जाएगा और उपयोगकर्ता इसे बदल सकेगा.
ध्यान दें कि पहले इस नीति को Android पर गलती से चालू कर दिया गया था लेकिन इस काम की क्षमता ने कभी भी Android पर पूरी तरह से काम नहीं किया.
यह सेट करने की सुविधा देती है कि वेबसाइटों को JavaScript चलाने की अनुमति है या नहीं. JavaScript चलाने की अनुमति या तो सभी साइटों के लिए दी जा सकती है या फिर सभी साइटों के लिए खारिज की जा सकती है. अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है तो, 'AllowJavaScript' का उपयोग किया जाएगा और उपयोगकर्ता इसमें बदलाव कर सकेंगे.
यह नीति आपको यह सेट करने देती है कि वेबसाइटों को Flash प्लग इन अपने आप चलाने की अनुमति है या नहीं. Flash प्लग इन को अपने आप चलाने की अनुमति या तो सभी वेबसाइटों को मिलेगी या किसी को नहीं मिलेगी.
'चलाने के लिए क्लिक करने' से Flash प्लग इन को चलाने की अनुमति मिल जाती है लेकिन उसे चालू करने के लिए उपयोगकर्ता को प्लेसहोल्डर पर क्लिक करना होगा.
अपने आप वीडियो चलने की अनुमति सिर्फ़ उन्हीं डोमेन के लिए है जिन्हें PluginsAllowedForUrls नीति में खास तौर पर सूची में शामिल किया गया है. अगर आप सभी साइटों के लिए अपने आप वीडियो चलने की सुविधा चालू करना चाहते हैं, तो इस सूची में http://* और https://* जोड़ें.
अगर यह नीति सेट नहीं है, तो उपयोगकर्ता इस सेटिंग को मैन्युअल तरीके से बदल सकेगा.
यह सेट करने देती है कि वेबसाइटों को पॉप-अप दिखाने की अनुमति है या नहीं. पॉप-अप दिखाए जाने की अनुमति या तो सभी साइटों के लिए दी जा सकती है या फिर सभी साइटों के लिए खारिज की जा सकती है. अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है तो, 'BlockPopups' का उपयोग किया जाएगा और उपयोगकर्ता इसमें बदलाव कर सकेंगे.
आपको यह सेट करने की सुविधा देती है कि वेबसाइटों को डेस्कटॉप सूचनाएं दिखाने की अनुमति दी जाए या नहीं. डेस्कटॉप सूचनाएं दिखाने की अनुमति डिफ़ॉल्ट रूप से दी जा सकती है, डिफ़ॉल्ट रूप से खारिज की जा सकती है या हर उस समय उपयोगकर्ता से पूछा जा सकता है, जब कोई वेबसाइट डेस्कटॉप सूचनाएं दिखाना चाहती हो.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है तो, 'AskNotifications' का उपयोग किया जाएगा और उपयोगकर्ता उसे बदल सकेगा.
आपको यह सेट करने की सुविधा देती है कि वेबसाइटों को उपयोगकर्ता की वास्तविक 'जगह की जानकारी' का पता लगाने अनुमति दी जाए या नहीं. उपयोगकर्ता की वास्तविक 'जगह की जानकारी' का पता लगाने की अनुमति डिफ़ॉल्ट रूप से दी जा सकती है, डिफ़ॉल्ट रूप से खारिज की जा सकती है या हर उस समय उपयोगकर्ता से पूछा जा सकता है जब कोई वेबसाइट डेस्कटॉप सूचनाएं दिखाना चाहती हो.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है तो, 'AskGeolocation' का उपयोग किया जाएगा और उपयोगकर्ता उसे बदल सकेगा.
अगर यह नीति BlockGeolocation पर सेट है, तो Android ऐप्लिकेशन 'जगह की जानकारी' एक्सेस नहीं कर सकते. अगर आप यह नीति किसी दूसरे मान पर सेट करते हैं या इसे सेट नहीं करते हैं, तो किसी Android ऐप्लिकेशन को 'जगह की जानकारी' के एक्सेस की ज़रूरत होने पर उपयोगकर्ता से सहमति मांगी जाती है.
यह सेट करने की सुविधा देती है कि वेबसाइटों को मीडिया कैप्चर डिवाइस का एक्सेस करने की अनुमति है या नहीं. मीडिया कैप्चर डिवाइस के एक्सेस की अनुमति डिफ़ॉल्ट रूप से दी जा सकती है, या जब भी कोई वेबसाइट मीडिया कैप्चर डिवाइस का एक्सेस पाना चाहेगी तब-तब उपयोगकर्ता से पूछा जा सकता है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है तो, 'PromptOnAccess' का उपयोग किया जाएगा और उपयोगकर्ता उसे बदल सकेगा.
आपको यह सेट करने की सुविधा देती है कि वेबसाइट को आस-पास के ब्लूटूथ डिवाइस का एक्सेस पाने की मंज़ूरी है या नहीं. एक्सेस पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है या कोई वेबसाइट आस-पास के ब्लूटूथ डिवाइस का एक्सेस पाना चाहती है, तो हर बार उपयोगकर्ता से पूछा जा सकता है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो '3' का इस्तेमाल किया जाएगा और उपयोगकर्ता उसे बदल सकेगा.
आपको यह सेट करने देती है कि वेबसाइटों को कनेक्ट किए हुए यूएसबी डिवाइसों का एक्सेस पाने की मंज़ूरी है या नहीं. एक्सेस पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है या जब भी कोई वेबसाइट कनेक्ट किए हुए यूएसबी डिवाइस का एक्सेस पाना चाहेगी, तो हर बार उपयोगकर्ता से पूछा जा सकता है.
इस नीति को 'WebUsbAskForUrls' और 'WebUsbBlockedForUrls' नीतियों का उपयोग करके खास यूआरएल पैटर्न के लिए रद्द किया जा सकता है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो '3' का उपयोग किया जाएगा और उपयोगकर्ता उसे बदल सकेगा.
उन यूआरएल पैटर्न की एक सूची तय करने देती है, जो वैसी साइटों के बारे में बताते हैं जिनके लिए Google Chrome अपने आप कोई क्लाइंट प्रमाणपत्र चुनता है. प्रमाणपत्र तब चुना जाता है जब साइट किसी प्रमाणपत्र का अनुरोध करती है.
मान JSON शब्दकोशों वाली स्ट्रिंग की श्रेणी होना चाहिए. हर शब्दकोश का फ़ॉर्म { "pattern": "$URL_PATTERN", "filter" : $FILTER } होना चाहिए, जहां $URL_PATTERN एक सामग्री सेटिंग पैटर्न है. $FILTER यह तय करता है कि क्लाइंट प्रमाणपत्रों में से ब्राउज़र किसे अपने आप चुनेगा. भले ही फ़िल्टर कोई भी हो, सिर्फ़ ऐसे प्रमाणपत्र चुने जाएंगे जिनका मिलान सर्वर के प्रमाणपत्र अनुरोध से होता है. उदाहरण के लिए, अगर $FILTER का फ़ॉर्म { "ISSUER": { "CN": "$ISSUER_CN" } } है, तो अलग से सिर्फ़ ऐसे क्लाइंट प्रमाणपत्र चुने जाते हैं जिन्हें CommonName $ISSUER_CN वाले प्रमाणपत्र के ज़रिए जारी किया जाता है. अगर $FILTER में एक "ISSUER" और "SUBJECT" सेक्शन है, तो किसी क्लाइंट प्रमाणपत्र को तभी चुना जाएगा जब वह दोनों शर्तें पूरी करता हो. अगर $FILTER किसी संगठन ("O") को तय करता है, तो प्रमाणपत्र को चुने जाने के लिए उसमें कम से कम एक ऐसा संगठन होना चाहिए जिसका मिलान बताए गए मान से होता हो. अगर $FILTER कोई संगठनात्मक इकाई ("OU") तय करता है, तो प्रमाणपत्र को चुने जाने के लिए उसमें कम से कम एक ऐसी संगठनात्मक इकाई होनी चाहिए जिसका मिलान बताए गए मान से होता हो. अगर $FILTER खाली शब्दकोश {} है, तो क्लाइंट प्रमाणपत्रों का चुनाव अलग से प्रतिबंधित नहीं किया जाता है.
अगर यह नीति सेट न हो, तो किसी भी साइट का अपने आप चुनाव नहीं किया जाएगा.
आपको ऐसे 'यूआरएल पैटर्न' की सूची सेट करने देती है जो उन साइटों के बारे में बताते हैं जिनके पास कुकी सेट करने की मंज़ूरी होती है.
अगर यह नीति सेट न हो, तो सभी साइटों के लिए 'ग्लोबल डिफ़ॉल्ट मान' का उपयोग किया जाएगा. यह मान, 'DefaultPluginsSetting' नीति सेट होने पर उससे लिया जाएगा वरना उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन से लिया जाएगा.
'CookiesBlockedForUrls' और 'CookiesSessionOnlyForUrls' नीतियां भी देखें. ध्यान रखें कि इन तीन नीतियों के बीच कोई भी टकराव पैदा करने वाला 'यूआरएल पैटर्न' नहीं होना चाहिए - यह नहीं बताया गया है कि ऐसा होने पर किस नीति को प्राथमिकता मिलेगी.
आपको उन साइटों के बारे में बताने वाले 'यूआरएल पैटर्न' की सूची सेट करने देती है जिनके पास कुकी सेट करने की मंज़ूरी नहीं होती है.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो वैश्विक डिफ़ॉल्ट मान का इस्तेमाल सभी साइटों के लिए 'DefaultCookiesSetting' नीति के सेट होने पर इससे या अगर ऐसा नहीं होता तो उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन से किया जाएगा.
'CookiesAllowedForUrls' और 'CookiesSessionOnlyForUrls' नीतियां भी देखें. ध्यान रखें कि इन तीन नीतियों के बीच कोई भी टकराव पैदा करने वाला 'यूआरएल पैटर्न' नहीं होना चाहिए - यह नहीं बताया गया है कि कौनसी नीति को प्राथमिकता मिलेगी.
इन 'यूआरएल पैटर्न' से मिलान करने वाली कुकी मौजूदा सत्र तक सीमित की जाएंगी, यानी ब्राउज़र से बाहर निकलने पर उन्हें मिटा दिया जाएगा.
यहां बताए गए पैटर्न में शामिल यूआरएल के लिए या नीति के सेट नहीं होने पर सभी यूआरएल के लिए, वैश्विक डिफ़ॉल्ट मान का इस्तेमाल सभी साइटों के लिए 'DefaultCookiesSetting' नीति के सेट होने पर इससे या अगर ऐसा नहीं होता तो उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन से किया जाएगा.
ध्यान रखें कि अगर Google Chrome 'बैकग्राउंड मोड' में चल रहा हो, तो आखिरी ब्राउज़र विंडो बंद कर देने पर सत्र को बंद नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके बजाय वह ब्राउज़र से बाहर निकलने तक चालू रहेगी. कृपया इस बर्ताव को कॉन्फ़िगर करने के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए 'BackgroundModeEnabled' नीति देखें.
'CookiesAllowedForUrls' और 'CookiesSessionOnlyForUrls' नीतियां भी देखें. ध्यान रखें कि इन तीन नीतियों के बीच कोई भी टकराव पैदा करने वाला 'यूआरएल पैटर्न' नहीं होना चाहिए - यह नहीं बताया गया है कि कौनसी नीति को प्राथमिकता मिलेगी.
अगर "RestoreOnStartup" नीति को पिछले सत्रों के यूआरएल बहाल करने के लिए सेट किया गया हो, तो इस नीति को ध्यान में नहीं रखा जाएगा और उन साइटों की कुकी हमेशा के लिए संग्रहित कर ली जाएंगी.
आपको उन साइटों के बारे में बताने वाले यूआरएल पैटर्न की सूची सेट करने देती है जिन्हें इमेज दिखाने की मंज़ूरी है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो सभी साइटों के लिए वैश्विक डिफ़ॉल्ट मान का इस्तेमाल या तो 'DefaultImagesSetting' नीति के सेट होने पर इससे किया जाएगा या फिर उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन से किया जाएगा.
ध्यान दें कि पहले इस नीति को Android पर गलती से चालू कर दिया गया था लेकिन इस काम की क्षमता ने कभी भी Android पर पूरी तरह से काम नहीं किया.
आपको उन साइटों के बारे में बताने वाले यूआरएल पैटर्न की सूची सेट करने देती है जिन्हें इमेज दिखाने की मंज़ूरी नहीं है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो सभी साइटों के लिए वैश्विक डिफ़ॉल्ट मान का इस्तेमाल या तो 'DefaultImagesSetting' नीति के सेट होने पर इससे किया जाएगा या फिर उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन से किया जाएगा.
ध्यान दें कि पहले इस नीति को Android पर गलती से चालू कर दिया गया था लेकिन इस काम की क्षमता ने कभी भी Android पर पूरी तरह से काम नहीं किया.
वैसी साइट जिनमें JavaScript चलाने की अनुमति है, उनके लिए यूआरएल पैटर्न की सूची सेट करने की सुविधा देती है.
अगर इस नीति को नहीं जोड़ा जाता है तो, सभी साइट के लिए वैश्विक डिफ़ॉल्ट मान का इस्तेमाल किया जाएगा. अगर 'DefaultPopupsSetting' सेट है तो, यह मान इससे लिया जाएगा नहीं तो फिर उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन का इस्तेमाल किया जाएगा.
वैसी साइट जिनमें JavaScript चलाने की अनुमति नहीं है, उनके लिए यूआरएल पैटर्न की सूची सेट करने की सुविधा देती है.
अगर इस नीति को सेट नहीं किया जाता है तो, सभी साइट के लिए वैश्विक डिफ़ॉल्ट मान का इस्तेमाल किया जाएगा. अगर 'DefaultJavaScriptSetting' सेट है तो, यह मान इससे लिया जाएगा नहीं तो फिर उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन का इस्तेमाल किया जाएगा.
वैसी साइट जिन्हें Flash प्लग इन चलाने की अनुमति है, उनके लिए यूआरएल पैटर्न की सूची सेट करने की सुविधा देती है.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है तो, सभी साइट के लिए वैश्विक डिफ़ॉल्ट मान का इस्तेमाल किया जाएगा. अगर 'DefaultPluginsSetting' नीति सेट है तो, यह मान इससे लिया जाएगा नहीं तो फिर उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन का इस्तेमाल किया जाएगा.
यह नीति आपको उन 'यूआरएल पैटर्न' की सूची सेट करने देती है जो ऐसी साइटें बताते हैं जिन्हें Flash प्लग इन चलाने की अनुमति नहीं है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, सभी साइटों के लिए 'ग्लोबल डिफ़ॉल्ट मान' का उपयोग किया जाएगा. यह मान, 'DefaultPluginsSetting' नीति सेट होने पर उससे लिया जाएगा वरना उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन से लिया जाएगा.
वैसी साइट जिनमें पॉपअप खोलने की अनुमति है, उनके लिए यूआरएल पैटर्न की सूची सेट करने की सुविधा देती है.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो सभी साइट के लिए वैश्विक डिफ़ॉल्ट मान का इस्तेमाल किया जाएगा. अगर 'DefaultPopupsSetting' सेट है, तो यह मान इससे लिया जाएगा नहीं तो फिर उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन का इस्तेमाल किया जाएगा.
आपको प्रोटोकॉल प्रबंधकों की सूची रजिस्टर कराने देती है. यह सिर्फ़ एक सुझाई गई नीति हो सकती है. |protocol| गुण को केवल 'mailto' जैसी स्कीम पर और |url| गुण को स्कीन का प्रबंधन करने वाले ऐप्लिकेशन के URL प्रतिमान पर ही सेट किया जा सकता है. प्रतिमान में '%s' शामिल हो सकता है, जिसके मौजूद होने पर उसे प्रबंधित URL के ज़रिए बदल दिया जाएगा.
नीति के रजिस्टर किए गए प्रोटोकॉल प्रबंधकों को उपयोगकर्ता के रजिस्टर कराए गए प्रबंधकों के साथ मिला दिया जाता है और दोनों ही इस्तेमाल के लिए उपलब्ध रहते हैं. उपयोगकर्ता, नए डिफ़ॉल्ट प्रबंधक को इंस्टॉल करके नीति के इंस्टॉल किए गए प्रोटोकॉल प्रबंधकों को ओवरराइड कर सकता है, लेकिन नीति के रजिस्टर कराए गए प्रोटोकॉल प्रबंधक को निकाल नहीं सकता.
Android के इंटेंट प्रबंधित करते समय इस नीति द्वारा सेट किए गए प्रोटोकॉल हैंडलर का उपयोग नहीं किया जाता.
वैसी साइट जिनमें पॉपअप खोलने की अनुमति नहीं है, उनके लिए यूआरएल पैटर्न की सूची सेट करने की सुविधा देती है.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है तो, सभी साइट के लिए वैश्विक डिफ़ॉल्ट मान का इस्तेमाल किया जाएगा. अगर 'DefaultPopupsSetting' सेट है तो, यह मान इससे लिया जाएगा नहीं तो फिर उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन का इस्तेमाल किया जाएगा.
वैसी साइट जिन्हें सूचनाएं दिखाने की अनुमति है, उनके लिए यूआरएल पैटर्न की सूची सेट करने की सुविधा देती है.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो सभी साइट के लिए वैश्विक डिफ़ॉल्ट मान का उपयोग किया जाएगा. अगर 'DefaultNotificationsSetting' नीति सेट है, तो यह मान इससे लिया जाएगा नहीं तो फिर उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन का उपयोग किया जाएगा.
यह नीति आपको उन 'यूआरएल पैटर्न' की सूची सेट करने देती है, जो ऐसी साइटें बताते हैं, जिनमें सूचनाएं दिखाने की अनुमति है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो सभी साइटों के लिए 'ग्लोबल डिफ़ॉल्ट मान' का उपयोग किया जाएगा. यह मान, 'DefaultPluginsSetting' नीति सेट होने पर उससे लिया जाएगा नहीं तो उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन से लिया जाएगा.
आपको उन यूआरएल की सूची सेट करने देती है जिनसे यह तय होता है कि दिए गए विक्रेता और उत्पाद आईडी के साथ किसी यूएसबी डिवाइस को एक्सेस करने की अनुमति किन साइटों को अपने आप दी जाएगी. नीति के सही होने के लिए सूची में मौजूद हर आइटम में डिवाइस और यूआरएल शामिल होना ज़रूरी है. डिवाइस में हर आइटम में एक विक्रेता आईडी और उत्पाद आईडी फ़ील्ड शामिल हो सकता है. छोड़ा गया कोई भी आईडी एक अपवाद के साथ वाइल्डकार्ड माना जाता है, और वह अपवाद यह है कि किसी उत्पाद आईडी को भी तय किए बिना किसी विक्रेता आईडी को तय नहीं किया जा सकता. ऐसा न होने पर, नीति लागू नहीं की जाएगी और अनदेखा कर दी जाएगी.
अनुरोध करने वाले यूआरएल को यूएसबी डिवाइस एक्सेस करने की अनुमति देने के लिए यूएसबी की मंज़ूरी वाला मॉडल अनुरोध करने वाली साइट के यूआरएल ("अनुरोध करने वाला यूआरएल") और सबसे ऊपर के लेवल के फ़्रेम साइट ("एम्बेडिंग यूआरएल") के यूआरएल का इस्तेमाल करता है. जब अनुरोध करने वाली साइट को किसी iframe में लोड किया जाता है, तो अनुरोध करने वाला यूआरएल एम्बेडिंग यूआरएल से अलग हो सकता है. इसलिए, अनुरोध वाले और एम्बेडिंग यूआरएल को दिखाने के लिए "यूआरएल" फ़ील्ड में कॉमा से अलग की गईं कुल दो यूआरएल स्ट्रिंग शामिल की जा सकती हैं. अगर सिर्फ़ एक यूआरएल तय किया जाता है, तो फिर उससे जुड़े यूएसबी डिवाइस पर एक्सेस तब दिया जाएगा जब अनुरोध करने वाली साइट का यूआरएल एम्बेडिंग स्थिति के बावजूद इस यूआरएल से मिलान करता हो. "यूआरएल" में काम करने वाले यूआरएल शामिल होने चाहिए, वर्ना नीति को अनदेखा कर दिया जाएगा.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो सभी साइट के लिए या तो 'DefaultWebUsbGuardSetting' नीति अगर वह सेट की गई हो, या उपयोगकर्ता के व्यक्तिगत कॉन्फ़िगरेशन से, ग्लोबल डिफ़ॉल्ट मान का इस्तेमाल किया जाएगा.
इस नीति में मौजूद यूआरएल पैटर्न का टकराव WebUsbBlockedForUrls के ज़रिए कॉन्फ़िगर किए गए यूआरएल पैटर्न से नहीं होना चाहिए. अगर कोई टकराव है, तो WebUsbBlockedForUrls और WebUsbAskForUrls के बजाय इस नीति को प्राथमिकता दी जाएगी.
वैसी साइट जिन्हें किसी यूएसबी डिवाइस के एक्सेस के लिए उपयोगकर्ता से मंज़ूरी मांगने की अनुमति दी गई है, उनके लिए यूआरएल पैटर्न की सूची तय करने की सुविधा देती है.
अगर इस नीति को नहीं जोड़ा जाता है, तो सभी साइट के लिए वैश्विक डिफ़ॉल्ट मान का उपयोग किया जाएगा. अगर 'DefaultWebUsbGuardSetting' नीति सेट है तो, यह मान इससे लिया जाएगा नहीं तो फिर उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन का उपयोग किया जाएगा.
इस नीति में दिए गए यूआरएल पैटर्न का टकराव, WebUsbBlockedForUrls के ज़रिए कॉन्फ़िगर किए गए यूआरएल से नहीं होना चाहिए. हालांकि, यह साफ़ नहीं है कि अगर किसी यूआरएल का दोनों नीतियों से मिलान हो जाता है, तो किस नीति को प्राथमिकता दी जाएगी.
यह नीति आपको उन 'यूआरएल पैटर्न' की सूची सेट करने देती है जो ऐसी साइटों के बारे में बताते हैं जिन्हें उपयोगकर्ता से किसी यूएसबी डिवाइस के एक्सेस की मंज़ूरी मांगने से रोका गया है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो सभी साइटों के लिए 'ग्लोबल डिफ़ॉल्ट मान' का उपयोग किया जाएगा. यह मान, 'DefaultPluginsSetting' नीति सेट होने पर उससे लिया जाएगा वरना उपयोगकर्ता के निजी कॉन्फ़िगरेशन से लिया जाएगा.
इस नीति में दिया गया 'यूआरएल पैटर्न', WebUsbAskForUrls के ज़रिए कॉन्फ़िगर किए गए यूआरएल जैसा नहीं होना चाहिए. यह नहीं तय किया गया है कि अगर किसी यूआरएल का दोनों नीतियों से मिलान हो जाता है, तो किस नीति को प्राथमिकता दी जाएगी.
Google Chrome की 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' सुविधा को चालू करती है और उपयोगकर्ताओं को इस सेटिंग को बदलने से रोकती है.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' हमेशा चालू रहती है.
अगर आप यह सेटिंग बंद करते हैं, तो 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' कभी चालू नहीं होती.
अगर आप यह सेटिंग चालू या बंद करते हैं, तो उपयोगकर्ता Google Chrome में "फ़िशिंग और मैलवेयर सुरक्षा चालू करें" सेटिंग को बदल नहीं सकते, न ही उसे ओवरराइड कर सकते हैं.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो यह चालू हो जाएगी लेकिन उपयोगकर्ता इसमें बदलाव कर सकेगा.
'सुरक्षित ब्राउज़िंग' के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, https://developers.google.com/safe-browsing देखें.
यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है, या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है.
यह नीति Google Chrome की 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' की 'एक्सटेंडेट रिपोर्टिंग' सुविधा चालू करती है और उपयोगकर्ताओं को यह सेटिंग बदलने से रोकती है.
'एक्सटेंडेट रिपोर्टिंग' खतरनाक ऐप्लिकेशन और साइटों का पता लगाने में मदद करने के लिए 'Google सर्वर' को कुछ 'सिस्टम जानकारी' और 'पेज सामग्री' भेजती है.
अगर सेटिंग 'सही' पर सेट है तो, रिपोर्ट बनाई जाएंगी और ज़रूरत होने पर भेजी जाएंगी (यानी जब सुरक्षा में कोई गड़बड़ दिखाई देती है).
अगर सेटिंग 'गलत' पर सेट है तो, रिपोर्ट कभी भी नहीं भेजी जाएंगी.
अगर यह नीति 'सही' या 'गलत' पर सेट है तो, उपयोगकर्ता सेटिंग को बदल नहीं सकेगा.
अगर यह नीति सेट नहीं है तो, उपयोगकर्ता सेटिंग बदल सकेगा और यह तय कर सकेगा कि रिपोर्ट भेजी जाएं या नहीं.
'सुरक्षित ब्राउज़िंग' के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए https://developers.google.com/safe-browsing देखें.
यह सेटिंग रोक दी गई है, इसके बजाय SafeBrowsingExtendedReportingEnabled का इस्तेमाल करें. SafeBrowsingExtendedReportingEnabled को चालू या बंद करना SafeBrowsingExtendedReportingOptInAllowed को गलत पर सेट करने जैसा है.
इस नीति को गलत पर सेट करने से उपयोगकर्ताओं को Google सर्वर पर कुछ सिस्टम जानकारी और पेज सामग्री भेजना चुनने से रोक दिया जाता है. अगर यह सेटिंग सही पर सेट होती है या कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है, तो उपयोगकर्ता सुरक्षित ब्राउज़िंग पर कुछ सिस्टम जानकारी और पेज सामग्री भेज सकेंगे ताकि खतरनाक ऐप्लिकेशन और साइटों का पता लगाने में मदद मिल सके.
सुरक्षित ब्राउज़िंग के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए https://developers.google.com/safe-browsing देखें.
उन डोमेन की सूची कॉन्फ़िगर करें जिन पर 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' भरोसा करेगी. इसका मतलब है कि : 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' खतरनाक संसाधनों (उदाहरण के लिए फ़िशिंग, मैलवेयर, या अनचाहे सॉफ़्टवेयर) की जाँच नहीं करेगी, अगर उनके यूआरएल का मिलान उनके डोमेन से हो जाता है. 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' की डाउनलोड सुरक्षा सेवा इन डोमेन पर होस्ट किए गए डाउनलोड की जाँच नहीं करेगी. अगर पेज यूआरएल का मिलान इन डोमेन से हो जाता है, तो 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' की पासवर्ड सुरक्षा सेवा पासवर्ड के दोबारा इस्तेमाल होने की जाँच नहीं करेगी.
अगर यह सेटिंग चालू की जाती है, तो फिर 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' इन डोमेन पर भरोसा करेगा. अगर यह सेटिंग बंद की जाती है या सेट नहीं की जाती है, तो फिर डिफ़ॉल्ट 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' की सुरक्षा सभी संसाधनों पर लागू की जाती है. यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है, या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है.
यह नीति आपको 'पासवर्ड सुरक्षा' चेतावनी ट्रिगर करने का नियंत्रण देती है. जब उपयोगकर्ता ऐसी साइटों पर अपने सुरक्षित पासवर्ड का दोबारा इस्तेमाल करते हैं जिनसे उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है, तब 'पासवर्ड सुरक्षा' उन्हें चेतावनी देती है.
आप सुरक्षित किए जाने वाले पासवर्ड कॉन्फ़िगर करने के लिए 'PasswordProtectionLoginURLs' और 'PasswordProtectionChangePasswordURL' नीतियों का इस्तेमाल कर सकते हैं.
अगर यह नीति 'PasswordProtectionWarningOff' पर सेट की जाती है, तो 'पासवर्ड सुरक्षा' की कोई चेतावनी नहीं दिखाई जाएगी. अगर यह नीति 'PasswordProtectionWarningOnPasswordReuse' पर सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता की ओर से किसी भी गैर-मंज़ूरी वाली साइट पर अपने सुरक्षित पासवर्ड का दोबारा इस्तेमाल किए जाने पर 'पासवर्ड सुरक्षा' चेतावनी दिखाई जाएगी. अगर यह नीति 'PasswordProtectionWarningOnPhishingReuse' पर सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता की ओर से किसी फ़िशिंग साइट पर अपने सुरक्षित पासवर्ड का दोबारा इस्तेमाल किए जाने पर 'पासवर्ड सुरक्षा' चेतावनी दिखाई जाएगी. अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो 'पासवर्ड सुरक्षा सेवा' सिर्फ़ Google के पासवर्ड सुरक्षित रखेगी, लेकिन उपयोगकर्ता इस सेटिंग को बदल सकते हैं.
एंटरप्राइज़ लॉगिन यूआरएल (सिर्फ़ एचटीटीपी और एचटीटीपीएस स्कीम) की सूची कॉन्फ़िगर करें. पासवर्ड का फ़िंगरप्रिंट इन यूआरएल पर कैप्चर किया जाएगा और उसका इस्तेमाल पासवर्ड फिर से इस्तेमाल होने का पता लगाने के लिए किया जाएगा. Google Chrome पासवर्ड के फ़िगरप्रिंट सही तरीके से कैप्चर करे, इसके लिए कृपया पक्का करें कि आपके लॉगिन पेज https://www.chromium.org/developers/design-documents/create-amazing-password-forms का पालन करें.
अगर यह सेटिंग चालू होती है, तो फिर 'पासवर्ड सुरक्षा सेवा' पासवर्ड फिर इस्तेमाल होने का पता लगाने के इरादे से, इन यूआरएल पर पासवर्ड का फ़िंगरप्रिंट कैप्चर करेगी. अगर यह सेटिंग बंद होती है या सेट नहीं की जाती है, तो फिर 'पासवर्ड सुरक्षा सेवा' सिर्फ़ https://accounts.google.com पर ही पासवर्ड का फ़िंगरप्रिंट कैप्चर करेगी. यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है, या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है.
पासवर्ड बदलने का यूआरएल (सिर्फ़ एचटीटीपी और एचटीटीपीएस स्कीम) कॉन्फ़िगर करती है. पासवर्ड सुरक्षा सेवा उपयोगकर्ताओं को इस यूआरएल पर भेजेगी ताकि वे ब्राउज़र में चेतावनी दिखाई देने के बाद अपना पासवर्ड बदल सकें. Google Chrome पासवर्ड बदलने के इस पेज पर नए पासवर्ड का फ़िंगरप्रिंट सही तरीके से कैप्चर करे, इसके लिए कृपया पक्का करें कि पासवर्ड बदलने का आपका पेज https://www.chromium.org/developers/design-documents/create-amazing-password-forms पर दिए गए दिशानिर्देशों का पालन करता है.
अगर यह सेटिंग चालू होती है, तो 'पासवर्ड सुरक्षा सेवा' उपयोगकर्ताओं को इस यूआरएल पर भेजेगी ताकि वे ब्राउज़र में चेतावनी देखने के बाद अपने पासवर्ड बदल सकें. अगर यह सेटिंग बंद होती है या सेट नहीं की जाती है, तो 'पासवर्ड सुरक्षा सेवा' उपयोगकर्ताओं को अपने पासवर्ड बदलने के लिए https://myaccounts.google.com पर भेजेगी. यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है, या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है.
Google Chrome के टूलबार पर होम पेज बटन दिखाती है.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं तो, होम पेज बटन हमेशा दिखाई देता है.
अगर आप यह सेटिंग बंद करते हैं तो, होम पेज बटन कभी दिखाई नहीं देता है.
अगर आप यह सेटिंग चालू या बंद करते हैं तो, Google Chrome में उपयोगकर्ता यह सेटिंग बदल नहीं सकते या इसे रद्द नहीं कर सकते.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है तो, उपयोगकर्ता को यह चुनने कि सुविधा होगी कि होम पेज बटन दिखाया जाए या नहीं.
Google Chrome में डिफ़ॉल्ट होम पेज यूआरएल को कॉन्फ़िगर करती है और इस्तेमाल करने वालों को इसे बदलने से रोकती है.
होम पेज वह पेज है जो होम बटन से खुलता है. शुरू होने के बाद खुलने वाले पेजों पर RestoreOnStartup की नीतियां लागू होती हैं.
होम पेज का प्रकार या तो आपके यहां बताए हुए यूआरएल पर सेट हो सकता है या फिर 'नया टैब पेज' पर सेट हो सकता है. अगर आप 'नया टैब पेज' चुनते हैं, तो यह नीति लागू नहीं होगी.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो उपयोगकर्ता Google Chrome में अपना होम पेज यूआरएल नहीं बदल पाएंगे. हालांकि, वे 'नया टैब पेज' को अपने होम पेज के तौर पर चुन सकते हैं.
अगर HomepageIsNewTabPage को भी सेट नहीं किया गया हो, तो इस नीति को सेट न करने पर उपयोगकर्ता खुद अपना होम पेज सेट कर पाएंगे.
यूआरएल में सामान्य स्कीम, जैसे कि, "http://example.com" या "https://example.com" ज़रूर होनी चाहिए.
यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टेंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है. इसके अलावा, यह Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टेंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस मैनेजमेंट के लिए दर्ज किया गया है.
Google Chrome में डिफ़ॉल्ट होम पेज का प्रकार कॉन्फ़िगर करती है और उपयोगकर्ताओं को होम पेज की प्राथमिकताएं बदलने से रोकती है. होम पेज को या तो आपके बताए हुए किसी यूआरएल पर या फिर 'नया टैब पेज' पर सेट किया जा सकता है.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो होम पेज के लिए हमेशा 'नया टैब पेज' का इस्तेमाल किया जाता है और होम पेज यूआरएल की जगह को अनदेखा कर दिया जाता है.
अगर आप यह सेटिंग बंद करते हैं, तो उपयोगकर्ता का होम पेज कभी भी 'नया टैब पेज' नहीं होगा, जब तक कि यूआरएल को 'chrome://newtab' पर सेट नहीं किया जाता.
अगर आप यह सेटिंग चालू या बंद करते हैं, तो उपयोगकर्ता Google Chrome में अपने होमपेज का प्रकार नहीं बदल सकते.
इस नीति को सेट किए बिना छोड़ देने से उपयोगकर्ता यह चुन सकेंगे कि उनका नया टैब पेज ही उनका होम पेज होगा या नहीं.
यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है, या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है.
'नया टैब पेज' का यूआरएल कॉन्फ़िगर करती है और उपयोगकर्ताओं को इसे बदलने से रोकती है.
नया टैब पेज, ऐसा पेज है जो नए टैब बनाए जाने पर खुलता है (इनमें नई विंडो में खुला हुआ पेज भी शामिल है).
यह नीति स्टार्ट अप के समय खुलने वाले पेज तय नहीं करती. उनका नियंत्रण RestoreOnStartup की नीतियां करती हैं. फिर भी अगर होम पेज को नया टैब पेज के रूप में खुलने के लिए सेट किया गया हो, तो यह नीति उस पर असर डालती है. इसके साथ ही अगर स्टार्टअप पेज को नया टैब पेज के रूप में खुलने के लिए सेट किया गया हो, तो यह नीति उस पर भी असर डालती है.
अगर नीति सेट नहीं की जाती है या खाली छोड़ दी जाती है तो डिफ़ॉल्ट नए टैब पेज का इसतेमाल किया जाता है.
यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है, या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है.
आपको स्टार्टअप पर व्यवहार तय करने की मंज़ूरी देती है.
अगर आप 'नया टैब पेज खोलें' चुनते हैं तो जब भी आप Google Chrome शुरू करेंगे, तब 'नया टैब पेज' खुलेगा.
अगर आप 'पिछला सेशन बहाल करें' चुनते हैं, तो पिछली बार Google Chrome के बंद होने पर खुले यूआरएल फिर से खुल जाएंगे और ब्राउज़िंग सेशन उसी तरह बहाल कर दिया जाएगा जैसा उसे छोड़ा गया था. इस विकल्प को चुनने पर कुछ ऐसी सेटिंग बंद हो जाती हैं जो सेशन पर भरोसा करती हैं या जो बाहर निकलने पर कार्रवाइयां करती हैं (जैसे कि बाहर निकलने पर ब्राउज़िंग डेटा हटाना या सिर्फ़ सत्र वाली कुकी हटाना).
अगर आप 'यूआरएल की सूची खोलें' चुनते हैं, तो 'स्टार्टअप पर खुलने वाले यूआरएल' की सूची तब खुलेगी जब उपयोगकर्ता Google Chromeको शुरू करेगा.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो उपयोगकर्ता इसे Google Chrome में बदल नहीं सकेंगे और न ही ओवरराइड कर सकेंगे.
इस सेटिंग को बंद करना इसे कॉन्फ़िगर किए बिना छोड़ देने के बराबर है. उपयोगकर्ता अब भी इसे Google Chrome में बदल सकेगा.
यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है. या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है.
अगर 'यूआरएल की सूची खोलें' को स्टार्टअप कार्रवाई के रूप में चुना गया हो, तो इससे आपको खुले हुए यूआरएल की सूची तय करने की मंज़ूरी मिल जाती है. अगर सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है तो स्टार्ट अप पर कोई भी यूआरएल नहीं खुलेगा.
यह नीति तभी काम करती है अगर 'RestoreOnStartup' नीति को 'RestoreOnStartupIsURLs' पर सेट किया गया हो.
यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है, या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है.
आपको यह निर्दिष्ट करने देता है कि कौन से स्थानीय संदेश सेवा होस्ट लोड नहीं किए जाने चाहिए.
'*' वाले कालीसूची मान का अर्थ है कि सभी स्थानीय संदेश सेवा होस्ट तब तक कालीसूची में होते हैं जब तक वे श्वेतसूची में स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध होते हैं.
अगर नीति सेट नहीं पर छोड़ दी जाती है, तो Google Chrome सभी इंस्टॉल किए गए स्थानीय संदेश सेवा होस्ट को लोड करेगा.
आपको यह तय करने की सुविधा देती है कि कौनसे स्थानीय मैसेजिंग सेवा होस्ट प्रतिबंधित नहीं करने चाहिए.
* के प्रतिबंधित मान का अर्थ यह है कि सभी स्थानीय मैसेजिंग सेवा होस्ट प्रतिबंधित हैं और उपयोगकर्ता केवल मान्य सूची में दिए गए स्थानीय मैसेजिंग सेवा होस्ट ही लोड किए जाएंगे.
सामान्य तौर पर, सभी स्थानीय मैसेजिंग सेवा होस्ट मान्य सूची में होते हैं, लेकिन अगर नीति के तहत सभी स्थानीय मैसेजिंग सेवा होस्ट को प्रतिबंधित किया जाता है, तो नीति को ओवरराइड करने के लिए मान्य सूची का उपयोग किया जा सकता है.
स्थानीय मैसेज सेवा होस्ट के उपयोगकर्ता-स्तर इंस्टॉलेशन को चालू करती है.
अगर यह सेटिंग चालू है, तो Google Chrome उपयोगकर्ता स्तर पर इंस्टॉल किए गए स्थानीय मैसेज सेवा होस्ट का इस्तेमाल करने देती है.
अगर यह सेटिंग बंद है, तो Google Chromeसिर्फ़ सिस्टम स्तर पर इंस्टॉल किए स्थानीय मैसेज सेवा होस्ट का इस्तेमाल करेगा.
अगर यह सेटिंग सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो Google Chrome उपयोगकर्ता-स्तर स्थानीय मैसेज सेवा होस्ट का इस्तेमाल करने देगा.
आपको यह सेट करने की अनुमति देती है कि धोखादायक अनुभवों वाली साइटों को नई विंडो या टैब खोलनेे से रोका जाए या नहीं.
अगर यह नीति सत्य पर सेट है, तो धोखादायक अनुभवों वाली साइटों को नई विंडो या टैब खोलनेे से रोका जाएगा. हालांंकि अगर सुरक्षित ब्राउज़िंग चालू नीति असत्य पर सेट है, तो यह व्यवहार ट्रिगर नहीं होगा. अगर यह नीति असत्य पर सेट है, तो धोखादायक अनुभवों वाली साइटों को नई विंडो या टैब खोलनेे की अनुमति दी जाएगी. अगर यह नीति को सेट नहीं किया गया है, तो सत्य का इस्तेमाल किया जाएगा.
आपको यह सेट करने की अनुमति देती है कि तंग करने वाले विज्ञापनों वाली साइटों पर विज्ञापन ब्लॉक किए जाने चाहिए या नहीं.
अगर यह नीति 2 पर सेट होती है, तो तंग करने वाले विज्ञापनों वाली साइटों पर विज्ञापन ब्लॉक कर दिए जाएंगे. हालांकि अगर SafeBrowsingEnabled नीति गलत पर सेट की जाती है, तो यह व्यवहार ट्रिगर नहीं होगा. अगर यह नीति 1 पर सेट होती है, तो तंग करने वाले विज्ञापनों वाली साइटों पर विज्ञापन ब्लॉक नहीं किए जाएंगे. अगर इस नीति को सेट नहीं किया जाता है, तो 2 का इस्तेमाल किया जाएगा.
Google Chrome में ब्राउज़र इतिहास और डाउनलोड इतिहास को हटाना चालू करती है तथा उपयोगकर्ताओं को इस सेटिंग को बदलने से रोकती है.
ध्यान दें कि इस नीति के बंद रहते हुए भी, ब्राउज़िंग और डाउनलोड इतिहास के बनाए रखे जाने की गारंटी नहीं दी जाती: उपयोगकर्ता इतिहास डेटाबेस फ़ाइलों में सीधे बदलाव कर सकते हैं या उन्हें हटा सकते हैं, और ब्राउज़र किसी भी समय किसी या सभी इतिहास की अवधि खुद खत्म कर सकता है या उसका संग्रह कर सकता है.
अगर यह नीति सेट होती है या सेट नहीं होती, तो ब्राउज़िंग और डाउनलोड इतिहास हटाया जा सकता है.
अगर यह सेटिंग बंद होती है, तो ब्राउज़िंग और डाउनलोड इतिहास हटाया नहीं जा सकता.
डिवाइस के ऑफ़लाइन होने पर उपयोगकर्ताओं को डाइनासोर ईस्टर एग गेम खेलने दें.
अगर इस पॉलिसी को असत्य पर सेट किया गया है, तो डिवाइस के ऑफ़लाइन होने पर उपयोगकर्ता डाइनासोर ईस्टर एग गेम नहीं खेल पाएंगे. अगर इस पॉलिसी को सत्य पर सेट किया गया है, तो उपयोगकर्ता डाइनासोर गेम खेल पाएंगे. अगर इस पॉलिसी को सेट नहीं किया गया है, तो उपयोगकर्ताओं को नामांकित Chrome OS पर डाइनासोर ईस्टर गेम खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी, लेकिन उन्हें अन्य परिस्थितियों में खेलने की अनुमति होगी.
यह नीति, Google Chrome को 'फाइल चुनने के विंडो' दिखाने की अनुमति देकर मशीन पर मौजूद स्थानीय फ़ाइल का एक्सेस देती है. अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो उपयोगकर्ता सामान्य रूप से 'फ़ाइल चुनने के विंडो' खोल सकते हैं.
अगर आप यह सेटिंग बंद करते हैं, तो जब भी उपयोगकर्ता कोई ऐसा काम करता है, जिसकी वजह से 'फ़ाइल चुनने के विंडो' सामने आती है (जैसे बुकमार्क लेकर आना, फ़ाइल अपलोड करना, लिंक सेव करना वगैरह) तो इसके बजाय एक मैसेज दिखाई देता है और यह मान लिया जाता है कि उपयोगकर्ता ने 'फ़ाइल चुनने के विंडो' पर 'रद्द करें' क्लिक कर दिया है.
अगर यह सेटिंग सेट नहीं है, तो उपयोगकर्ता सामान्य रूप से 'फ़ाइल चुनने के विंडो' खोल सकते हैं.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो पुराने प्लग इन का इस्तेमाल सामान्य प्लग इन की तरह किया जाता है.
अगर आप इस सेटिंग को बंद करते हैं, तो पुराने प्लग इन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और इस्तेमाल करने वालों से उन्हें चलाने की अनुमति नहीं मांगी जाएगी.
अगर यह सेटिंग सेट नहीं की जाती है, तो इस्तेमाल करने वालों से पुराने प्लग इन चलाने की अनुमति मांगी जाएगी.
यह नीति एडमिन को तय करने देती है कि पेज अपलोड होने के दौरान पॉप-अप दिखा सकता है.
जब नीति चालू पर सेट की जाती है, तो अपलोड होने के दौरान पेज पॉप-अप दिखा सकते हैं.
जब नीति बंद पर सेट की जाती है या सेट नहीं की जाती है, तो अपलोड होने के दौरान पेज पॉप-अप नहीं दिखा सकते हैं, जैसा कि इस विनिर्देश (https://html.spec.whatwg.org/#apis-for-creating-and-navigating-browsing-contexts-by-name) में बताया गया है.
Chrome 82 में यह नीति हटा दी जाएगी.
https://www.chromestatus.com/feature/5989473649164288 देखें.
अगर यह नीति गलत पर सेट हो, तो इस्तेमाल करने वाले लोग स्क्रीन को लॉक नहीं कर पाएंगे (सिर्फ़ उपयोगकर्ता सत्र से साइन आउट किया जा सकेगा). अगर यह सेटिंग सही पर सेट हो या सेट नहीं हो, तो पासवर्ड के ज़रिए मंज़ूरी देने वाले उपयोगकर्ता स्क्रीन को लॉक कर सकते हैं.
G Suite में Google Chrome की प्रतिबंधित लॉग इन सुविधा चालू करती है और उपयोगकर्ताओं को इस सेटिंग को बदलने से रोकती है.
अगर आप इस सेटिंग को परिभाषित करते हैं, तो उपयोगकर्ता सिर्फ़ Google एक्सेस कर पाएगा साफ़ तौर पर बताए डोमेन से खातों का इस्तेमाल करने वाले ऐप्लिकेशन (ध्यान दें कि gmail.com/googlemail.com खातों की अनुमति देने के लिए, आपको "consumer_accounts" जोड़ना चाहिए (उद्धरण के बिना) डोमेन की सूची में).
यह सेटिंग उपयोगकर्ता को उस प्रबंधित डिवाइस पर जिसके लिए Google प्रमाणीकरण की ज़रूरत होती है, लॉग इन करने और सहायक खाता जोड़ने से रोकती है, अगर वह खाता मंज़ूरशुदा डोमेन की ऊपर दी हुई सूची से जुड़ा हुआ नहीं है.
अगर आप इस सेटिंग को खाली छोड़ते हैं/कॉन्फ़िगर नहीं करते हैं, तो उपयोगकर्ता किसी भी खाते के साथ G Suite का इस्तेमाल कर सकता है.
इस नीति की वजह से X-GoogApps-Allowed-Domains शीर्ष लेख को सभी google.com डोमेन के सभी एचटीटीपी और एचटीटीपी अनुरोधों के साथ जोड़ना पड़ता है, जिसके बारे में https://support.google.com/a/answer/1668854 पर बताया गया है.
उपयोगकर्ता इस सेटिंग में कोई बदलाव या तब्दीली नहीं कर सकते हैं.
यह कॉन्फ़िगर करती है कि Google Chrome OS उपयोगकर्ता सत्रों के लिए किन कीबोर्ड लेआउट को मंज़ूरी दी गई है.
अगर यह नीति सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता इस नीति में बताए गए इनपुट के तरीकों में से सिर्फ़ एक को चुन सकेगा. अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है या किसी खाली सूची पर सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता इनपुट के उन सभी तरीकों को चुन सकेगा जो काम करते हैं. अगर इनपुट के मौजूदा तरीके को इस नीति में मंज़ूरी नहीं दी गई है, तो इनपुट का तरीका हार्डवेयर के कीबोर्ड लेआउट (मंज़ूरी होने पर) या इस सूची में मौजूद पहली सही प्रविष्टि पर स्विच हो जाएगा. इस सूची में मौजूद इनपुट के उन सभी तरीकों को अनदेखा कर दिया जाएगा जो गलत हैं या काम नहीं करते हैं.
ऐसी भाषाएं कॉन्फ़िगर करती है जिनका इस्तेमाल Google Chrome OS में पसंदीदा भाषाओं के तौर पर किया जा सकता है.
अगर यह नीति सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता इस नीति में सूची में दी गई भाषाओं में से सिर्फ़ एक भाषा को पसंदीदा भाषाओं की सूची में जोड़ सकता है. अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है या किसी खाली सूची पर सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता किसी भी भाषा को पसंदीदा के रूप में बता सकता है. अगर यह नीति गलत मानों वाली किसी सूची पर सेट की जाती है, तो सभी गलत मानों को अनदेखा कर दिया जाएगा. अगर किसी उपयोगकर्ता ने पसंदीदा भाषाओं की सूची में पहले कुछ ऐसी भाषाएं जोड़ी हैं जिनकी यह नीति मंज़ूरी नहीं देती है तो उन्हें हटा दिया जाएगा. अगर उपयोगकर्ता ने पहले Google Chrome OS को उन भाषाओं में से किसी एक में दिखाने के लिए कॉन्फ़िगर किया है जिनकी यह नीति मंज़ूरी नहीं देती है, तो अगली बार उपयोगकर्ता के साइन इन करने पर डिसप्ले की भाषा इस नीति की मंज़ूरी दी गई यूआई भाषा में बदल जाएगी. नहीं तो, Google Chrome OS को इस नीति के बताए गए पहले सही मान में या इस नीति में सिर्फ़ गलत एंट्री होने पर, किसी फ़ॉलबैक स्थान भाषा या (जो फ़िलहाल en-US है) बदल दिया जाएगा.
यह नीति गड़बड़ी के ऐसे वैकल्पिक पेजों का उपयोग चालू करती है जो Google Chrome में तैयार होते हैं (जैसे 'पेज नहीं मिला') और उपयोगकर्ताओं को इस सेटिंग को बदलने से रोकती है.
अगर आप इस सेटिंग को चालू करते हैं तो, गड़बड़ी के वैकल्पिक पेजों का उपयोग किया जाता है.
अगर आप इस सेटिंग को बंद करते हैं तो, गड़बड़ी के वैकल्पिक पेजों का उपयोग कभी भी नहीं किया जाता.
अगर आप इस सेटिंग को चालू या बंद करते हैं तो, उपयोगकर्ता Google Chrome में इस सेटिंग को बदल या इसे ओवरराइड नहीं कर सकते.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, यह चालू रहेगी लेकिन उपयोगकर्ता इसे बदल सकेगा.
यह नीति Google Chrome में 'इंटरनल PDF व्यूअर' बंद करती है. इसके बजाय यह इसे डाउनलोड के रूप में देखता है और उपयोगकर्ता को डिफ़ॉल्ट ऐप्लिकेशन से PDF फ़ाइलें खोलने की अनुमति देता है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है या बंद होती है तो, PDF फ़ाइलों को खोलने के लिए तब तक 'PDF प्लग इन' का उपयोग किया जाएगा जब तक कि उपयोगकर्ता इसे बंद नहीं कर देता.
Google Chrome में ऐप्लिकेशन की स्थान-भाषा कॉन्फ़िगर करती है और उपयोगकर्ताओं को स्थान-भाषा बदलने से रोकती है.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो Google Chrome तय की गई स्थान-भाषा का इस्तेमाल करता है. अगर कॉन्फ़िगर की गई स्थान-भाषा काम नहीं करती है, तो इसके बजाय 'en-US' का इस्तेमाल किया जाता है.
अगर यह सेटिंग बंद है या कॉन्फ़िगर नहीं है, तो Google Chrome उपयोगकर्ता की सेट की गई पसंदीदा स्थान-भाषा (अगर कॉन्फ़िगर है), सिस्टम की स्थान-भाषा या फ़ॉलबैक स्थान-भाषा 'en-US' का इस्तेमाल करता है.
अगर यह नीति चालू हो या कॉन्फ़िगर नहीं की गई हो (डिफ़ॉल्ट), तो इस्तेमाल करने वाले को ऑडियो कैप्चर एक्सेस का संकेत दिया जाता है. इनमें AudioCaptureAllowedUrls सूची में कॉन्फ़िगर किए गए यूआरएल शामिल नहीं हैं जिन्हें संकेत दिए बिना एक्सेस दिया जाता है.
इस नीति के बंद होने पर, इस्तेमाल करने वाले को कभी भी संकेत नहीं दिया जाएगा और ऑडियो कैप्चर सिर्फ़ AudioCaptureAllowedUrls में कॉन्फ़िगर किए गए यूआरएल के लिए उपलब्ध होगा.
यह नीति सभी तरह के ऑडियो इनपुट पर असर डालती है, न कि सिर्फ़ पहले से मौजूद माइक्रोफ़ोन पर.
Android ऐप्लिकेशन के लिए, यह नीति केवल माइक्रोफ़ोन को प्रभावित करती है. जब यह नीति सही पर सेट होती है, तो माइक्रोफ़ोन को बिना किसी अपवाद के, सभी Android ऐप्लिकेशन के लिए म्यूट कर दिया जाता है.
इस सूची के पैटर्न का मिलान अनुरोध करने वाले यूआरएल के सुरक्षा मूल से किया जाता है. अगर मिलान हो जाता है, तो ऑडियो कैप्चर डिवाइस के लिए एक्सेस, सूचना दिए बिना ही दे दिए जाएंगे.
नोट: वर्शन 45 तक, यह नीति सिर्फ़ किओस्क मोड में ही काम करती थी.
जब यह नीति गलत पर सेट की जाती है, तो इस्तेमाल करने वाले के लॉग इन होने के दौरान डिवाइस पर ऑडियो आउटपुट उपलब्ध नहीं रहेगा.
इस नीति का असर सभी तरह के ऑडियो पर होता है, न कि सिर्फ़ पहले से मौजूद स्पीकर पर. यह नीति ऑडियो सुलभता सुविधाओं को भी रोकती है. अगर इस्तेमाल करने वाले को किसी स्क्रीन रीडर की ज़रूरत है, तो इस नीति को चालू न करें.
अगर यह सेटिंग सही पर सेट की जाती है या कॉन्फ़िगर नहीं की जाती, तो फिर उपयोगकर्ता अपने डिवाइस पर काम करने वाले सभी ऑडियो आउटपुट का इस्तेमाल कर सकते हैं.
यह नीति M70 में हटा ली गई है, कृपया इसके बजाय AutofillAddressEnabled और AutofillCreditCardEnabled का इस्तेमाल करें.
Google Chrome की अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल) चालू करती है और उपयोगकर्ताओं को पहले से संग्रह की गई जानकारी, जैसे कि पता या क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल करके वेब फ़ॉर्म अपने आप पूरा करने देती है.
अगर आप इस सेटिंग को बंद करते हैं, तो उपयोगकर्ता अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल) का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.
अगर आप इस सेटिंग को चालू करते हैं या कोई मान सेट नहीं करते हैं, तो अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल) उपयोगकर्ता के नियंत्रण में ही रहेगी. इससे वे अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल) प्रोफ़ाइल कॉन्फ़िगर कर पाएंगे और अपनी इच्छा से अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल) को चालू या बंद कर पाएंगे.
यह नीति Google Chrome की 'अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल)' चालू करती है. इसके ज़रिए उपयोगकर्ताओं को पहले से संग्रहित जानकारी की मदद से वेब फ़ॉर्म में पते की जानकारी अपने आप भरने की सुविधा मिलती है.
अगर यह सेटिंग बंद होती है, तो 'अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल)' न तो कभी कोई सुझाव देगी, न ही पते की जानकारी भरेगी. साथ ही यह पते की ऐसी और ज़्यादा जानकारी सेव नहीं करेगी जिसे उपयोगकर्ता ने शायद वेब ब्राउज़ करते समय सबमिट किया होगा.
अगर यह सेटिंग चालू होती है या इसका कोई मान न दिया गया हो, तो उपयोगकर्ता यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) में पते की जानकारी के लिए 'अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल)' को नियंत्रित कर पाएगा.
यह नीति, Google Chrome की 'अपने आप भरने की सुविधा (ऑटो फ़िल)' चालू करती है. इसके ज़रिए उपयोगकर्ताओं को क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी जैसी पहले से संग्रहित जानकारी की मदद से वेब फ़ॉर्म अपने आप भरने की सुविधा मिलती है.
अगर यह सेटिंग बंद होती है, तो 'अपने आप भरने की सुविधा' कभी कोई सुझाव नहीं देगी या क्रेडिट कार्ड की जानकारी अपने आप नहीं भरेगी. साथ ही यह, क्रेडिट कार्ड की ऐसी कोई भी दूसरी जानकारी जानकारी सेव नहीं करेगी जिसे उपयोगकर्ता ने शायद वेब ब्राउज़ करते समय सबमिट किया हो.
अगर यह सेटिंग चालू होती है या कोई मान नहीं दिया जाता है, तो उपयोगकर्ता यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) में क्रेडिट कार्ड के लिए 'अपने आप भरने की सुविधा' को नियंत्रित कर पाएगा.
यह नीति आपको यह नियंत्रित करने देती है कि Google Chrome में, ऑडियो सामग्री होने पर वीडियो अपने आप (उपयोगकर्ता की सहमति के बिना) चल सकते हैं या नहीं.
अगर नीति को 'सही' पर सेट किया गया है, तो Google Chrome को मीडिया अपने आप चलने की अनुमति है. अगर नीति को 'गलत' पर सेट किया गया है, तो Google Chrome को मीडिया अपने आप चलने की अनुमति नहीं है. कुछ 'यूआरएल पैटर्न' के मामले में इसे ओवरराइड करने के लिए AutoplayWhitelist नीति का इस्तेमाल किया जा सकता है. डिफ़ॉल्ट रूप से, Google Chrome को अपने आप मीडिया चलाने की अनुमति नहीं है. कुछ 'यूआरएल पैटर्न' के मामले में इसे ओवरराइड के लिए AutoplayWhitelist नीति का इस्तेमाल किया जा सकता है.
ध्यान रखें कि अगर Google Chrome चल रहा है और यह नीति बदल जाती है, तो यह सिर्फ़ नए खोले गए टैब पर लागू होगी. इस वजह से कुछ टैब अब भी पुराने तरीके से काम कर सकते हैं.
यूआरएल पैटर्न की उस सूची को नियंत्रित करती है जिसे मंज़ूरी मिली हुई है और जिससे अपने आप चलने की सुविधा हमेशा चालू रहेगी.
अगर अपने आप चलने की सुविधा चालू रहती है तो, Google Chrome में ऑडियो सामग्री के साथ वीडियो अपने आप चल सकते हैं (उपयोगकर्ता की मंज़ूरी के बिना).
मान्य यूआरएल पैटर्न की विशेषताएं ये हैं:
- [*.]domain.tld (domain.tld और सभी सब-डोमेन मेल खाते हैं)
- होस्ट (सटीक होस्टनाम मेल खाता है)
- scheme://host:port (काम की स्कीम: एचटीटीपी,एचटीटीपीएस)
- scheme://[*.]domain.tld:port (काम की स्कीम: http,https)
- file://path (पाथ पूरा होना चाहिए और वह '/' से शुरू होना चाहिए)
- a.b.c.d (सही IPv4 ip से मेल खाता है)
- [a:b:c:d:e:f:g:h] (सही IPv6 ip से मेल खाता है)
अगर AutoplayAllowed नीति 'सही' पर सेट की गई है, तो इस नीति का कोई असर नहीं होगा.
अगर AutoplayAllowed नीति 'गलत' पर सेट की गई है, तो इस नीति में सेट सभी यूआरएल पैटर्न को चलाने की अनुमति होगी.
ध्यान रखें कि अगर Google Chrome चल रहा है और यह नीति बदल जाती है, तो यह सिर्फ़ खोले गए नए टैब पर लागू होगी. इसलिए हो सकता है कि कुछ टैब अब भी पुराने तरीके से काम करें.
यह नीति तय करती है कि क्या OS लॉगिन पर कोई Google Chrome प्रक्रिया शुरू हुई है और क्या वह पिछले ब्राउज़र के बंद हो जाने पर चलती रहती है, जिससे बैकग्राउंड ऐप्लिकेशन और मौजूदा ब्राउज़िंग सेशन चालू रहें. इसमें कोई भी सेशन कुकी शामिल है. बैकग्राउंड प्रक्रिया 'सिस्टम ट्रे' में एक आइकॉन दिखाती है और उसे वहीं से कभी भी बंद किया जा सकता है.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट होती है तो, बैकग्राउंड मोड चालू हो जाता है और उपयोगकर्ता उसे ब्राउज़र सेटिंग में नियंत्रित नहीं कर सकता.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट की जाती है तो, बैकग्राउंड मोड बंद हो जाता है और उपयोगकर्ता उसे ब्राउज़र सेटिंग में नियंत्रित नहीं कर सकता.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, बैकग्राउंड मोड शुरू में बंद रहता है और उपयोगकर्ता उसे ब्राउज़र सेटिंग में नियंत्रित कर सकता है.
इस सेटिंग को चालू करने पर उन वेब पेज ऐलीमेंट से कुकी सेट नहीं हो पाती, जो उस डोमेन के नहीं हैं जो ब्राउज़र के पता बार में हैं.
इस सेटिंग को बंद करने पर उन वेब पेज ऐलीमेंट से कुकी सेट की जा सकती हैं, जो उस डोमेन के नहीं हैं जो ब्राउज़र के पता बार में हैं. साथ ही, यह इस सेटिंग को बदलने से रोकती है.
अगर आप इस सेटिंग को सेट किए बिना छोड़ते हैं, तो तीसरे पक्ष की कुकी चालू की जाएंगी लेकिन इस्तेमाल करने वाला उसे बदल नहीं सकेगा.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो Google Chrome एक बुकमार्क बार दिखाएगा.
अगर आप इस सेटिंग को बंद करते हैं, तो इस्तेमाल करने वालों को बुकमार्क बार कभी दिखाई नहीं देगा.
अगर आप इस सेटिंग को चालू या बंद करते हैं, तो इस्तेमाल करने वाले न तो इसे Google Chrome में बदल सकते हैं, न ही ओवरराइड कर सकते हैं.
अगर इस सेटिंग को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो इस्तेमाल करने वाला यह तय कर सकता है कि इस फ़ंक्शन का इस्तेमाल करना है या नहीं.
अगर यह नीति 'सही' या 'कॉन्फ़िगर' नहीं की गई पर सेट है तो, Google Chrome 'उपयोगकर्ता प्रबंधक' से 'व्यक्ति जोड़ें' की अनुमति देगा.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट की जाती है तो, Google Chrome 'उपयोगकर्ता प्रबंधक' से नई प्रोफ़ाइल बनाने की अनुमति नहीं देगा.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट है या कॉन्फ़िगर नहीं है, तो Google Chrome के मेहमान लॉगिन को चालू किया जाएगा. मेहमान लॉगिन वे Google Chrome प्रोफ़ाइल हैं जहां सभी विंडो गुप्त मोड में होते हैं.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट है, तो Google Chrome मेहमान प्रोफ़ाइल को शुरू करने की अनुमति नहीं देगा.
इस नीति को गलत पर सेट करने से Google Chrome एक सटीक टाइमस्टैम्प पाने के लिए Google के सर्वर को समय-समय पर क्वेरीज़ भेजना बंद कर देता है. अगर यह नीति सही पर सेट की जाती है या सेट नहीं की जाती है तो इन क्वेरी को सक्षम कर दिया जाएगा.
यह नीति ब्राउज़र के साइन इन बर्ताव को नियंत्रित करती है. यह नीति आपको यह तय करने देती है कि उपयोगकर्ता अपने खाते से Google Chrome में साइन कर सकते हैं और खाते से जुड़ी सेवाएं जैसे 'Chrome सिंक' का इस्तेमाल कर सकते हैं.
अगर यह नीति "ब्राउज़र में साइन इन बंद करें" पर सेट की हुई है, तो उपयोगकर्ता ब्राउज़र में साइन इन नहीं कर सकते हैं और खाता आधारित सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं. इस मामले में ब्राउज़र लेवल की सुविधाओं जैसे 'Chrome सिंक' का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है और ये मौजूद नहीं रहेंगी. अगर उपयोगकर्ता ने साइन इन किया हुआ है और नीति "बंद" पर सेट है, तो अगली बार जब उपयोगकर्ता Chrome चलाएगा तो उसे साइन आउट कर दिया जाएगा लेकिन उसका स्थानीय प्रोफ़ाइल डेटा जैसे बुकमार्क, पासवर्ड वगैरह वैसे ही बने रहेंगे. उपयोगकर्ता अब भी Google वेब सेवाओं, जैसे Gmail में साइन इन कर सकेगा और उनका इस्तेमाल कर सकेगा.
अगर नीति "ब्राउज़र में साइन इन चालू करें" पर सेट की हुई है, तो उपयोगकर्ता को ब्राउज़र में साइन इन करने की अनुमति रहती है और Google वेब सेवाओं जैसे Gmail में साइन इन होने पर उसे ब्राउज़र में अपने आप साइन इन कर दिया जाता है. ब्राउज़र में साइन इन होने का मतलब यह है कि उपयोगकर्ता की खाता जानकारी ब्राउज़र के पास रहेगी. हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि 'Chrome सिंक' डिफ़ॉल्ट रूप से चालू रहेगा; उपयोगकर्ता को इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए उसे अलग से चुनना होगा. इस नीति के चालू होने पर उपयोगकर्ता को उस सेटिंग को बंद करने से रोका जाएगा जो ब्राउज़र में साइन इन करने देती है. 'Chrome सिंक' की मौजूदगी को नियंत्रित करने के लिए, "SyncDisabled" नीति का इस्तेमाल करें.
अगर नीति "ब्राउज़र में साइन इन करना ज़रूरी है" पर सेट की हुई है, तो उपयोगकर्ता को खाता चुनने का विकल्प दिखाई देगा और ब्राउज़र का इस्तेमाल करने के लिए उसे एक खाता चुनकर साइन इन करना होगा. इससे यह पक्का किया जाता है कि प्रबंधित खातों के लिए खाते से जुड़ी नीतियां लागू करके चालू कर दी गई हैं. इससे जिन मामलों में डोमेन एडमिन या "SyncDisabled" नीति की ओर से सिंक बंद हो उन्हें छोड़कर, खाते के लिए 'Chrome सिंक' डिफ़ॉल्ट रूप से चालू हो जाता है. BrowserGuestModeEnabled का डिफ़ॉल्ट मान 'गलत' पर सेट कर दिया जाएगा. ध्यान दें कि इस नीति को चालू करने के बाद, साइन इन नहीं की गईं मौजूदा प्रोफ़ाइल लॉक कर दी जाएंगी और एक्सेस नहीं की जा सकेंगी. ज़्यादा जानकारी के लिए, 'सहायता केंद्र लेख' देखें: https://support.google.com/chrome/a/answer/7572556.
अगर यह नीति सेट नहीं है तो उपयोगकर्ता तय कर सकता है कि वह ब्राउज़र में साइन इन करने का विकल्प चालू करे या नहीं और ठीक लगने पर इस्तेमाल करे या नहीं.
यह नीति नियंत्रित करती है कि पहले से मौजूद डीएनएस क्लाइंट का इस्तेमाल Google Chrome में किया जाए या नहीं.
अगर यह नीति सही पर सेट की जाती है, तो उपलब्ध होने पर, पहले से मौजूद डीएनएस क्लाइंट का इस्तेमाल किया जाएगा.
अगर नीति को गलत पर सेट किया जाता है, तो पहले से मौजूद डीएनएस क्लाइंट का इस्तेमाल कभी नहीं किया जाएगा.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो पहले से मौजूद डीएनएस क्लाइंट को MacOS, Android (निजी डीएनएस या वीपीएन के चालू न होने पर) और ChromeOS पर डिफ़ॉल्ट रूप से सेट किया जाएगा, और उपयोगकर्ता यह बदलाव कर पाएंगे कि chrome://flags में बदलाव करके या एक कमांड-लाइन फ़्लैग तय करके, पहले से मौजूद डीएनएस क्लाइंट का इस्तेमाल किया जाए या नहीं.
यह नीति Google Chrome OS को अनुमति देती है कि वह कैप्टिव पोर्टल प्रमाणीकरण की किसी भी प्रॉक्सी को नज़रअंदाज़ करे.
यह नीति तभी असर डालती है अगर एक प्रॉक्सी कॉन्फ़िगर की जाती है (उदाहरण के लिए नीति के ज़रिए, उपयोगकर्ता से chrome://settings में या एक्सटेंशन के ज़रिए).
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो कोई भी कैप्टिव पोर्टल प्रमाणीकरण पेज (यानी कैप्टिव पोर्टल साइन इन पेज से शुरू होने वाले सभी पेज जब तक कि Google Chrome को एक चालू इंटरनेट कनेक्शन नहीं मिल जाता) एक अलग विंडो में दिखाया जाएगा. इसके लिए मौजूदा उपयोगकर्ता की सभी नीति सेटिंग और पाबंदियों को अनदेखा किया जाएगा.
अगर आप इस सेटिंग को बंद करते हैं या इसे सेट किए बिना छोड़ देते हैं, तो कोई भी कैप्टिव पोर्टल प्रमाणीकरण पेज एक (नियमित) नए ब्राउज़र टैब में दिखाया जाएगा, जिसके लिए मौजूदा इस्तेमाल करने वाले की प्रॉक्सी सेटिंग का इस्तेमाल किया जाता है.
यह नीति तय करती है कि उपयोगकर्ता, प्रमाणपत्र प्रबंधक का इस्तेमाल करके प्रमाणपत्र इंपोर्ट कर पाएंगे और उन्हें हटा पाएंगे या नहीं.
अगर इस नीति को ''उपयोगकर्ताओं को सभी प्रमाणपत्र प्रबंधित करने दें'' पर सेट किया जाता है या कुछ भी सेट नहीं किया जाता, तो उपयोगकर्ता प्रमाणपत्र प्रबंधित कर पाएंगे.
अगर इस नीति को ''उपयोगकर्ताओं को उपयोगकर्ता प्रमाणपत्र प्रबंधित करने दें'' पर सेट किया जाता है, तो उपयोगकर्ता इन्हें प्रबंधित कर पाएंगे. हालांकि, पूरे डिवाइस के प्रमाणपत्र प्रबंधित नहीं कर पाएंगे.
अगर इस नीति को ''उपयोगकर्ताओं को प्रमाणपत्र प्रबंधित न करने दें'' पर सेट किया जाता है, तो उपयोगकर्ता प्रमाणपत्र प्रबंधित नहीं कर पाएंगे. ऐसे में वे प्रमाणपत्रों को सिर्फ़ देख पाएंगे.
subjectPublicKeyInfo हैश की सूची के लिए प्रमाणपत्र पारदर्शिता से जुड़ी ज़रूरतें लागू करना बंद करती है.
यह नीति उन प्रमाणपत्र शृंखलाओं के लिए प्रमाणपत्र पारदर्शिता दिखाए जाने की ज़रूरतें बंद करने देती है जिनमें बताए गए subjectPublicKeyInfo हैश में से किसी एक हैश वाले प्रमाणपत्र मौजूद होते हैं. यह एंटरप्राइज़ होस्ट के लिए उन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया जाना जारी रखने देती है, जिन पर किसी दूसरी वजह से भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे सही तरीके से सार्वजनिक तौर पर दिखाए नहीं गए थे.
जब यह नीति सेट की गई हो, तब प्रमाणपत्र पारदर्शिता लागू करना बंद किए जाने के लिए, आगे बताई गई कोई एक शर्त पूरी होनी चाहिए: 1. हैश, सर्वर प्रमाणपत्र की subjectPublicKeyInfo की सूची में मौजूद है. 2. हैश, प्रमाणपत्र शृंखला में किसी CA प्रमाणपत्र में दिखाई देने वाली subjectPublicKeyInfo की सूची में मौजूद है, वह CA प्रमाणपत्र X.509v3 nameConstraints एक्सटेंशन के ज़रिए सीमित होता है, permittedSubtrees में एक या उससे ज़्यादा directoryName nameConstraints मौजूद होते हैं और directoryName में organizationName खासियत होती है. 3. हैश, प्रमाणपत्र शृंखला में किसी CA प्रमाणपत्र में दिखाई देने वाली subjectPublicKeyInfo की सूची में मौजूद है, प्रमाणपत्र के विषय में CA प्रमाणपत्र में एक या उससे ज़्यादा organizationName खासियत होती हैं और सर्वर के प्रमाणपत्र में organizationName खासियत वाला ही नंबर उसी क्रम में मौजूद होता है और उसके मान बाइट-दर-बाइट समान होते हैं.
subjectPublicKeyInfo हैश को "/" वर्ण से जुड़े हुए हैश एल्गोरिद्म नाम के ज़रिए बताया जाता है और उस हैश एल्गोरिद्म का Base64 कोड में बदलने का तरीका बताए गए प्रमाणपत्र के DER कोड में बदले गए subjectPublicKeyInfo हैश पर लागू होता है. इस Base64 को कोड में बदलने के तरीके का फ़ॉर्मैट किसी SPKI फ़िंगरप्रिंट की तरह होता है, जैसा कि RFC 7469, सेक्शन 2.4 में बताया गया है. नहीं पहचाने गए हैश एल्गोरिद्म नज़रअंदाज़ कर दिए जाते हैं. फ़िलहाल सिर्फ़ "sha256" हैश एल्गोरिद्म ही काम करता है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो प्रमाणपत्र पारदर्शिता नीति के मुताबिक नहीं दिखाए जाने पर उन सभी प्रमाणपत्रों को भरोसेमंद नहीं माना जाएगा जिन्हें प्रमाणपत्र पारदर्शिता के ज़रिए दिखाना ज़रूरी है.
विरासती प्रमाणपत्र अनुमतियों की सूची के लिए प्रमाणपत्र पारदर्शिता से जुड़ी ज़रूरतें लागू करना बंद करती है.
यह नीति उन प्रमाणपत्र शृंखलाओं के लिए प्रमाणपत्र पारदर्शिता प्रकट करने की ज़रूरतें बंद करने देती है जिनमें बताए गए subjectPublicKeyInfo हैश में से किसी एक हैश वाले प्रमाणपत्र मौजूद होते हैं. यह एंटरप्राइज़ होस्ट के लिए उन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया जाना जारी रखने देती है, जो किसी दूसरी वजह से अविश्वसनीय होते हैं, क्योंकि वे सही तरीके से सार्वजनिक तौर पर प्रकट नहीं किए गए थे.
इस नीति के सेट किए हुए होने पर प्रमाणपत्र पारदर्शिता लागू करने को बंद किए जाने के लिए, विरासती प्रमाणपत्र अनुमति (CA) के रूप में पहचाने गए CA प्रमाणपत्र में subjectPublicKeyInfo में दिखाई देने वाला हैश मौजूद होना चाहिए. विरासती CA वह CA होती है जो Google Chrome पर काम करने वाले एक या उससे ज़्यादा ऑपरेटिंग सिस्टम पर डिफ़ॉल्ट रूप से सार्वजनिक तौर पर विश्वसनीय होती है, लेकिन यह Android ओपन सोर्स प्रोजेक्ट या Google Chrome OS की ओर से विश्वसनीय नहीं होती है.
subjectPublicKeyInfo हैश को "/" वर्ण से जुड़े हुए हैश एल्गोरिद्म नाम के ज़रिए बताया जाता है और उस हैश एल्गोरिद्म का Base64 कोड में बदलने का तरीका बताए गए प्रमाणपत्र के DER कोड में बदले गए subjectPublicKeyInfo हैश पर लागू होता है. इस Base64 को कोड में बदलने का तरीके का फ़ॉर्मैट किसी SPKI फ़िंगरप्रिंट के समान होता है, जैसा कि RFC 7469, सेक्शन 2.4 में बताया गया है. अपरिचित हैश एल्गोरिद्म नज़रअंदाज़ कर दिए जाते हैं. फ़िलहाल सिर्फ़ "sha256" हैश एल्गोरिद्म ही काम करता है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है तो, प्रमाणपत्र पारदर्शिता नीति के मुताबिक प्रकट नहीं किए जाने पर उन सभी प्रमाणपत्रों को अविश्वसनीय माना जाएगा जिन्हें प्रमाणपत्र पारदर्शिता के ज़रिए प्रकट करना ज़रूरी है.
सूची में शामिल किए गए यूआरएल के लिए 'प्रमाणपत्र पारदर्शिता' की ज़रूरत को लागू करना बंद करती है.
यह नीति तय किए गए किसी खास यूआरएल में होस्टनाम के प्रमाणपत्रों को 'प्रमाणपत्र पारदर्शिता' के ज़रिए ज़ाहिर नहीं करती है. यह उन प्रमाणपत्रों का उपयोग किया जाना जारी रखने की अनुमति देती है, जो भरोसे के लायक नहीं होते क्योंकि वे ठीक तरह से सार्वजनिक तौर पर ज़ाहिर नहीं किए गए थे. हालांकि, यह उन होस्ट के लिए गलत तरीके से जारी किए गए प्रमाणपत्रों का पता लगाना ज़्यादा मुश्किल बना देती है.
https://www.chromium.org/administrators/url-blacklist-filter-format के अनुसार किसी URL पैटर्न को फ़ॉर्मैट किया जाता है. हालांकि, प्रमाणपत्र किसी खास होस्टनाम के लिए ही मान्य होते हैं जो स्कीम, पोर्ट या पाथ से स्वतंत्र होता है, फिर भी यूआरएल के सिर्फ़ होस्टनाम हिस्से को ही स्वीकार किया जाता है. वाइल्डकार्ड होस्ट समर्थित नहीं होते हैं.
अगर इस नीति को जोड़ा नहीं गया है, तो 'प्रमाणपत्र पारदर्शिता' नीति के अनुसार ज़ाहिर नहीं किए जाने पर उन सभी प्रमाणपत्रों को अविश्वसनीय के रूप में देखा जाएगा जिन्हें 'प्रमाणपत्र पारदर्शिता' के ज़रिए ज़ाहिर किया जाना ज़रूरी है.
अगर नीति बंद की गई हो, तो यह Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने की सुविधा को सिस्टम में अनचाहे सॉफ़्टवेयर देखने और उसे हटाने से रोकती है. Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने की सुविधा को chrome://settings/cleanup से मैन्युअल रूप से ट्रिगर करने की सुविधा बंद है.
अगर चालू किया गया हो या सेट नहीं किया गया हो, तो Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने का टूल सिस्टम में समय-समय पर अनचाहे सॉफ़्टवेयर देखता है और अगर कोई सॉफ़्टवेयर मिलता है, तो उपयोगकर्ता से पूछा जाता है कि क्या वह उसे हटाना चाहता है. Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने की सुविधा को chrome://settings से मैन्युअल रूप से ट्रिगर करने की सुविधा चालू है.
यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है, या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है.
अगर सेट नहीं की जाती है, तो Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने की सुविधा को अनचाहा सॉफ़्टवेयर मिलने पर वह देखे जाने की रिपोर्ट SafeBrowsingExtendedReportingEnabled की सेट की हुई नीति के मुताबिक Google को कर सकता है. इसके बाद, Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने का टूल उपयोगकर्ता से पूछेगा कि क्या वे अनचाहे सॉफ़्टवेयर को हटाना चाहते हैं. उपयोगकर्ता हटाए जाने के नतीजों को Google से शेयर करना चुन सकता है, ताकि आने वाले समय में अनचाहे सॉफ़्टवेयर का पता लगाने में मदद मिल सके. इन नतीजों में फ़ाइल मेटाडेटा, अपने आप इंस्टॉल होने वाले एक्सटेंशन और रजिस्ट्री कुंजी होती हैं जिनके बारे में Chrome के उस दस्तावेज में बताया गया है जिसमें, निजता की जानकारी दी गई है.
अगर यह नीति बंद हो तो, Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने की सुविधा के ज़रिए अनचाहा सॉफ़्टवेयर मिलने पर, वह SafeBrowsingExtendedReportingEnabled के ज़रिए सेट की गई किसी भी नीति को रद्द करते हुए Google को स्कैन के मेटाडेटा के बारे में नहीं बताएगी. Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने की सुविधा उपयोगकर्ता से पूछेगी कि क्या वे अनचाहा सॉफ़्टवेयर हटाना चाहते हैं. सॉफ़्टवेयर हटाए जाने के नतीजों की रिपोर्ट Google को नहीं की जाएगी और उपयोगकर्ता के पास ऐसा करने का विकल्प नहीं होगा.
अगर यह नीति चालू हो, तो Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने की सुविधा के ज़रिए अनचाहा सॉफ़्टवेयर मिलने पर, वह SafeBrowsingExtendedReportingEnabled के ज़रिए सेट की गई नीति के मुताबिक, स्कैन के मेटाडेटा की रिपोर्ट Google को कर सकती है. Chrome से हानिकारक सॉफ़्टवेयर हटाने की सुविधा उपयोगकर्ता से पूछेगी कि क्या वे अनचाहा सॉफ़्टवेयर हटाना चाहते हैं. सॉफ़्टवेयर हटाए जाने के नतीजों की रिपोर्ट Google को की जाएगी और उपयोगकर्ता के पास उससे बचने का विकल्प नहीं होगा.
यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है, या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है.
Google Chrome OS डिवाइस इस्तेमाल में न होने या खाली पड़े रहने पर लॉक चालू करें.
अगर आप इस सेटिंग को चालू करते हैं, तो उपयोगकर्ताओं से डिवाइस को स्लीप मोड से अनलॉक करने के लिए एक पासवर्ड मांगा जाएगा.
अगर आप इस सेटिंग को बंद करते हैं, तो उपयोगकर्ताओं से डिवाइस को स्लीप मोड से अनलॉक करने के लिए पासवर्ड नहीं मांगा जाएगा.
अगर आप इस सेटिंग को चालू या बंद करते हैं, तो उपयोगकर्ता उसे बदल नहीं सकते या उसे ओवरराइड नहीं कर सकते हैं.
अगर पॉलिसी को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो उपयोगकर्ता चुन सकता है कि उससे डिवाइस को अनलॉक करने के लिए पासवर्ड मांगा जाए या नहीं.
यह नीति Google Chrome OS डिवाइसों पर 'एक से ज़्यादा प्रोफ़ाइल सत्र' में उपयोगकर्ता के व्यवहार को नियंत्रित करती है.
अगर यह नीति 'MultiProfileUserBehaviorUnrestricted' पर सेट है, तो उपयोगकर्ता 'एक से ज़्यादा प्रोफ़ाइल सत्र' में या तो प्राथमिक या कोई दूसरा उपयोगकर्ता हो सकता है.
अगर यह नीति 'MultiProfileUserBehaviorMustBePrimary' पर सेट है, तो उपयोगकर्ता 'एक से ज़्यादा प्रोफ़ाइल सत्र' में सिर्फ़ प्राथमिक उपयोगकर्ता हो सकता है.
अगर यह नीति 'MultiProfileUserBehaviorNotAllowed' पर सेट है, तो उपयोगकर्ता 'एक से ज़्यादा प्रोफ़ाइल सत्र' का हिस्सा नहीं हो सकता.
अगर आप इस सेटिंग को सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकते या ओवरराइड नहीं कर सकते.
अगर सेटिंग को उपयोगकर्ता के 'एक से ज़्यादा प्रोफ़ाइल सत्र' में साइन इन रहने के दौरान बदला जाता है, तो सत्र के सभी उपयोगकर्ताओं की उनकी-उनकी सेटिंग के हिसाब से जाँच की जाएगी. अगर उपयोगकर्ताओं में से किसी एक को सत्र में रहने की अनुमति नहीं दी जाती तो सत्र बंद कर दिया जाएगा.
अगर नीति सेट नहीं की जाती है, तो एंटरप्राइज़-प्रबंधित उपयोगकर्ताओं के लिए डिफ़ॉल्ट मान 'MultiProfileUserBehaviorMustBePrimary' लागू होगा और गैर-प्रबंधित उपयोगकर्ताओं के लिए 'MultiProfileUserBehaviorUnrestricted' का उपयोग किया जाएगा.
जब एक से ज़्यादा उपयोगकर्ताओं ने साइन इन किया हुआ हो तो, सिर्फ़ प्राथमिक उपयोगकर्ता ही Android ऐप्लिकेशन का उपयोग कर सकता है.
अगर यह नीति सही पर सेट की जाती है, तो क्लाउड प्रबंधन में नाम डालना ज़रूरी है. फेल होने पर Chrome के लॉन्च होने की प्रक्रिया ब्लॉक हो जाती है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ी जाती है या गलत पर सेट की जाती है, तो क्लाउड प्रबंधन में नाम डालना वैकल्पिक है. फेल होने पर Chrome के लॉन्च होने की प्रक्रिया ब्लाॅक नहीं होती.
यह नीति डेस्कटॉप पर मशीन स्कोप क्लाउड नीति नामांकन की ओर से इस्तेमाल की जाती है और Windows पर रजिस्ट्री या GPO, Mac पर plist और Linux पर JSON नीति फ़ाइल से सेट की जा सकती है.
अगर यह नीति सेट की जाती है, तो Google Chrome खुद को रजिस्टर करने और सभी प्रोफ़ाइल से जुड़ी क्लाउड नीति लागू करने की कोशिश करेगा.
इस नीति का मान नाम दर्ज करने वाला ऐसा टोकन होता है जो Google Admin console के ज़रिए फिर से पाया जा सकता है.
अगर नीति सही पर सेट हो, तो प्लैटफ़ॉर्म नीति के साथ टकराव होने पर क्लाउड नीति को प्राथमिकता मिलती है. अगर यह नीति गलत पर सेट हो या कॉन्फ़िगर नहीं की गई हो, तो क्लाउड नीति के साथ टकराव होने पर प्लैटफ़ॉर्म नीति को प्राथमिकता मिलती है.
यह नीति सिर्फ़ ज़रूरी मशीन प्लैटफ़ॉर्म नीति के तौर पर उपलब्ध है. साथ ही, यह सिर्फ़ मशीन के दायरे में आने वाली क्लाउड नीतियों पर ही असर डालती है.
सेट नहीं होने या सही पर सेट होने पर Google Chrome में सभी घटकों के लिए घटक के अपडेट चालू करती है.
अगर गलत पर सेट किया जाता है, तो घटकों के अपडेट बंद हो जाते हैं. हालांकि, कुछ घटकों पर यह नीति लागू नहीं होती है: ऐसे किसी भी घटक के अपडेट बंद नहीं किए जाते हैं जिसमें एक्ज़ीक्यूटेबल कोड नहीं है या जो ब्राउज़र के व्यवहार में अहम बदलाव नहीं करता है या जो उसकी सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है. ऐसे घटकों के उदाहरणों में प्रमाणपत्र निरस्त करने की सूचियां और सुरक्षित ब्राउज़िंग डेटा शामिल हैं. सुरक्षित ब्राउज़िंग के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए https://developers.google.com/safe-browsing देखें.
यह नीति Google Chrome के 'सामग्री व्यू' में 'खोजने के लिए टैप करें' सुविधा को चालू करती है.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो 'खोजने के लिए टैप करें' सुविधा उपयोगकर्ता के लिए उपलब्ध होगी और वह इसे चालू या बंद कर सकता है.
अगर आप यह सेटिंग बंद करते हैं, तो 'खोजने के लिए टैप करें' सुविधा पूरी तरह बंद कर दी जाएगी.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो यह इस सुविधा को चालू करने जैसा होगा, ऊपर दी गई जानकारी देखें.
अगर इसे सही पर सेट किया जाता है या सेट नहीं किया जाता है, तो Google Chrome मौजूदा पेज से जुड़े पेज का सुझाव देगा. इन सुझावों को Google के सर्वर से दूर से ही फ़ेच किया जाएगा.
अगर इस सेटिंग को गलत पर सेट किया जाता है, तो सुझावों को न तो फ़ेच किया जाएगा, न ही उन्हें दिखाया जाएगा.
डेटा का आकार कम करने संबंधी प्रॉक्सी को चालू या बंद करें और उपयोगकर्ताओं को यह सेटिंग बदलने से रोकें.
अगर आप इस सेटिंग को चालू या बंद करते हैं, तो उपयोगकर्ता इस सेटिंग को बदल या इसे रद्द नहीं कर सकते.
अगर इस नीति को जोड़ा नहीं जाता है, तो उपयोगकर्ता डेटा का आकार कम करने संबंधी प्रॉक्सी सुविधा का फ़ायदा उठा सकेंगे और इसका उपयोग करने या न करने को चुन सकेंगे.
Google Chrome में डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र जाँच कॉन्फ़िगर करती है और उपयोगकर्ताओं को उन्हें बदलने से रोकती है.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो Google Chrome स्टार्टअप के समय हमेशा जाँच करेगा कि यह डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र है या नहीं और मुमकिन होने पर खुद को अपने आप रजिस्टर कर लेगा.
अगर यह सेटिंग बंद की जाती है, तो Google Chrome कभी भी जाँच नहीं करेगा कि यह डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र है या नहीं और उपयोगकर्ता नियंत्रणों को यह विकल्प सेट नहीं करने देगा.
अगर यह सेटिंग सेट नहीं की जाती है, तो Google Chrome उपयोगकर्ता को यह नियंत्रित करने देगा कि यह डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र है या नहीं और ऐसा नहीं होने पर उपयोगकर्ता सूचनाएं दिखाई जानी चाहिए या नहीं.
Microsoft® Windows के एडमिन के लिए नोट: यह सेटिंग चालू करने की सुविधा सिर्फ़ Windows 7 पर चल रही मशीनों पर काम करेगी. Windows 8 से शुरू होने वाले Windows के वर्शन के लिए, आपको ऐसी "डिफ़ॉल्ट ऐप्लिकेशन एसोसिएशन" फ़ाइल लागू करनी होगी जो Google Chrome को https और http प्रोटोकॉल (और विकल्प के तौर पर, ftp प्रोटोकॉल और फ़ाइल फ़ॉर्मैट जैसे कि .html, .htm, .pdf, .svg, .webp, वगैरह...) का हैंडलर बना देगी. ज़्यादा जानकारी के लिए https://support.google.com/chrome?p=make_chrome_default_win देखें.
उस डिफ़ॉल्ट निर्देशिका को कॉन्फ़िगर करती है, जिसका उपयोग Google Chrome फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए करेगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं तो, यह उस डिफ़ॉल्ट निर्देशिका को बदल देगी जिसमें Google Chrome फ़ाइल डाउनलोड करता है. इस नीति का पालन करना ज़रूरी नहीं है, इसलिए उपयोगकर्ता निर्देशिका में बदलाव कर सकेगा.
अगर आप इस नीति को सेट नहीं करते हैं, तो Google Chrome उसकी सामान्य डिफ़ॉल्ट निर्देशिका (प्लैटफ़ॉर्म-आधारित) का इस्तेमाल करेगा.
इस्तेमाल किए जा सकने वाले वैरिएबल की सूची के लिए https://www.chromium.org/administrators/policy-list-3/user-data-directory-variables देखें.
आपको यह नियंत्रित करने देती है कि डेवलपर टूल कहां इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
अगर यह नीति 'DeveloperToolsDisallowedForForceInstalledExtensions' (मान 0, जो डिफ़ॉल्ट मान है) पर सेट की जाती है, तो डेवलपर टूल और 'JavaScript कंसोल' सामान्य तौर पर एक्सेस किए जा सकते हैं, लेकिन उन्हें एंटरप्राइज़ नीति के ज़रिए इंस्टॉल किए गए एक्सटेंशन के संदर्भ में एक्सेस नहीं किया जा सकता. अगर यह नीति 'DeveloperToolsAllowed' (मान 1) पर सेट की जाती है, तो डेवलपर टूल और 'JavaScript कंसोल' सभी संदर्भों में एक्सेस और इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जिनमें एंटरप्राइज़ नीति के ज़रिए इंस्टॉल किए गए एक्सटेंशन का संदर्भ भी शामिल है. अगर यह नीति 'DeveloperToolsDisallowed' (मान 2) पर सेट की जाती है, तो डेवलपर टूल एक्सेस नहीं किए जा सकते हैं और अब वेबसाइट के तत्वों की जांच नहीं की जा सकती. डेवलपर टूल या 'JavaScript कंसोल' को खोलने वाले सभी कीबोर्ड शॉर्टकट और सभी मेन्यू या संदर्भ मेन्यू बंद हो जाएंगे.
यह नीति Android डेवलपर के लिए सेटिंग और टूल का एक्सेस भी नियंत्रित करती है. अगर आप इस नीति को 'DeveloperToolsDisallowed' (मान 2) पर सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता डेवलपर के लिए सेटिंग और टूल एक्सेस नहीं कर सकते. अगर आप इस नीति को किसी दूसरे मान पर सेट करते हैं या इसे सेट किए बिना छोड़ देते हैं, तो उपयोगकर्ता Android सेटिंग ऐप्लिकेशन में बिल्ड नंबर पर सात बार टैप करके डेवलपर के लिए सेटिंग और टूल एक्सेस कर सकते हैं.
यह नीति M68 में खत्म कर दी गई है, कृपया इसके बजाय DeveloperToolsAvailability का इस्तेमाल करें.
डेवलपर टूल और JavaScript कंसोल को बंद करती है.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो डेवलपर टूल एक्सेस नहीं किए जा सकते हैं और अब वेब-साइट के तत्वों की जाँच नहीं की जा सकती. डेवलपर टूल या JavaScript कंसोल को खोलने वाले सभी कीबोर्ड शॉर्टकट और सभी मेन्यू या संदर्भ मेन्यू बंद कर दिए जाएंगे.
इस विकल्प को बंद पर सेट करने या इसे सेट किए बिना छोड़ देने से उपयोगकर्ता को डेवलपर टूल और JavaScript कंसोल का इस्तेमाल करने की मंज़ूरी मिल जाएगी.
अगर DeveloperToolsAvailability नीति सेट हो, तो DeveloperToolsDisabled नीति को अनदेखा कर दिया जाता है.
यह नीति Android डेवलपर के लिए सेटिंग और टूल का एक्सेस भी नियंत्रित करती है. अगर आप इस नीति को सही पर सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता डेवलपर विकल्प का एक्सेस नियंत्रित नहीं कर सकते. यदि आप इस नीति को गलत पर सेट करते हैं या सेट किए बिना छोड़ देते हैं, तो उपयोगकर्ता Android सेटिंग ऐप्लिकेशन में बिल्ड संख्या पर सात बार टैप करके डेवलपर विकल्प एक्सेस कर सकते हैं.
अगर नीति गलत पर सेट की जाती है, तो 'प्रबंधित मेहमान सत्र' https://support.google.com/chrome/a/answer/3017014 - मानक "सार्वजनिक सत्र" में बताए गए तरीके से बर्ताव करेगा.
अगर यह नीति सही पर सेट की जाती है या सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो 'प्रबंधित मेहमान सत्र' का सामना "प्रबंधित सत्र" के बर्ताव से होगा जिसके चलते नियमित "सार्वजनिक सत्र" के लिए लागू कई पाबंदियां हट जाएंगी.
अगर यह नीति सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता न तो इसे बदल सकता है न ही ओवरराइड कर सकता है.
इस नीति को ArcSession पर सेट किए जाने पर, जब उपयोगकर्ता साइन आउट करता है तब डिवाइस हर हाल में फिर से चालू हो जाता है. इसके लिए यह ज़रूरी है कि Android शुरू हो गया हो. जब इसे 'हमेशा' पर सेट किया जाता है तब हर बार उपयोगकर्ता के साइन आउट करने पर, डिवाइस को हर हाल में फिर से चालू कर दिया जाता है. कुछ भी सेट न किए जाने पर, कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा. साथ ही, उपयोगकर्ता के साइन आउट करने पर डिवाइस को हर हाल में फिर से चालू नहीं किया जाएगा. 'कभी नहीं' पर सेट किए जाने पर भी ऐसा ही होता है.
अपडेट देखने के लिए सेटिंग को कस्टम शेड्यूल की अनुमति दें. यह सभी उपयोगकर्ताओं पर और डिवाइस पर मौजूद सभी इंटरफ़ेस पर लागू होता है. एक बार सेट होने पर, डिवाइस शेड्यूल के मुताबिक अपडेट देखेगा. कुछ और शेड्यूल किए गए अपडेट चेक रद्द करने के लिए, नीति को हटाया जाना चाहिए.
इस सेटिंग को चालू करने से वेब पेज ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) को एक्सेस नहीं कर पाएंगे. खास तौर पर, वेब पेज WebGL API (एपीआई) एक्सेस नहीं कर पाएंगे और प्लग इन Pepper 3D API (एपीआई) का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.
इस सेटिंग को बंद करने या इसे सेट किए बिना छोड़ देने से ऐसा हो सकता है कि वेब पेज WebGL API (एपीआई) का इस्तेमाल करें और प्लग इन Pepper 3D API (एपीआई) का इस्तेमाल करें. हो सकता है कि ब्राउज़र की डिफ़ॉल्ट सेटिंग के लिए अब भी कमांड लाइन तर्कों का पास होना ज़रूरी हो ताकि इन API (एपीआई) का इस्तेमाल किया जा सके.
अगर HardwareAccelerationModeEnabled को गलत पर सेट किया गया हो, तो Disable3DAPIs को अनदेखा कर दिया जाता है और यह Disable3DAPIs के सही पर सेट होने के बराबर होता है.
जब उपयोगकर्ता ऐसी साइटों पर जाते हैं जिन्हें नुकसान पहुंचाने वाली साइट के रूप में फ़्लैग किया गया है, तो सुरक्षित ब्राउज़िंग सेवा एक चेतावनी पेज दिखाती है. यह सेटिंग चालू करके उपयोगकर्ताओं को किसी भी हाल में चेतावनी पेज से नुकसान पहुंचाने वाली साइट पर जाने से रोका जा सकता है.
यह नीति उपयोगकर्ताओं को सिर्फ़ सुरक्षित ब्राउज़िंग की चेतावनियां (जैसे कि मैलवेयर और फ़िशिंग) मिलने पर आगे बढ़ने से रोकती है. एसएसएल प्रमाणपत्र से जुड़ी समस्याओं, जैसे कि प्रमाणपत्र गलत होने या उनकी समय-सीमा पूरी हो जाने के लिए उपयोगकर्ताओं को नहीं रोका जाता.
अगर यह सेटिंग बंद की जाती है या कॉन्फ़िगर नहीं की जाती, तो उपयोगकर्ता चेतावनी देखने के बाद फ़्लैग की गई साइट पर जाने का विकल्प चुन सकते हैं.
'सुरक्षित ब्राउज़िंग' के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, https://developers.google.com/safe-browsing देखें.
अगर यह नीति चालू की गई हो, तो कीबोर्ड शॉर्टकट या एक्सटेंशन API (एपीआई) के इस्तेमाल से स्क्रीनशॉट नहीं लिए जा सकते हैं.
अगर नीति बंद हो या इसके बारे में बताया नहीं गया हो, तो स्क्रीनशॉट लिए जा सकते हैं.
इस नीति का समर्थन रोक दिया गया है. कृपया Flash प्लग इन की उपलब्धता नियंत्रित करने के लिए DefaultPluginsSetting का इस्तेमाल करें. साथ ही, पीडीएफ़ फ़ाइलें खोलने के लिए इंटीग्रेटेड पीडीएफ़ व्यूअर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए या नहीं, इसे नियंत्रित करने के लिए AlwaysOpenPdfExternally का इस्तेमाल करें.
उन प्लग इन की सूची के बारे में बताती है जिन्हें Google Chrome में बंद किया गया है और इस्तेमाल करने वालों को यह सेटिंग बदलने से रोकती है.
वाइल्डकार्ड वर्ण '*' और '?' का इस्तेमाल मनचाहे वर्णों के क्रम से मिलान करने के लिए किया जा सकता है. '*' का मिलान वर्णों की मनचाही संख्या से होता है, वहीं '?' एक वैकल्पिक वर्ण के बारे में बताता है; यानी वह शून्य या एक वर्णों से मिलान करता है. एस्केप वर्ण '\' है, इसलिए असली '*', '?' या '\' वर्णों का मिलान करने के लिए, आप उनके सामने एक '\' लगा सकते हैं.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो प्लग इन की बताई गई सूची का Google Chrome में कभी भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है. ये प्लग इन 'about:plugins' में बंद के रूप में मार्क किए जाते हैं और इस्तेमाल करने वाले उन्हें चालू नहीं कर सकते हैं.
ध्यान दें कि EnabledPlugins और DisabledPluginsExceptions इस नीति को ओवरराइड कर सकते हैं.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है तो इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति हार्ड कोड किए गए असंगत, पुराने या खतरनाक प्लग इन को छोड़कर, सिस्टम पर इंस्टॉल किए गए किसी भी प्लग इन का इस्तेमाल कर सकता है.
इस नीति का समर्थन रोक दिया गया है. कृपया Flash प्लग इन की उपलब्धता नियंत्रित करने के लिए DefaultPluginsSetting का इस्तेमाल करें. साथ ही, पीडीएफ़ फ़ाइलें खोलने के लिए इंटीग्रेटेड पीडीएफ़ व्यूअर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए या नहीं, इसे नियंत्रित करने के लिए AlwaysOpenPdfExternally का इस्तेमाल करें.
यह नीति ऐसे प्लग इन की सूची के बारे में बताती है जिन्हें Google Chrome में चालू या बंद किया जा सकता है.
वाइल्डकार्ड वर्ण '*' और '?' का इस्तेमाल मनचाहे वर्णों के क्रम से मिलान करने के लिए किया जा सकता है. '*' का मिलान वर्णों की मनचाही संख्या से होता है, वहीं '?' एक वैकल्पिक वर्ण के बारे में बताता है; यानी वह शून्य या एक वर्णों से मिलान करता है. एस्केप वर्ण '\' है, इसलिए असली '*', '?' या '\' वर्णों का मिलान करने के लिए, आप उनके सामने एक '\' लगा सकते हैं.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो बताई गई प्लग इन की सूची का इस्तेमालGoogle Chrome में किया जा सकता है. इस्तेमाल करने वाले लोग इन्हें 'about:plugins' में चालू या बंद कर सकते हैं, भले ही प्लग इन का मिलान DisabledPlugins में दिए गए पैटर्न से भी होता हो. इस्तेमाल करने वाले लोग ऐसे प्लग इन भी चालू और बंद कर सकते हैं जिनका मिलान DisabledPlugins, DisabledPluginsExceptions और EnabledPlugins में दिए गए किसी भी पैटर्न से नहीं होता है.
इस नीति का मकसद प्लग इन को सख्ती से नामंज़ूरी वाली सूची में डालना है, जहां 'DisabledPlugins' सूची में सभी प्लग इन बंद करें '*' या सभी Java प्लग इन बंद करें '*Java*' जैसी वाइल्ड कार्ड की गई एंट्री होती हैं. हालांकि, एडमिन 'IcedTea Java 2.3' जैसे कुछ खास वर्शन चालू करना चाहते हैं. इन खास वर्शन के बारे में इस नीति में बताया जा सकता है.
ध्यान रखें कि प्लग इन के नाम और प्लग इन के समूह नाम, दोनों को छूट मिलनी चाहिए. हर एक प्लग इन समूह को about:plugins में एक अलग सेक्शन में दिखाया जाता है; हर एक सेक्शन में एक या इससे ज़्यादा प्लग इन हो सकते हैं. उदाहरण के लिए, "Shockwave Flash" प्लग इन "Adobe Flash Player" समूह से संबंधित है और अगर उस प्लग इन को नामंज़ूरी वाली सूची से छूट चाहिए तो अपवादों में दोनों नामों का मिलान होना ही चाहिए.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो 'DisabledPlugins' में दिए गए पैटर्न से मिलान करने वाले किसी भी प्लग इन को लॉक करके बंद कर दिया जाएगा और इस्तेमाल करने वाला इन्हें चालू नहीं कर पाएगा.
इस नीति का अब इस्तेमाल नहीं होता. इसके बजाय कृपया URLBlacklist का उपयोग करें.
Google Chrome में शामिल प्रोटोकॉल स्कीम को बंद कर देता है.
इस सूची की किसी स्कीम का उपयोग करने वाले URL लोड नहीं होंगे और न ही वे नेविगेट किए जा सकेंगे.
अगर इस नीति को सेट नहीं किया जाता है या सूची खाली है तो, सभी स्कीम को Google Chrome में एक्सेस किया जा सकेगा.
यह नीति वह निर्देशिका कॉन्फ़िगर करती है, Google Chrome जिसका उपयोग डिस्क पर कैश फ़ाइलें सेव करने के लिए करेगा.
अगर आप यह नीति सेट करते हैं, तो Google Chrome इस निर्देशिका का उपयोग करेगा, भले ही उपयोगकर्ता ने '--disk-cache-dir' फ़्लैग तय किया हो या न तय किया हो. डेटा खोने या दूसरी गड़बड़ियों से बचने के लिए इस नीति को किसी वॉल्यूम की मूल निर्देशिका पर या दूसरे कामों के लिए उपयोग की जाने वाली निर्देशिका पर सेट नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि Google Chrome उसकी सामग्री प्रबंधित करता है.
उपयोग किए जा सकने वाले वैरिएबल की सूची देखने के लिए https://www.chromium.org/administrators/policy-list-3/user-data-directory-variables पर जाएं.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो 'डिफ़ॉल्ट कैश निर्देशिका' का उपयोग किया जाएगा और उपयोगकर्ता उसे '--disk-cache-dir' कमांड लाइन फ़्लैग से रद्द कर सकेगा.
यह नीति उस कैश मेमोरी के आकार को कॉन्फ़िगर करती है, जिसका उपयोग Google Chrome डिस्क में कैश फ़ाइलों को जमा करने के लिए करेगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो इस बात पर ध्यान दिए बिना कि उपयोगकर्ता ने '--disk-cache-size' फ़्लैग के बारे में बताया है या नहीं, Google Chrome मुहैया कराए गए कैश मेमोरी के आकार का उपयोग करेगा. इस नीति में बताया गया मान, कोई पत्थर की लकीर नहीं है बल्कि वह कैश मेमोरी के बारे में एक सुझाव है. कुछ मेगाबाइट से कम आकार का कोई भी मान बहुत छोटा होता है और उसे किसी सबसे कम संतुलित मान तक बढ़ा दिया जाएगा.
अगर इस नीति का मान 0 है, तो कैश मेमोरी के डिफ़ॉल्ट आकार का उपयोग किया जाएगा लेकिन उपयोगकर्ता उसे बदल नहीं सकेगा.
अगर यह नीति सेट नहीं है, तो डिफ़ॉल्ट आकार का उपयोग किया जाएगा और उपयोगकर्ता उसे --disk-cache-size फ़्लैग से बदल सकेगा.
यह नीति उस निर्देशिका को कॉन्फ़िगर करती है, Google Chrome जिसका उपयोग फ़ाइलें डाउनलोड करने के लिए करेगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो Google Chrome उपलब्ध निर्देशिका का उपयोग करेगा, भले ही उपयोगकर्ता ने कोई निर्देशिका तय की हो या नहीं या हर बार डाउनलोड करने पर जगह दिखाने वाला फ़्लैग चालू किया हो या नहीं.
उपयोग किए जा सकने वाले वैरिएबल की सूची के लिए https://www.chromium.org/administrators/policy-list-3/user-data-directory-variables देखें.
अगर यह नीति सेट नहीं है, तो डिफ़ॉल्ट निर्देशिका का उपयोग किया जाएगा और उपयोगकर्ता उसे बदल सकेगा.
इस नीति का Android ऐप्लिकेशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. Android ऐप्लिकेशन हमेशा डिफ़ॉल्ट डाउनलोड निर्देशिका का उपयोग करते हैं और वें Google Chrome OS के ज़रिए डाउलोड की गईं फ़ाइलें, किसी गैर-डिफ़ॉल्ट डाउनलोड निर्देशिका में एक्सेस नहीं कर सकते हैं.
ऐसे डाउनलोड कॉन्फ़िगर करती है जिन्हें Google Chrome उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा से जुड़े नतीजे में बदलाव करने की मंज़ूरी दिए बगैर पूरी तरह से ब्लॉक कर देगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो Google Chrome कुछ खास तरह के डाउनलोड रोक देगा और उपयोगकर्ता को सुरक्षा चेतावनियां नज़रअंदाज़ नहीं करने देगा.
जब 'खतरनाक डाउनलोड ब्लॉक करें' विकल्प चुना जाता है, तो सुरक्षित ब्राउज़िंग की चेतावनियों वाले डाउनलोड के अलावा सभी डाउनलोड को मंज़ूरी दी जाती है.
जब 'संभावित रूप से खतरनाक डाउनलोड ब्लॉक करें' विकल्प चुना जाता है, तो सुरक्षित ब्राउज़िंग की संभावित रूप से खतरनाक डाउनलोड की चेतावनियों वाले डाउनलोड के अलावा सभी डाउनलोड को मंज़ूरी दी जाती है.
'सभी डाउनलोड ब्लॉक करें' विकल्प चुने जाने पर, सभी डाउनलोड ब्लॉक होते हैं.
इस नीति को सेट नहीं करने (या 'कोई खास पाबंदी नहीं' विकल्प चुनने) पर सुरक्षित ब्राउज़िंग के विश्लेषण नतीजों के मुताबिक सामान्य सुरक्षा प्रतिबंधों को ध्यान में रखकर डाउनलोड किए जाएंगे.
नोट करें कि ये पाबंदियां वेब पेज सामग्री के साथ ही 'डाउनलोड लिंक...' संदर्भ मेन्यू विकल्प से भी ट्रिगर किए गए डाउनलोड पर लागू होती हैं. ये पाबंदियां इस समय दिखाए जा रहे पेज के सेव करें / डाउनलोड करें पर लागू नहीं होते हैं, न ही यह प्रिंटिंग विकल्पों से पीडीएफ़ की तरह सेव करने पर लागू होती हैं.
सुरक्षित ब्राउज़िंग के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए https://developers.google.com/safe-browsing देखें.
जब आप इस सेटिंग को चालू करते हैं, तो इस्तेमाल करने वाले को सुविधा की ज़रूरतें पूरी होने पर Smart Lock का इस्तेमाल करने अनुमति होती है.
अगर आप इस सेटिंग को बंद करते हैं, तो इस्तेमाल करने वालों को Smart Lock का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो एंटरप्राइज़-प्रबंधित इस्तेमाल करने वालों के लिए डिफ़ॉल्ट की अनुमति नहीं होती है और गैर-प्रबंधित इस्तेमाल करने वालों के लिए अनुमति होती है.
उस कार्रवाई के बारे में बताती है जिसे तब किया जाना चाहिए जब ecryptfs से सुरक्षित करके उपयोगकर्ता की होम निर्देशिका बनाई जाती है
अगर आप इस नीति को 'DisallowArc' पर सेट करते हैं, तो इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के लिए Android ऐप्लिकेशन बंद कर दिए जाएंगे. साथ ही, ecryptfs से ext4 के सुरक्षित करने के तरीके से कोई डेटा नहीं भेजा जाएगा. जब होम निर्देशिका पहले से ही ext4 से सुरक्षित की गई हो, तो Android ऐप्लिकेशन को चलने से नहीं रोका जाएगा.
अगर आप इस नीति को 'डेटा दूसरी जगह भेजें' पर सेट करते हैं, तो ecryptfs से सुरक्षित की गई होम निर्देशिकाएं साइन-इन करने पर उपयोगकर्ता की सहमति मांगे बिना, अपने आप ही डेटा को ext4 सुरक्षित करने के तरीके में भेज देंगी.
अगर आप इस नीति को 'वाइप करें' पर सेट करते हैं, तो ecryptfs से सुरक्षित की गई होम निर्देशिकाएं साइन-इन करने पर मिटा दी जाएंगी. इनके बजाय ext4 से सुरक्षित की गई होम निर्देशिकाएं बनाई जाएंगी. चेतावनीः इससे इस्तेमाल करने वाले का स्थानीय डेटा हट जाता है.
अगर आप इस नीति को 'MinimalMigrate' पर सेट करते हैं, तो ecryptfs से सुरक्षित की गई होम निर्देशिकाएं साइन-इन करने पर मिटा दी जाएंगी. इनके बजाय ext4 से सुरक्षित की गई होम निर्देशिकाएं बनाई जाएंगी. हालांकि, लॉगिन टोकन सुरक्षित रखने की कोशिश की जाएगी ताकि इस्तेमाल करने वाले को फिर से साइन इन न करना पड़े. चेतावनीः इससे इस्तेमाल करने वाले का स्थानीय डेटा हट जाता है.
अगर आप इस नीति को किसी ऐसे विकल्प पर सेट करते हैं जिसकी सुविधा अब नहीं मिलती है ('AskUser' या 'AskForEcryptfsArcUsers'), तो ऐसा माना जाएगा जैसे कि आपने इसके बजाय 'Migrate' को चुना हो.
यह नीति किओस्क का इस्तेमाल करने वालों पर लागू नहीं होती है. अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो डिवाइस ऐसा बर्ताव करेगा जैसे कि 'DisallowArc' को चुना गया हो.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो बुकमार्क जोड़े और हटाए जा सकते हैं या उनमें बदलाव किए जा सकते हैं. यह सुविधा इस नीति के सेट नहीं होने पर भी डिफ़ॉल्ट होती है.
अगर आप इस सेटिंग को बंद करते हैं, तो बुकमार्क जोड़े और हटाए नहीं जा सकते हैं, न ही उनमें बदलाव किए जा सकते हैं. मौजूदा बुकमार्क अब भी उपलब्ध हैं.
अस्थायी रूप से फिर चालू किए जाने के लिए रोके गए वेब प्लैटफ़ॉर्म सुविधाओं की सूची निर्दिष्ट करें.
यह नीति एडमिन को रोके गए वेब प्लैटफ़ॉर्म सुविधाओं को सीमित समय के लिए फिर चालू करने के लायक बनाती है. सुविधाओं की पहचान एक स्ट्रिंग टैग के ज़रिए की जाती है और इस नीति के निर्दिष्ट सूची में शामिल टैग से जुड़ी सुविधाओं को फिर से चालू किया जाएगा.
अगर नीति सेट नहीं की जाती है या सूची खाली हो या उसका मिलान किसी एक काम करने वाले स्ट्रिंग टैग से नहीं होता हो, तो सभी रोके गए वेब प्लैटफ़ॉर्म बंद रहेंगे.
हालांकि ऊपर दिए गए प्लैटफ़ॉर्म पर नीति अपने आप काम करती है, लेकिन वह जिस सुविधा को चालू कर रही है वह शायद कुछ ही प्लैटफ़ॉर्म पर उपलब्ध होगी. सभी रोके गए वेब प्लैटफ़ॉर्म सुविधाओं को फिर चालू नहीं किया जा सकता है. सिर्फ़ नीचे साफ़ तौर पर सूची में दी गई सुविधाओं को ही सीमित समय के लिए फिर चालू किया जा सकता है, जो कि हर सुविधा के लिए अलग है. स्ट्रिंग टैग का सामान्य फ़ॉर्मैट [DeprecatedFeatureName]_EffectiveUntil[yyyymmdd] होगा. संदर्भ के रूप में, आप वेब प्लैटफ़ॉर्म सुविधा में होने वाले बदलावों का उद्देश्य https://bit.ly/blinkintents पर देख सकते हैं.
इस तथ्य को देखते हुए कि सॉफ़्ट-फ़ेल और ऑनलाइन निरस्तीकरण परीक्षणों से कोई असरदार सुरक्षा फ़ायदा नहीं मिलता, उन्हें Google Chrome वर्शन 19 और बाद के वर्शन में डिफ़ॉल्ट रूप से बंद कर दिया गया है. इस नीति को 'सही' पर सेट करके, काम करने का पिछला तरीका रीस्टोर कर दिया गया है और अब ऑनलाइन OCSP/CRL परीक्षण किए जाएंगे.
अगर इस नीति को सेट नहीं किया जाता या 'गलत' पर सेट किया जाता है, तो Google Chrome, Google Chrome 19 और बाद के वर्शन में ऑनलाइन निरस्तीकरण परीक्षण नहीं करेगा.
इस सेटिंग के चालू होने पर, Google Chrome Symantec Corporation के Legacy PKI संचालनों की ओर से जारी किए गए प्रमाणपत्रों को तब अनुमति देता है, अगर वे किसी तरह से पहचाने हुए CA प्रमाणपत्र को सफलता से मान्य करते हैं और उससे जुड़ते हैं.
ध्यान रखें कि यह नीति उस ऑपरेटिंग सिस्टम पर निर्भर करती है, जो अब भी Symantec की पुरानी बुनियादी संरचना के प्रमाणपत्रों को पहचानता है. अगर किसी OS अपडेट से ऐसे प्रमाणपत्रों की OS हैंडलिंग में बदलाव होता है, तो इस नीति का कोई प्रभाव नहीं होगा. इसी के साथ, यह नीति एक अस्थायी वर्कअराउंड के रूप में तय की गई है ताकि उद्यमों को विरासती Symantec प्रमाणपत्रों से दूर जाने के लिए ज़्यादा समय दिया जा सके. यह नीति 1 जनवरी 2019 को या उसके आस-पास कभी भी निकाल दी जाएगी.
अगर यह नीति सेट नहीं है या इसे गलत' पर सेट किया गया है, तो फिर Google Chrome सार्वजनिक रूप से घोषित 'समर्थन ना देने वाले कार्यक्रम' का पालन करेगा.
इस 'समर्थन ना देने वाले कार्यक्रम' के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए https://g.co/chrome/symantecpkicerts देखें.
यह नीति नियंत्रित करती है कि क्या सिंक सहमति उपयोगकर्ता को पहले साइन-इन में दिखाई जा सकती है. अगर उपयोगकर्ता के लिए सिंक सहमति की कभी ज़रूरत नहीं है, तो उसे गलत पर सेट किया जाना चाहिए. गलत पर सेट किया गया होने पर, सिंक सहमति नहीं दिखाई जाएगी. सही पर सेट होने पर या सेट नहीं की गई होने पर, सिंक सहमति दिखाई जाएगी.
इस नीति का समर्थन रोक दिया गया है. कृपया Flash प्लग इन की उपलब्धता नियंत्रित करने के लिए DefaultPluginsSetting का इस्तेमाल करें. साथ ही, पीडीएफ़ फ़ाइलें खोलने के लिए इंटीग्रेटेड पीडीएफ़ व्यूअर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए या नहीं, इसे नियंत्रित करने के लिए AlwaysOpenPdfExternally का इस्तेमाल करें.
उन प्लग इन की सूची के बारे में बताती है जिन्हें Google Chrome में चालू किया गया है और जो इस्तेमाल करने वालों को यह सेटिंग बदलने से रोकती है.
वाइल्डकार्ड वर्ण '*' और '?' का इस्तेमाल मनचाहे वर्णों के क्रम से मिलान करने के लिए किया जा सकता है. '*' का मिलान वर्णों की मनचाही संख्या से होता है, वहीं '?' एक वैकल्पिक वर्ण के बारे में बताता है; यानी वह शून्य या एक वर्णों से मिलान करता है. एस्केप वर्ण '\' है, इसलिए असली '*', '?' या '\' वर्णों का मिलान करने के लिए, आप उनके सामने एक '\' लगा सकते हैं.
अगर प्लग इन इंस्टॉल किए गए हों, तो प्लग इन की बताई गई सूची का Google Chrome में हमेशा इस्तेमाल किया जाता है. प्लग इन 'about:plugins' में चालू के रूप में चिह्नित किए जाते हैं और इस्तेमाल करने वाले लोग उन्हें बंद नहीं कर सकते हैं.
ध्यान रखें कि यह नीति DisabledPlugins और DisabledPluginsExceptions दोनों को ओवरराइड करती है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति सिस्टम पर इंस्टॉल किए गए किसी भी प्लग इन को बंद कर सकता है.
जब इस नीति को चालू पर सेट किया जाता है, तो एंटरप्राइज़ नीति के ज़रिए इंस्टॉल किए गए एक्सटेंशन, 'एंटरप्राइज़ हार्डवेयर प्लैटफ़ॉर्म API (एपीआई)' का इस्तेमाल कर सकते हैं. जब इस नीति को बंद पर सेट किया जाता है या सेट नहीं किया जाता है, तो कोई एक्सटेंशन, 'एंटरप्राइज़ हार्डवेयर प्लैटफ़ॉर्म API (एपीआई)' का इस्तेमाल नहीं कर सकता है. 'Hangout सेवा' एक्सटेंशन जैसे घटक एक्सटेंशन पर भी यह नीति लागू होती है.
जब यह नीति सही पर सेट की जाती है, तो फ़ाइल ब्राउज़र में बाहरी स्टोरेज उपलब्ध नहीं होगा.
इस नीति से सभी प्रकार के संग्रहण मीडिया प्रभावित होते हैं. उदाहरण के लिए: USB फ़्लैश डिस्क, बाहरी हार्ड डिस्क, SD और अन्य मेमोरी कार्ड, ऑप्टिकल मेमोरी वगैरह. आंतरिक जगह प्रभावित नहीं होती है, इसलिए डाउनलोड फ़ोल्डर में सहेजी गईं फ़ाइलें अब भी एक्सेस की जा सकती हैं. यह नीति Google डिस्क को भी प्रभावित नहीं करती है.
अगर यह सेटिंग अक्षम होती है या कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है, तो उपयोगकर्ता अपने डिवाइस पर बाहरी जगह के सभी समर्थित प्रकारों का उपयोग कर सकते हैं.
जब यह नीति 'सही' पर सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता बाहरी स्टोरेज डिवाइस पर पर कुछ भी नहीं लिख सकते हैं.
यदि यह सेटिंग गलत पर सेट की जाती है या कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है, तो फिर उपयोगकर्ता ऐसे बाहरी स्टोरेज डिवाइस पर फ़ाइलें बना सकते हैं और उनमें बदलाव कर सकते हैं, जो लिखने के लायक होते हैं.
ExternalStorageDisabled नीति को इस नीति पर प्राथमिकता मिलती है - यदि ExternalStorageDisabled को सही पर सेट किया जाता है, तो फिर बाहरी स्टोरेज का सारा एक्सेस बंद हो जाता है और ऐसा करने से इस नीति को अनदेखा कर दिया जाता है.
इस नीति की डायनामिक रीफ़्रेश M56 और उसके बाद के वर्शन में सहायता करती है.
यह नीति लागू नहीं है, इसकी जगह BrowserSignin का इस्तेमाल किया जा सकता है.
अगर यह नीति 'सही' पर सेट की हुई है, तो उपयोगकर्ता को ब्राउज़र का इस्तेमाल करने से पहले अपनी प्रोफ़ाइल के ज़रिए Google Chrome में साइन इन करना होगा. BrowserGuestModeEnabled का डिफ़ॉल्ट मान 'गलत' पर सेट कर दिया जाएगा. ध्यान दें कि इस नीति को चालू करने के बाद, साइन नहीं की गईं मौजूदा प्रोफ़ाइल लॉक कर दी जाएंगी और एक्सेस नहीं की जा सकेंगी. ज़्यादा जानकारी के लिए, 'सहायता केंद्र लेख' देखें.
अगर यह नीति 'गलत' पर सेट की हुई है या कॉन्फ़िगर नहीं की हुई है, तो उपयोगकर्ता Google Chrome में साइन इन किए बिना ब्राउज़र का इस्तेमाल कर सकता है.
अगर चालू रहने के लिए सेट की जाती है तो, इस नीति की वजह से प्रोफ़ाइल 'अल्पकालिक मोड' में बदल जाती है. अगर इस नीति को किसी 'OS नीति' (जैसे कि Windows पर जीपीओ) के रूप में तय किया जाता है तो यह सिस्टम पर मौजूद हर प्रोफ़ाइल पर लागू होगी; अगर नीति को 'क्लाउड नीति' के रूप में सेट किया जाता है तो यह सिर्फ़ किसी प्रबंधित खाते से साइन इन की गई प्रोफ़ाइल पर लागू होगी.
इस मोड में प्रोफ़ाइल डेटा को सिर्फ़ 'उपयोगकर्ता सत्र' की अवधि तक डिस्क पर बनाए रखा जाता है. सुविधाएं, जैसे कि ब्राउज़र इतिहास, एक्सटेंशन और उनका डेटा, वेब डेटा, जैसे कि कुकी और वेब डेटाबेस, ब्राउज़र बंद होने के बाद सेव नहीं रखे जाते हैं. हालांकि इससे उपयोगकर्ता को किसी भी डेटा को डिस्क पर मैन्युअल रूप से डाउनलोड करने, पेज सेव करने या उन्हें प्रिंट करने से नहीं रोका जाता.
अगर उपयोगकर्ता ने 'सिंक की सुविधा' चालू की है तो यह सारा डेटा नियमित प्रोफ़ाइल की तरह ही उसकी सिंक की गई प्रोफ़ाइल में सेव रखा जाता है. अगर खास तौर से नीति ने बंद नहीं किया है, तो 'गुप्त मोड' भी उपलब्ध होता है.
अगर नीति बंद रहने के लिए सेट की जाती है या सेट नहीं की जाती है, तो साइन इन करने से नियमित प्रोफ़ाइल खुल जाती हैं.
यह नीति, 'Google वेब सर्च' में क्वेरी को 'सुरक्षित खोज' की मदद से अंजाम देने की सुविधा लागू करती है. साथ ही उपयोगकर्ताओं को यह सेटिंग बदलने से रोकती है.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं तो, 'Google सर्च' में 'सुरक्षित खोज' हमेशा चालू रहती है.
अगर आप यह सेटिंग बंद करते हैं या कोई मान सेट नहीं करते हैं तो, 'Google सर्च' में 'सुरक्षित खोज' को लागू नहीं किया जाता.
अगर यह नीति सही पर सेट होती है, तो Google Chrome पहली बार चलाए जाने पर दिखने वाली पहली विंडो का आकार बिना किसी शर्त के बढ़ा देगा. अगर यह नीति गलत पर सेट की जाती है या कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है, तो पहली विंडो का आकार बढ़ाने या नहीं बढ़ाने का फ़ैसला स्क्रीन के आकार के आधार पर होगा.
यह नीति, नेटवर्किंग कोड को ब्राउज़र प्रोसेस में ही चलाती है.
यह नीति डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रहती है. अगर इसे चालू किया जाता है, तो नेटवर्किंग प्रक्रिया के सैंडबॉक्स हो जाने के बाद उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए खतरे पैदा हो सकते हैं.
यह नीति लागू करने का मकसद यह है कि उद्योग कोई ऐसा तीसरे पक्ष के सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल कर पाएं जिसे नेटवर्किंग एपीआई को हुक करने पर निर्भर न रहना पड़ता हो. LSP और Win32 एपीआई पैचिंग सुविधा के लिए प्रॉक्सी सर्वर इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जाता है.
नीति सेट न होने पर, शायद नेटवर्किंग कोड ब्राउज़र प्रोसेस से बाहर चलेगा. यह इस पर निर्भर करता है कि NetworkService प्रयोग की फ़ील्ड जाँच के नतीजे क्या निकलते हैं.
इस नीति का इस्तेमाल रोक दिया गया है, कृपया इसके बजाय ForceGoogleSafeSearch और ForceYouTubeRestrict का इस्तेमाल करें. अगर ForceGoogleSafeSearch, ForceYouTubeRestrict या (इस्तेमाल से रोकी गई) ForceYouTubeSafetyMode नीतियां सेट हों, तो इस नीति को अनदेखा किया जाता है.
'Google वेब खोज' में 'सुरक्षित खोज' के चालू रहते हुए क्वेरी करने देती है. साथ ही, इस्तेमाल करने वालों को यह सेटिंग बदलने से रोकती है. यह सेटिंग YouTube पर 'मॉडरेट पाबंदी मोड' भी लागू करती है.
अगर आप इस सेटिंग को चालू करते हैं, तो 'Google सर्च' में 'सुरक्षित खोज' और 'मॉडरेट पाबंदी मोड YouTube' हमेशा चालू रहता है.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं या कोई मान सेट नहीं करते हैं, तो 'Google सर्च' में 'सुरक्षित खोज' और YouTube में 'पाबंदी मोड' लागू नहीं होता है.
YouTube पर सबसे कम पाबंदी वाला मोड लागू करती है और उपयोगकर्ताओं को कम पाबंदी वाला मोड चुनने से रोकती है.
अगर यह सेटिंग 'सख्त' पर सेट की जाती है तो, YouTube पर सख्त पाबंदी वाला मोड हमेशा काम करता रहता है.
अगर यह सेटिंग 'थोड़ा नरम' पर सेट की जाती है तो, उपयोगकर्ता YouTube पर सिर्फ़ 'थोड़ा नरम पाबंदी वाला मोड' और 'सख्त पाबंदी वाला मोड' में से किसी एक को चुन सकता है लेकिन वह पाबंदी मोड को बंद नहीं कर सकता.
अगर यह सेटिंग बंद कर दी जाती है या कोई मान सेट नहीं किया जाता है तो, Google Chrome YouTube पर पाबंदी वाला मोड लागू नहीं करता. हालांकि, YouTube की नीतियों जैसी बाहरी नीतियां अब भी पाबंदी वाला मोड लागू कर सकती हैं.
इस नीति का Android YouTube ऐप्लिकेशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. अगर YouTube पर सुरक्षा मोड लागू किया जाना चाहिए, तो Android YouTube ऐप्लिकेशन के इंस्टॉलेशन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.
इस नीति का समर्थन रोक दिया गया है. ForceYouTubeRestrict का इस्तेमाल करने पर विचार करें, जो इस नीति को बदल देता है और ज़्यादा बारीक ट्यूनिग की अनुमति देता है.
YouTube मॉडरेट पाबंदी मोड को चालू करता है और इस्तेमाल करने वालों को सेटिंग बदलने से रोकता है.
अगर यह सेटिंग चालू होती है, तो YouTube पर पाबंदी मोड हमेशा ही कम से कम मॉडरेट होता है.
अगर यह सेटिंग बंद होती है या कोई मान सेट नहीं होता है, तो Google Chrome YouTube पर पाबंदी मोड को लागू नहीं करता है. हालाँकि बाहरी नीतियों जैसे YouTube नीतियों में अब भी पाबंदी मोड लागू हो सकता है.
इस नीति का Android YouTube ऐप्लिकेशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. अगर YouTube पर सुरक्षा मोड लागू किया जाना चाहिए, तो Android YouTube ऐप्लिकेशन के इंस्टॉलेशन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.
इस नीति के तहत 'फ़ुलस्क्रीन मोड' आता है जिसमें Google Chrome का यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) छिप जाता है और सिर्फ़ वेब पर मौजूद सामग्री ही दिखाई देती है.
अगर आप यह सामग्री 'कॉनफ़िगर नहीं की गई' की जगह 'चालू' पर सेट करते हैं तो, ऐसे इस्तेमाल करने वाले, ऐप्लिकेशन और एक्सटेंशन फ़ुलस्क्रीन मोड में जा सकते हैं जिन्हें ज़रूरी मंज़ूरियां मिली हुई हैं.
अगर यह नीति 'बंद' पर सेट है तो, कोई इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति, ऐप्लिकेशन या एक्स्टेंशन फ़ुलस्क्रीन मोड में नहीं जा सकेंगे.
Google Chrome OS के अलावा सभी प्लैटफ़ॉर्म पर, 'फ़ुलस्क्रीन मोड' बंद होने की स्थिति में किओस्क मोड भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
इस नीति का Android ऐप्लिकेशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. अगर इस नीति को False पर सेट किया गया हो, तब भी वे पूर्णस्क्रीन मोड में प्रवेश कर सकेंगे.
अगर यह नीति सही पर सेट हो या सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो हार्डवेयर से तेज़ी लाने की प्रक्रिया तब तक चालू रहेगी जब तक कि किसी जीपीयू सुविधा को नामंज़ूरी वाली सूची में नहीं डाल दिया जाता.
अगर यह नीति गलत पर सेट हो, तो हार्डवेयर से तेज़ी लाने की प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी.
Chrome वेब स्टोर ऐप्लिकेशन और फ़ुटर लिंक को नए टैब पेज और Google Chrome OS ऐप्लिकेशन लॉन्चर से छिपाएं.
जब इस नीति को सही पर सेट किया गया हो, तो आइकन छिपे रहते हैं.
जब इस नीति को गलत पर सेट किया गया हो या कॉन्फ़िगर न किया गया हो, तो आइकन दिखाई देते हैं.
यह नीति पोर्ट पर HTTP के लिए 80 और HTTPS के लिए 443 के अलावा HTTP/0.9 को सक्षम करती है.
यह नीति डिफ़ॉल्ट रूप से अक्षम होती है और सक्षम किए जाने पर, यह उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा समस्या https://crbug.com/600352 के प्रति जोखिम में डालती है.
इस नीति का उद्देश्य उद्यमों को HTTP/0.9 के मौजूदा सर्वर से बाहर माइग्रेट करने का अवसर देना है और इसे भविष्य में निकाल दिया जाएगा.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो HTTP/0.9 को गैर-डिफ़ॉल्ट पोर्ट पर अक्षम कर दिया जाएगा.
अगर यह नीति चालू हो, तो यह अपने आप भरने वाले फ़ॉर्म डेटा को पिछले डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र से आयात किए जाने के लिए बाध्य करती है.
अगर बंद हो तो, अपने आप भरने वाले फ़ॉर्म डेटा का आयात नहीं किया जाता.
अगर इसे सेट नहीं किया गया हो तो, उपयोगकर्ता से आयात करने के लिए पूछा जा सकता है या अपने आप आयात किया जा सकता है.
अगर यह नीति चालू हो तो, बुकमार्क को मौजूदा डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र से लाने के लिए बाध्य करती है. चालू होने पर यह नीति, बुकमार्क लाने के लिए किए जाने वाले संवाद पर भी असर डालती है.
अगर बंद हो तो, बुकमार्क को लाया नहीं किया जाता.
अगर इसे सेट नहीं किया गया हो तो, उपयोगकर्ता से बुकमार्क लाने के लिए पूछा जा सकता है या अपने आप लाया जा सकता है.
अगर यह नीति चालू हो तो, यह ब्राउज़िंग इतिहास को वर्तमान डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र से आयात करने के लिए बाध्य करती है. चालू होने पर यह नीति, आयात संबंधी संवाद पर भी असर डालती है.
अगर बंद हो तो, ब्राउज़िंग इतिहास को आयात नहीं किया जाता.
अगर इसे सेट नहीं किया गया हो तो, उपयोगकर्ता से आयात करने के लिए पूछा जा सकता है या अपने आप आयात किया जा सकता है.
अगर यह नीति चालू हो तो, यह होम पेज को मौजूदा डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र से आयात करने के लिए बाध्य करती है.
अगर बंद हो तो, होम पेज को आयात नहीं किया जाता.
अगर इसे सेट नहीं किया गया हो तो, उपयोगकर्ता से आयात करने के लिए पूछा जा सकता है या अपने आप आयात किया जा सकता है.
अगर यह नीति चालू हो तो, यह सेव किए गए पासवर्ड को पिछले डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र से आयात करने के लिए बाध्य करती है. चालू होने पर यह नीति, आयात संबंधी संवाद पर भी असर डालती है.
अगर बंद हो तो, सेव किए गए पासवर्ड को आयात नहीं किया जाता.
अगर इसे सेट नहीं किया गया हो तो, उपयोगकर्ता से आयात करने के लिए पूछा जा सकता है या अपने आप आयात किया जा सकता है.
अगर यह नीति चालू हो तो, यह सर्च इंजन को वर्तमान डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र से आयात करने के लिए बाध्य करती है. चालू होने पर यह नीति, आयात संबंधी संवाद पर भी असर डालती है.
अगर बंद हो तो, डिफ़ॉल्ट सर्च इंजन को आयात नहीं किया जाता.
अगर इसे सेट नहीं किया गया हो तो, उपयोगकर्ता से आयात करने के लिए पूछा जा सकता है या अपने आप आयात किया जा सकता है.
यह नीति अनुचित है. कृपया, इसके बजाय IncognitoModeAvailability का उपयोग करें. Google Chrome में गुप्त मोड सक्षम करता है. अगर यह सेटिंग सक्षम की जाती है या कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है, तो उपयोगकर्ता गुप्त मोड में वेब पेज खोल सकते हैं. अगर यह सेटिंग अक्षम होती है, तो उपयोगकर्ता गुप्त मोड में वेब पेज नहीं खोल सकते. अगर इस नीति को बिना सेट किए छोड़ दिया जाता है, तो यह सक्षम हो जाएगी और उपयोगकर्ता गुप्त मोड का उपयोग कर सकेंगे.
यह नीति तय करती है कि क्या उपयोगकर्ता Google Chrome में पेजों को 'गुप्त मोड' में खोल सकता है.
अगर 'चालू' चुना गया है या नीति सेट नहीं की गई हो तो, हो सकता है कि पेज 'गुप्त मोड' में खुलें.
अगर 'बंद' चुना गया है तो, हो सकता है कि पेज 'गुप्त मोड' में न खुलें.
अगर 'फ़ोर्स्ड (ज़बरदस्ती)' चुना गया हो तो, हो सकता है कि पेज सिर्फ़ 'गुप्त मोड' में खुलें.
अगर यह सेटिंग चालू हो, तो इस्तेमाल करने वालों को 'इंस्टैंट टेदरिंग' का इस्तेमाल करने दिया जाएगा, जिससे उनका Google फ़ोन मोबाइल डेटा को डिवाइस से शेयर कर सकेगा.
अगर यह सेटिंग बंद हो, तो इस्तेमाल करने वालों को 'इंस्टैंट टेदरिंग' का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो एंटरप्राइज़-प्रबंधित इस्तेमाल करने वालों के लिए डिफ़ॉल्ट की अनुमति नहीं होती है और गैर-प्रबंधित इस्तेमाल करने वालों के लिए अनुमति होती है.
अगर नीति चालू होती है, तो 'कॉमा-सेपरेटेड लिस्ट' में बताया गया हर मूल उसकी अपनी प्रक्रिया में चलेगा. इससे सबडोमेन के बताए गए मूल भी आइसोलेट होंगे; जैसे कि https://example.com/ को तय करने से https://foo.example.com/ भी https://example.com/ साइट के हिस्से के रूप में आइसोलेट हो जाएगा. अगर नीति बंद होती है, तो IsolateOrigins और SitePerProcess दोनों सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी. उपयोगकर्ता अब भी कमांड लाइन फ़्लैग के ज़रिए IsolateOrigins को मैन्युअल रूप से चालू कर सकेंगे. अगर नीति कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है, तो उपयोगकर्ता इस सेटिंग को बदल सकेंगे. Google Chrome OS पर, DeviceLoginScreenIsolateOrigins डिवाइस नीति को भी उसी मान पर सेट करने का सुझाव दिया जाता है. अगर दोनों नीतियों के बताए हुए मान एक-दूसरे से न मिलते हों, तो उपयोगकर्ता नीति का बताया हुआ मान लागू करने के दौरान कोई उपयोगकर्ता सत्र शुरू करने में देरी हो सकती है.
नोट: यह नीति Android पर लागू नहीं होती है. IsolateOrigins को Android पर चालू करने के लिए, IsolateOriginsAndroid नीति सेटिंग का इस्तेमाल करें.
अगर नीति चालू होती है, तो 'कॉमा-सेपरेटेड लिस्ट' में बताया गया हर मूल उसकी अपनी प्रक्रिया में चलेगा. इससे सबडोमेन के बताए गए मूल भी आइसोलेट होंगे; जैसे कि https://example.com/ को तय करने से https://foo.example.com/ भी https://example.com/ साइट के हिस्से के रूप में आइसोलेट हो जाएगा. अगर नीति बंद होती है, तो अलग से कोई भी साइट आइसोलेशन नहीं होगा और IsolateOriginsAndroid और SitePerProcessAndroid के फ़ील्ड ट्रायल बंद कर दिए जाएंगे. उपयोगकर्ता अब भी कमांड लाइन फ़्लैग के ज़रिए IsolateOrigins को मैन्युअल रूप से चालू कर सकेंगे. अगर नीति कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है, तो उपयोगकर्ता इस सेटिंग को बदल सकेगा.
नोट: Android पर, साइट आइसोलेशन प्रयोग के लिए है. समय के साथ सहायता बेहतर होती जाएगी, लेकिन फ़िलहाल इसकी वजह से परफ़ॉर्मेंस से जुड़ी समस्याएं आ सकती हैं.
नोट: यह नीति सिर्फ़ एक जीबी से ज़्यादा RAM वाले डिवाइस पर चल रहे Android पर Chrome पर लागू होती है. इस नीति को Android के अलावा दूसरे प्लैटफ़ॉर्म पर लागू करने के लिए, IsolateOrigins का इस्तेमाल करें.
यह नीति इस्तेमाल में नहीं है, कृपया इसके बजाय DefaultJavaScriptSetting का उपयोग करें.
Google Chrome में JavaScript बंद करने लिए उपयोग की जा सकती है.
अगर यह सेटिंग के बंद है तो, वेब पेज JavaScript का उपयोग नहीं कर सकते और उपयोगकर्ता उस सेटिंग को बदल नहीं सकता.
अगर यह सेटिंग चालू है या सेट नहीं है तो, वेब पेज JavaScript का उपयोग कर सकते हैं लेकिन उपयोगकर्ता उस सेटिंग को बदल सकता है.
यह नीति एक्सटेंशन को कॉर्पोरेट कुंजियों का एक्सेस देती है.
कुंजियों को कॉर्पोरेट इस्तेमाल के लिए तब तय किया जाता है जब उन्हें किसी प्रबंधित खाते पर chrome.enterprise.platformKeys API (एपीआई) का इस्तेमाल करके जनरेट किया गया हो. किसी दूसरे तरीके से लाई गईं या जनरेट की गईं कुंजियों को कॉर्पोरेट इस्तेमाल के लिए तय नहीं किया जाता.
कॉर्पोरेट इस्तेमाल के लिए तय की गई कुंजियों का एक्सेस सिर्फ़ इस नीति से नियंत्रित किया जाता है. उपयोगकर्ता न तो एक्सटेंशन को कॉर्पोरेट कुंंजियों का एक्सेस दे सकता है न ही उन्हें वापस ले सकता है.
डिफ़ॉल्ट रूप से कोई एक्सटेंशन कॉर्पोरेट इस्तेमाल के लिए तय की गई ऐसी कुंजी का इस्तेमाल नहीं कर सकता, जो allowCorporateKeyUsage को उस एक्सटेंशन के लिए 'गलत' पर सेट करने जैसा हो.
अगर किसी एक्सटेंशन के लिए allowCorporateKeyUsage को 'सही' पर सेट किया जाता है, सिर्फ़ तब ही वह कॉर्पोरेट इस्तेमाल के लिए बताई गई किसी भी प्लैटफ़ॉर्म कुंजी का इस्तेमाल आर्बिट्रेरी डेटा पर हस्ताक्षर करने के लिए कर सकती है. यह अनुमति तब ही दी जानी चाहिए जब एक्सटेंशन, हमलावरों के ख़िलाफ़ कुंजी पर सुरक्षित एक्सेस के लिए भरोसेमंद हो.
Android ऐप्लिकेशन कॉर्पोरेट कुंजियों का एक्सेस नहीं पा सकते हैं. इस नीति का उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
इस नीति को M72 में बंद कर दिया गया है. कृपया इसके बजाय CloudManagementEnrollmentToken का इस्तेमाल करें.
यह नीति प्रबंधित बुकमार्क की एक सूची कॉन्फ़िगर करती है.
इस नीति में उन बुकमार्क की एक सूची होती है जहां हर बुकमार्क एक ऐसी निर्देशिका है जिसमें "name" और "url" कुंजियां हैं. साथ ही, जिनमें बुकमार्क का नाम और उसके टारगेट होते हैं. किसी "url" कुंजी के बिना बुकमार्क के बारे में बताने वाला एक सबफ़ोल्डर कॉन्फ़िगर किया जा सकता है लेकिन इसके लिए एक अलग "children" कुंजी बतानी होगी जिसमें ऊपर बताए गए बुकमार्क की सूची शामिल हो (जिनमें से कुछ फ़ोल्डर ही हो सकते हैं). Google Chrome अधूरे यूआरएल में इस तरह बदलाव करता है जैसे कि वे खोज वाली पट्टी (ऑम्निबॉक्स) से सबमिट किए गए हों, उदाहरण के लिएgoogle.com" बदलकर "https://google.com/" बन जाता है.
ये बुकमार्क एक ऐसे फ़ोल्डर में रखे जाते हैं जिनमें इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति बदलाव नहीं कर सकता है (लेकिन इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति इसे बुकमार्क बार से छिपा ज़रूर सकता है). डिफ़ॉल्ट रूप से फ़ोल्डर का नाम "बुकमार्क प्रबंधित करें" है. हालांकि, इसे पसंद के मुताबिक बनाने के लिए बुकमार्क की सूची में एक निर्देशिका जोड़ी जा सकती है, जिसमें मान के रूप में मानचाहे फ़ोल्डर नाम वाली "toplevel_name" कुंजी शामिल हो.
प्रबंधित बुकमार्क इस्तेमाल करने वाले के खाते से सिंक नहीं किए जाते. साथ ही, इनमें एक्सटेंशन से बदलाव नहीं किए जा सकते.
प्रॉक्सी सर्वर के लिए निरंतर कनेक्शन कीअधिकतमसंख्या निर्दिष्ट करती है.
कुछ प्रॉक्सी कनेक्शन प्रति क्लाइंट समवर्ती कनेक्शन की उच्च संख्या का प्रबंधन नहीं कर सकते हैं और इसका समाधान इस नीति को किसी कम मान पर सेट करके किया जा सकता है.
इस नीति का मान 100 से कम और 6 से ज़्यादा होना चाहिए और डिफ़ॉल्ट मान 32 होता है.
कुछ वेब ऐप्स GET को हैंग करने के साथ ही कई कनेक्शन का उपयोग करने के लिए जाने जाते हैं, अत: ऐसे बहुत ज़्यादा वेब ऐप्स के खुले होने पर 32 से नीचे कम करना ब्राउज़र नेटवर्किंग के हैंग होने का कारण बन सकता है. डिफ़ॉल्ट से कम अपने जोखिम पर करें.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो डिफ़ॉल्ट मान 32 का उपयोग किया जाएगा.
नीति अमान्यकरण प्राप्त करने और डिवाइस प्रबंधन सेवा से नई नीति फ़ेच करने के बीच के अधिकतम विलंब को मिलीसेकंड में निर्दिष्ट करती है.
इस नीति को सेट करने से 5000 मिलीसेकंड का डिफ़ॉल्ट मान ओवरराइड हो जाता है. इस नीति के मान्य मान 1000 (1 सेकंड) से 300000 (5 मिनट) तक की सीमा में होते हैं. इस सीमा में नहीं होने वाला कोई भी मान संबंधित सीमा में क्लैम्प कर दिया जाएगा.
इस नीति को सेट किए बिना छोड़ देने से Google Chrome 5000 मिलीसेकंड के डिफ़ॉल्ट मान का उपयोग करेगा.
यह नीति कैश मेमोरी का आकार कॉन्फ़िगर करती है, जिसका उपयोग Google Chrome, डिस्क पर मौजूद कैश मीडिया फ़ाइलें सेव करने के लिए करेगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो Google Chrome कैश मेमोरी के दिए गए आकार का उपयोग करेगा, भले ही उपयोगकर्ता ने '--media-cache-size' फ़्लैग तय किया हो या न किया हो. इस नीति में तय किया गया मान आगे-पीछे हो सकता है. यह 'कैशिंग सिस्टम' के लिए बस एक सुझाव है, कुछ मेगाबाइट से कम आकार का कोई भी मान बहुत छोटा होता है और उसे 'न्यूनतम संतुलित मान' तक बढ़ा दिया जाएगा.
अगर इस नीति का मान 0 है, तो कैश मेमोरी के डिफ़ॉल्ट आकार का उपयोग किया जाएगा लेकिन उपयोगकर्ता उसे बदल नहीं सकेगा.
अगर यह नीति सेट नहीं है, तो डिफ़ॉल्ट आकार का उपयोग किया जाएगा और उपयोगकर्ता उसे --media-cache-size फ़्लैग से ओवरराइड कर सकेगा.
अगर यह नीति सही पर सेट की जाती है, तो Google Cast सिर्फ़ RFC1918/RFC4193 निजी पतों पर ही नहीं बल्कि सभी आईपी पतों पर कास्ट डिवाइस से कनेक्ट करेगा.
अगर यह नीति गलत पर सेट की जाती है, तो Google Cast सिर्फ़ RFC1918/RFC4193 निजी पतों पर ही कास्ट डिवाइस से कनेक्ट करेगा.
अगर इस नीति को सेट नहीं किया जाता है, तो CastAllowAllIPs विशेषता के चालू रहने तक ही Google Cast सिर्फ़ RFC1918/RFC4193 निजी पतों पर कास्ट डिवाइस से कनेक्ट करेगा.
अगर "EnableMediaRouter" नीति गलत पर सेट की जाती है, तो इस नीति के मान का कोई प्रभाव नहीं होगा.
Google को Google Chrome के बारे में इस्तेमाल और बंद होने से जुड़े डेटा की रिपोर्ट अनाम रूप से भेजना चालू करती है और उपयोगकर्ताओं को यह सेटिंग बदलने से रोकती है.
अगर यह सेटिंग चालू की गई हो, तो इस्तेमाल और बंद होने से जुड़े डेटा की रिपोर्ट Google को अनाम रूप से भेजी जाती है. अगर सेटिंग बंद हो, तो यह जानकारी Google को नहीं भेजी जाती. दोनों ही स्थितियों में, उपयोगकर्ता न तो सेटिंग को बदल सकते हैं, न ही उसे ओवरराइड कर सकते हैं. अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो सेटिंग वही रहेगी जिसे उपयोगकर्ता ने इंस्टॉलेशन / पहली बार चलाने के समय चुना था.
यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है, या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है. (Chrome OS के लिए, DeviceMetricsReportingEnabled देखें.)
अगर यह 'सही' पर सेट है या सेट नहीं की गई है तो, 'नया टैब' पेज उपयोगकर्ता के ब्राउज़िंग इतिहास, रुचियों या जगह के आधार पर सामग्री के सुझाव दिखा सकता है.
अगर यह 'गलत' पर सेट है तो, अपने आप जनरेट होने वाले सामग्री सुझाव, 'नया टैब' पेज पर दिखाए नहीं देते.
यह नीति, Google Chrome में 'नेटवर्क का पूर्वानुमान' सुविधा चालू करती है और उपयोगकर्ताओं को यह सेटिंग बदलने से रोकती है.
यह वेब पेजों की 'डीएनएस प्रीफ़ेचिंग', 'टीसीपी' और 'एसएसएल प्री-कनेक्शन' और प्रीरेंडरिंग को नियंत्रित करती है.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता Google Chrome में इस सेटिंग को बदल नहीं सकेंगे या इसे ओवरराइड नहीं कर सकेंगे.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो 'नेटवर्क का पूर्वानुमान' सुविधा चालू हो जाएगी लेकिन उपयोगकर्ता उसे बदल सकेगा.
यह नीति उन ऐप्लिकेशन की सूची तय करती है जिन्हें Google Chrome OS की लॉक स्क्रीन पर 'नोट लेने वाले ऐप्लिकेशन' के रूप में चालू किया जा सकता है.
अगर लॉक स्क्रीन पर 'नोट लेने वाला पसंदीदा ऐप्लिकेशन' चालू है, तो 'नोट लेने वाला पसंदीदा ऐप्लिकेशन' लॉन्च करने के लिए लॉक स्क्रीन में यूज़र इंटरफ़ेस (यूआई) शामिल होगा. लॉन्च करने पर, ऐप्लिकेशन लॉक स्क्रीन पर सबसे ऊपर एक ऐप्लिकेशन विंडो बना सकेगा और लॉक स्क्रीन के मुताबिक 'डेटा आइटम (नोट)' बना सकेगा. तैयार किए गए नोट को ऐप्लिकेशन, प्राथमिक उपयोगकर्ता सेशन पर ला सकेगा. ऐसा सेशन के अनलॉक होने पर होगा. फ़िलहाल, Chrome के 'नोट लेने वाले ऐप्लिकेशन' लॉक स्क्रीन पर काम करते हैं.
अगर नीति सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता को लॉक स्क्रीन पर कोई ऐप्लिकेशन चालू करने की अनुमति तभी दी जाएगी जब 'नीति सूची मान' में ऐप्लिकेशन का 'एक्सटेंशन आईडी' शामिल हो. इसका नतीजा यह होगा कि इस नीति को किसी खाली सूची पर सेट करने से लॉक स्क्रीन पर नोट लेना पूरी तरह से बंद हो जाएगा. ध्यान रखें कि ऐप्लिकेशन आईडी वाली नीति का मतलब यह नहीं है कि उपयोगकर्ता लॉक स्क्रीन पर ऐप्लिकेशन को 'नोट लेने वाले ऐप्लिकेशन' के रूप में चालू कर सकेगा - उदाहरण के लिए, Chrome 61 पर, प्लैटफ़ॉर्म ने उपलब्ध ऐप्लिकेशन के समूह पर पाबंदी लगाई हुई है.
अगर नीति सेट नहीं की जाती है, तो उपयोगकर्ता लॉक स्क्रीन पर कौन-कौनसे ऐप्लिकेशन चालू कर सकता है, इस पर नीति की कोई पाबंदी नहीं होगी.
यह नीति, हर उपयोगकर्ता पर Google Chrome OS डिवाइस लागू करने के लिए नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन पुश करने देती है. नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन, जेएसओएन के फ़ॉर्मैट की स्ट्रिंग है जिसे 'ओपन नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन' ने तय किया है जो https://sites.google.com/a/chromium.org/dev/chromium-os/chromiumos-design-docs/open-network-configuration पर बताया गया है.
Android ऐप्लिकेशन इस नीति के ज़रिए सेट किए गए नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन और CA प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन उनके पास कुछ कॉन्फ़िगरेशन विकल्पों का एक्सेस नहीं होता.
नीति ऐसे मूल की सूची (यूआरएल) या होस्टनाम पैटर्न (जैसे कि "*.example.com") के बारे में बताती है जिनके लिए असुरक्षित मूल पर सुरक्षा पाबंदियां लागू नहीं होंगी.
इसका इंटेंट संगठनों को लीगेसी ऐप्लिकेशन के लिए ऐसे स्वीकृत मूल सेट करने की मंज़ूरी देना है, जो TLS परिनियोजित नहीं कर सकते हैं. साथ ही, इसका इंटेंट आंतरिक वेब डेवलपमेंट के लिए एक स्टेजिंग सर्वर सेट अप करना है ताकि उनके डेवलपर स्टेजिंग सर्वर पर TLS परिनियोजित करने की ज़रूरत के बिना सुरक्षा प्रसंगों की ज़रूरत वाली सुविधाओं का परीक्षण कर सकें. यह नीति मूल को ऑम्निबॉक्स में "सुरक्षित नहीं" के रूप में लेबल होने से भी रोकेगी.
इस नीति में यूआरएल की सूची सेट करने का असर वही होगा जैसा कमांड-लाइन फ़्लैग '--unsafely-treat-insecure-origin-as-secure' को समान यूआरएल वाली किसी कॉमा सेपरेटेड लिस्ट पर सेट करने का होता है. अगर नीति सेट की जाती है, तो वह कमांड-लाइन फ़्लैग को ओवरराइड कर देगी.
अगर UnsafelyTreatInsecureOriginAsSecure मौजूद है, तो यह नीति उसे ओवरराइड कर देगी.
सुरक्षा प्रसंगों पर ज़्यादा जानकारी के लिए, https://www.w3.org/TR/secure-contexts/ देखें.
यह नीति अभिभावक एक्सेस कोड जनरेट करने और पुष्टि करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कॉन्फ़िगरेशन के बारे में बताती है.
|current_config| का इस्तेमाल हमेशा एक्सेस कोड जनरेट करने के लिए किया जाता है और एक्सेस कोड की पुष्टि करने के लिए इसे तभी इस्तेमाल करना चाहिए जब |future_config| से उसकी पुष्टि नहीं की जा सकती हो. |future_config| एक्सेस कोड की पुष्टि करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला प्राथमिक कॉन्फ़िगरेशन है. एक्सेस कोड की पुष्टि करने के लिए |old_configs| इस्तेमाल तभी करना चाहिए जब न तो |future_config| से और न ही |current_config| से उसकी पुष्टि की जा सकती हो.
इस नीति के इस्तेमाल का कारगर तरीका एक्सेस कोड कॉन्फ़िगरेशन में धीरे-धीरे बदलाव करना है. नया कॉन्फ़िगरेशन हमेशा |future_config| में रखा जाता है और उसी समय मौजूदा मान को |current_config| में ले जाते हैं. |current_config| के पिछले मान |old_configs| में ले जाए जाते हैं और बदलाव का काम खत्म हो जाने के बाद हटा लिए जाते हैं.
यह नीति सिर्फ़ ऐसे उपयोगकर्ता पर लागू होती है, जिसकी उम्र तय की गई सीमा से कम है. जब यह नीति सेट की जाती है, तो बच्चे के डिवाइस पर अभिभावक एक्सेस कोड की पुष्टि की जा सकती है. जब यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो बच्चे के डिवाइस पर अभिभावक एक्सेस कोड की पुष्टि नहीं की जा सकती है.
उन ऐप्लिकेशन पहचानकर्ताओं को सूची में लिखता है जिन्हें Google Chrome OSGoogle Chrome OS, लॉन्चर बार में पिन किए गए ऐप्लिकेशन के तौर पर दिखाता है.
अगर यह नीति कॉन्फ़िगर की गई है, तो ऐप्लिकेशन का सेट स्थायी हो जाता है और उसे उपयोगकर्ता बदल नहीं सकता.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो उपयोगकर्ता लॉन्चर में पिन किए गए ऐप्लिकेशन की सूची बदल सकता है.
Android ऐप पिन करने के लिए भी इस नीति का इस्तेमाल किया जा सकता है.
अलग-अलग स्रोतों की समान सीमाओं और स्तर वाली नीतियों को आपस में जोड़ने की सुविधा देती है.
अगर कोई नीति सूची में है. साथ ही, समान सीमाओं और स्तर वाले दो स्रोतों के बीच टकराव की स्थिति होती है, तो उनके मानों को एक नई नीति सूची में मिलाया जाएगा.
अगर कोई नीति सूची में है और दोनों स्रोतों के बीच टकराव होने के साथ ही उनकी सीमाएं और/या लेवल भी अलग-अलग हैं, तो सबसे अच्छी प्राथमिकता वाली नीति लागू की जाएगी.
अगर कोई नीति सूची में नहीं है, तो स्रोतों, सीमाओं और/या स्तर के बीच कोई टकराव होने पर, सबसे पहली प्राथमिकता वाली नीति लागू की जाएगी.
यह नीति 'डिवाइस नीति की जानकारी' के लिए क्वेरी की गई 'डिवाइस प्रबंधन सेवा' की अवधि को मिलीसेकंड में तय करती है.
यह नीति सेट करने से 3 घंटो का डिफ़ॉल्ट मान ओवरराइड हो जाता है. इस नीति के मान्य मान 1800000 (30 मिनट) से 86400000 (1 दिन) तक हैं. इस रेंज में न आने वाला कोई भी मान उसकी करीबी सीमा पर रख दिया जाएगा.
नीति सेट नहीं की जाती है तो, Google Chrome 3 घंटों के डिफ़ॉल्ट मान का उपयोग करेगा.
ध्यान दें कि अगर प्लैटफ़ॉर्म पर 'नीति के उल्लंघन की सूचनाओं' की सुविधा काम करती है तो, 'एक से दूसरे रीफ्रेश के बीच की देरी' को 24 घंटों (सभी डिफ़ॉल्ट और इस नीति के मान को अनदेखा करते हुए) पर सेट कर दिया जाएगा क्योंकि यह माना जाता है कि नीति में बदलाव होने पर 'नीति के उल्लंघन की सूचनाएं' अपने आप एक रीफ्रेश करेंगी. इस वजह से और जल्दी-जल्दी रीफ्रेश करने की ज़रूरत नहीं रह जाएगी.
आपको Google Chrome में पूरे टैब वाली प्रचार संबंधी और/या शैक्षणिक सामग्री का प्रस्तुतिकरण नियंत्रित करने देती है.
अगर कॉन्फ़िगर नहीं की हुई होती है या चालू (सही पर सेट) होती है, तो Google Chrome उत्पाद की जानकारी देने के लिए उपयोगकर्ताओं को पूरे टैब वाली सामग्री दिखा सकेगा.
अगर बंद (गलत पर सेट) होती है, तो Google Chrome उत्पाद की जानकारी देने के लिए उपयोगकर्ताओं को पूरे टैब वाली सामग्री नहीं दिखा सकेगा.
यह सेटिंग स्वागत पेज का प्रस्तुतिकरण नियंत्रित करती है जो उपयोगकर्ताओं को Google Chrome में साइन इन करने, उसे अपने डिफ़ॉल्ट ब्राउज़र के रूप में चुनने में मदद करता है या उन्हें उत्पाद की सुविधाओं के बारे दूसरी तरह से जानकारी देता है.
अगर नीति चालू है, तो हर फ़ाइल डाउनलोड करने से पहले उपयोगकर्ता से फ़ाइल सेव करने की जगह के बारे में पूछा जाएगा. अगर नीति बंद है, तो डाउनलोड तुरंत शुरू हो जाएंगे और उपयोगकर्ता से फ़ाइल सेव करने की जगह के बारे में नहीं पूछा जाएगा. अगर नीति कॉन्फ़िगर नहीं की गई है, तो उपयोगकर्ता इस सेटिंग को बदल सकेगा.
Google Chromeके लिए प्रॉक्सी सेटिंग कॉन्फ़िगर करती है. ये प्रॉक्सी सेटिंग एआरसी ऐप्लिकेशन के लिए भी उपलब्ध होंगी.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं, तो Google Chrome और एआरसी-ऐप्लिकेशन कमांड लाइन से बताए गए प्रॉक्सी से जुड़े सभी विकल्पों को अनदेखा कर देते हैं.
इस नीति को सेट किए बिना छोड़ देने से, इस्तेमाल करने वालों को खुद प्रॉक्सी सेटिंग चुनने की मंज़ूरी मिल जाती है.
अगर ProxySettings नीति सेट होती है, तो यह ProxyMode, ProxyPacUrl, ProxyServer, ProxyBypassList और ProxyServerMode जैसी किसी भी नीति को बदल देगी.
ProxyMode फ़ील्ड आपको Google Chrome जिस प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल कर रहा है उसे तय करने देती है. साथ ही इस्तेमाल करने वाले को प्रॉक्सी सेटिंग बदलने से रोकती है.
ProxyPacUrl फ़ील्ड प्रॉक्सी .pac फ़ाइल का एक यूआरएल है.
ProxyServerफ़ील्ड प्रॉक्सी सर्वर का एक यूआरएल है.
ProxyBypassList फ़ील्ड उन प्रॉक्सी होस्ट की सूची है जिनका Google Chrome इस्तेमाल नहीं करेगा.
'ProxyMode' के समर्थन में ProxyServerMode को रोक दिया गया है. यह नीति आपको Google Chrome जिस प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल करता है उसे बताने देती है. साथ ही, इस्तेमाल करने वाले को प्रॉक्सी सेटिंग बदलने से रोकती है.
अगर आप 'सीधे तौर पर' को 'ProxyMode' के रूप में चुनते हैं, तो प्रॉक्सी का कभी भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. साथ ही, दूसरे सभी फ़ील्ड को अनदेखा कर दिया जाएगा.
अगर आप 'सिस्टम' को 'ProxyMode' के रूप में चुनते हैं, तो सिस्टम की प्रॉक्सी का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके अलावा दूसरे सभी फ़ील्ड को अनदेखा कर दिया जाएगा.
अगर आप 'auto_detect' को 'ProxyMode' के रूप में चुनते हैं, तो अन्य सभी फ़ील्ड को अनदेखा कर दिया जाएगा.
अगर आप 'fixed_server' को 'ProxyMode' के रूप में चुनते हैं, तो 'ProxyServer' और 'ProxyBypassList' फ़ील्ड का इस्तेमाल किया जाएगा.
अगर आप pac_script' को 'ProxyMode' के रूप में चुनते हैं, तो 'ProxyPacUrl' और 'ProxyBypassList' फ़ील्ड का इस्तेमाल किया जाएगा.
Android ऐप्लिकेशन को प्रॉक्सी कॉन्फ़िगरेशन विकल्पों का सबसेट ही उपलब्ध कराया जाता है. Android ऐप्लिकेशन स्वैच्छिक रूप से प्रॉक्सी का उपयोग करना चुन सकते हैं. आप उन्हें किसी प्रॉक्सी का उपयोग करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं.
अगर यह नीति सत्य पर सेट की जाती है या सेट नहीं की जाती है तो Google Chrome में QUIC प्रोटोकॉल के उपयोग की अनुमति होती है. अगर यह नीति असत्य पर सेट की जाती है तो QUIC प्रोटोकॉल के उपयोग की अनुमति नहीं है.
उपयोगकर्ताओं को सूचित करें कि Google Chrome को फिर से लॉन्च किया जाना चाहिए या Google Chrome OS को फिर से शुरू करना होगा ताकि उन अपडेट को लागू किया जा सके जिन्हें मंज़ूरी नहीं मिली है. इस नीति सेटिंग से उपयोगकर्ता को सूचित किया जा सकता है कि ब्राउज़र को फिर से लॉन्च करने का सुझाव दिया गया है या ऐसा करना ज़रूरी है. अगर सेट नहीं किया गया तो, Google Chrome उपयोगकर्ता को सूचित करती है कि मेन्यू में कुछ मामूली बदलावों के ज़रिए फिर से लॉन्च करना ज़रूरी है, जबकि Google Chrome OS, ऐसा सिस्टम ट्रे में नोटिफ़िकेशन के ज़रिए करता है. अगर 'सुझाव' पर सेट किया है, तो फिर से लॉन्च करने के लिए बार-बार चेतावनी दिखाई जाएगी. उपयोगकर्ता 'फिर से लॉन्च' करने की इस चेतावनी को खारिज कर सकता है. उपयोगकर्ता 'फिर से लॉन्च' करने की इस चेतावनी को रद्द कर सकता है. अगर 'ज़रूरी' पर सेट किया गया है, तो उपयोगकर्ता को बार-बार चेतावनी दिखाई देगी कि नोटिफ़िकेशन की समय सीमा खत्म होते ही ब्राउज़र को खुद ही फिर से लॉन्च कर दिया जाएगा. Google Chrome के लिए डिफ़ॉल्ट समय सीमा सात दिन है और Google Chrome OS के लिए चार दिन और हो सकता है इसे RelaunchNotificationPeriod नीति सेटिंग के ज़रिए कॉन्फ़िगर किया जाए.
उपयोगकर्ता का सेशन फिर से लॉन्च/शुरू होने के बाद बहाल हो जाता है.
आपको मिलीसेकंड में समय सीमा तय करने की अनुमति देती है, जिसमें उपयोगकर्ताओं को सूचित किया जाता है कि Google Chrome को फिर से लॉन्च किया जाना चाहिए या Google Chrome OS को फिर से शुरू करना होगा ताकि उन अपडेट को लागू किया जा सके जिन्हें मंज़ूरी नहीं मिली है.
इस समय सीमा के दौरान, उपयोगकर्ता को बार-बार अपडेट की ज़रूरत के बारे में सूचित किया जाएगा. Google Chrome OS डिवाइस के लिए, अपग्रेड की ज़रूरत होने पर सिस्टम ट्रे में फिर से शुरू करने का नोटिफ़िकेशन देगा. Google Chrome ब्राउज़र के लिए, ऐप्लिकेशन मेन्यू में हुए बदलाव से तब यह पता चलता है कि फिर से लॉन्च की ज़रूरत है, जब एक तिहाई नोटिफ़िकेशन की समय सीमा गुज़र जाती है. नोटिफ़िकेशन का रंग एक बार दो तिहाई समय सीमा गुज़रने पर बदलता है और फिर से तब बदलता है जब पूरी समय सीमा खत्म हो जाती है. RelaunchNotification नीति के ज़रिए लागू अतिरिक्त नोटिफ़िकेशन इस शेड्यूल का पालन करती हैं.
अगर सेट नहीं किया गया है, तो Google Chrome डिवाइस के लिए 345600000 मिलीसेकंड (चार दिन) की डिफ़ॉल्ट समय सीमा और Google Chrome OS डिवाइस के लिए 604800000 मिलीसेकंड (एक हफ़्ता) की समय सीमा इस्तेमाल की जाती है.
Linux ऐप्लिकेशन के इस्तेमाल के बारे में जानकारी सर्वर को वापस भेजी जाती है.
अगर नीति गलत पर सेट की जाती है या उसे सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो इस्तेमाल की जानकारी की कोई रिपोर्ट नहीं की जाती. अगर नीति सही पर सेट की जाती है, तो इस्तेमाल की जानकारी की रिपोर्ट की जाती है.
यह नीति तभी लागू होती है अगर Linux ऐप्लिकेशन सहायता चालू की गई हो.
इस सेटिंग के सक्षम होने पर, Google Chrome हमेशा ही ऐसे सर्वर प्रमाणपत्रों के लिए निरस्तीकरण जाँच निष्पादित करेगा जो स्थानीय रूप से स्थापित CA प्रमाणपत्रों द्वारा सफलतापूर्वक मान्य हैं और साइन इन किए गए हैं.
अगर Google Chrome निरस्तीकरण स्थिति की जानकारी प्राप्त करने में असमर्थ हो, तो ऐसे प्रमाणपत्रों को निरस्त ('hard-fail') माना जाएगा.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती, या गलत पर सेट की जाती हैगई हो, तो Google Chrome मौजूदा ऑनलाइन निरस्तीकरण जाँच सेटिंग का उपयोग करेगा.
इसमें ऐसे पैटर्न की सूची होती है जो Google Chrome में खातों का दिखाई देना नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं.
Google Chrome में खाता दिखाई देने की स्थिति तय करने के लिए डिवाइस पर मौजूद हर Google खाते की तुलना इस नीति में संग्रहित पैटर्न से की जाएगी. अगर खाते के नाम का मिलान सूची के किसी भी पैटर्न से हो जाता है, तो वह दिखाई देगा. मिलान नहीं होने पर खाता छिपा हुआ रहेगा.
शून्य या ज़्यादा मनचाहे वर्णों का मिलान करने के लिए वाइल्डकार्ड वर्ण '*' का इस्तेमाल किया जाता है. '\' अपवाद वर्ण है, इसलिए वास्तविक '*' या '\' वर्णों का मिलान करने के लिए उनके आगे एक '\' रखा जाता है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो डिवाइस पर मौजूद सभी Google खाते Google Chrome में दिखाई देंगे.
इस नीति में एक रेगुलर एक्सप्रेशन शामिल होता है, जिसका इस्तेमाल यह तय करने के लिए किया जाता है कि कौनसे Google खाते (जैसे वह खाता जो सिंक ऑप्ट-इन फ़्लो के दौरान चुना गया है) Google Chrome में, ब्राउज़र प्राथमिक खतों के तौर पर सेट किए जा सकते हैं.
अगर कोई उपयोगकर्ता ऐसे 'उपयोगकर्ता नाम' से लॉग इन करने की कोशिश करता है, जो इस पैटर्न से मेल नहीं खाता है, तो उसी हिसाब से एक गड़बड़ी दिख जाती है.
अगर इस नीति को सेट नहीं किया जाता या खाली छोड़ दिया जाता है, तो उपयोगकर्ता Google Chrome में किसी भी Google खाते को ब्राउज़र प्राथमिक खाते के तौर पर सेट कर सकता है.
उस निर्देशिका को कॉन्फ़िगर करती है जिसका इस्तेमाल Google Chrome प्रोफ़ाइल की रोमिंग कॉपी को स्टोर करने के लिए करेगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं, तो RoamingProfileSupportEnabled नीति के चालू होने पर Google Chrome दी गई निर्देशिका का इस्तेमाल प्रोफ़ाइल की रोमिंग कॉपी को स्टोर करने के लिए करेगा. अगर RoamingProfileSupportEnabledनीति बंद है या सेट नहीं की गई है, तो इस नीति में स्टोर किए गए मान का इस्तेमाल नहीं किया जाता है.
जिन वैरिएबल का इस्तेमाल किया जा सकता है उनकी सूची के लिए https://www.chromium.org/administrators/policy-list-3/user-data-directory-variables देखें.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो डिफ़ॉल्ट रोमिंग प्रोफ़ाइल पाथ का इस्तेमाल किया जाएगा.
अगर आप इस सेटिंग को चालू करते हैं, तो Google Chrome प्रोफ़ाइल में संग्रहित सेटिंग जैसे बुकमार्क, डेटा ऑटोमैटिक भरना, पासवर्ड, वगैरह भी रोमिंग उपयोगकर्ता प्रोफ़ाइल फ़ोल्डर या RoamingProfileLocation नीति के ज़रिए एडमिन के तय किए गए किसी स्थान पर संग्रहित फ़ाइल में लिख दी जाएंगी. इस नीति को चालू करने से, क्लाउड सिंक बंद हो जाता है.
अगर इस नीति को बंद किया जाता है या बिना सेट किए छोड़ा जाता है, तो सिर्फ़ नियमित स्थानीय प्रोफ़ाइल का इस्तेमाल किया जाएगा.
SyncDisabled नीति RoamingProfileSupportEnabled को बदलकर सभी डेटा सिंक को बंद कर देती है.
अगर आप यह सेटिंग चालू करते हैं तो, वेबसाइट पर एम्बेड की गई सारी Flash सामग्री चलेगी, जिसे या तो उपयोगकर्ता ने या एंटरप्राइज़ नीति ने सामग्री सेटिंग में Flash की अनुमति देने के लिए सेट किया है. इसमें अन्य जगहों से आई सामग्री या छोटी सामग्री शामिल होगी.
यह नियंत्रित करने के लिए कि किन वेबसाइट को Flash चलाने की अनुमति है, "DefaultPluginsSetting", "PluginsAllowedForUrls" और "PluginsBlockedForUrls" नीतियां देखें.
अगर यह सेटिंग बंद होती है या सेट नहीं की जाती है तो, अन्य जगहों से आई Flash सामग्री या छोटी सामग्री ब्लॉक की जा सकती है.
लॉगिन के दौरान, Google Chrome OS किसी सर्वर से (ऑनलाइन) या फिर कैश किए गए पासवर्ड (ऑफ़लाइन) के इस्तेमाल से मंज़ूरी दे सकता है.
जब इस नीति को -1 के मान पर सेट किया जाता है, तो इस्तेमाल करने वाला अनिश्चित रूप से ऑफ़लाइन मंज़ूरी दे सकता है. जब यह नीति किसी दूसरे मान पर सेट होती है, तो यह पिछली ऑनलाइन मंज़ूरी के बाद की समय अवधि बताती है. इसके बाद इस्तेमाल करने वाले को फिर से ऑनलाइन मंज़ूरी का इस्तेमाल करना चाहिए.
इस नीति को सेट किए बिना छोड़ देने से Google Chrome OS 14 दिनों की डिफ़ॉल्ट समय सीमा का इस्तेमाल करेगा. इसके बाद इस्तेमाल करने वाले को फिर से ऑनलाइन मंज़ूरी का इस्तेमाल करना होगा.
इस नीति का असर सिर्फ़ उन इस्तेमाल करने वालों पर होता है जिन्होंने एसएएमएल के इस्तेमाल से मंज़ूरी दी है.
नीति का मान सेकंड में बताया जाना चाहिए.
जब उपयोगकर्ता SSL गड़बड़ी वाली साइटों पर नेविगेट करते हैं, तो Chrome एक चेतावनी पेज दिखाता है. डिफ़ॉल्ट रूप से या जब इस पॉलिसी को 'सही' पर सेट किया जाता है, तब उपयोगकर्ताओं को इन चेतावनी पेजों के ज़रिए क्लिक करने की अनुमति होती है. इस पॉलिसी को 'गलत' पर सेट करने से उपयोगकर्ताओं को किसी भी चेतावनी पेज के ज़रिए क्लिक करने की अनुमति नहीं दी जाती है.
अगर यह नीति कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है तो फिर Google Chrome डिफ़ॉल्ट कम से कम वर्शन का इस्तेमाल करता है, जो कि TLS 1.0 है.
अन्यथा उसे आगे दिए गए किसी एक मान पर सेट किया जा सकता है: "tls1", "tls1.1" या "tls1.2". सेट होने पर, Google Chrome बताए गए SSL/TLS वर्शन से नीचे वाले वर्शन का इस्तेमाल नहीं करेगा. नहीं पहचाने गए किसी मान को अनदेखा कर दिया जाएगा.
यह पहचानें कि क्या किसी भरोसेमंद स्रोत से आने पर, Google Chrome 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' जाँच के बिना डाउनलोड करने की मंज़ूरी दे सकता है.
गलत होने पर, डाउनलोड की गई फ़ाइलें किसी भरोसेमंद स्रोत से होने पर 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' के ज़रिए जाँच-पड़ताल के लिए नहीं भेजी जाएंगी.
नहीं भेजे जाने (या सही पर सेट होने) पर, डाउनलोड की गई फ़ाइलें 'सुरक्षित ब्राउज़िंग' के ज़रिए जाँच-पड़ताल के लिए भेजी जाएंगी, भले ही वे भरोसेमंद स्रोत से आई हों.
ध्यान रखें कि ये पाबंदियां वेब पेज सामग्री के साथ ही 'डाउनलोड लिंक'... संदर्भ मेन्यू विकल्प से ट्रिगर होने वाले डाउनलोड पर भी लागू होती हैं. ये पाबंदियां फ़िलहाल दिखाए जा रहे पेज को सेव करने / डाउनलोड करने पर लागू नहीं होतीं, न ही ये प्रिंटिंग विकल्पों से पीडीएफ़ के रूप में सेव करने पर लागू होती हैं.
यह नीति सिर्फ़ Windows के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिन्हें किसी Microsoft® Active Directory® डोमेन से जोड़ा गया है, या फिर Windows 10 Pro या Enterprise के उन इंस्टैंस पर उपलब्ध है जिनका नाम डिवाइस प्रबंधन के लिए दर्ज किया गया है.
यह नीति सुरक्षित साइट के यूआरएल फ़िल्टर का तरीका नियंत्रित करती है. यह फ़िल्टर 'Google सुरक्षित खोज API (एपीआई)' का इस्तेमाल करके वर्गीकृत करता है कि यूआरएल अश्लील (पोर्नोग्राफ़िक) हैं या नहीं.
जब यह नीति कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है या "वयस्क सामग्री के लिए साइटें फ़िल्टर न करें" पर सेट की जाती है, तो साइटें फ़िल्टर नहीं की जाएंगी.
जब यह नीति "वयस्क सामग्री के लिए टॉप लेवल की साइटें फ़िल्टर करें" पर सेट की जाती है, तो अश्लील (पोर्नोग्राफ़िक) के रूप में वर्गीकृत साइटें फ़िल्टर की जाएंगी.
Google Chrome में ब्राउज़र इतिहास सहेजना सक्षम करती है और उपयोगकर्ताओं को यह सेटिंग बदलने से रोकती है.
अगर यह सेटिंग सक्षम हती है, तो ब्राउज़िंग इतिहास सहेजा नहीं जाता. यह सेटिंग टैब समन्वयन को भी अक्षम कर देती है.
अगर यह सेटिंग अक्षम हो या सेट नहीं की गई हो, तो ब्राउज़िंग का इतिहास सहेजा जाता है.
Google Chrome OS को बताए गए नाम से पहचाने गए टास्क शेड्यूलर कॉन्फ़िगरेशन का इस्तेमाल करने का निर्देश देता है.
इस नीति को "संरक्षक" और "प्रदर्शन" पर सेट किया जा सकता है, जिसकी मदद से ऐसे टास्क शेड्यूलर कॉन्फ़िगरेशन को चुना जाता है जिन्हें स्थिरता बनाम सबसे ज़्यादा प्रदर्शन के लिए बनाए रखा जाता है.
अगर कोई नीति सेट नहीं जाती, तो उपयोगकर्ता अपना विकल्प चुन सकते हैं.
यह नीति Google Chrome के ऑम्निबॉक्स में खोज सुझावों को चालू करती है और उपयोगकर्ता को इस सेटिंग को बदलने से रोकती है.
अगर आप इस सेटिंग को चालू करते हैं, तो खोज सुझावों का उपयोग किया जाता है.
अगर आप इस सेटिंग को बंद करते हैं, तो खोज सुझावों का कभी भी उपयोग नहीं किया जाता.
अगर आप इस सेटिंग को चालू या बंद करते हैं, तो उपयोगकर्ता Google Chrome में इस सेटिंग को बदल नहीं सकते या ओवरराइड नहीं कर सकते.
अगर इस नीति को सेट नहीं किया जाता है, तो इसे चालू किया जाएगा लेकिन उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकेगा.
यह सेटिंग उपयोगकर्ताओं को अपने Google Chrome OS डिवाइस पर साइन इन करने के बाद अपनी ब्राउज़र विंडो के सामग्री क्षेत्र में Google खातों के बीच स्विच करने देती है.
अगर यह नीति गलत पर सेट की जाती है, तो गैर-गुप्त ब्राउज़र के सामग्री क्षेत्र से किसी दूसरे खाते में साइन इन नहीं करने दिया जाएगा.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है या सही पर सेट की जाती है, तो डिफ़ॉल्ट व्यवहार का उपयोग किया जाएगा: ब्राउज़र के सामग्री क्षेत्र से किसी दूसरे खाते में साइन इन करने दिया जाएगा, इसमें बच्चों के ऐसे खाते शामिल नहीं होंगे जहां उसे गैर-गुप्त सामग्री क्षेत्र के लिए ब्लॉक किया जाएगा.
अगर गुप्त मोड के ज़रिए किसी दूसरे खाते में साइन इन करने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो IncognitoModeAvailability नीति का उपयोग करके उस मोड को ब्लॉक करने पर विचार करें.
ध्यान दें कि उपयोगकर्ता अपनी कुकी ब्लॉक करके अपुष्ट स्थिति में Google की सभी सेवाएं एक्सेस कर सकेंगे.
ऐसे यूआरएल और डोमेन के बारे में बताती है जिनके लिए सुरक्षा कुंजियों से प्रमाणित किए जाने के प्रमाणपत्रों का अनुरोध करते समय कोई भी संकेत नहीं दिखाया जाएगा. इसके अलावा, सुरक्षा कुंजी को यह बताने वाला एक संकेत भेजा जाएगा कि व्यक्तिगत तौर पर प्रमाणित किए जाने की सुविधा का उपयोग किया जा सकता है. इसके बिना, उपयोगकर्ताओं को Chrome 65+ में तब संकेत किया जाएगा जब साइटें सुरक्षा कुंजियों को प्रमाणित करने का अनुरोध करेंगी.
यूआरएल (जैसे कि https://example.com/some/path) का मिलान सिर्फ़ U2F appID की तरह होगा. डोमेन (जैसे कि example.com) का मिलान सिर्फ़ webauthn RP ID की तरह होगा, इसलिए किसी साइट के लिए U2F और webauthn API (एपीआई), दोनों को कवर करने के लिए, appID यूआरएल और डोमेन को रजिस्टर करने की ज़रूरत होगी.
जब यह नीति सेट होती है, तो यह वह समय तय करती है जिसके बाद एक इस्तेमाल करने वाला सत्र को खत्म कर अपने आप लॉग आउट हो जाता है. इस्तेमाल करने वाले को सिस्टम ट्रे में दिखने वाले काउंटडाउन टाइमर से बचे हुए समय की जानकारी दी जाती है.
जब यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो सत्र की लंबाई सीमित नहीं होती है.
अगर आप यह नीति सेट करते हैं, तो इस्तेमाल करने वाले लोग न तो इसे बदल सकते हैं, न ही ओवरराइड कर सकते हैं.
इस नीति का मान मिलीसेकंड में बताया जाना चाहिए. मानों को 30 सेकंड से 24 घंटों तक रखा जाता है.
किसी सार्वजनिक सत्र के लिए एक या इससे ज़्यादा सुझाई गई भाषाएं सेट करती है, जिससे उपयोगकर्ता इनमें से कोई एक भाषा आसानी से चुन सकते हैं.
उपयोगकर्ता प्रबंधित सत्र को शुरू करने से पहले कोई भाषा और एक कीबोर्ड लेआउट चुन सकता है. डिफ़ॉल्ट रूप से, Google Chrome OS में काम करने वाली सभी भाषाएं वर्णानुक्रम में सूचीबद्ध की जाती हैं. आप इस नीति का इस्तेमाल सुझाई गई भाषाओं के सेट को सूची में सबसे ऊपर ले जाने के लिए कर सकते हैं.
अगर यह नीति सेट नहीं होती है, तो मौजूदा यूज़र इंटरफ़ेस की भषा पहले से चुनी हुई होगी.
अगर यह नीति सेट होती है, तो सुझाई गई भाषाओं को सूची में सबसे ऊपर ले जाया जाएगा और उन्हें दूसरी सभी भाषाओं से विज़ुअल रूप से अलग किया जाएगा. सुझाई गई भाषाओं को उसी क्रम में सूची में लगाया जाएगा जिसमें वे नीति में दिखाई देती हैं. सुझाई गई सबसे पहली भाषा पहले से चुनी हुई होगी.
अगर एक से ज़्यादा सुझाई गई भाषाएं उपलब्ध हों, तो यह माना जाता है कि उपयोगकर्ता इन भाषाओं में से चुनना चाहेंगे. कोई प्रबंधित सत्र शुरू करते समय भाषा और कीबोर्ड लेआउट को चुनना प्रमुखता से ऑफ़र किया जाएगा. नहीं तो, ऐसा माना जाता है कि ज़्यादातर उपयोगकर्ता पहले से चुनी हुई भाषा का इस्तेमाल करना चाहेंगे. कोई प्रबंधित सत्र शुरू करते समय भाषा और कीबोर्ड लेआउट को चुनना कम प्रमुखता से ऑफ़र किया जाएगा.
जब यह नीति सेट होती है और अपने आप लॉगिन की सुविधा चालू होती है (|DeviceLocalAccountAutoLoginId| और |DeviceLocalAccountAutoLoginDelay| नीतियां देखें), तब अपने आप शुरू होने वाला प्रबंधित सत्र सबसे पहले सुझाई गई भाषा और इस भाषा से मिलान करने वाले सबसे ज़्यादा लोकप्रिय कीबोर्ड का इस्तेमाल करेगा.
पहले से चुना हुआ कीबोर्ड लेआउट, हमेशा ही पहले से चुनी हुई भाषा से मिलान करने वाला सबसे ज़्यादा लोकप्रिय लेआउट होगा.
यह नीति सिर्फ़ सुझाव के रूप में ही सेट की जा सकती है. आप इस नीति का इस्तेमाल सुझाई गई भाषाओं के सेट को सबसे ऊपर ले जाने के लिए कर सकते हैं लेकिन उपयोगकर्ताओं को अपने सत्र के लिए हमेशा ही Google Chrome OS में काम करने वाली किसी भी भाषा का इस्तेमाल करने की अनुमति होती है.
Google Chrome OS शेल्फ़ की अपने आप छिपने की सुविधा नियंत्रित करना.
अगर यह नीति 'AlwaysAutoHideShelf' पर सेट हो, तो शेल्फ़ हमेशा ही अपने आप छिपाया जाएगा.
अगर यह नीति 'NeverAutoHideShelf' पर सेट हो, तो शेल्फ़ कभी भी अपने आप नहीं छिपाया जाता.
अगर आप यह नीति सेट करते हैं, तो उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकते या ओवरराइड नहीं कर सकते.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो उपयोगकर्ता चुन सकते हैं कि क्या शेल्फ़ को अपछिपाया जाना चाहिए.
'बुकमार्क बार' में 'ऐप्लिकेशन शॉर्टकट' को चालू या बंद करती है.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती तो, उपयोगकर्ता 'बुकमार्क बार संदर्भ मेन्यू' से 'ऐप्लिकेशन शॉर्टकट' दिखाना या छिपाना चुन सकता है.
अगर यह नीति कॉन्फ़िगर की जाती है तो, उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकता और 'ऐप्लिकेशन शॉर्टकट' हमेशा दिखाया जाता है या कभी नहीं दिखाया जाता.
अगर यह नीति चालू की गई हो, तो किसी सत्र के चालू होने और स्क्रीन लॉक नहीं होने के दौरान, लाल रंग का लॉगआउट करें बटन सिस्टम ट्रे में दिखाई देता है.
अगर यह नीति बंद हो या इसके बारे में बताया न गया हो, तो सिस्टम ट्रे में लाल रंग का लॉगआउट करें बटन दिखाई देता है.
साइन इन किए गए एचटीटीपी एक्सचेंज (एसएक्सजी) के लिए सहायता चालू करें.
अगर यह नीति सेट नहीं है या 'चालू' पर सेट है, तो Google Chrome, साइन इन किए हुए एचटीटीपी एक्सचेंज के रूप में दी जाने वाली वेब सामग्रियां स्वीकार कर लेगा.
अगर यह नीति 'बंद' पर सेट है, तो साइन इन किए हुए एचटीटीपी एक्सचेंज लोड नहीं किए जा सकते.
यह नीति लागू नहीं है, इसकी जगह BrowserSignin का इस्तेमाल कर सकते हैं.
उपयोगकर्ता को Google Chrome में साइन इन करने की अनुमति देती है.
अगर आपने यह नीति सेट की हुई है, तो आप यह कॉन्फ़िगर कर सकते हैं कि किसी उपयोगकर्ता को Google Chrome में साइन इन करने की अनुमति है या नहीं. इस नीति को 'गलत' पर सेट करने से उन ऐप्लिकेशन और एक्सटेंशन को काम करने से रोक दिया जाएगा जो chrome.identity API (एपीआई) का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए आप उसके बजाय SyncDisabled का इस्तेमाल कर सकते हैं.
शायद आप IsolateOrigins नीति की सेटिंग पर नज़र डालना चाहें, ताकि जिन साइटों को आप आइसोलेट करना चाहते हैं, उनकी सूची वाली IsolateOrigins का इस्तेमाल करके आप आइसोलेशन और उपयोगकर्ताओं के लिए सीमित असर, इन दोनों उपायों का सबसे अच्छा इस्तेमाल कर सकें. यह SitePerProcess सेटिंग सभी साइटों को आइसोलेट करती है. अगर नीति चालू होती है, तो हर साइट उसकी अपनी प्रक्रिया में चलेगी. अगर नीति बंद हो, तो IsolateOrigins और SitePerProcess दोनों सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी. उपयोगकर्ता अब भी कमांड लाइन फ़्लैग के ज़रिए SitePerProcess को मैन्युअल रूप से चालू कर सकेंगे. अगर नीति कॉन्फ़िगर नहीं की गई हो, तो उपयोगकर्ता इस सेटिंग को बदल सकते हैं. Google Chrome OS पर, DeviceLoginScreenSitePerProcess डिवाइस नीति को भी उसी मान पर सेट करने का सुझाव दिया जाता है. अगर दोनों नीतियों के बताए हुए मान एक-दूसरे से न मिलते हों, तो उपयोगकर्ता नीति का बताया हुआ मान लागू करने के दौरान कोई उपयोगकर्ता सत्र में शुरू करने में देरी हो सकती है.
नोट: यह नीति Android पर लागू नहीं होती है. SitePerProcess को Android पर चालू करने के लिए, SitePerProcessAndroid नीति सेटिंग का इस्तेमाल करें.
आइसोलेशन और उपयोगकर्ताओं के लिए सीमित प्रभाव, इन दोनों का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए, हो सकता है कि आप उन साइटों की सूची के ज़रिए IsolateOriginsAndroid का इस्तेमाल करके IsolateOriginsAndroid नीति सेटिंग पर नज़र डालना चाहें, जिन्हें आप आइसोलेट करना चाहते हैं. SitePerProcessAndroid की यह सेटिंग सभी साइटों को आइसोलेट करती हैं. अगर नीति चालू हो, तो हर साइट अपनी खुद की प्रक्रिया में चलेगी. अगर नीति बंद हो, तो अलग से कोई साइट आइसोलेशन नहीं होगी और IsolateOriginsAndroid और SitePerProcessAndroid के फ़ील्ड ट्रायल बंद कर दिए जाएंगे. उपयोगकर्ता अब भी मैन्युअल रूप से SitePerProcess को चालू कर सकेंगे. अगर नीति कॉन्फ़िगर नहीं हो, तो उपयोगकर्ता इस सेटिंग को बदल सकेंगे.
नोट: Android पर, साइट आइसोलेशन प्रयोग के लिए है. समय के साथ सहायता बेहतर होती जाएगी, लेकिन फ़िलहाल इससे परफ़ॉर्मेंस से जुड़ी समस्याएं आ सकती हैं.
नोट: यह नीति सिर्फ़ Android पर Chrome के लिए लागू होती है जो उन्हीं डिवाइस पर चल रहा हो जिनमें 1GB से ज़्यादा RAM है. नीति को दूसरे प्लैटफ़ॉर्म पर लागू करने के लिए, SitePerProcess का इस्तेमाल करें.
अगर यह सेटिंग चालू है, तो उपयोगकर्ता Smart Lock के ज़रिए अपने खाते में साइन इन कर सकते हैं. यह सामान्य Smart Lock से ज़्यादा रिआयती है जो, सिर्फ़ इस्तेमाल करने वालों को ही स्क्रीन अनलॉक करने की मंज़ूरी देता है. अगर सेटिंग चालू नहीं है, तो उपयोगकर्ताओं को Smart Lock साइन इन इस्तेमाल करने की मंज़ूरी नहीं दी जाएगी.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो एंटरप्राइज़-प्रबंधित उपयोगकर्ताओं के लिए डिफ़ॉल्ट की मंज़ूरी नहीं है और गैर-प्रबंधित उपयोगकर्ताओं के लिए मंज़ूरी है.
अगर आप इस सेटिंग को चालू करते हैं, तो सुविधा के लिए ज़रूरी शर्तों को पूरा करने पर उपयोगकर्ताओं को उनके फ़ोन और Chromebook के बीच एसएमएस मैसेज सिंक करने की अनुमति दी जाएगी. ध्यान रहे कि अगर इस नीति को मंज़ूरी मिलती है, तो उपयोगकर्ता को सेट अप फ़्लो पूरा करके साफ़ तौर पर इस सुविधा को चुनना पड़ेगा. एक बार सेट अप फ़्लो पूरा होने पर, उपयोगकर्ता अपने Chromebook पर एसएमएस मैसेज भेज और पा सकते हैं.
अगर इस सुविधा को बंद कर दिया जाता है, तो उपयोगकर्ता को एसएमएस सिंक करने की अनुमति नहीं मिलेगी.
अगर इस पॉलिसी को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो प्रबंधित उपयोगकर्ता डिफ़ॉल्ट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे और गैर-प्रबंधित उपयोगकर्ता इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
Google Chrome वर्तनी की त्रुटियां सुधारने में सहायता करने के लिए किसी Google वेब सेवा का उपयोग कर सकता है. अगर यह सेटिंग सक्षम है, तो फिर यह सेवा हमेशा उपयोग की जाती है. अगर यह सेटिंग अक्षम है, तो फिर सेवा कभी उपयोग नहीं की जाती.
वर्तनी परीक्षण को अब भी किसी डाउनलोड की गई शब्दकोश का उपयोग करके निष्पादित किया जा सकता है; यह नीति केवल ऑनलाइन सेवा के उपयोग को नियंत्रित करती है.
अगर यह सेटिंग कॉन्फ़िगर न है, तो फिर उपयोगकर्ता चुन सकते हैं कि वर्तनी परीक्षण सेवा का उपयोग किया जाना चाहिए या नहीं.
अगर यह नीति सेट या चालू नहीं है, तो इस्तेमाल करने वाले को वर्तनीजाँच का इस्तेमाल करने की अनुमति है.
अगर यह नीति बंद है, तो इस्तेमाल करने वाले को वर्तनी जाँच का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. जब यह नीति बंद होगी तब SpellcheckLanguage और SpellcheckLanguageBlacklist नीतियों को भी अनदेखा किया जाएगा.
वर्तनीजाँच की बंद नहीं की जाने वाली भाषाएं चालू करें उस सूची में नहीं पहचानी गई भाषाएं नज़रअंदाज़ कर दी जाएंगी.
अगर आप यह नीति चालू करते हैं, तो बताई गई भाषाओं के लिए वर्तनीजाँच को चालू किया जाएगा. इसके अलावा, वे भाषाएं भी चालू की जाएंगी जिनके लिए इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति ने वर्तनीजाँच चालू की है.
अगर आप यह नीति सेट नहीं करते या इसे बंद कर देते हैं, तो इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की वर्तनीजाँच प्राथमिकताओं में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.
अगर SpellcheckEnabled नीति को बंद पर सेट किया गया है, तो इस नीति का कोई असर नहीं होगा.
अगर किसी भाषा को इस नीति में और SpellcheckLanguageBlacklist नीति में भी शामिल किया गया है, तो इस नीति को प्राथमिकता दी जाती है और वर्तनीजाँच की भाषा चालू की जाती है.
इस समय काम करने वाली भाषाएं ये हैं: af, bg, ca, cs, da, de, el, en-AU, en-CA, en-GB, en-US, es, es-419, es-AR, es-ES, es-MX, es-US, et, fa, fo, fr, he, hi, hr, hu, id, it, ko, lt, lv, nb, nl, pl, pt-BR, pt-PT, ro, ru, sh, sk, sl, sq, sr, sv, ta, tg, tr, uk, vi.
वर्तनीजाँच की चालू नहीं की जाने वाली भाषाएं बंद करती है. उस सूची में नहीं पहचानी गई भाषाएं नज़रअंदाज़ कर दी जाएंगी.
अगर आप यह नीति चालू करते हैं, तो बताई गई भाषाओं के लिए वर्तनीजाँच बंद कर दी जाएगी. इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति अब भी उन भाषाओं के लिए वर्तनीजाँच को चालू या बंद कर सकता है जो सूची में नहीं हैं.
अगर आप यह नीति सेट नहीं करते या इसे बंद कर देते हैं, तो इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की वर्तनीजाँच प्राथमिकताओं में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.
अगर SpellcheckEnabled नीति को बंद पर सेट किया गया है, तो इस नीति का कोई असर नहीं होगा.
अगर किसी भाषा को इस नीति और SpellcheckLanguage नीति, दोनों में ही शामिल किया जाता है, तो SpellcheckLanguage नीति को प्राथमिकता मिलती है और वर्तनीजाँच भाषा चालू कर दी जाएगी.
इस समय काम करने वाली भाषाएं ये हैं: af, bg, ca, cs, da, de, el, en-AU, en-CA, en-GB, en-US, es, es-419, es-AR, es-ES, es-MX, es-US, et, fa, fo, fr, he, hi, hr, hu, id, it, ko, lt, lv, nb, nl, pl, pt-BR, pt-PT, ro, ru, sh, sk, sl, sq, sr, sv, ta, tg, tr, uk, vi.
जब Google Chrome ऐसे कंप्यूटर या ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलाया जा रहा है जो अब समर्थित नहीं है, तो उस समय दिखाई देने वाली चेतावनी को छिपाती है.
यह नीति Google की ओर से होस्ट की जाने वाली सिंक सेवाओं का उपयोग करके Google Chrome में डेटा सिंक को बंद करती है और उपयोगकर्ताओं को यह सेटिंग बदलने से रोकती है.
अगर आप इस सेटिंग को चालू करते हैं, तो उपयोगकर्ता Google Chrome में इस सेटिंग को बदल नहीं सकते या ओवरराइड नहीं कर सकते.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो उपयोगकर्ता को इसका इस्तेमाल करने या नहीं करने का विकल्प देने के लिए 'Google सिंक' सेवा उपलब्ध होगी.
'Google सिंक' को पूरी तरह से बंद करने के लिए, यह सुझाव दिया जाता है कि आप 'Google एडमिन कंसोल' में 'Google सिंक' सेवा को बंद करें.
जब RoamingProfileSupportEnabled नीति 'चालू' पर सेट होती है, तो इस नीति को चालू नहीं करना चाहिए क्योंकि वह सुविधा वही क्लाइंट साइड फ़ंक्शन शेयर करती है. ऐसे मामलों में Google की ओर से होस्ट किया जाने वाला सिंक पूरी तरह से बंद रहता है.
Google सिंक को अक्षम करने से Android बैकअप और पुनर्स्थापना ठीक से काम नहीं करेंगे.
'टैब लाइफ़ साइकल' सुविधा सीपीयू (CPU) पर और आखिरकार चल रहे टैब से जुड़ी ऐसी मेमोरी वापस ले लेती है जो काफ़ी समय से इस्तेमाल नहीं की गई है. इसके लिए वह सबसे पहले उन टैब को धीमा करती है, फिर उन्हें फ़्रीज़ करती है और आखिर में उन्हें निकाल देती है.
अगर नीति को गलत पर सेट किया जाता है, तो 'टैब लाइफ़ साइकल' सुविधा बंद हो जाती है और सभी टैब सामान्य रूप से चलते रहेंगे.
अगर नीति सही पर सेट की जाती है या तय किए बिना छोड़ दी जाती है, तो 'टैब लाइफ़ साइकल' सुविधा चालू हो जाती है.
अगर गलत पर सेट हो, तो 'प्रक्रिया खत्म करें' बटन को 'काम का प्रबंधक' में बंद कर दिया जाता है.
अगर सही पर सेट हो या कॉन्फ़िगर न किया गया हो, तो इस्तेमाल करने वाले प्रक्रियाओं को 'काम का प्रबंधक' में खत्म कर सकते हैं.
सेवा की उन शर्तों को सेट करती है, जिन्हें उपयोगकर्ता को डिवाइस-स्थानीय खाता सत्र शुरू करने से पहले स्वीकार करना होता है.
अगर यह नीति जोड़ी जाती है तो, Google Chrome OS सेवा की शर्तों को डाउनलोड करेगा और डिवाइस-स्थानीय खाता सत्र शुरू होने पर उन्हें उपयोगकर्ता को पेश करेगा. सेवा की शर्तों को स्वीकार करने के बाद ही उपयोगकर्ता को सत्र में जाने की अनुमति मिलेगी.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती तो, सेवा की शर्तें नहीं दिखाई जातीं.
नीति को किसी ऐसे यूआरएल से जोड़ा जाना चाहिए जिससे Google Chrome OS सेवा की शर्तें डाउनलोड कर सके. सेवा की शर्तें सामान्य लेख में होनी चाहिए जिसे एमआईएमई किस्म के लेख/सामान्य के रूप में दिया गया हो. किसी मार्कअप की अनुमति नहीं है.
अगर नीति गलत पर सेट की जाती है, तो तीसरे पक्ष के सॉफ़्टवेयर को Chrome के तरीकों में एक्ज़ीक्यूटेबल कोड इंजेक्ट करने की अनुमति होगी. अगर नीति सेट नहीं की जाती या 'सही' पर सेट की जाती है, तो तीसरे पक्ष के सॉफ़्टवेयर को Chrome की तरीकों में एक्ज़ीक्यूटेबल कोड इंजेक्ट करने से रोका जाएगा.
यह नीति 'वर्चुअल कीबोर्ड' को ChromeOS पर इनपुट डिवाइस के रूप में चालू करना कॉन्फ़िगर करती है.
अगर नीति को सही पर सेट किया जाता है तो, ऑन-स्क्रीन 'वर्चुअल कीबोर्ड' हमेशा चालू रहेगा.
अगर नीति को गलत पर सेट किया जाता है तो, ऑन-स्क्रीन 'वर्चुअल कीबोर्ड' हमेशा बंद रहेगा.
अगर आप इस नीति को सेट करते हैं तो, उपयोगकर्ता इसे बदल नहीं सकते या इसे रद्द नहीं कर सकते. हालांकि, उपयोगकर्ता अब भी 'ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड' के एक्सेस को चालू/बंद कर सकेंगे जिसे इस नीति से नियंत्रित किए जाने वाले 'वर्चुअल कीबोर्ड' पर प्राथमिकता मिलती है. 'ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड' के एक्सेस को नियंत्रित करने वाली |VirtualKeyboardEnabled| नीति देखें.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है तो, 'ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड' शुरुआत में बंद रहता है लेकिन उपयोगकर्ता इसे कभी भी चालू कर सकता है. कीबोर्ड कब दिखाना है, इसका फ़ैसला डिवाइस उपयोगकर्ता की पिछली गतिविधियों के आधार पर खुद कर सकता है.
Google Chrome पर एक साथ कई सुविधाओं वाली Google अनुवाद सेवा को चालू करती है.
अगर आप इस सेटिंग को चालू करते हैं, तो Google Chrome उपयोगकर्ता को एक साथ कई सुविधाओं वाले अनुवाद टूलबार (जब लायक हो) और राइट-क्लिक वाले संदर्भ मेन्यू पर अनुवाद विकल्प दिखाते हुए, अनुवाद के काम से जुड़ी सुविधा देगा.
अगर आप इस सेटिंग को बंद करते हैं, तो पहले से मौजूद सभी अनुवाद सुविधाएं बंद हो जाएंगी.
अगर आप इस सेटिंग को चालू या बंद करते हैं, तो उपयोगकर्ता Google Chrome में इस सेटिंग में बदलाव या इसे रद्द नहीं कर सकते हैं.
अगर इस सेटिंग को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो उपयोगकर्ता तय सकता है कि उसे इस फ़ंक्शन का इस्तेमाल करना है या नहीं.
यह नीति उपयोगकर्ता को पाबंदी लगाए गए यूआरएल से वेब पेज लोड करने देती है. पाबंदी वाली सूची से उन यूआरएल पैटर्न की सूची मिलती है, जो बताते हैं कि किन यूआरएल पर पाबंदी लगाई जाएगी.
यूआरएल पैटर्न को https://www.chromium.org/administrators/url-blacklist-filter-format के मुताबिक फ़ॉर्मैट किया जाना चाहिए.
अपवादों को यूआरएल की मंज़ूरी नीति में तय किया जा सकता है. ये नीतियां 1000 बार डेटा डाले जाने तक सीमित हैं; इसके बाद डाले गए डेटा को अनदेखा किया जाएगा.
ध्यान रखें कि अंदरूनी 'chrome://*' को ब्लॉक करने का सुझाव नहीं दिया जाता है इसके बाद के यूआरएल में अनचाही गड़बड़ियां आ सकती हैं.
आप M73 से 'javascript://*' को ब्लॉक कर सकते हैं यूआरएल. हालांकि, इससे सिर्फ़ पता बार (या उदाहरण के लिए, बुकमार्कलेट) में लिखे गए JavaScript पर असर पड़ता है. ध्यान दें कि इन-पेज JavaScript यूआरएल, साथ ही साथ तेज़ी से लोड होने वाला डेटा, इस नीति में शामिल नहीं हैं. उदाहरण के लिए, अगर आप 'example.com/abc', पेज को ब्लॉक करते हैं, तब भी 'example.com', XMLHTTPRequest से 'example.com/abc' को लोड कर पाएगा.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो ब्राउज़र में किसी भी यूआरएल पर पाबंदी नहीं लगाई जाएगी.
Android ऐप्लिकेशन स्वैच्छिक रूप से इस सूची का पालन करना चुन सकते हैं. आप उन्हें इसका पालन करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं.
यूआरएल प्रतिबंध के अपवादों से अलग सूची में मौजूद यूआरएल के लिए एक्सेस देती है.
इस सूची की प्रविष्टियों के फ़ॉर्मैट के लिए यूआरएल प्रतिबंधित नीति का ब्यौरा देखें.
इस नीति का इस्तेमाल पाबंदी लगाने वाली सूची में अपवाद डालने के लिए किया जा सकता है. जैसे, '*' को पाबंदी लगाने वाली सूची में शामिल कर सभी अनुरोधों पर रोक लगाई जा सकती है. इस नीति का इस्तेमाल यूआरएल की एक सीमित सूची देखने की मंज़ूरी देने के लिए भी किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल कुछ स्कीम, किसी दूसरी डोमेन के सबडोमेन, पोर्ट या खास पाथ के लिए अपवाद खोलने के लिए भी किया जाता है.
सबसे खास फ़िल्टर से यह पता लगेगा कि किसी यूआरएल को ब्लॉक किया गया है या उसे दिखाने की मंज़ूरी दी गई है. मंज़ूरी पा चुके यूआरएल की सूची को पाबंदी वाले यूआरएल की सूची पर प्राथमिकता दी जाती है.
यह नीति 1000 प्रविष्टियों तक सीमित है; बाद वाली प्रविष्टियों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा.
अगर यह नीति सेट नहीं है, तो 'URLBlacklist' नीति से पाबंदी वाली सूची में डालने के लिए कोई अपवाद नहीं होंगे.
Android ऐप्लिकेशन स्वैच्छिक रूप से इस सूची का पालन करना चुन सकते हैं. आप उन्हें इसका पालन करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं.
अगर इस नीति को सही' पर सेट किया गया है, तो 'यूनिफ़ाइड डेस्कटॉप' की अनुमति मिल जाती है और यह सुविधा डिफ़ॉल्ट रूप से चालू रहती है. इससे ऐप्लिकेशन, एक से ज़्यादा स्क्रीन पर दिखाई दे सकता है. उपयोगकर्ता को अगर अकेले ही कुछ देखना है, तो वह डिसप्ले सेटिंग में 'यूनिफ़ाइड डेस्कटॉप' के आगे लगा सही का निशान हटाकर उसे बंद कर सकता है.
अगर इस नीति को 'गलत' पर सेट किया गया है या इसे सेट नहीं किया गया है, तो 'यूनिफ़ाइड डेस्कटॉप' की सुविधा बंद हो जाएगी. ऐसा होने पर उपयोगकर्ता इस सुविधा को चालू नहीं कर सकता.
M69 में हटा दी गई है. इसके बजाय OverrideSecurityRestrictionsOnInsecureOrigin का इस्तेमाल करें.
यह नीति मूलों की सूची (यूआरएल) या होस्टनाम पैटर्न (जैसे कि "*.example.com") के बारे में बताती है जिसके बारे में असुरक्षित मूलों पर सुरक्षा पाबंदियां लागू नहीं होंगी.
इसका इंटेंट संगठनों को लीगेसी ऐप्लिकेशन के लिए ऐसे मूलों की अनुमति देने देना है, जो TLS परिनियोजित नहीं कर सकते हैं. साथ ही, इसका इंटेंट आंतरिक वेब डेवलपमेंट के लिए एक स्टेजिंग सर्वर सेट अप करना है ताकि उनके डेवलपर, स्टेजिंग सर्वर पर TLS परिनियोजित किए बिना सुरक्षा प्रसंगों की ज़रूरत वाली सुविधाओं को टेस्ट कर सकें. यह नीति ऑम्निबॉक्स में मूल को "सुरक्षित नहीं" लेबल होने से भी रोकेगी.
इस नीति में यूआरएल की सूची सेट करने का असर वही होता है जैसा समान यूआरएल की कॉमा-सेपरेटेड सूची पर कमांड-लाइन फ़्लैग '--unsafely-treat-insecure-origin-as-secure' को सेट करने का होता है. अगर नीति सेट की जाती है, तो वह कमांड-लाइन फ़्लैग को ओवरराइड कर देगी.
OverrideSecurityRestrictionsOnInsecureOrigin के समर्थन में इस नीति को M69 में हटा लिया गया है. अगर दोनों नीतियां मौजूद हों, तो OverrideSecurityRestrictionsOnInsecureOrigin इस नीति को ओवरराइड कर देगी.
सुरक्षित प्रसंगों पर ज़्यादा जानकारी के लिए, https://www.w3.org/TR/secure-contexts/ देखें
यह नीति Google Chrome में 'यूआरएल-की' के साथ पहचान ज़ाहिर न करने वाले डेटा संग्रह की सेटिंग चालू करती है और उपयोगकर्ताओं को यह सेटिंग बदलने से रोकती है.
'यूआरएल-की' के साथ पहचान ज़ाहिर न करने वाले डेटा संग्रह की सेटिंग खोजों और ब्राउज़िंग को बेहतर बनाने के लिए Google को उन पेज के यूआरएल भेजती है जिन पर उपयोगकर्ता जाता है.
अगर आप इस नीति को चालू करते हैं, तो 'यूआरएल-की' के साथ पहचान ज़ाहिर न करने वाले डेटा संग्रह की सेटिंग हमेशा काम करती रहती है.
अगर आप इस नीति को बंद करते हैं, तो 'यूआरएल-की' के साथ पहचान ज़ाहिर न करने वाले डेटा संग्रह की सेटिंग कभी काम नहीं करती है.
अगर इस नीति को सेट किए बिना छोड़ दिया जाता है, तो 'यूआरएल-की' के साथ पहचान ज़ाहिर न करने वाले डेटा संग्रह की सेटिंग चालू कर दी जाएगी लेकिन उपयोगकर्ता इसे बदल सकेगा.
आपको क्लाइंट समय या दिन के इस्तेमाल कोटा के आधार पर उपयोगकर्ता का सत्र लॉक करने देती है.
|time_window_limit| ऐसी विंडो रोज़ तय करती है जिसमें उपयोगकर्ता के सत्र को लॉक किया जाना चाहिए. हम हफ़्ते के हर दिन के लिए सिर्फ़ एक नियम की सुविधा देते हैं, इसलिए |entries| सारणी का आकार 0 से सात तक अलग-अलग हो सकता है. |starts_at| और |ends_at| विंडो सीमा की शुरुआत और अंत होते हैं, जब |starts_at| के मुकाबले |ends_at| कम हो, तो इसका मतलब है कि |time_limit_window| अगले दिन खत्म होगी. |last_updated_millis| इस प्रविष्टि को आखिरी बार अपडेट किए जाने का UTC टाइमस्टैम्प है, इसे स्ट्रिंग के तौर पर भेजा जाता है क्योंकि टाइमस्टैम्प किसी पूर्णांक में फ़िट नहीं बैठेगा.
|time_usage_limit| हर रोज़ का स्क्रीन कोटा बताती है, इसलिए जब उपयोगकर्ता उस कोटा तक पहुंचता है, तो उपयोगकर्ता का सत्र लॉक कर दिया जाता है. हफ़्ते के हर दिन के लिए एक प्रॉपर्टी होती है और उसे तभी सेट किया जाना चाहिए जब उस दिन के लिए कोई चालू कोटा मौजूद हो. |usage_quota_mins| समय की वह मात्रा है जितनी देर तक दिन भर में प्रबंधित डिवाइस का इस्तेमाल किया जा सकता है और |reset_at| वह समय है जब इस्तेमाल का कोटा नवीनीकृत किया जाता है. |reset_at| का डिफ़ॉल्ट मान आधी रात ({'hour': 0, 'minute': 0}) होता है. |last_updated_millis| इस प्रविष्टि के आखिरी बार अपडेट किए जाने का UTC टाइमस्टैम्प है, इसे स्ट्रिंग के तौर पर भेजा जाता है क्योंकि टाइमस्टैम्प किसी पूर्णांक में फ़िट नहीं बैठेगा.
|overrides| को पिछले एक या उससे ज़्यादा नियमों को कुछ समय के लिए अमान्य करने के लिए उपलब्ध कराया जाता है. * अगर time_window_limit या time_usage_limit, दोनों ही चालू न हों तो डिवाइस को लॉक करने के लिए चालू |LOCK| का इस्तेमाल किया जा सकता है. * |LOCK| से उपयोगकर्ता सत्र सिर्फ़ उतनी ही देर तक के लिए लॉक हो जाता है जब तक कि अगली time_window_limit या time_usage_limit शुरू नहीं हो जाए. * |UNLOCK| से time_window_limit या time_usage_limit के ज़रिए लॉक किया हुआ उपयोगकर्ता का सत्र अनलॉक हो जाता है. |created_time_millis| ओवरराइड बनाए जाने का UTC टाइमस्टैम्प है, इसे स्ट्रिंग के तौर पर इसलिए भेजा जाता है क्योंकि टाइमस्टैम्प किसी पूर्णांक में फ़िट नहीं बैठेगा. इसका इस्तेमाल यह तय करने के लिए किया जाता है कि इस ओवरराइड को अब भी लागू किया जाना चाहिए या नहीं. अगर मौजूदा चालू समय सीमा की सुविधा (समय इस्तेमाल की सीमा या समय विंडो की सीमा) ओवरराइड बनाने के बाद शुरू हुई है, तो उसे कार्रवाई नहीं करना चाहिए. इसके साथ ही अगर ओवरराइड को चालू time_window_limit या time_usage_window के आखिरी बदलाव से पहले बनाया गया था, तो उसे लागू नहीं किया जाना चाहिए.
एक से ज़्यादा ओवरराइड भेजे जा सकते हैं, सबसे नई प्रविष्टि वह है जिसे लागू किया जाने वाला है.
यह नीति आपको अवतार इमेज को कॉन्फ़िगर करने देती है जो लॉगिन स्क्रीन पर इस्तेमाल करने वाले का प्रतिनिधित्व करता है. यह नीति उस यूआरएल को तय करके सेट की जाती है जिससे Google Chrome OS अवतार इमेज को डाउनलोड कर सकता है. साथ ही, डाउनलोड की प्रमाणिकता की पुष्टि करने के लिए क्रिप्टोग्राफ़िक हैश का इस्तेमाल किया जाता है. इमेज जेपीईजी फ़ॉर्मैट में होनी चाहिए, इसका आकार 512kB से ज़्यादा नहीं होना चाहिए. यूआरएल ऐसा होना चाहिए जिसे बिना किसी प्रमाणीकरण के एक्सेस किया जा सके.
अवतार इमेज को डाउनलोड और कैश किया गया है. जब भी यूआरएल या हैश बदलेगा इसे फिर से डाउनलोड किया जाएगा.
नीति को एक ऐसी स्ट्रिंग के तौर पर दिया जाना चाहिए जो नीचे बताए गए स्कीमा का अनुसरण करते हुए यूआरएल और हैश को JSON फ़ॉर्मैट में बताए. { "type": "object", "properties": { "url": { "description": "यूआरएल जिससे अवतार इमेज को डाउनलोड किया जा सकता है.", "type": "string" }, "hash": { "description": "अवतार इमेज का SHA-256 हैश", "type": "string" } } }
अगर नीति सेट होती है, तो Google Chrome OS अवतार इमेज को डाउनलोड और इस्तेमाल करेगा.
अगर आप यह नीति सेट करते हैं, तो इस्तेमाल करने वाले लोग न तो इसे बदल सकते हैं, न ही ओवरराइड कर सकते हैं.
अगर नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है, तो इस्तेमाल करने वाले लॉगिन स्क्रीन पर उनके बारे में बताने वाले अवतार इमेज को चुन सकते हैं.
यह नीति उस निर्देशिका को कॉन्फ़िगर करती है, जिसका उपयोग Google Chrome उपयोगकर्ता का डेटा जमा करने के लिए करेगा.
अगर आप यह नीति सेट करते हैं, तो Google Chrome इस निर्देशिका का उपयोग करेगा भले ही उपयोगकर्ता ने '--disk-cache-dir' फ़्लैग तय किया हो या न किया हो. डेटा खोने या दूसरी गड़बड़ियों से बचने के लिए इस नीति को किसी वॉल्यूम की मूल निर्देशिका पर या दूसरे कामों के लिए उपयोग की जाने वाली निर्देशिका पर सेट नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि Google Chrome उसकी सामग्री प्रबंधित करता है.
उपयोग किए जा सकने वाले वैरिएबल की सूची देखने के लिए https://www.chromium.org/administrators/policy-list-3/user-data-directory-variables पर जाएं.
अगर यह नीति सेट नहीं की जाती है, तो डिफ़ॉल्ट प्रोफ़ाइल पाथ का उपयोग किया जाएगा और उपयोगकर्ता उसे '--disk-cache-dir' कमांड लाइन फ़्लैग की मदद से रद्द कर सकेगा.
उस खाता नाम को नियंत्रित करती है जिसे Google Chrome OS, मिलते-जुलते डिवाइस-स्थानीय खाते के लिए लॉग इन स्क्रीन पर दिखाता है.
अगर यह नीति सेट की जाती है तो, लॉग इन स्क्रीन मिलते-जुलते डिवाइस-स्थानीय खाते के लिए, तय की गई स्ट्रिंग का उपयोग तस्वीर-आधारित लॉग इन चयनकर्ता में करेगी.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है तो, Google Chrome OS लॉग इन स्क्रीन पर दिखाई देने वाले नाम के रूप में डिवाइस-स्थानीय खाते के ईमेल खाता आईडी का उपयोग करेगा.
यह नीति नियमित उपयोगकर्ता खातों के लिए अनदेखी की जाती है.
अगर यह नीति चालू हो या कॉन्फ़िगर नहीं की गई हो (डिफ़ॉल्ट), तो इस्तेमाल करने वाले को वीडियो कैप्चर एक्सेस का संकेत दिया जाता है. इनमें VideoCaptureAllowedUrls सूची में कॉन्फ़िगर किए गए यूआरएल शामिल नहीं हैं, जिन्हें संकेत दिए बिना एक्सेस दिया जाता है.
इस नीति के बंद होने पर, इस्तेमाल करने वाले को कभी भी संकेत नहीं दिया जाएगा और वीडियो कैप्चर सिर्फ़ VideoCaptureAllowedUrls में कॉन्फ़िगर किए गए यूआरएल के लिए उपलब्ध होगा.
यह नीति सभी तरह के वीडियो इनपुट पर असर डालती है, न कि सिर्फ़ पहले से मौजूद कैमरे पर.
इस सूची के पैटर्न का मिलान अनुरोध करने वाले यूआरएल के सुरक्षा मूल से किया जाता है. अगर मिलान हो जाता है, तो वीडियो कैप्चर डिवाइस के लिए एक्सेस, सूचना दिए बिना ही दे दिए जाएंगे.
नोट: वर्शन 45 तक, यह नीति सिर्फ़ किओस्क मोड में ही काम करती थी.
उपयोगकर्ता को वीपीएन कनेक्शन प्रबंधित करने की मंज़ूरी दें.
अगर यह नीति गलत पर सेट की जाती है, तो Google Chrome OS के वे सभी उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस जो उपयोगकर्ता को वीपीएन कनेक्शन डिसकनेक्ट करने देंगे या उनमें बदलाव करने देंगे, उन्हें बंद कर दिया जाता है.
अगर यह नीति सेट किए बिना छोड़ दी जाती है या सही पर सेट की जाती है, तो उपयोगकर्ता हमेशा की तरह वीपीएन कनेक्शन डिसकनेक्ट कर सकते हैं या उनमें बदलाव कर सकते हैं.
अगर वीपीएन कनेक्शन किसी वीपीएन ऐप्लिकेशन के ज़रिए बनाया गया है, तो ऐप्लिकेशन के अंदर मौजूद यूआई पर इस नीति का कोई असर नहीं होता. इसलिए, उपयोगकर्ता वीपीएन कनेक्शन में बदलाव करने के लिए ऐप्लिकेशन का अब भी इस्तेमाल कर सकता है.
इस नीति का इस्तेमाल "हमेशा चालू वीपीएन" सुविधा के साथ मिलकर किया जाना चाहिए, जो एडमिन को बूट पर वीपीएन कनेक्शन बनाने का फ़ैसला करने देती है.
Google Chrome में WPAD (वेब प्रॉक्सी अपने आप खोज) ऑप्टिमाइज़ेशन को बंद करती है.
अगर इस पॉलिसी को असत्य पर सेट किया जाता है, तो WPAD ऑप्टिमाइज़ेशन अक्षम हो जाता है, जिसके कारण Google Chrome को DNS-आधारित WPAD सर्वर के लिए ज़्यादा समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है. अगर यह पॉलिसी सेट नहीं है या सक्षम नहीं है, तो WPAD ऑप्टिमाइज़ेशन सक्षम हो जाता है.
भले ही इस पॉलिसी को किसी भी तरह से सेट किया जाए, WPAD ऑप्टिमाइज़ेशन सेटिंग को उपयोगकर्ताओं के द्वारा नहीं बदला जा सकता है.
यह नीति आपको वह वॉलपेपर इमेज कॉन्फ़िगर करने देती है जिसे डेस्कटॉप पर और इस्तेमाल करने वाले के लॉगिन स्क्रीन बैकग्राउंड पर दिखाया जाता है. यह नीति सेट करने के लिए उस यूआरएल को तय किया जाता है जिससे Google Chrome OS वॉलपेपर इमेज डाउनलोड कर सकता है. साथ ही, डाउनलोड की प्रमाणिकता की पुष्टि करने के लिए क्रिप्टोग्राफ़िक हैश का इस्तेमाल किया जाता है. इमेज जेपीईजी फ़ॉर्मैट में होनी चाहिए, इसका आकार 16 एमबी से ज़्यादा नहीं होना चाहिए. यूआरएल ऐसा होना चाहिए जिसे बिना किसी प्रमाणीकरण के एक्सेस किया जा सके.
वॉलपेपर इमेज को डाउनलोड और कैश कर लिया गया है. जब भी यूआरएल या हैश बदलेगा इसे फिर से डाउनलोड किया जाएगा.
नीति को एक ऐसी स्ट्रिंग के तौर पर दिया जाना चाहिए जो नीचे बताए गए स्कीमा का अनुसरण करते हुए यूआरएल और हैश को JSON फ़ॉर्मैट में बताए. { "type": "object", "properties": { "url": { "description": "यूआरएल जहां से वॉलपेपर इमेज को डाउनलोड किया जा सकता है.", "type": "string" }, "hash": { "description": "वॉलपेपर इमेज का हैश SHA-256.", "type": "string" } } }
अगर यह नीति सेट होती है, तो Google Chrome OS वॉलपेपर इमेज को डाउनलोड और इस्तेमाल करेगा.
अगर आप यह नीति सेट करते हैं, तो इस्तेमाल करने वाले लोग न तो इसे बदल सकते हैं, न ही ओवरराइड कर सकते हैं.
अगर नीति को सेट नहीं करते हैं, तो उपयोगकर्ता डेस्कटॉप और लॉगिन स्क्रीन बैकग्राउंड पर दिखाने के लिए इमेज चुन सकता है.
यह नीति ऐसी वेबसाइटों की सूची के बारे में बताती है जिन्हें इस्तेमाल करने वाले से बातचीत किए बिना, गुपचुप इंस्टॉल किया गया है, और जिसे इस्तेमाल करने वाला न तो अनइंस्टॉल कर सकता है, न ही बंद कर सकता है.
नीति का हर एक सूची आइटम ज़रूरी सदस्य वाला एक ऑब्जेक्ट है: "यूआरएल" और दो वैकल्पिक सदस्य: "default_launch_container" और "create_desktop_shortcut". "यूआरएल" इंस्टॉल किए जाने वाले वेब ऐप्लिकेशन का यूआरएल होना चाहिए, "launch_container" को "विंडो" या "टैब" होना चाहिए जो यह बता सके कि इंस्टॉल हो जाने पर वेब ऐप्लिकेशन कैसे खुलेगा. साथ ही, अगर Linux और Windows पर कोई डेस्कटॉप शॉर्टकट बनाया जाए तो "create_desktop_shortcut" को सही होना चाहिए. अगर "default_launch_container" को मिटाया जाता है, तो ऐप्लिकेशन डिफ़ॉल्ट रूप से टैब में खुलेगा. "default_launch_container" के मान पर ध्यान दिए बिना, इस्तेमाल करने वाले लोग उस कंटेनर को बदल सकते हैं जिसमें ऐप्लिकेशन खुलेगा. अगर "create_desktop_shortcuts" को मिटाया जाता है, तो कोई डेस्कटॉप शॉर्टकट नहीं बनाया जाएगा.
यह नीति WebDriver सुविधा के उपयोगकर्ताओं को उन नीतियों को बदलने देती है जो इसके काम में बाधा डाल सकती हैं.
फ़िलहाल यह नीति SitePerProcess और IsolateOrigins नीतियों को बंद करती है.
अगर नीति चालू कर दी जाती है, तो WebDriver असंगत नीतियों को बदल पाएगा. अगर नीति बंद कर दी जाती है या कॉन्फ़िगर नहीं की जाती है, तो WebDriver असंगत नीतियों को नहीं बदल पाएगा.
अगर नीति सही पर सेट की गई है, तो Google Chrome को Google सेवाओं (जैसे Google Meet) से WebRTC इवेंट लॉग इकट्ठा करने की अनुमति मिलेगी, और उन लॉग को Google पर अपलोड करें.
अगर नीति गलत पर सेट की गई है, या सेट नहीं है, तो Google Chrome ऐसे लॉग इकट्ठा नहीं कर सकते और न ही अपलोड कर सकते हैं. Chrome में ऑडियो या वीडियो कॉल में आने वाले मुद्दों को डीबग करने में, इन लॉग में मौजूद निदान की जानकारी बहुत मददगार साबित होती है, जैसे आरटीपी पैकेट के भेजे जाने का समय और आकार, नेटवर्क में होने वाली भीड़ का फ़ीडबैक और ऑडियो और वीडियो फ़्रेम की क्वालिटी और समय का मेटाडेटा. इन लॉग में ऑडियो या वीडियो कॉल की सामग्री नहीं होती.
Chrome के ज़रिए डेटा इकट्ठा सिर्फ़ Google की वेब सेवाओं जैसे Google Hangouts या Google Meet से ही ट्रिगर किया जा सकता है.
Google इन लॉग को एक सेशन आईडी की मदद से, Google सेवा के ज़रिए इकट्ठे किए गए दूसरे लॉग के साथ जोड़ सकता है; यह डीबगिंग को आसान बनाने के इरादे से किया जाता है.
अगर यह नीति सेट की हुई है तो, WebRTC जिस यूडीपी पोर्ट श्रेणी का इस्तेमाल करता है उसे किसी खास पोर्ट अंतराल (अंतिम बिंदुओं सहित) तक सीमित कर दिया जाता है.
अगर नीति सेट नहीं की हुई है या, अगर वह खाली स्ट्रिंग पर या किसी अमान्य पोर्ट श्रेणी पर सेट है तो, WebRTC को किसी भी उपलब्ध स्थानीय यूडीपी पोर्ट का उपयोग करने की अनुमति होती है.
अगर यह नीति सही पर सेट होती है या कॉन्फ़िगर नहीं होती है, तो OS अपग्रेड होने के बाद पहले लॉन्च पर ब्राउज़र फिर से स्वागत पेज दिखाएगा.
अगर यह नीति गलत पर सेट होती है, तो OS अपग्रेड होने के बाद पहले लॉन्च पर ब्राउज़र फिर से स्वागत पेज नहीं दिखाएगा.